Noida: साइबर ठगी के मामले इस डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए रोज नए -नए तरीके अपना रहे हैं, जिसमें पढ़े लिखे व्यक्ति भी फंस जा रहे हैं। ताजा मामला नोएडा मामला में सामने आया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने पर मंगलवार को केस दर्ज कराया है। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर से दस लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
घर बैठे पार्ट टाईम जॉब कर लाखों कमाने का दिया झांसा
जेपी अमन सोसाइटी ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर नीतिश कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसके पास कुछ समय पहले व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया था। जिसमें घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग करके लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी। नीतीश ने बताया कि जब मैसेज करने वालों से बात की तो टेलीग्राम के ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने कुछ ई कॉमर्स वेवसाइट के ऑनलाइन पेज को अच्छा रेटिंग और रिव्यू करने का टास्क दिया था, जिसको उन्होंने पूरा कर दिया।
पहले निवेश किया फिर धोखा दिया
सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि इस दौरान उनको कुछ फायदा हुआ। इसके बाद जालसाजों ने दूसरे टास्क में ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उनका एक अकाउंट बना दिया गया। इसके जरिए उन्होंने कई कंपनियों के शेयर में निवेश किया। शुरुआती दौर में काफी फायदा हुआ लेकिन जब उनकी रकम लाखों में पहुंच गई तो उनके अकाउंट को बंद कर दिया गया। इसके बाद फिर से अकाउंट को खोलने का झांसा देकर कई बार में 10 लाख 45 हजार रुपए ले लिए। जब उन्होंने रुपए मांगे तो टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
Noida: नोएडा धीरे-धीरे जामताड़ा बनता जा रहा है। यहां आए दिन साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफश हो रहा है। अब विदेशी नागरिकों को इन्श्योरेन्स पॉलिसी देने के नाम पर ठगी करने वाले 14 ठगों को थाना फेस 1 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोग यूएसए के लोगों को डायलर के माध्यम से स्क्रिप्ट देखकर इन्टरनेट कॉल करते थे। कॉल करते समय अपने नाम बदल लेते और हेल्थ इन्शोरेन्स पालिसी के बारे में बताते थे। यदि वह व्यक्ति तैयार हो जाता है तो उस कॉल को HARVARD BUSINESS SERVICES INC कम्पनी को ट्रान्सफर कर देते हैं।
इंटरनेट से करते थे यूएसए के लोगों को फन
इसके एवज में इनको 30 से 35 डालर प्रति व्यक्ति मिलता है। यह काम बिना किसी अनुमति व लाइसेन्स के किया जा रहा था। शुक्रवार को इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस टीम, मैनुअल इंटेलीजेन्स व गोपनीय सूचना के आधार पर यूएसए के भोले भाले लोगों को इन्टरनेट के माध्यम से कॉल करके हेल्थ इन्श्योरेन्स पॉलिसी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 14 - 43 सेक्टर-2 नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 कम्प्यूटर, 1 लैपटाप, 7 हैडफोन व सूची कालिंग आदि बरामद हुआ है।
पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार
निखिल यशवाल (30), दरभंगा बिहार, अंकुश गुप्ता (19) निवासी गाजियाबाद , ओरको सैन निवासी नोएडा, दीपांशू चौहान, नितिन सिंह, हर्ष सिंह, नितिन चौधरी, अंकित कुमार झां, रिषभ गुप्ता, गौरव सिंह, निशान्त कुमार, कुलदीप मिश्रा, कमरान फरीदी, ताजीम अली
Noida: नोएडा में साइबर ठग पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। प्रतिदिन जालसाज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ले रहे हैं। अगर आप को भी घर बैठे कमाई का ऑफर मिल रहा है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि घर बैठे कमाई नहीं होगी बल्कि आपका अकाउंट ही साफ हो जाएगा।
कंपनी की एचआर मैनेजर बनकर युवती ने किया फोन
सेक्टर 50 कैलाश धाम अपार्टमेंट के नवनीत शर्मा ने साइबर क्राइम थाने को दी शिकायत में बताया कि उनके पास कुछ समय पहले वाट्सएप पर इशा नाम की एक युवती का मैसेज आया था। जिसने खुद को एक ऑनलाइन रेटिंग देने वाली कंपनी का एचआर मैनेजर होने की बात बताई। इसके बाद कंपनी के साथ पार्ट टाइम नौकरी करके लाखों रुपये कमाने का ऑफर दिया। जब उसने रुचि दिखाई तो कहा कि उसे कुछ टास्क पूरे करने पड़ेगें।
