ग्रेटर नोएडा: UPSC की परीक्षा मेंं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा रहीं इशिता किशोर ने टॉप किया है। डीयू से बीए ऑनर्स की पढ़ाई कर चुकीं इशिता ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 में देश भर में पहली रैंक हासिल की है। इशिता ने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन को ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना है। इशिता ने सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि तैयारी के वक्त पूरी ईमानदारी से मेहनत करना चाहिए, क्योंकि प्री, मेन्स और इंटरव्यू के लिए परीक्षार्थी को अलग अलग तरीके से तैयार होना पड़ता है।

ईमानदारी दिलवाती है सफलता
इशिता ने कहा 'तैयारी करते वक्त हमें बहुत ईमानदार रहना चाहिए और बताना चाहिए कि कितनी तैयारी की है और किस स्टेज पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शैक्षिक योग्यताओं के अलावा आपको भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए। साथ ही हमें सब्र भी रखना चाहिए।'

एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से पाई शिक्षा
ज्योति किशोर ने आगे बताया, इसने एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से पूरी स्कूली शिक्षा हासिल की है। इसके पिता विंग कमांडर थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इशिता बहुत छोटी थी जब उसके सिर से पिता का साया उठ गया।' अंत में उन्होंने कहा, 'पूरा परिवार हमेशा इशिता के लिए सपोर्टिव रहा है। सारे लोग बहुत सपोर्ट करते हैं। एक मां के रूप में जो करना चाहिए वो मैंने भी किया।'
मूलरूप से बिहार के रहने वाली हैं इशिता
इशिता बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली हैं। इशिता के परिवार में माता पिता के अलावा उनका एक भाई है।
आप नए उद्यमी हैं, या फिर उद्यमी बनना चाहते हैं, तो नोएडा प्राधिकरण की ये स्कीम आपके स्टार्टअप में जान फूक सकती है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने किराए पर जगह देने की स्कीम निकाली है। दरअसल, शहर के फेज-टू में पुरानी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में लंबा चौड़ा जगह खाली है। इस स्थान को अब प्राधिकरण स्टार्टअप को किराए पर देने जा रही है।
6 जुलाई तक करें आवेदन
इस योजना के लिए 6 जुलाई तक आवेदन प्राधिकरण में किया जा सकता है। इस योजना के बारे में प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि यहां पर 1,224 वर्ग मीटर जगह चिन्हित की गई है। स्टार्टअप के लिए ये जगह किराए पर दिया जाएगा। इस जगह को किराए पर देने के लिए 335 रुपये प्रति वर्ग मीटर रिजर्व प्राइज होगा। यानि आपको ये जगह किराए पर चाहिए तो इससे ज्यादा की बोली लगानी होगी।
पहली बार निकाली गई इस तरह की योजना
प्राधिकरण के संस्थागत विभाग की ओर से पहली बार इस तरह की स्टार्टअप योजना निकाली गई है। अभी 6 जुलाई तक इस तरह की योजना के लोग अप्लाई कर सकते हैं। उसके बाद ऑनलाइन बोली समय तय किया जाएगा।
यूपीएससी में अपनी मेहनत और लगन से वरदाह खान ने 18वां स्थान हासिल किया है। वरदाह ने अपने दूसरे प्रयास में ही वरदाह खान ने ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की है। वरदाह की 12वीं तक की पढ़ाई इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश से हुई और उसके बाद उन्होंने बीकॉम ऑनर्स खालसा कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया. फिर आठ महीने केपीएमजी ऑर्गनाइजेशन में काम किया। उसके बाद से वरदाह यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। वरदाह अपनी पढ़ाई और सफलता का श्रेय अपनी मां को और अपने स्कूल के दोस्तों को देती है। वहीं वरदाह खान ने NOW NOIDA से एक खास बातचीत की आइए आपको बताते हैं कि वरदाह ने कैसे ये मुकाम हासिल किया
2021 से शुरू हुई यूपीएससी की तैयारी
वरदाह की मानें तो इस एग्जाम की तैयारी के लिए मेरी तैयारी 2021 में शुरू हुई थी। 2021 में मैंने अपनी जॉब से इस्तीफा दिया था और तभी मैंने ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत की थी. मैंने एक पूरे साल तैयारी की और 2022 में पहला अटेम्पट दिया तब मेरा प्रीलिम्स भी नहीं निकला इसके अलावा वो मेरे लिए एक सबक भी था और एक मौका भी था कि जो मेरी आधी-अधूरी तैयारी थी मेन्स की तो वो मैं और बेहतर कर सकूं और 2023 के लिए 2022 के एग्जाम ने मुझे एक मौका दिया. मेरा रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रहा है। क्योंकि कोई भी प्रतियोगी जब तैयारी करता है तो उसे यही उम्मीद होता है कि हमारा नाम आ जाए। लेकिन टॉप 20 में रैंक लाने के बारे में मैंने सोचा भी नहीं था . तो जाहिर सी बात है कि मेरे लिए रिजल्ट उम्मीद से बेहतर है.
