Noida: साइबर ठगी के मामले इस डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए रोज नए -नए तरीके अपना रहे हैं, जिसमें पढ़े लिखे व्यक्ति भी फंस जा रहे हैं। ताजा मामला नोएडा मामला में सामने आया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने पर मंगलवार को केस दर्ज कराया है। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर से दस लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
घर बैठे पार्ट टाईम जॉब कर लाखों कमाने का दिया झांसा
जेपी अमन सोसाइटी ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर नीतिश कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसके पास कुछ समय पहले व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया था। जिसमें घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग करके लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी। नीतीश ने बताया कि जब मैसेज करने वालों से बात की तो टेलीग्राम के ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने कुछ ई कॉमर्स वेवसाइट के ऑनलाइन पेज को अच्छा रेटिंग और रिव्यू करने का टास्क दिया था, जिसको उन्होंने पूरा कर दिया।
पहले निवेश किया फिर धोखा दिया
सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि इस दौरान उनको कुछ फायदा हुआ। इसके बाद जालसाजों ने दूसरे टास्क में ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उनका एक अकाउंट बना दिया गया। इसके जरिए उन्होंने कई कंपनियों के शेयर में निवेश किया। शुरुआती दौर में काफी फायदा हुआ लेकिन जब उनकी रकम लाखों में पहुंच गई तो उनके अकाउंट को बंद कर दिया गया। इसके बाद फिर से अकाउंट को खोलने का झांसा देकर कई बार में 10 लाख 45 हजार रुपए ले लिए। जब उन्होंने रुपए मांगे तो टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
Noida: नोएडा में साइबर ठग पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। प्रतिदिन जालसाज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ले रहे हैं। अगर आप को भी घर बैठे कमाई का ऑफर मिल रहा है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि घर बैठे कमाई नहीं होगी बल्कि आपका अकाउंट ही साफ हो जाएगा।
कंपनी की एचआर मैनेजर बनकर युवती ने किया फोन
सेक्टर 50 कैलाश धाम अपार्टमेंट के नवनीत शर्मा ने साइबर क्राइम थाने को दी शिकायत में बताया कि उनके पास कुछ समय पहले वाट्सएप पर इशा नाम की एक युवती का मैसेज आया था। जिसने खुद को एक ऑनलाइन रेटिंग देने वाली कंपनी का एचआर मैनेजर होने की बात बताई। इसके बाद कंपनी के साथ पार्ट टाइम नौकरी करके लाखों रुपये कमाने का ऑफर दिया। जब उसने रुचि दिखाई तो कहा कि उसे कुछ टास्क पूरे करने पड़ेगें।
पहले रेटिंग और रिव्यू का टास्क देकर फंसाया
इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया और कुछ यूट्यूब और ई- कामर्स वेबसाइट के ऑनलाइन पेज को अच्छा रेटिंग और रिव्यू करने का टास्क दिया, जिसको उन्होंने पूरा कर दिया। इससे उनको कुछ फायदा हुआ। इसके बाद दूसरे टास्क में ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उनका एक अकाउंट बना दिया। उन्होंने कई कंपनियों के शेयर में निवेश किया। जिससे उनकी रकम लाखों में पहुंच गई तो उनके अकाउंट को बंद कर दिया गया। फिर से अकाउंट को खोलने का झांसा देकर आरोपी ने कई बार में 57 लाख रुपये ले लिए। जब अपने रुपये मांगे तो उनको टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
Noida: थाना बादलपुर पुलिस ने जालसाजी व धोखाधड़ी कर ऑनलाईन सट्टा लगाने और खिलाने वाले गिरोह के कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर ग्राम खेडा धर्मपुरा में प्रिन्स शर्मा घर से ऑनलाईन जुआ/सट्टा लगाने व खिलाने वाले रविन्द्र कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, राजन सिंह, रोहित शर्मा, अभिषेक कुमार और सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मौके से प्रिन्स शर्मा फरार हो गया है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मास्टर माइंड छत्तीसगढ़ से ऑपरेट करता है पूरा गिरोह
