Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान सभा द्वारा चलाए जा रहे महापड़ाव को आज पूरे 100 दिन हो गए हैं. किसानों को अभी भी अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार है। धरने के आज 100वें दिन अध्यक्षता जगदीश नंबरदार ने व संचालन सतीश यादव ने किया।
सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही

किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने बताया कि धरने के 100 दिन गुजर जाने के बाद भी किसानो की समस्याएं जस की तस हैं। किसानों के चार प्रमुख मुद्दे जिनमें सभी किसानों को 10% विकसित प्लॉट, प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार, भूमिहीनों के लिए 40 वर्ग मीटर का प्लॉट व नए भूमि अधिग्रहण को लागू करना है। इन प्रमुख मुद्दों का हमको अभी तक कोई संतोषजनक जवाब ना ही तो जनप्रतिनिधियों द्वारा और ना ही प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। इतने लंबे समय से किसान धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है. अगर सरकार ने किसानों के मुद्दों को जल्द हल नहीं किया तो आने वाले चुनाव में भाजपा को इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
किसान परिवार से एक व्यक्ति को मिले रोजगार
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर ने बताया कि 2 दिन पहले हमारे युवाओं ने रोजगार की मांग को लेकर जोरदार तरीका से प्रदर्शन किया था. इस जिले के अंदर बेरोजगारी का आंकड़ा इतना बड़ा है की किसानों को अपनी जीविका चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. सभी प्रभावित किसान परिवार से एक व्यक्ति को प्राथमिकता के तौर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
प्राधिकरण भ्रष्टाचार का अड्डा बना
किसान सभा के सचिव जगबीर नंबरदार ने बताया कि प्राधिकरण भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है और जब किसान भ्रष्टाचार के विरुद्ध मांग उठाते हैं तो दिखाए मात्रा के लिए कार्यवाही या की जाती हैं परंतु प्राधिकरण के अंदर अभी भी वही ढाक के तीन पात है किसान अपने कार्यों के लिए धक्के खा रहे हैं उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। किसान अलग-अलग दफ्तर में धक्के खाते हैं उनके लिए अलग से विंडो सिस्टम होना चाहिए और किस की सभी समस्याओं का निदान एक ही खिड़की से होना चाहिए।

40 वर्ग मीटर का प्लॉट देने की मांग
किसान संदीप भाटी का कहना है कि हमारे भूमिहीनों के सामने जीवन यापन करने का संकट है उनके परिवार बढ़ रहे हैं लेकिन उनके पास बहुत छोटे-छोटे घर हैं। क्योंकि वह लोग भूमिहीन थे तो उन पर बेचने के लिए जमीन नहीं है. वह किसानों की जमीनों पर ही गुजर बसर करते थे. उनके लिए प्राधिकरण को 40 वर्ग मीटर का प्लॉट प्रत्येक बालिग परिवार को दिया जाए।
बिना मुद्दा हल हुए हटेंगे नहीं
सतीश यादव ने बताया कि आज भारत के महान क्रांतिकारी राजगुरु की जयंती पर हमारे धरने को 100 दिन पूरे हुए हैं, यह गजब का सहयोग है. जब तक हमारे सारे मुद्दे हल नहीं हो जाएंगे हम यहां से अपने घर नहीं जाएंगे. चाहे हमें अपने प्राण ही न्योछावर क्यों न करने पड़े। किसान निशांत रावल ने कहा कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किसान सभा का राष्ट्रीय अधिवेशन हो रहा है हमारे धरने से सैकड़ो की संख्या में किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए गए हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में महिलाएं भी शामिल है।