सोशल मीडिया का पॉजिटिव इस्तेमाल कर यूपीएससी की तैयारी की
वरदाह खान ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया का पॉजिटिव इस्तेमाल कर यूपीएससी की तैयारी की पहले प्री निकाला, फिर मेंस और इंटरव्यू में भी अच्छे नंबर हासिल कर ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की है। वरदाह खान का कहना है कि उनकी प्राथमिकता फॉरेन सर्विसेज में है। ट्रेनिंग प्राप्त कर वह ऐसे काम करेंगे जिससे भारत देश की छवि विश्व में और ज्यादा चमक सके। उन्होंने 8 से 9 घंटे पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके परिवार जनों और दोस्तों का भी काफी सहयोग रहा। जो उन्हें समय-समय पर मोटिवेट करते रहे। आपको बता दें कि मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली वरदाह खान ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रयागराज से ही की। वही उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। कुछ महीने कॉर्पोरेट में काम करने के बाद सिविल सर्विसेज में जाने का मन बनाया और अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल कर ली।
तैयारी में सबसे बड़ी चुनौती होता है कॉम्पिटीशन
इस एग्जाम की तैयारी में सबसे बड़ी चुनौती तो यही होती है कि इतना ज्यादा कॉम्पिटीशन होता है तो वो देख के भी हम डर जाते हैं कि पता नहीं होगा या नहीं। दूसरा हम पूरी तरह से आइसोलेटेड होते हैं हमें सोशल मीडिया से भी दूरी बनानी पड़ती है। तो ये रास्ता एक समय के बाद काफी मुश्किल लगने लगता है। खुद को मोटिवेटेड रखना बहुत मुश्किल लगने लगता है. ऐसे समय में हमें उन लोगों को देखना चाहिए जो पुराने रैंक होल्डर्स हैं। पुराने रैंक होल्डर्स रोल मॉडल की तरह हैं. तो उन्होंने भी बहुत सारी एक्टिविटी बताई हैं कि कैसे हम ब्रेक कर सकते हैं अपने आप को छोटे टारगेट में, दूसरी चीजों के लिए भी समय निकाल सकते हैं.
परिवार की ओर से मिला पूरा सहयोग- वरदाह
वरदाह ने बताया कि मुझे परिवार की ओर से किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. मैंने घर पर रहकर ही बड़े आराम से तैयारी की. मैं इस दौरान घर के कामों में भी हाथ बंटाती थी लेकिन किसी भी तरह का घरवालों की ओर से दबाव नहीं था उन्होंने मुझे काफी टाइम दिया अपनी स्पेस दी तैयारी करने की। जहां तक बात है मेरी मां की तो उन्होंने मुझे काफी इनकरेज किया कि तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो बाकी चीजों का हम ख्याल रख लेंगे।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतियोगियों के लिए वरदाह का खास संदेश
यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतियोगियों के लिए वरदाह ने को दो संदेश दिए। पहला तो खुद पर बहुत भरोसा होना चाहिए क्योंकि अगर हम खुद पर आत्मविश्वास नहीं रखेंगे तो कोई और भी हमारी काबिलियत पर विश्वास नहीं करेगा। दूसरा ये कि अपनी तैयारी को लेकर काफी ईमानदार रहना चाहिए क्योंकि अगर हमें कोई टॉपिक काफी अच्छे से समझ आ गया या मॉक टेस्ट में हमारे अच्छे नंबर आ गए तो हम काफी ओवर कॉन्फिडेंट हो जाते हैं या पढ़ाई को लेकर केयर लेस हो जाते हैं.