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के सट्टेबाज है। ये सभी गिरोह बनाकर Fairplay24.in वेबसाइट के माध्यम से सट्टा खेलने व खिलाने का काम किया जाता था । गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह Fairplay24.in नाम की एक सट्टा वेबसाईट पर आनलाईन सट्टा खिलवाते है। इस वेबसाइट को छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सुभाष चन्द्रा आपरेट करता है। सुभाष द्वारा उन्हें कस्टमरों को आनलाईन सट्टा खिलवाने के लिए यूजर आईडी पासवर्ड दिये गये हैं । इस वेबसाइट में क्रिकेट, फुटबाल , टेनिस आदि खेलों पर सट्टा लगाया जाता है। इसी सट्टे की साइट पर कसीनो का सट्टा लगाया जाता है।
गरीबों को पैसे का लालच देकर खुलवाते थे बैंक अकाउंट
आरोपियों ने बताया कि कस्टमर हमारी साईट पर ऑनलाइन साईनअप करके लोगिन आईडी पासवार्ड बनाते हैं। सट्टा लगाने के लिए कम से कम 300 रूपये जमा करने पड़ते हैं। जिसका लिंक हमारे बैंक खातो से रहता है, तभी ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता है। कुछ कस्टमर बड़ी रकम भी लगाते हैं। जब वे हार जाते है तो ये पैसा हमारा हो जाता है। इस पैसों को हम खातों से निकाल लेते है तथा आपस में बांट लेते है। बचत का कुछ हिस्सा सुभाष चन्द्रा को भी जाता है। इस काम के लिए हम फर्जी तरीके बैंक खाते खुलवाते है और गरीब लोगों को रूपयो को लालच देकर उनके खाते खुलवाकर उनकी पास बुक, चैक बुक तथा एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। खातो में अपने मोबाईल नम्बर रजिस्टर कराते हैं, क्योंकि जब कोई पैसे का लेन-देन खाते में आता है तो मैसेज हमारे ही नम्बर पर आ जाता है। जिसको हम पढ़कर कस्टमर को हमारी साईट का साईनअप के बाद लोगिन पासवर्ड सट्टा खेलने के लिए दे देते हैं। इसके बाद जब कस्टमर जीत जाता तो हम उसको रेट के हिसाब से कुछ पैसे काटकर दे देते हैं। जब कस्टमर हार जाता है तो उसका पैसा हम इन बैंक खातों के माध्यम से निकाल लेते हैं। साथ ही हम फर्जी काल करके लोगो के साथ ठगी भी करते हैं।
Noida: फिल्म जामताड़ा की तर्ज पर नोएडा में साइबर ठगों का जाल इतना फैल चुका है कि आए दिन कोई न कोई इनका शिकार बन रहे हैं। अब तो केस में फंसाने और फर्जी अधिकारी बनकर भी ठगी करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला नोएडा में सामने आया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला को साइबर ठगों ने 7 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये ठग लिए। पीड़ित महिला की शिकायत पर सेक्टर 39 पुलिस केस दर्ज जांच कर रही है।
कोरियर में ड्रग्स बताकर जेल भेजने की दी धमकी
सेक्टर-45 स्थित आम्रपाली सफायर सोसाइटी निवासी चिराग ने पुलिस से शिकायत की है कि उनकी पत्नी सुकीर्ति वर्मा आईटी इंजीनियर हैं।पुलिस को चिराग ने बताया कि कुछ दिन पहले सुकीर्ति के मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को फेडेक्स कोरियर सर्विस से बताया और कहा कि आपके नाम पर एक कोरियर मुंबई से ताइवान जा रहा था, जिसे कस्टम अधिकारियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया है। इस कोरियर से ड्रग्स और चार पासपोर्ट के अलावा आपत्तिजनक सामान है। इसके बाद कॉल एक कथित पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर कर दी।
पुलिस की वर्दी पहनकर किया वीडियो कॉल
कथित पुलिस अधिकारी ने पत्नी सुकीर्ति को जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे अकाउंट और अन्य जानकारी ले ली। इसके बाद कोरियर में ड्रग्स व आपत्तिजनक सामान होने का हवाला देकर जेल जाने की धमकी दी। इसके बाद स्काइप से वीडियो कॉल की, जिसमें जालसाजों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
7 घंटे तक वीडियो कॉल पर जोड़े रखा
इसके बाद पत्नी ने डरकर फर्जी पुलिस अधिकारी के कहने पर बताए गए अकाउंट में 3,75,278 रुपए ट्रांसफर कर दिए। पत्नी किसी से अपनी समस्या बता न सके इसके लिए कथित पुलिस और कस्टम अधिकारियों ने सात घंटे तक वीडियो कॉल पर उसे जोड़े रखा। कॉल कटते ही महिला की तुरंत गिरफ्तारी होने की बात कही थी। कहा अगर कॉल बिना पैसे ट्रांसफर किए काटती है तो उनके साथ परिवार के लोगों को भी जेल जाना पड़ेगा। जब और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाने लगा तब ठगी का अहसास हुआ।
क्या है डिजिटल अरेस्ट?