आज के धरने में मुख्य रूप से सूबेदार ब्रह्मपाल नरेंद्र भाटी इंद्रजीत कसाना निरंकार सिंह अजय पाल भाटी हरेंद्र खड़ी सुरेश यादव संजय नगर चतर सिंह लाजपत राय शर्मा अमित यादव यतेंद्र मैनेजर वीरान नेताजी रंगलाल भाटी राजवीरी देवी सुरेंद्र यादव हरकेश रेखा पूनम विमला शिमला अनीता सुनीता सहित हजारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
Greater noida: एनटीपीसी के खिलाफ धरना दे रहे किसान देश के प्रधानमंत्री के अपने खून से पत्र लिखने का एलान किया है।
311 दिन से लगातार धरना जारी
दादरी एनटीपीसी के खिलाफ लगातार 311वे दिन भी किसानो का धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान किसान नेता सुखबीर खलीफा ने 27 अगस्त को अपनी मंगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खून से पत्र लिखने का एलान किया।उन्होंने कहा कि अभी तक किसानों की समस्याओं का समाधन नहीं हो सका है।इसलिए ऐसा निर्णय लिया है।
एनटीपीसी से गाँवों का पानी हो रहा खराब
किसान नेता ने कहा कि एनटीपीसी से आस पास के गावों का पानी खराब हो चुका है। जिसकी वजह से लोगों को खतरनाक बीमारी हो रही है।इसीलिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कोई सुनाने वाला नहीं है।
27 अगस्त को लिखेंगे पत्र
किसान नेता ने कहा कि 27 अगस्त को धरना स्थल पर किसान बड़ी संख्या में पहुँचकर अपने खून से पीएम मोदी को चिट्ठी लिखेंगे। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक धरना जारी रहेगा।
Noida: किसान सभा का धरना 104 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरने की अध्यक्षता श्याम सिंह प्रधान जुनपत ने की, संचालन जगबीर नंबरदार ने किया। धरने को संबोधित करते हुए डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि अब किसानों ने काफी इंतजार कर लिया। सांसद जिन्होंने किसानो और प्राधिकरण के बीच मध्यस्थता की थी, उनके द्वारा किसानों के मुद्दों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिख रही है। प्राधिकरण के अधिकारी सांसद सुरेंद्र नागर नगर और विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ ही प्रमुख चार बड़े मुद्दों 10% प्लाट का मुद्दा भूमिहीनों के प्लाट का मुद्दा रोजगार और नए कानून को लागू करने का मुद्दा शामिल है। इस पर बातचीत करने को कह रहे हैं परंतु पिछले 10 दिन से दोनों नेताओं द्वारा इस संबंध में बातचीत का समय नहीं दिया है। जिससे साफ जाहिर होता है कि उनकी प्राथमिकता में किसानो के मुद्दे नहीं है।उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उन्होंने बीच में आकर किसानों और प्राधिकरण के बीच में समझौता लिखित में कराया था जिसका पालन प्राधिकरण ने नहीं किया।
नेताओं को नहीं किसानों के मुद्दे की चिंता
किसान सभा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान सभा ने नए अधिकारी आने के बाद काफी समय नए अधिकारी को दिया है। पिछले 15 दिन से उक्त बड़े मुद्दों पर बातचीत के इंतजार में किसान धरना चला रहे हैं। किसानों के उक्त बड़े मुद्दे के प्रति प्राधिकरण अधिकारियों और नेताओं की बेरुखी को देखते हुए किसान सभा जल्दी की कोई तारीख तय कर प्राधिकरण को बंद करने का काम करेगी। उसके लिए तैयारी और प्रोग्राम बना लिया गया है।
मुद्दों को हल करके ही दम लेंगे

