यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को अब पहले से ज्यादा टोल टैक्स भरना पड़ेगा. क्योंकि अब टोल टैक्स में 4 फीसदी का इजाफा कर दिया गया है. ये फैसला यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की गुरुवार को हुई 82वीं बैठक में लिया गया. सूत्रों की मानें तो नई दरें 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी. बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे को ताज एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है. इस पर टोल टैक्स की दरें ढाई साल बाद बढ़ाई गई हैं. इससे पहले टोल टैक्स में 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी. बता दें कि यमुना एक्सप्रेस वे पर रोजाना 35,000 लोग आते-जाते हैं. तो वहीं वीकेंड पर ये आंकड़ा 50,000 तक पहुंच जाता है. टोल टैक्स में बढ़ोत्तरी के बाद अब यमुना एक्सप्रेस वे से आने-जाने वाले लोगों को और ज्यादा जेब ढीली करनी होगी.
बढ़ी दरों से दिया जाएगा किसानों का बचा हुआ मुआवजा
यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि टोल टैक्स की दरें नियम के अनुसार हर साल बढ़ाई जाती हैं. वहीं गुरुवार को हुई मीटिंग में बढ़ाई गई दरें शासन के अनुमोदन के बाद लागू कर दी जाएंगी. वहीं एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का किसानों को 64 प्रतिशत का मुआवजा अब तक नहीं दिया जा सका था. जिसके बाद अब टोल की बढ़ी दरों से मिलने वाली रकम से किसानों का बचा हुआ मुआवजा भी दिया जाएगा.
1 अक्टूबर से नई दरें हो जाएंगी लागू
टोल टैक्स की नई दर 1 अक्टूबर से लागू होने के बाद अगर आप ग्रेटर नोएडा से आगरा तक कार से जाते हैं. तो पहले जहां आपको 270 रुपए देने पड़ते थे, वहीं अब आपको 295 रुपये चुकाने पड़ेंगे. तो वहीं जहां बसों को पहले 895 रुपये देने होते थे, उन्हें अब 935 रुपए देने होंगे. जबकि ओवरसाइज वाहनों को टोल टैक्स पहले 1760 रुपए था वो अब 1835 रुपये देना होगा.
प्रचंड गर्मी पूरे देश के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। इतनी भीषण गर्मी में भी लोग अपने जरूरी काम तो निपटा ही रहे हैं। वो कहते हैं ना कि गर्मी हो चाहें सर्दी ड्यूटी तो निभानी ही पड़ेगी। तो वहीं लोकसभा चुनावों की ड्यूटी और आग जैसी झुलसाती गर्मी ने कई लोगों की जान ले ली है। आए दिन लोगों की मौत की खबरें हर जगह से सामने आ रही हैं। 7वें और आखिरी चरण में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी चुनाव होने हैं। मिर्जापुर जिले में तापमान 47 डिग्री पहुंच गया है। तापमान बढ़ने के साथ ही मौत का आंकड़ा बढ़कर 12 पहुंच गया है। मिर्जापुर जिले में तेज धूप और लू लगने की वजह से इन लोगों की जान गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लू से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
चुनावी ड्यूटी पर आये होमगार्ड की मौत
मिर्जापुर जिले में चुनावी ड्यूटी पर आये होमगार्ड की तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। गोंडा जिले के रहने वाले होमगार्ड अरुण श्रीवास्तव 54 वर्ष मिर्जापुर में चुनावी ड्यूटी पर आये थे। वह जीडी बिनानी पीजी कॉलेज में रुके हुए थे। बृहस्पतिवार की दोपहर में उनकी अचानक से तबियत बिगड़ी, जहां उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देहात कोतवाली प्रभारी ने बताया कि होमगार्ड के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा गया है। परिजनों को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
तेज धूप और लू के बीच 12 लोगों की मौत
मिर्जापुर में तेज धूप और लू के बीच 12 लोगों की मौत हो गई है। चुनार के कैलहट क्षेत्र में दो लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, अदलहाट के बरेंव गांव में तीन लोगों की मौत हो गई। ट्रेन में सफर के दौरान स्पेशल व ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में दो यात्रियों मृत मिले। शहर के सुरेखापुरम कालोनी में कंपनी के किराए के मकान में रह रहे इंजीनियर की मौत हो गई। राजगढ़ थाना क्षेत्र में लू और तेज धूप की वजह से बीमार पड़े तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं सीएमओ डॉ. सीएल वर्मा का दावा है कि लू से किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
नोएडा में 25 से 29 सितंबर यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन हो रहा है. जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश की माटी वैश्विक स्तर पर अपनी महक बिखेरने वाली है. शो में गोरखपुर की मिट्टी से बने टेराकोटा उत्पाद, कुशीनगर की मिट्टी में उपजे केले के रेशे के सजावटी उत्पाद और सिद्धार्थनगर के कालानमक चावल के स्टाल लगने वाले हैं. पूरब की मिट्टी से पोषित ये वे उत्पाद हैं जिन्हें एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल कर योगी सरकार ने संजीवनी दी है.
