Noida: देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी द गौड़ ग्रुप ने बहुप्रतीक्षित यूपी टी20 लीग में गोरखपुर लायन्स फ्रैंचाइज़ के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह साझेदारी क्षेत्र में खेल एवं सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई है.
दिल्ली-एनसीआर के इस ग्रुप के लिए खेल नया क्षेत्र नहीं है, वे पहले से खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की बुनियादी सुविधाओं के विकास में सहयोग प्रदान करते रहे हैं। उनके इन्हीं प्रयासों में शानदार गौर सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण भी शामिल है। 18 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस कॉम्प्लेक्स को गौड़ सिटी के निवासियों द्वारा खूब पसंद किया जाता है। गोरखपुर टीम यूपी टी20 लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों में से एक है, उनके अलावा लीग में नोएडा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और मेरठ टीमें भी शामिल होंगी।
20 अगस्त 2023 को आयोजित उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेस सम्मेलन में इस उल्लेखनीय विकास की घोषणा की गई. यूपी टी20 लीग 30 अगस्त 2023 को अपने पहले सीज़न के लिए तैयार है, जिसकी फाइनल एवं क्लोज़िंग सेरेमनी 16 सितम्बर 2023 को होगी। यह लीग यूपी के प्रतिभाशाली युवाओं को लीग में हिस्सा लेकर क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका प्रदान करेगी।
मनोज ने रवि किशन का जताया आभार
चेयरमैन एवं एमडी मनोज गौड़ ने इसके लिए सांसद रवि किशन के प्रति आभार व्यक्त किया. मनोज गौड़ ने कहा ‘‘यूपी टी20 लीग में गोरखपुर लायन्स का अधिग्रहण गौर्स ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से हमें क्रिकेट प्रेमियों के साथ जुड़ने और समुदाय के लिए कुछ करने का मौका मिलेगा। हम एक ऐसी टीम का निर्माण करना चाहते हैं जो रुदहाड़ेगा गोरखपुर और टीम के एंथम ‘जीत के जाएंगे’ के जोश के साथ गोरखपुर की भावना को दर्शाती है। हम निर्भीकता और बहादुरी के साथ खेलने और हर जीत का जश्न मनाने के लिए तैयार हैं।
टीम की जर्सी और एंथम गीत जारी
गोरखपुर लायन्स टीम की जर्सी, लोगो और एंथम ‘जीत के जाएंगे’ तथा 20 सदस्य के स्क्वैड का अनावरण गुरूवार 24 अगस्त 2023 को ग्रेटर नोएडा के गौड़ सिटी स्थित होटल में हुआ। टीम अपने बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ यूपी टी20 लीग में शानदार प्रदर्शन के लिए तैयार है। रोस्टर में जाने माने खिलाड़ी ध्रुव चंद जुरेल और मोहसीन खान शामिल हैं जो पहले से आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में अच्छा परफोमेन्स दे चुके हैं।
गोरखपुर लायन्स के 20 खिलाड़ियों के में ये शामिल
धु्रव चंद जुरेल, मोहसीन खान, समीर चौधरी, शिवम शर्मा, अभिषेक गोस्वामी, सिद्धार्ध यादव, यशोवर्धन सिंह, विजय कुमार, करण चौधरी, अंकित चौधरी, सुनीत कुमार, ऋषभ बंसल, देवांश चतुर्वेदी, कार्तिकेय सिंह, अब्दुल रहमान, अंशुमन पाण्डेय, अंकित राठी, ऋषभ राय, विवेक कुमार, पुनीत गुप्ता।
चुनाव आते ही नेताओं के ही नहीं बल्कि अभिनेताओं के भी अरमान जाग जाते हैं। जहां नेता पार्टी से टिकट मिलने की आस लगाने लगते हैं तो वहीं अभिनेता अपने करियर की ढलती शाम को सुबह में बदलना चाहता है तो कोई इन सेलिब्रिटीज की लोकप्रियता की बदौलत अपनी पार्टी में जीत के आंकड़े बढ़ाना चाहता है। सियासत में सितारों की यही अमूमन कहानी है। लोकसभा चुनाव 2024 का मैदान तैयार है तो फिल्मी सितारों की सेना फिर से सज गई है। सियासी स्क्रीन पर इन फिल्मी सितारों में कोई स्टार है तो कोई बेकार है। सितारे महफिल की शान होते हैं और अपनी चमक बिखेरने के लिए जाने जाते हैं।
कौन सा सितारा इस बार चुनावी मैदान में