गबरी मुखिया ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जो वादा और समझौता प्राधिकरण ने किसानों के साथ किया है, उसे पूरा करें, किसान प्राधिकरण को चलने नहीं देंगे। धरना प्राधिकरण पर दृढ़ संकल्प के साथ शुरू किया गया है। महिलाओं की नेता पूनम भाटी ने कहा कि महिलाएं धरने में पूरी संख्या में जुटी हुई है, चाहे जितना वक्त लगे मुद्दों को हल करके ही दम लिया जाएगा।
आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी

भूमिहीनों के नेता महेश प्रजापति ने कहा कि लड़ाई आर पार की है, बिना मुद्दे का हल कराये घर नहीं जाएंगे। आज धरने को किसान सभा की केंद्रीय समिति के वित्त सचिव कृष्ण प्रसाद वीर सिंह नागर हरेंद्र खारी सुरेंद्र यादव अजब सिंह नेताजी संदीप भाटी निशांत रावल अजय पाल भाटी राजेश प्रधान, उत्तर प्रदेश किसान सभा के संयुक्त सचिव दिगंबर सिंह ने संबोधित किया। धरने को किसान सभा मथुरा के नेताओं ने दिगंबर सिंह के नेतृत्व में आकर अपना समर्थन दिया और किसानों का आह्वान किया कि यमुना ग्रेटर नोएडा और नोएडा के किसानों को मिलकर यह लड़ाई लड़नी है और जीतनी है । धरने पर आज संदीप भाटी निरंकार प्रधान सत्तू भाटी अजीत नागर मोनू मुखिया प्रशांत भाटी श्याम सिंह भाटी मनोज प्रधान खानपुर सुरेंद्र भाटी खानपुर जोगेंद्री संतरा सरिता शरबती महाराज सिंह प्रधान राजीव नागर कृष्ण भाटी राजू भाटी मोहित नागर मोहित भाटी शिशांत भाटी अभय भाटी और सैकड़ो महिला पुरुष किसान उपस्थित रहे ।
Noida: अपनी मागों को लेकर किसानों का धरना लगातार जारी है. अपनी मांगे को हल ना होते देख किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने बताया 12 सितंबर को प्राधिकरण के दोनों गेटों को बिल्कुल बंद कर दिया जाएगा और किसी को भी अंदर या बाहर नहीं आने दिया जाएगा. जब तक हमारे मुद्दों को हल करने का समाधान नहीं कर दिया जाएगा. इसी कड़ी में हम सभी साथियों ने गांव में मीटिंगों का दौर फिर से शुरू कर दिया है। गांवों से अपील की जा रही है कि वह अपने हको के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्राधिकरण पर पहुंचे।
बड़े आंदोलन करने की दी चेतावनी
किसान सभा के सचिव जगदीश नंबरदार ने बताया कि हमारे मुद्दों के प्रति जनप्रतिनिधियों व प्राधिकरण का रवैया ढुलमुल है। हमारे इतने अवगत कराने के बाद भी उनको किसानों के मुद्दों की गंभीरता समझ नहीं आ रही है। क्षेत्र में इन बातों को लेकर आक्रोश है। हम इन लोगों को चेताना चाहते हैं कि या तो यह जल्द से जल्द मुद्दों को हल करें अन्यथा किसान बड़े कदम उठाने के लिए विवश होंगे।
धरना स्थल पर मनाएंगी रक्षा बंधन
महिला किसान जोगेंद्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पावन पर्व होने के बावजूद भी हम महिलाओं ने तय किया है कि हम अपना त्यौहार धरना स्थल पर ही मनाएंगे. अपने भाइयों को यहीं पर राखी बांधेंगी. प्राधिकरण व जनप्रतिनिधियों को अपने अपनी पीड़ा से अवगत कराने के लिए अपना त्यौहार भी यहीं मनाएंगे।
जनप्रतिनिधि आलीशान मकानों में कुंभकर्णी नींद में सो रहे
धरने की अध्यक्षता कर रहे किसान सभा के संरक्षक जगदीश नंबरदार ने बताया कि जनप्रतिनिधियों का काम अपनी वोटों तक सीमित है। वह लोगों के मध्य जब वोट मांगने के लिए आते हैं, तो अच्छे-अच्छे बातें करते हैं और वादे करके जाते हैं कि आपकी समस्याएं हमारी समस्या है। परंतु वही जनप्रतिनिधि जब किसान अपनी समस्याओं को लेकर पिछले 4 महीना से सड़कों पर है। लेकिन आलीशान मकानो में कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं. हम जब तक उन्हें नींद से नहीं जाग लेते तब तक यहां से जाने वाले नहीं है।