गोरखपुर मंडल के 4 जिलों से कुल 25 उद्यमियों को मौका
इस ट्रेड शो में गोरखपुर मंडल के चार जिलों से कुल 25 उद्यमियों और शिल्पकारों को मौका दिया गया है, कि वे अपने उत्पाद देश और दुनिया के आगंतुकों व खरीदारों के सामने पेश कर सकें. इनमें गोरखपुर से 13, देवरिया से 3, कुशीनगर से 4 और महराजगंज से 5 उद्यमियों, हुनरमंदों को स्टाल आवंटित किए गए हैं. गोरखपुर से पांच प्रतिभागी ओडीओपी के हैं. इनमें भी चार टेराकोटा शिल्प से जुड़े हैं. मिट्टी से बने टेराकोटा शिल्प के उत्पाद ओडीओपी में शामिल किए जाने और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विभिन्न मंचों से की गई ब्रांडिंग से देश के अन्य राज्यों में भी काफी लोकप्रिय हो चुके हैं. अब लागतार दूसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्लेटफार्म मिलने से टेराकोटा उत्पादों की वैश्विक बाजार में भी मांग बढ़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है. जबकि साल 2017 के पहले सरकारी प्रोत्साहन के अभाव में यह शिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था.
केले के रेशे से बने उत्पाद भी लोगों को आकर्षित करने को बेताब
कुशीनगर के ओडीओपी में शामिल केले के रेशे से बने उत्पाद भी देश और दुनिया को आकर्षित करने को बेताब हैं. केले के रेशे से कई तरह के उत्पाद बनाने का उद्यम शुरू करने वाले कुशीनगर जिले के हरिहरपुर निवासी रवि प्रसाद के हुनर को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है. केले के जिस तने को कचरा समझकर फेंक दिया जाता है रवि ने उसी से रेशा निकालने और रेशे से बैग, डोर मैट, कारपेट, फ्लावर पाट, टोपी और सजावटी सामान बनाना शुरू किया है. इसमें 400 से अधिक महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है. रवि का कहना है कि ओडीओपी में शामिल होने के बाद वेस्ट से वेल्थ बनाने की परिकल्पना साकार हो गई है.
कालानमक चावल के भी लगेंगे स्टॉल
पूरब की माटी की खुशबू की बात कालानमक चावल के बिना तो बिल्कुल ही अधूरी है. आइटीएस में कालानमक चावल की खेती या कारोबार से जुड़े लोगों को भी मंच दिया गया है. सिद्धार्थनगर के अलावा महराजगंज और कुशीनगर जिले से भी कालानमक चावल के स्टाल लगाए जाएंगे. इसके लिए महराजगंज के तराई बुद्धा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की तरफ से सुमन गुप्ता और कुशीनगर से प्राविधान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की तरफ से नागेंद्र साहनी का चयन हुआ है. गौरतलब है कि कालानमक चावल स्वाद और खुशबू के लिहाज से बेजोड़ माना जाता है. ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद कालानमक चावल कई देशों को निर्यात भी हो रहा है
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