Uttar Pradesh: लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टियां तैयारियों में लगी हुई है. लेकिन इसी बीच बहुजन समाज पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. बीएसपी के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने बीएसपी का दामन छोड़ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. कहा जा रहा है कि सपा में उनके आने के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट पर पार्टी को मजबूत करने की कवायद की जा रही है.
अखिलेश यादव ने किया स्वागत
इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मैं शाह आलम गुड्डू का स्वागत और धन्यवाद देता हूं, जो अपने हजारों लाखों लोगों के साथ आए हैं. साल 2022 से पहले आप साथ आए थे, किसी कारण से साथ नहीं हो पाया था, अब वो आए नहीं, मैंने उन्हें बुलाने का काम किया है.
अखिलेश ने कहा कि जिस जिम्मेदारी से आप पिछली पार्टी में थे, वैसी ही जिम्मेदारी आपकी यहां भी रहेगी. हम सब मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने का काम करेंगे. जैसे समुद्र मंथन हुआ, वैसे अब संविधान मंथन होगा. एक बचाना चाहते हैं और दूसरे खत्म करना चाहते हैं.
गुड्डू जमाली का राजनीतिक सफर
अगर राजनीति इतिहास पर नजर डाले तो आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव में गुड्डू जमाली के कारण ही सपा को बीजेपी से हारना पड़ा था. जबकि गुड्डू मुबारकपुर सीट से साल 2012 और 2017 में बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत थे. लेकिन बड़ी बात ये है कि विधानसभा चुनाव में AIMIM के एकमात्र उम्मीदवार शाह आलम ही थे, जिनकी जमानत बची थी.जमाली चौथे नंबर पर रहे थे. उन्हें 36419 वोट मिले थे. इस सीट से समाजवादी पार्टी के अखिलेश ने परचम लहराया था, जबकि बहुजन समाज पार्टी दूसरे और बीजेपी को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय उथल पुथल मची हुई है। यह उथल-पुथल अभी से नहीं बल्कि, लोकसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम न मिलने के बाद से है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बार-बार सीएम योगी की बैठकों को बॉयकाट कर रहे हैं। इसके साथ ही अक्सर दिल्ली में डेरा डाले रहते हैं और शीर्ष नेताओं से मुलाकात करते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार सीएम योगी और केशव मौर्य के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
केशव ने संगठन को बताया सरकार से बड़ा
हालही में यूपी की भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भाजपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा था। यह बैठक खत्म होते ही केशव मौर्य फिर दिल्ली पहुंच गए और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। वहीं, केशव मौर्य अब खुलकर कह रहे हैं कि सरकार से बड़ा संगठन है। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही केशव मौर्य डिप्टी सीएम पद छोड़कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। केशव मौर्य पहले भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इसलिए लगातार योगी सरकार से नाराज चल रहे हैं।
केशव के पीछे ही दिल्ली पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
पिछले चुनाव की तुलना में इस बार हुए 29 सीटों के नुकसान से भाजपा न सिर्फ अचंभित है, बल्कि चिंतित भी है। प्रदेश सरकार और संगठन के बीच खींचतान की खबरों के बीच बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिले। ताजा घटनाक्रम को देखते हुए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। बहुत जल्द सरकार और संगठन में कुछ बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, यह बहुत बड़े स्तर पर नहीं होगा। हाल ही में उत्तर प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति की बैठक हुई और उसके तुरंत बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य नई दिल्ली पहुंचे। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने यहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
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