प्राधिकरण ने किसानों के साथ किया धोखा
किसान सभा के उपाध्यक्ष सूबेदार ब्रह्मपाल ने कहा कि प्राधिकरण पिछले 20 दिनों से हमसे बोल रहा है कि हमने आपके 17 मुद्दे हल कर दिए हैं। परंतु हकीकत यह है कि अभी तक हल किए हुए मुद्दों को भी उन्होंने लागू नहीं किया है ।यह किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रशांत भाटी ने बताया कि प्राधिकरण पर होने वाले महापड़ाव के क्रम में आज हमने सुबह इटेड़ा गांव में युवाओं की मीटिंग की. जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और अपने अधिकारों के प्रति गंभीरता दिखाते हुए संकल्प लिया कि 12 सितंबर को प्राधिकरण के घेराव में युवाओं की बहुत बड़ी भागीदारी होगी।
Greater Noida: विभिन्न मांगों को लेकर किसान सभा धरना रक्षाबंधन को भी 107वां दिन जारी रहा. धरने की अध्यक्षता राम सिंह नागर और संचालन हरेंद्र खारी ने किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि 10% प्लाट का मुद्दा आंदोलन की पहचान है। 10% प्लाट के मुद्दे पर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।

जनप्रतिनिधि कभी भी किसानों के मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने इस सरकार के दौरान कभी भी किसानों के मुद्दों को नहीं उठाया है। किसान हमेशा अपनी लड़ाई खुद ही लड़ते आए हैं। इस मोर्चे पर जनप्रतिनिधि पूरी तरह विफल रहे हैं । जनप्रतिनिधियों का सरोकार केवल अपने करियर को आगे बढ़ाने, रिश्तेदारों मित्रों की तरक्की करने तक सीमित रहा है । किसानों ने अपनी लड़ाई अपने दम पर लड़ी है। यह लड़ाई भी अपने दम पर ही लड़कर जीतेंगे।
गिरफ्तारी देने के लिए सैकड़ों किसान तैयार
वहीं, किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि 12 सितंबर को प्राधिकरण के दोनों गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। किसान हजारों की संख्या में गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। किसी भी कीमत पर किसान अपने हकों से समझौता नहीं करेंगे। सादौपुर गांव के किसान सभा की कमेटी के अध्यक्ष निरंकार प्रधान ने कहा, लड़ाई आर पार के मकसद से शुरू की गई है। किसानों को आज पूरे 107 दिन हो गए हैं। गर्मी धूप बारिश में महिलाओं सहित सड़क पर रहे हैं।
आंदोलन तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं
उन्होंने कहा कि यह सरकार, अफसर और जनप्रतिनिधियों की हर दर्जे की असंवेदनशीलता है। अभी तक भी किसानों के मुद्दों को हल करने की तरफ कदम नहीं बढ़ाया है। नए अधिकारी भी डेढ़ महीने से अधिक समय से तैनात हैं और अभी भी मुद्दों को हल करने के लिए समय की मांग कर रहे हैं। जबकि मुद्दे स्पष्ट हैं, कोई नई मांग, नया मुद्दा नहीं है। तय नियमों कानून समझौते के अनुसार ही मुद्दों को हल करने की मांग की जा रही है । कई महीने से आबादियों की सुनवाईयां चल रही है। लेकिन आबादियों के प्रकरण अभी तक भी प्राधिकरण बोर्ड बैठक से पास नहीं किए गए हैं। ऐसे में आंदोलन को तेज करने के अलावा किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है। किसानों ने फैसला किया है कि यदि मुद्दे हल नहीं होंगे तो प्राधिकरण को भी नहीं चलने देंगे ।
Greatr Noida: किसानों का धरना प्राधिकरण पर 111वें दिन भी जारी रहा. अपने मुद्दों का अभी तक हल नहीं होने पर किसानों में भारी आक्रोश है. किसान ने अपने मुद्दों के प्रति प्राधिकरण की हीला हवाली को देखते हुए निर्णय लिया है कि 12 सितंबर को प्राधिकरण के दोनों गेटों को जब तक बंद रखेंगे.