पहले रेटिंग और रिव्यू का टास्क देकर फंसाया
इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया और कुछ यूट्यूब और ई- कामर्स वेबसाइट के ऑनलाइन पेज को अच्छा रेटिंग और रिव्यू करने का टास्क दिया, जिसको उन्होंने पूरा कर दिया। इससे उनको कुछ फायदा हुआ। इसके बाद दूसरे टास्क में ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए कहा और उनका एक अकाउंट बना दिया। उन्होंने कई कंपनियों के शेयर में निवेश किया। जिससे उनकी रकम लाखों में पहुंच गई तो उनके अकाउंट को बंद कर दिया गया। फिर से अकाउंट को खोलने का झांसा देकर आरोपी ने कई बार में 57 लाख रुपये ले लिए। जब अपने रुपये मांगे तो उनको टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
Noida: थाना बादलपुर पुलिस ने जालसाजी व धोखाधड़ी कर ऑनलाईन सट्टा लगाने और खिलाने वाले गिरोह के कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर ग्राम खेडा धर्मपुरा में प्रिन्स शर्मा घर से ऑनलाईन जुआ/सट्टा लगाने व खिलाने वाले रविन्द्र कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, राजन सिंह, रोहित शर्मा, अभिषेक कुमार और सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मौके से प्रिन्स शर्मा फरार हो गया है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मास्टर माइंड छत्तीसगढ़ से ऑपरेट करता है पूरा गिरोह
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के सट्टेबाज है। ये सभी गिरोह बनाकर Fairplay24.in वेबसाइट के माध्यम से सट्टा खेलने व खिलाने का काम किया जाता था । गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह Fairplay24.in नाम की एक सट्टा वेबसाईट पर आनलाईन सट्टा खिलवाते है। इस वेबसाइट को छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सुभाष चन्द्रा आपरेट करता है। सुभाष द्वारा उन्हें कस्टमरों को आनलाईन सट्टा खिलवाने के लिए यूजर आईडी पासवर्ड दिये गये हैं । इस वेबसाइट में क्रिकेट, फुटबाल , टेनिस आदि खेलों पर सट्टा लगाया जाता है। इसी सट्टे की साइट पर कसीनो का सट्टा लगाया जाता है।
गरीबों को पैसे का लालच देकर खुलवाते थे बैंक अकाउंट
आरोपियों ने बताया कि कस्टमर हमारी साईट पर ऑनलाइन साईनअप करके लोगिन आईडी पासवार्ड बनाते हैं। सट्टा लगाने के लिए कम से कम 300 रूपये जमा करने पड़ते हैं। जिसका लिंक हमारे बैंक खातो से रहता है, तभी ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता है। कुछ कस्टमर बड़ी रकम भी लगाते हैं। जब वे हार जाते है तो ये पैसा हमारा हो जाता है। इस पैसों को हम खातों से निकाल लेते है तथा आपस में बांट लेते है। बचत का कुछ हिस्सा सुभाष चन्द्रा को भी जाता है। इस काम के लिए हम फर्जी तरीके बैंक खाते खुलवाते है और गरीब लोगों को रूपयो को लालच देकर उनके खाते खुलवाकर उनकी पास बुक, चैक बुक तथा एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। खातो में अपने मोबाईल नम्बर रजिस्टर कराते हैं, क्योंकि जब कोई पैसे का लेन-देन खाते में आता है तो मैसेज हमारे ही नम्बर पर आ जाता है। जिसको हम पढ़कर कस्टमर को हमारी साईट का साईनअप के बाद लोगिन पासवर्ड सट्टा खेलने के लिए दे देते हैं। इसके बाद जब कस्टमर जीत जाता तो हम उसको रेट के हिसाब से कुछ पैसे काटकर दे देते हैं। जब कस्टमर हार जाता है तो उसका पैसा हम इन बैंक खातों के माध्यम से निकाल लेते हैं। साथ ही हम फर्जी काल करके लोगो के साथ ठगी भी करते हैं।
Greater Noida: आज का वक्त पहले से काफी अलग है. आज का दौर एडवांस है. घर बैठे ही लोग एक दूसरे की मदद कर सकते है. उनसे बात कर सकते है. इतना ही नहीं अगर किसी को पैसों की जरूरत है तो एक क्लिक में पैसे भेजे जा सकते है. लेकिन कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे है और ठगी की घटना को अंजाम दे रहे है. ऐसे में पुलिस प्रशासन भी लगातार ठगों के खिलाफ अभियान चलाकर उनपर शिकंजा कस रहा है. इसी कड़ी में साइबर सेल ने एक पीड़ित को उसके 81 हजार रुपए वापस दिलवाए है.