माइंड चेंज करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहतर
वरदाह का कहना है कि सोशल मीडिया के गुण भी हैं और अवगुण भी हैं क्योंकि जो सोशल मीडिया की रील कल्चर है इसमें काफी समय बर्बाद होता है. सोशल मीडिया पर पुराने रैंक होल्डर्स अपनी स्ट्रैटजी, रिसोर्सेस शेयर करते हैं तो उससे हमें वो हेल्प मिल सकती है. इसके अलावा करेंट अफेयर्स वैसे तो हम पढ़ते ही हैं स्टडी मटेरियल में लेकिन सोशल मीडिया से हमें पता चलता है कि कहां क्या हो रहा जो कि अवेयरनेस के लिए काफी अच्छा है और दूसरा जब हमारा पूरा दिन बीतता है पढ़ाई में तो जाहिर सी बात है 8-9 घंटे के बाद माइंड चेंज करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहतर है लेकिन हमें इसका समय निर्धारित करना चाहिए
इंटरव्यू के समय दो-तीन सिविल सर्वेंट्स ने काफी मुझे मोटिवेट किया
वरदाह ने बताया कि इंटरव्यू की स्टेज में दो-तीन सिविल सर्वेंट्स ने काफी मुझे मोटिवेट किया जिनमें पिछले साल के मोईन अहमद, आयशा फातिमा और प्रेक्षा अग्रवाल से भी मेरी बात हुई थी तो इंटरव्यू के समय मुझे इनसे काफी हेल्प मिली थी.
बीते शनिवार को यूपीएससी की तरफ से क्रेंद्र के 45 ऐसे पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन दिया, जिनकी भर्ती ग्रुप-ए के तहत होती है। जिसपर अब राजनैतिक हलचल होती दिख रही है। पूरा विपक्ष इस फैसले के खिलाफ खड़ा है। राहुल गांधी ने एक्स पर ट्वीट कर अपनी राय रखी, तो अखिलेश यादव ने देशव्यापी आंदोलन की बात कही। पूर्व सीएम मायावती ने भी इस फैसले को गलत बताया है। साथ ही 'एक्स' पर इस फैसले के खिलाफ विरोध दिखाई दे रहा है।
राहुल बोले ‘खुलेआम छीना जा रहा SC, ST, OBC का आरक्षण’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स राहुस गांधी ने इस कदम को प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाला बताया और लिखा, 'नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ के ज़रिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के ज़रिए भर्ती कर खुलेआम SC, ST और OBC वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है। मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है। यह UPSC की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक़ पर डाका और वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है।'
राहुल गांधी ने आगे लिखा, ‘चंद कॉरपोरेट्स के प्रतिनिधि निर्णायक सरकारी पदों पर बैठ कर क्या कारनामे करेंगे इसका ज्वलंत उदाहरण SEBI है, जहां निजी क्षेत्र से आने वाले को पहली बार चेयरपर्सन बनाया गया। प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का INDIA मजबूती से विरोध करेगा। IAS का निजीकरण आरक्षण खत्म करने की मोदी की गारंटी है।'
अखिलेश यादव बोले ‘देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने का आ गया समय’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस फैसले के खिलाफ दो अक्टूबर से प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। अखिलेश ने एक्स पर लिखा, ‘भाजपा अपनी विचारधारा के संगी-साथियों को पिछले दरवाजे से यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के उच्च सरकारी पदों पर बैठाने की जो साजिश कर रही है, उसके खिलाफ एक देशव्यापी आंदोलन करने का समय आ गया है।'
मायावती बोलीं ‘45 उच्च पदों पर सीधी भर्ती का निर्णय नहीं है सही’
बसपा प्रमुख और पूर्व यूपी मुख्यमंत्री मायावती ने भी सरकार के इस फैसले को गलत बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘केन्द्र में संयुक्त सचिव, निदेशक एवं उपसचिव के 45 उच्च पदों पर सीधी भर्ती का निर्णय सही नहीं है, क्योंकि सीधी भर्ती के माध्यम से नीचे के पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों को पदोन्नति के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा।'
क्या है मामला?