आंदोलन में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं
धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि 12 सितंबर की तैयारी के लिए हमने गांव-गांव में मीटिंगों का दौर शुरू कर दिया है. इसके लिए चार टीमों का गठन किया गया है. युवाओं, महिलाओं, भूमिहीनों और एक किसान सभा की मुख्य टीम अपने-अपने स्तर पर प्रत्येक गांव में मीटिंग कर गांव कमेटियों का गठन कर रहे हैं. इसके साथ ही 12 सितंबर को प्राधिकरण पर बड़ी संख्या में पहुंचने का आवाहन कर रहे हैं. उस दिन प्राधिकरण के दोनों गेटो को बंद कर आर पार की लड़ाई की जाएगी. अब आंदोलन में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

डबल इंजन की सरकार किसानों और मजदूरों का कर रही शोषण
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह डबल इंजन की सरकार किसानों और मजदूरों का वोट तो लेना चाहती है. लेकिन उनके मुद्दे हल करना नहीं चाहती है। जिले के अंदर तीनों प्राधिकरणों पर लंबे समय से किसानों के आंदोलन चल रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सदन के अंदर किसानों के आंदोलन से संबंधित प्रश्न उठाया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन सवालों का जवाब देना भी उचित नहीं समझा. किसानों की पीड़ा जायज है और उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए। समाजवादी पार्टी किसानों के साथ है. समय-समय पर समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रतिनिधिमंडल भी किसानों के मध्य पहुंचकर उनकी समस्याओं से रूबरू हुआ है हम बहुत जल्दी ही अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें धरने पर बुलाने के लिए समय लेंगे।
मुद्दे हल होने तक लड़ते रहेंगे, हम थकने वाले नहीं
किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल सूबेदार ने कहा कि सत्ता हमारी ताकत को तोलना चाहती है, उन्हें यह भूल है कि हम थक जाएंगे। हम इस देश के भूमिपुत्र हैं हमारे खून में थकना नहीं लिखा, हम जब तक लड़ते रहेंगे जब तक हमारे मुद्दे हल नहीं हो जाते या हमारे शरीर से हमारे प्राण नहीं निकल जाते।
किसान सभा के जिला सचिव जगबीर नंबरदार ने कहा कि 12 सितंबर की तैयारी के लिए सरधना से विधायक अतुल प्रधान सभी प्रभावित गांवों में सभाएं करेंगे। इसकी शुरुआत 6 तारीख से की जाएगी। जितने भी जिले के प्रभावित गांव हैं, उन सभी गांव में अतुल प्रधान अपने स्तर पर सभाएं करेंगे और लोगों से 12 तारीख के लिए बड़ी संख्या में आने का आवाहन करेंगे। अतुल प्रधान पूर्व में भी किसानों के धरने पर आते रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक किसानों के मुद्दे हल नहीं हो जाते मैं शांति से बैठने वाला नहीं हूं। वहीं, महिला समिति की टीम ने रोजा याकूबपुर गांव में मीटिंग कर महिला समिति का गठन किया.