कभी नेपोटिज्म और लॉबिंग तो कभी फिल्म इंडस्ट्री में हाशिये पर हिंदुइज्म की मुहिम चलाकर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज मीडिया तक सुर्खियों में रहीं सिल्वर स्क्रीन की ‘क्वीन’ और ‘थलैवी’ कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश की मंडी से चुनाव लड़ रही हैं जबकि छोटे पर्दे पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की भूमिका निभाकर घर-घर में मशहूर अरुण गोविल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से ताल ठोक रहे हैं। तो वहीं छोटे मियां और हीरो नंबर वन गोविंदा ने सियासत की दुनिया में घर वापसी कर ली है। कभी राजनीति से तौबा कर चुके गोविंदा फिर से जोश में हैं। फिलहाल सिनेमा तो नहीं कर रहे सोचा चलो सियासी पारी ही हो जाए। कुछ तो रिलीज होना चाहिए। बॉक्स ऑफिस ना सही पब्लिक पिक्चर ही सही। उधर कुछ ऐसे नाम भी हैं जिन्होंने पिछले कुछ सालों से संसद से लेकर सड़क तक खूब चमक बिखेरी हैं। मसलन मथुरा से हेमा मालिनी, दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट से मनोज तिवारी, गोरखपुर से रवि किशन तो आसनसोल से बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा जो कभी पटना साहिब से चुनाव लड़े थे।
पर्दे पर हिट सितारे राजनीति की दुनिया में हो गए फ्लॉप
राजनीति के मैदान में फिल्मी सितारों का आना कोई नई बात नहीं। ये सिलसिला छठे-सातवें दशक से जारी है। लेकिन राजनीति से मोहभंग होने की कहानी भी कम नहीं है। फिल्मी पर्दे के महानायक कहे जाने वाले अपने दौर के एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन ने भी बड़े ही जोर शोर से 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद से अपनी सियासी पारी का आगाज किया था लेकिन वास्तविक जिंदगी में जब तमाम तरह के आरोपों से घिरने लगे, तो राजनीति को अलविदा कहते हुए- ऐलान कर दिया- ‘मैं आजाद हूं’। इसी तरह अपने समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना, धर्मेंद्र और उनके स्टार बेटे सनी देओल भी राजनीति में आए लेकिन कोई कमाल नहीं दिखा सके। ना संसद में उपस्थिति दिखी और ना ही सार्वजनिक जीवन में एक राजनीतिज्ञ की भूमिका निभाई। जहां धर्मेंद्र ने कहा कि उन्हें राजनीति की एबीसीडी नहीं आती तो सनी देओल ने खुद को राजनीति में अनफिट बताया। हालांकि बतौर सांसद हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा और राज बब्बर जैसे सितारों की भी राजनीति में फुलटाइमर वाली संलग्नता हमेशा बनी रही है. जीतें या हारें, राजनीति से सक्रिय रिश्ता बनाये रखा और लोकतंत्र को मजबूती दी। जया प्रदा ने भी राजनीति और समाज से लंबे समय तक रिश्ता बनाये रखा लेकिन सिल्वर स्क्रीन की ‘उमराव जान’ रेखा बतौर राज्यसभा सांसद सदन से ज्यादातर बार नदारद रहीं।
कई फिल्मी हस्तियों ने संसद के अंदर और बाहर सक्रियता बनाए रखी
वहीं इतिहास के पन्ने पलटें तो कई फिल्मी हस्तियों ने संसद के अंदर और बाहर सक्रियता बनाए रखी है। बतौर लोकसभा सांसद सुनील दत्त की पारी उत्साह जगाने वाली रही है। करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक वो सांसद रहे और जमीन से जुड़े रहने का पूरा प्रयास किया, जिसकी सराहना की जाती है। सुनील दत्त मुंबई में बतौर जनप्रतिनिधि स्लम बस्तियों में जाकर सुधार के काम कर चुके थे तो पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मुंबई से अमृतसर तक की पदयात्रा की थी। वहीं राज्यसभा सांसद के तौर पर शायर, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का योगदान बहुत सराहनीय रहा है। उन्होंने कॉपीराइट संशोधन कानून के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। उन्होंने मुहिम चलाकर फिल्म जगत के तमाम गीतकारों और संगीतकारों के अधिकार की रक्षा करने वाला कानून में संशोधन करवाया, जिसकी लोग प्रशंसा करते हैं। राज्यसभा में कभी पृथ्वीराज कपूर भी कला और सिनेमा से जुड़े मुद्दे उठाते थे तो आज भी जया बच्चन ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बुलंद आवाज के लिए जानी जाती हैं।
चुनावों का दौर है और ऐसे में किसी राजनेता के खिलाफ कोई मुकदमा हो जाए तो मुश्किलें तो बढ़ेंगी ही। ऐसा ही कुछ हुआ है अभिनेता और भाजपा के गोरखपुर सांसद रवि किशन के साथ भी। दरअसल रवि किशन इस बार अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल कुछ दिन पहले अपर्णा ठाकुर नाम की महिला ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उसने रवि किशन से 28 साल पहले शादी की थी और दोनों की एक बेटी है जिसका नाम शिनोवा है। मां-बेटी का कहना है कि रवि किशन उनके साथ हमेशा से संपर्क में रहे हैं और उनका घर पर भी आना जाना रहा है, लेकिन वह जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।