बीते शनिवार को केंद्र के अलग-अलग मंत्रालयों में संयुक्त सचिवों, निदेशकों और उप सचिवों के प्रमुख पदों के लिए जल्द से जल्द 45 विशेषज्ञ नियुक्त किए जाने हैं। इस तरह के पदों पर अखिल भारतीय सेवाओं आईएएस, आईपीएस, आईएफओएस और अन्य ‘ग्रुप ए’ सेवाओं के अधिकारी की तरह ही तैनाती होती है। लेकिन यूपीएससी ने शनिवार को 45 पदों के लिए विज्ञापन दिया, विज्ञापन में कहा गया, ‘भारत सरकार संयुक्त सचिव और निदेशक/उप सचिव स्तर के अधिकारियों की ‘लेटरल एंट्री’ के जरिये नियुक्ति करना चाहती है।
आईएएएस अधिकारी पूजा खेडकर का नाम विवादों के चलते बीते दिनों से काफी सुर्खियों में रहा है। अब प्रशिक्षु आईएएएस अधिकारी पूजा खेडकर को बड़ा झटका मिला है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पूजा खेडकर की अस्थाई उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है और साथ ही पूजा खेडकर पर भविष्य में होने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक लगा दी है।
पूजा खेडकर ने किया नियमों का उल्लंघन
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से कहा गया है कि सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद ये पता चला है कि पूजा खेडकर ने CSE-2022 नियमों का उल्लंघन किया है। आयोग ने CSE के बीते 15 सालों के डाटा को रिव्यू किया है, जिसमें 15 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल थे। दिल्ली कोर्ट में बुधवार को पूजा खेडकर की अंतरिम जमानत पर सुनवाई हुई कोर्ट से सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब कोर्ट 1 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी।
पूजा खेडकर पर क्या आरोप है?
आपको बता दें, पूजा खेडकर के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का आरोप दर्ज कराया था। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की शिकायत के बाद ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरु की थी। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने दस्तावेजों में नाम, तस्वीर, ईमेल और एड्रेस में गलत जानकारी दी। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए ही पूजा खेडकर ने कोर्ट का रुख किया। लेकिन इससे पहले यूपीएससी ने पूजा खेडकर को नोटिस भी जारी किया था। आयोग अपनी जांच में पाया था कि खेडकर ने नाम, पिता और माता का नाम, तस्वीर/हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी फर्जी पहचान बनाकर परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से अधिक प्रयास का धोखाधड़ी से फायदा उठाया है।
महाराष्ट्र की ट्रेनी ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर को लेकर चल रहे विवाद के बीच लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष (UPSC Chairperson) मनोज सोनी ने इस्तीफा दे दिया है। सोनी का कार्यकाल अभी पांच वर्ष बाकी था। कार्यकाल 2029 में पूरा हो रहा था। लेकिन इससे पहले ही स्वास्थ्य का हवाला देकर राष्ट्रपति को भेज दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं हुआ है।
कौन है डॉ. सोनी
बता दें कि यूपीएससी में शामिल होने से पहले डॉ सोनी ने कुलपति के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए। 1 अगस्त 2009 से 31 जुलाई 2015 तक डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मुक्त विश्वविद्यालय (बीएओयू) के कुलपति के रूप में लगातार दो कार्यकाल और अप्रैल 2005 से अप्रैल 2008 तक महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा (बड़ौदा एमएसयू) के कुलपति के रूप में एक कार्यकाल शामिल है। बड़ौदा एमएसयू में शामिल होने के समय डॉ. सोनी भारत और एमएसयू में सबसे कम उम्र के कुलपति थे। डॉ. सोनी ने उच्च शिक्षा और लोक प्रशासन के कई संस्थानों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में काम किया है। गुजरात विधानमंडल के एक अधिनियम द्वारा गठित अर्ध-न्यायिक निकाय के सदस्य भी थे।
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