Noida: किसान सभा के दिन रात के धरने के 112 वें लोगों को संबोधित करते हुए डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि आंदोलन ही दुनिया भर में जनता के हकों को बचाता रहा है। आंदोलन के बलबूते ही जनता अपने हक पाती रही है, चाहे आजादी का आंदोलन हो चाहे दलितों के अधिकार,चाहे लोकतंत्र की स्थापना हर जगह हर देश में आंदोलन के आधार पर ही नई लोकतांत्रिक दुनिया बनी है। यह आंदोलन भी इस बात का प्रतीक है कि सरकार चाहे जितनी दमनकारी हो आप अपने हुकों के लिए मजबूती से आवाज उठाएंगे तो पक्के तौर पर आपको सफलता मिलेगी। प्रशासन प्राधिकरण और सरकार को यह बात समझ में आ गई है कि किसानों के साथ और बेईमानी या दमन की नीति नहीं अपनाई जा सकती। किसानों के मुद्दों को हल करना ही पड़ेगा।

किसान सभा के महासचिव हरेंद्र खारी ने कहा कि आंदोलन अपने निर्णायक दौर में है। हो सकता है जल्दी ही आंदोलन के सकारात्मक नतीजे सामने आए । 12 सितंबर के लिए किसान सभा की नौजवानों महिलाओं किसानो और भूमिहीनों की टीम में गांव-गांव जाकर प्रचार कर रही हैं। 12 सितंबर को प्राधिकरण को बंद करने के लिए लोगों का आह्वान कर रहे हैं। 12 सितंबर को बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण पर डेरा डालो घेरा डालो कार्यक्रम के तहत आंदोलन करेंगे। आंदोलन पर हर रोज 1000 से ज्यादा महिला पुरुष किसान उपस्थित हैं। जो आंदोलन की मजबूती की तरफ इशारा करते हैं।

किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि सभी किसान संगठन और सभी विपक्षी दल आंदोलन के साथ हैं। किसानों की मांगों को मानने के अलावा सरकार के पास कोई चारा नहीं है। आंदोलन तभी खत्म होगा जब किसानों के मुद्दे हल हो जाएंगे।
युवा किसान नेता मोनू मुखिया ने कहा कि लड़ाई आर पार की है जीत कर ही दम लेंगे। मोहित यादव ने कहा कि 10% आबादी प्लॉट सहित अन्य सभी मांगों को लेकर किसान 112 दिन से बैठे हैं । पक्का मोर्चा लगाए बैठे हैं किसानों पर लाठी चार्ज हुआ है। फर्जी मुकदमे हुए हैं। 33 किसान 19 दिन जेल में भी रहे हैं, परंतु झुके नहीं, किसान सभा अपनी मांगों को लेकर अडिग है और किसी भी कीमत पर मांगों को माने बिना धरना खत्म नहीं होगा।
Greater Noida: किसान सभा का धरना प्रदर्शन 116वें दिन प्राधिकरण के खिलाफ जारी रहा। धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा 12 सितंबर को डेरा डालो, घेरा डालो प्रोग्राम के तहत प्राधिकरण को बंद किया जाएगा. जिसके लिए महिलाओं नौजवानों किसानों और भूमिहीनों की चार टीम क्षेत्र में प्रचार कार्य में लगी हैं।

किसान सभा के युवा नेता मोहित नागर ने कहा कि नौजवान पूरी तरह संगठित हैं और 12 सितंबर को हजारों की संख्या में प्राधिकरण पर डेरा डालकर प्राधिकरण को बंद करने का कार्य करेंगे। प्रशांत भाटी ने कहा कि घंघोला गांव में पुस्तकालय स्थल पर नौजवानों की बैठक की गई। जिसमें बड़ी संख्या में नौजवान उपस्थित रहे उपस्थित नौजवानों ने 12 सितंबर के आंदोलन में बड़ी संख्या में आने का वादा किया।
अभय भाटी ने कहा कि लड़ाई आर पार की है, मुद्दों को हल करके ही दम लेंगे। हमारे क्षेत्र के प्रतिनिधियों में कोई दम नहीं है। उन्होंने आज तक किसानों की किसी भी समस्या को प्राथमिकता पर नहीं लिया है। न ही कभी उसके लिए कोई आवाज उठाई है, जो कुछ भी हुआ है वह संगठित किसानों के प्रयासों से ही संभव हुआ है। इस बार भी हम अपने संगठन और एकता के दम पर ही सफलता प्राप्त करेंगे।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि पूर्व में जितने भी आंदोलन हुए हैं, वह सब किसानों के संगठित प्रयास का नतीजा थे। जो कुछ भी आज तक हासिल हुआ है वह भी किसानों के संगठित आंदोलन का नतीजा है। किसान सभा हमेशा अपना आंदोलन अपने संगठन लोगों के दम पर करती है। आंदोलन ऐतिहासिक है, जिसमें सैकड़ो लोग रोज धरना स्थल पर आ रहे हैं ।12 तारीख को डेरा डालो घेरा डालो प्रोग्राम में हजारों किसान हिस्सा लेंगे।
Noida: प्राधिकरण के खिलाफ किसान सभा का धरना 118वें भी जारी रहा. सोमवार को राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी समस्त विधायकों के साथ अपना समर्थन देने पहुंचे. वहीं, मोहित नागर के नेतृत्व में 12 सितंबर प्राधिकरण बंद करो ट्विटर पर ट्रेंड अभियान चलाया गया. जिसमें हजारों ट्वीट कर प्राधिकरण बंद के ऐलान को ट्रेंड कराया गया. इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन की ओर से हर गांव में पुलिस भेजकर किसानों को डराने की कोशिश हो रही है. परंतु किसान सभा की कमेटियां और किसान सभा के लोग प्राधिकरण को बंद करने की पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं. प्राधिकरण को तभी खोला जाएगा जब मुद्दों पर ठोस नतीजे आ जाएंगे.