डिजिटल अरेस्ट में मोबाइल लैपटॉप से स्काइप पर वीडियो कॉलिंग या अन्य एप के जरिए किसी पर नजर रखी जाती है। उसे डरा धमका कर वीडियो कॉलिंग से दूर नहीं होने दिया जाता है। यानी वीडियो कॉल के जरिए एक तरह से आरोपी को उसके घर में कैद कर दिया जाता है। इस दौरान न तो वह किसी से बात कर सकता है और न कहीं जा सकता है। उसे इतना डरा दिया जाता है कि डिमांड की गई रकम को वह ट्रांजेक्शन कर देता है।
Noida: थाना सेक्टर-39 पुलिस व साइबर टीम पुलिस द्वारा बीओ आईपी कॉल, टीएफएन व सोफ्टफोन के माध्यम से विदेशों में रह रहे व्यक्तियों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इनके कब्जे से 18 लैपटॉप, 1 इण्टरनेट राउटर, 2 इन्टरनेट नेटवर्क स्विच, 4 चार पहिया वाहन व 17 हेडफोन बरामद हुए हैं।
टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी करते थे
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कॉल आईबिम साफ्टवेयर से हमारे कॉल सेंटर मे लगे सिस्टम पर लैंड कराते हैं। इस कॉल को पूर्व से एक्टिव कॉलर कॉल रिसीव करते हैं और अपने आप को विदेशी कम्पनी का प्रतिनिधि बताते हुए हुए उनकी समस्या का जल्द समाधान का आश्वासन देते हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी विदेशी लोगों को बोलते है कि आपका सिस्टम हैक तथा आईपी एड्रेस कम्प्रोमाईज्ड हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए उनके सिस्टम को ऐनीडेस्क साफ्टवेयर से कनेक्ट कर उनके सिस्टम में आ रही असुविधा को हल करने के नाम पर एमेक्स, अमेजन, एप्पल, गूगल प्ले, गेमस्टाप, सिपोराह, नोर्ड स्टरोम आदि गिफ्ट कार्ड 100-500 डॉलर लेते हैं।
सिस्टम हैक का डर दिखाकर कंट्रोल में ले लेते थे सिस्टम
इन्टरनेट का प्रयोग कर के वॉइप कॉल के माध्यम से विदेशी नागरिकों से कंप्यूटर में तकनीकी कमी, पोर्नोग्राफिक कंटेंट व एंटीवायरस न होने कारण सिस्टम हैक होने की बात कह कर उनका कंप्यूटर रिमोट डेस्कटॉप एप्प से कंट्रोल कर लेते थे। इसके बाद कंप्यूटर खराब हैक होने का भय दिखा कर ठीक करने के नाम पर उनसे गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टो करेंसी व वायर ट्रान्सफर के माध्यम से पैसे मंगवाते थे। गिफ्ट कार्ड व क्रिप्टो करेंसी व वायर ट्रान्सफर करा लेते हैं।
ये हुए गिरफ्तार
1.प्रिंस पुत्र अनिल चौधरी निवासी, अरविन्द स्टेट, जीन्द, हरियाणा।
2.राम राठौर पुत्र सुशील कुमार निवासी क्यू, फेज 1 , बुद्ध विहार , दिल्ली।
3.वैभव अरोडा पुत्र संजीव अरोडा निवासी अशोक विहार, दिल्ली।
4.तन्सुल सोलंकी पुत्र सुरेश सोलंकी निवासी पूठ कलां , दिल्ली।
5.अंकित पन्त पुत्र आशीष पन्त निवासी ऋषि विहार, देहरादून।
6.कौशिक सैन पुत्र संजय सैन निवासी विजय कॉलोनी , फेज-1, देहरादून।
7.शिवम शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी भरत विहार, दिल्ली।
8.ध्रुव चोपडा पुत्र योगेन्द्र चोपडा निवासी जे कृष्ण विहार, विजय चौक, शिव मूर्ती, दिल्ली।
9.सारांश दुआ पुत्र मदन दुआ पुत्र फ्लैट पॉकेट 4, सेक्टर-2, रोहिणी, दिल्ली।
10.नवजोत सिंह पुत्र हरशरण सिंह निवासी शिवनगर, जेल रोड , दिल्ली।
11.विक्की पुत्र गुलाब सिंह निवासी विकास नगर, देहरादून।