अपर्णा उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही- प्रीति
जिसके बाद अब अपर्णा ठाकुर चाहती है कि रवि किशन शिनोवा को सबके सामने बेटी स्वीकार करें। हालांकि अभिनेता की ओर से इसपर कोई रिएक्शन नहीं आया है, लेकिन उनकी पत्नी प्रीति किशन ने अपर्णा और उसकी बेटी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है। प्रीति का दावा है कि अपर्णा उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही है। वह 20 करोड़ की मांग कर रही थी, जो पूरी न होने पर उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि किशन को लेकर झूठे दावे किए हैं। जहां एक तरफ रवि किशन की पत्नी अपर्णा और उसकी बेटी के दावों को झुठला रही है, वहीं मां-बेटी इसे साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट करवाने के लिए भी तैयार हैं। इसके लिए शिनोवा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
बेटी को इंसाफ दिलाना चाहती हैं अपर्णा
वहीं दूसरी ओर अपर्णा सोनी का कहना है कि'मैंने रवि किशन से किसी भी प्रकार के जबरन वसूली की मांग नहीं की है। मैं बस अपनी बेटी शिनोवा को इंसाफ दिलाना चाहती हूं'। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अपर्णा सोनी को चुप करवाने के लिए उनपर यह एफआईआर दर्ज करवाया गया है। यह एफआईआर कुछ और नहीं बल्कि प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है।
लोकसभा चुनावों के 6 चरण संपन्न हो चुके हैं। अब बारी है सातवें और आखिरी चरण में प्रत्याशियों के द्वारा अपना दम-खम दिखाने की। वहीं सातवें चरण के साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 का शोर भी थम जाएगा। इन चुनावों की मतगणना 4 जून को होगी। सातवें चरण में आठ राज्यों की कुल 57 लोकसभा सीटों पर चुनाव है। जिसमें सबसे अधिक पंजाब और उत्तर प्रदेश की 13-13 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। इस चरण में 904 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुल 2105 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। मगर जांच के बाद 954 नामांकन वैध मिले। 50 प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद कुल 904 प्रत्याशी अब मैदान में हैं। पंजाब में सबसे अधिक 328 उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे हैं। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कुल 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 7वें और अंतिम चरण में बिहार, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की शेष सीटों पर चुनाव होगा।
पीएम मोदी भी आखिरी चरण में चुनावी मैदान में
इस चरण में 8 राज्यों की शेष 57 सीटों के लिए मतदान होगा। अंतिम चरण में कुल 904 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गोरखपुर से भोजपुरी स्टार रवि किशन, हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी प्रत्याशी कंगना रनौत, कांग्रेस से विक्रामादित्य सिंह, हमीरपुर से केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और बिहार की पटना साहिब से बीजेपी के रविशंकर प्रसाद सहित तमाम दलों को कई दिग्गज मैदान में हैं।
पंजाब में सबसे अधिक नामांकन
पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर इस चरण में एक साथ चुनाव होगा। पंजाब की 13 सीटों के लिए 328 उम्मीदवार अपना दावा ठोंक रहे हैं। उत्तर प्रदेश की शेष 13 सीटों पर 144 प्रत्याशी मैदान में हैं। बिहार की 8 सीटों पर 134 उम्मीदवार, ओडिशा की 6 सीटों पर 66, झारखंड की तीन सीटों के लिए 52, हिमाचल प्रदेश की चार सीटों के लिए 37, पश्चिम बंगाल की 9 सीटों के लिए 124 और चंडीगढ़ की एक सीट पर 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। आपको बता दें कि पंजाब में सबसे अधिक 598 और उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों पर 495 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। बिहार की जहानाबाद लोकसभा सीट पर सर्वाधिक 73 और इसके बाद पंजाब के लुधियाना में 70 नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
किस राज्य की कितनी सीटों पर चुनाव?