लोक दल हमेशा से किसानों की आवाज
धरने को समर्थन देने राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के नेतृत्व में उनके सभी विधायक धरना स्थल पर शाम 4:00 बजे पहुंचे. जयंत चौधरी ने धरने को समर्थन देते हुए कहा कि लोक दल हमेशा से किसानों की आवाज रहा है. रालोद किसानों की ही पार्टी है. किसानों की जब गिरफ्तारी हुई थी तब भी लोक दल के विधायक चंदन चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर भी पहुंचा था और जेल में भी पहुंचा था. उन्होंने कहा कि लोक दल की जिला कमेटी, जिला अध्यक्ष जनार्दन भाटी के नेतृत्व में हमेशा धरने के साथ खड़ी है. 12 सितंबर को भी लोक दल के कार्यकर्ता और नेता एवं विधायक धरने को समर्थन देने आएंगे और लोक दल हर समय आपके साथ खड़ा है.
मुद्दों को लटकाए जाने की कोई ठोस वजह नहीं
वहीं, किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि हम प्राधिकरण को पर्याप्त समय दे चुके हैं. अपनी समस्याओं को हल करने के लिए नए सीईओ को आए भी डेढ़ महीने से अधिक का वक्त हो गया है, उन्हें मुद्दों पर अपना निर्णय लेना है. मुद्दों को लटकाए जाने की कोई ठोस वजह नहीं है. प्राधिकरण और शासन किसानों की परीक्षा ले रहा है, उनके वाजिब मुद्दों को लटका कर आंदोलन को लंबा खींचकर थकाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन आंदोलन अपने मुकाम पर पहुंच कर रहेगा. इसी संकल्प के साथ आंदोलन शुरू हुआ था कि मुद्दों को हल कर करके ही दम लेंगे।
किसानों को भ्रमित करने की कोशिश
किसान सभा के महासचिव हरेंद्र ने कहा हमारी लड़ाई वाजिब है. काफी वक्त हम प्राधिकरण को अपनी समस्याओं को सुलझाने के बाबत दे चुके हैं. प्राधिकरण के अधिकारी फर्जी मीटिंग मिनट जो उन्होंने 6 तारीख की वार्ता वाले दिन तैयार की थी. परंतु किसान सभा के लोगों को दिखाने और देने से इनकार कर दिया था. उसी मीटिंग मिनट को जारी किया गया है और लेखपालों की गांव में ड्यूटी लगाई गई है कि वे किसानों को भ्रमित करें कि किसानों के मुद्दे हल हो गए हैं. जबकि किसानों के मुद्दे अभी तक भी हल नहीं हुए हैं. किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है परंतु किसान पुरी तरह जागरूक हैं और प्राधिकरण की किसी चाल में अबकी बार फंसने वाले नहीं है.