12.मो० नादिर पुत्र स्व० मो० उमर निवासी खालापार, मुज़फ्फरनगर।
13.वैभव गौड़ पुत्र बाबुराम गौड़ निवासी प्रेम नगर, देहरादून।
14.सौरभ अवस्थी पुत्र सतेन्द्र अवस्थी निवासी गौर सिटी, गौतमबुद्धनगर।
Noida: गौतमबुद्ध नगर में साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार तो साइबर ठगों ने बैंक को अपना शिकार बना डाला। साइबर ठगों ने बैंक के सर्वर को हैक कर 16 करोड़ रुपये पार कर दिए। बैंक कर्मचारी की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
नैनीताल बैंक से 84 बार में पैसे निकाले
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-63 थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-62 में स्थित नैनीताल बैंक के सर्वर में सेंध लगाकर कर साइबर ठगों ने आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट सिस्टम) को हैक कर लिया। इसके बाद 84 बार में अलग-अलग खातों में 16 करोड़ एक लाख 3 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। जानकारी के होने पर बैंक के आईटी मैनेजर सुमित श्रीवास्तव ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराने के अलावा सर्ट-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) और अन्य कई एजेंसियों से शिकायत की है।
आरटीजीएस में गड़बड़ी कर उड़ाए पैसे
सुमित कुमार श्रीवास्तव ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि 17 जून को आरबीआई सेटलमेंट आरटीजीएस खाते के नियमित समाधान के दौरान बैलेंस सीट में 3,60,94,020 रुपये का अंतर मिला था। इसके बाद आरटीजीएस टीम ने एसएफएमएस (स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग सिस्टम) सर्वर के साथ सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) में लेनदेन की जांच की। जांच में कुछ गड़बड़ियां मिलीं। 18 जून को भी आरबीआई बैलेंससीट मेल नहीं खा रहा थी और 2,19,23,050 रुपये का अंतर था। जबकि एसएफएमएस में फाइनल रिपोर्ट भी बैंकों के सीबीएस के साथ मेल खा रही थी।
तीसरे दिन भी बैलेंस शीट मेल नहीं खाने पर हुआ खुलासा
बैंक मैनेजर के अनुसार, शुरुआत में आरटीजीएस के सिस्टम लाइन में कुछ समस्या के कारण बैलेंस शीट में कमी मानी जा रही थी। हालांकि 20 जून को आरबीआई प्रणाली की समीक्षा के बाद पता चला कि 85 प्रतिशत लेनदेन रुपये में की गई है। जिसकी जांच में 16,95,33,221,11 रुपये बैंक सीबीएस के साथ-साथ एसएफएमएस में नहीं दिख रहे थे। इस दौरान पता चला कि बैंक से 84 बार लेनदेन धोखाधड़ी के जरिए हुए हैं। वहीं, साइबर सेल के एसीपी विवेक रंजन राय का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोग साइबर अपराधियों के सॉफ्ट टारगेट बन गए हैं। हाईटेक इस शहर में रहने वाले लोग आए दिन साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के मामले भी नोएडा तेजी से बढ़ रहे हैं। अब एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 19 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
चार दिन तक वीडियो कॉल पर जोड़े रखा