सातवें चरण में बिहार की आठ, चंडीगढ़ की एक, हिमाचल प्रदेश की चार, झारखंड की तीन, ओडिशा की छह, पंजाब की 13, उत्तर प्रदेश की 13 और पश्चिम बंगाल की नौ सीटों पर चुनाव होगा। इसी चरण के साथ लोकसभा चुनाव 2024 की मतदान प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। चार जून को मतगणना होगी।
बिहार की 8 और झारखंड की 3 सीटों पर चुनाव
लोकसभा चुनाव के 7वें चरण में बिहार में नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकाट और जहानाबाद सीट के लिए वोट डाले जाएंगे। झारखंड की राजमहल, दुमका और गोड्डा सीट के लिए वोट डाले जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश की 4 और ओडिशा की 6 सीटों पर वोटिंग
हिमाचल प्रदेश की सभी चार सीट कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और शिमला लोकसभा सीट पर 1 जून को वोट डाले जाएंगे। ओडिशा की मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर पर भी मतदान होगा।
पंजाब की 13 सीटों पर आखिरी चरण में वोटिंग
पंजाब की जिन 13 सीटों पर आखिरी चरण में वोट डाले जाएंगे उनमें गुरदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर और पटियाला शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर मतदान
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश में भी 13 सीटों पर मतदान होगा। इनमें महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल की नौ सीटों पर चुनाव
पश्चिम बंगाल में कलकत्ता उत्तर, कलकत्ता दक्षिण, दमदम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर लोकसभा सीट पर चुनाव होना है।
रिएलिटी शो 'बिग बॉस ओटीटी सीजन 3' में हो रही कंट्रोवर्सी से दर्शकों का खूब मनोरंजन हो रहा है। अब ‘वीकेंड का वॉर’ में और भी मजा आने वाला है। विशाल पांडे को थप्पड़ मारने का जवाब उनके पिता आकर देंगे, तो शिवानी कुमारी को भाषा का ‘असल ज्ञान’ भोजपुर स्टार रवि किशन समझाएंगे। साथ ही डबल एलिमिनेशन की भी खबर आई है। कुल मिलाकर इस ‘वीकेंड का वॉर’ में दर्शकों को खूब सारा मनोरंजन मिलने वाला है।
विशाल के पिता के आगे अरमान की बोलती बंद !
बिग बॉस ओटीटी सीजन-3 के प्रोमो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें एक प्रोमों में विशाल पांडे के पिता कहते हैं कि 'आज तक हमने हमारे बच्चे को कभी छुआ तक नहीं है और ये हक हमने किसी को नहीं दिया है कि कोई और आकर हमारे बेटे को थप्पड़ मारे। अगर उसका कैरेक्टर देखना है तो उसकी फैमिली, उसके फ्रेंड्स से पूछिए बाहर आकर।' जिसपर अरमान मलिक सफाई देने लगते हैं कि लव कटारिया ने कंफर्म किया, इसके बाद ही ये सारी चीज हुई...। लेकिन अरमान अपनी पूरी बात रख पाते इससे पहले ही विशाल के पिता ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कहा, 'मुझे तो आपसे कुछ बात नहीं करनी है।' आगे क्या होगा, ये देखने के लिए फैंस खूब एक्साइटेड हैं।
रवि किशन शिवानी को दिखाएंगे उनकी असलियत!
बिग बॉस सीजन-3 में शिवानी कुमारी सबसे चर्चित कंटेस्टेंट में से एक हैं। लेकिन इस बार भोजपुरी स्टार रवि किशन उन्हें आईना दिखाने वाले हैं। प्रोमो में भोजपुरी स्टार रवि किशन स्टेज पर आए और शिवानी कुमारी से सीधे कहा, 'तुम छेड़ती हो। ये गलत बात है।' इसके बाद शिवानी रो पड़ीं और अपनी मम्मी की कसम खाकर कहने लगीं कि वो ऐसे ही बात करती हैं। इस पर रवि किशन ने आगे कहा कि कोई भी भाषा कोई भी संस्कृति ये नहीं सिखाती है कि किसी को अपमानित करके आगे बढ़ो। अब आगे क्या होगा, इसके लिए शिवानी कुमारी के फैंस काफी एक्साइटेड हैं।
वैसे खास बात ये है कि इस वीकेंड का वार में एलिमिनेशन होगा। बताया जा रहा है कि 'वड़ा पाव गर्ल' चंद्रिका दीक्षित बेघर हो सकती हैं। साथ ही कहा तो ये भी जा रहा है कि इस हफ्ते डबल एविक्शन भी हो सकता है।
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