प्रशासन को किसानों से कोई सरोकार नहीं
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि जब भी मुख्यमंत्री का दौरा आसपास होता है तो प्रशासन के लोग किसानों के मुद्दों के संबंध में फर्जी बात करना शुरू कर देते हैं और उसके बाद फिर शांत हो जाते हैं और किसानों को उनके हाल पर छोड़ देते हैं. इन लोगों का किसानों से कोई सरोकार नहीं है. केवल किसानों को बहकाने आश्वासन देने अथवा धमकाने की ही कोशिश की जाती है आज धरने की अध्यक्षता तिलक देवी ने की संचालन सतीश यादव ने किया.
इन्होंने भी किया धरने को संबोधित
धरने को तेजपाल रावल, अजय पाल भाटी, मोनू मुखिया मोहित यादव, मोहित भाटी, मोहित नागर, प्रवीण त्यागी, ओमवीर त्यागी, दुष्यंत सेन, राजीव नागर, महाराज सिंह, जयकरण सिंह भाटी, चतर सिंह भाटी, मदनलाल भाटी, बाबा संतराम, प्रशांत भाटी, गजेंद्र चौधरी, सुरेश यादव, गबरी मुखिया, बुधपाल यादव, निशांत, संदीप भाटी, पूनम भाटी, तिलक देवी, गीता भाटी, कृष्णा चौधरी , सरिता देवी, रीता चौधरी, संतरा देवी, निर्मला, सुनीता, सविता, पूजा ने धरने को संबोधित किया।
Greater Noida: प्राधिकरण के खिलाफ 120 दिनों से चल रहे किसानों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया. धरना दे रहे किसानों ने पहले ही 12 सितंबर को प्राधिकरण का घेराव कर तालाबंदी करने का ऐलान किया था. इसी के तहत मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने प्राधिकरण पर एकत्रित होकर आवाज बुलंद किए. किसानों ने प्राधिकरण के गेट पर कब्जा कर लिया और धरने पर बैठ गए. इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौके पर किसानों को समझाने की कोशिश कर रही है. इस दौरान पुलिस और किसानों से नोकझोक भी हुई. वहीं किसानों का समर्थन देने सपा विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे.
किसानों की समस्याओं का नहीं हो रहा समाधान

इस दौरान किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि उन लोगों ने प्राधिकरण को पर्याप्त समय दे चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक किसानों की समस्या का कोई हल नहीं निकला. इसकी वजह से मजबूरन प्राधिकरण के घेराव की रणनीति अपनानी पड़ी।वहीं, किसान सभा के महासचिव हरेंद्र ने कहा, "हमारी लड़ाई वाजिब है। काफी वक्त हम प्राधिकरण को अपनी समस्याओं को सुलझाने के बाबत दे चुके हैं। लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों पर जूं तक नहीं रेग रही। बता दें कि इसके पहले किसानों ने गांवों में मीटिंग कर ग्रामीणों से 12 सितंबर को प्राधिकरण पर पहुंचने की अपील की थी. वहीं, राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने धरने पर पहुंचकर समर्थन किया था और साथ देने का आश्वासन किया था.
किसानों की ये हैं मुख्य मांगे
बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की स्थापना के साथ ही किसानों का विरोध शुरू हो गया था। किसान खुद को इस विकास से दूर मानते आ रहे हैं। वहीं, लगभग 10 साल से 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, 6%, 7% और 10% आबादी भूखंडों से जुड़े मामले लटके हुए हैं। इसके अलावा आबादी निस्तारण, बैकलीज मामले, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल रेलवे कॉरिडोर से प्रभावित किसानों की मांग है. इसी को लेकर लगातार किसान आंदोलन चल रहे हैं। करीब एक वर्ष से डीएमआईसीडीसी से प्रभावित किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ महीनों से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का आंदोलन चल रहा था. लेकिन सीएम योगी के आने से पहले किसानों को आश्वासन देकर उठा दिया गया। अब मांगें और शर्त पूरी नहीं होने पर 18 जुलाई से किसान लगातार धरना दे रहे हैं.
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025Big Railway Jobs Alert! RRB Group D 2026 Recruitment for 22,000 Vacancies
January 29, 2026ITR Verification: Do ITR Verification with Aadhaar OTP – Complete Step-by-Step Guide
August 07, 2025