सेक्टर 36 साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बुजुर्ग महिला ने बताया कि डीएचएल कंपनी का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति ने फोन किया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि चीन जा रहे आपके पार्सल में ड्रग्स है। इसके बाद कार्रवाई करने और जेल भेजने की बात कही। वहीं, कार्रवाई नहीं करने के नाम पर उच्च अधिकारियों से बात कराने के लिए वीडियो कॉल पर जोड़ा। इसके बाद अलग-अलग अधिकारियों से वीडियो कॉल पर बात कराई। ये सिलसिल करीब चार दिन तक चला। इस दौरान साइबर ठगों ने अलग-अलग खातों में महिला से 19 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद भी आरोपी और पैसे मांगे तो महिला को ठगी का शक हुआ। बुजुर्ग महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो बैंक अकाउंट को फ्रीज कराया है।
Noida: नोएडा में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे लगता है कि साइबर ठगों की पैनी नजर नोएडा में रहने वालों पर रहती है। इसिलए आए दिन नोएडा में किसी न किसी को साइबर ठग अपना निशाना बनाते हैं। अब एक बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने 5 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.30 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पार्सल में ड्रग्स होने का डर दिखाकर 9 बार में रकम ट्रांसफर कराई थी। सेक्टर-49 निवासी शुचि अग्रवाल (73) की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच कर रही है।
पार्सल में एलसीडी ड्रग्स बताकर जेल जाने की धमकी
पुलिस को दी शिकायत में शुचि अग्रवाल ने बताया कि 13 जून को उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह फेडएक्स की अंधेरी शाखा से बात कर रहा है और आपका पार्सल पकड़ा गया है। आपके नाम से भेजे गए पार्सल एलसीडी ड्रग्स, एक्सपायर पासपोर्ट और पांच किलो कपड़े समेत अन्य सामान हैं।
फर्जी अधिकारियों से वीडियो कॉल पर कराई बात
इसके बाद जालसाजों ने शुचि को मुंबई आने या ऑनलाइन नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से बात करने की सलाह दी। इसके बाद शुचि को स्काइप कॉल पर जोड़कर कथित अधिकारियों से बातचीत कराई। इसके साथ आरोपियों ने बताया कि उनके आधार कार्ड पर छह अकाउंट चल रहे हैं और इनसे मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। जेल जाने के डर से बताए गए खातों में 1.30 करोड़ की रकम ट्रांसफर कर दी। खाता खाली होने तक पैसे ट्रांसफर कराए । बाद में ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
सोने के लिए सिर्फ दी छूट
पीड़िता ने बताया कि पहले दिन आरोपियों ने करीब दस घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। बुजुर्ग होने के चलते उसे सोने के समय स्काइप कॉल से दूर रहने की अनुमति दी। हालांकि इस दौरान कोई होशियारी करने पर जेल जाने की बात कही।
एक महीने में 5 लोगों से ठगी
बता दें कि 25 मई को युवक को 25 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 35 लाख ठगे थे। इसी तरह 10 जून को तीन घंटे डिजिटल अरेस्ट कर इंजीनियर से 9.95 लाख की ठगी, 12 जून को इंजीनियर को 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 20 लाख ठगी और 19 जून को बिजनेसमैन को डिजिटल अरेस्ट करके पांच लाख रुपये की जालसाजों ने ठगी की।
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