साइबर ठगी के खिलाफ अभियान
दरअसल, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर फ्रॉड के सम्बन्ध में लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. इस दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचाव का तरीका भी समझाया जा रहा है. इसी दौरान ग्रेटर नोएडा की साइबर सेल के पास साइबर ठगी के सम्बन्ध में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी. जिसमें पीड़ित के 81,000 रुपए अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी लिंक के माध्यम से ठग लिए थे और फिर उसे अलग-अगल खातों में ट्रांसफर कराया था.
पुलिस टीम की तारीफ
वही, इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा की साइबर सेल ने पीड़ित के 81,000 रूपये ठग से वापस दिलवाए है. साइबर सेल की ओर से की गई इस कार्रवाई से अपर पुलिस उपायुक्त ने बुके देकर पुलिस टीम की जमकर तारीफ भी की है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि विभाग लगातार साइबर ठगों पर शिंकजा कसता रहेगा.
Noida: फिल्म जामताड़ा की तर्ज पर नोएडा में साइबर ठगों का जाल इतना फैल चुका है कि आए दिन कोई न कोई इनका शिकार बन रहे हैं। अब तो केस में फंसाने और फर्जी अधिकारी बनकर भी ठगी करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला नोएडा में सामने आया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला को साइबर ठगों ने 7 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये ठग लिए। पीड़ित महिला की शिकायत पर सेक्टर 39 पुलिस केस दर्ज जांच कर रही है।
कोरियर में ड्रग्स बताकर जेल भेजने की दी धमकी
सेक्टर-45 स्थित आम्रपाली सफायर सोसाइटी निवासी चिराग ने पुलिस से शिकायत की है कि उनकी पत्नी सुकीर्ति वर्मा आईटी इंजीनियर हैं।पुलिस को चिराग ने बताया कि कुछ दिन पहले सुकीर्ति के मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को फेडेक्स कोरियर सर्विस से बताया और कहा कि आपके नाम पर एक कोरियर मुंबई से ताइवान जा रहा था, जिसे कस्टम अधिकारियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया है। इस कोरियर से ड्रग्स और चार पासपोर्ट के अलावा आपत्तिजनक सामान है। इसके बाद कॉल एक कथित पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर कर दी।
पुलिस की वर्दी पहनकर किया वीडियो कॉल
कथित पुलिस अधिकारी ने पत्नी सुकीर्ति को जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे अकाउंट और अन्य जानकारी ले ली। इसके बाद कोरियर में ड्रग्स व आपत्तिजनक सामान होने का हवाला देकर जेल जाने की धमकी दी। इसके बाद स्काइप से वीडियो कॉल की, जिसमें जालसाजों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
7 घंटे तक वीडियो कॉल पर जोड़े रखा
इसके बाद पत्नी ने डरकर फर्जी पुलिस अधिकारी के कहने पर बताए गए अकाउंट में 3,75,278 रुपए ट्रांसफर कर दिए। पत्नी किसी से अपनी समस्या बता न सके इसके लिए कथित पुलिस और कस्टम अधिकारियों ने सात घंटे तक वीडियो कॉल पर उसे जोड़े रखा। कॉल कटते ही महिला की तुरंत गिरफ्तारी होने की बात कही थी। कहा अगर कॉल बिना पैसे ट्रांसफर किए काटती है तो उनके साथ परिवार के लोगों को भी जेल जाना पड़ेगा। जब और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाने लगा तब ठगी का अहसास हुआ।
क्या है डिजिटल अरेस्ट?
डिजिटल अरेस्ट में मोबाइल लैपटॉप से स्काइप पर वीडियो कॉलिंग या अन्य एप के जरिए किसी पर नजर रखी जाती है। उसे डरा धमका कर वीडियो कॉलिंग से दूर नहीं होने दिया जाता है। यानी वीडियो कॉल के जरिए एक तरह से आरोपी को उसके घर में कैद कर दिया जाता है। इस दौरान न तो वह किसी से बात कर सकता है और न कहीं जा सकता है। उसे इतना डरा दिया जाता है कि डिमांड की गई रकम को वह ट्रांजेक्शन कर देता है।
Noida: थाना सेक्टर-39 पुलिस व साइबर टीम पुलिस द्वारा बीओ आईपी कॉल, टीएफएन व सोफ्टफोन के माध्यम से विदेशों में रह रहे व्यक्तियों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इनके कब्जे से 18 लैपटॉप, 1 इण्टरनेट राउटर, 2 इन्टरनेट नेटवर्क स्विच, 4 चार पहिया वाहन व 17 हेडफोन बरामद हुए हैं।
टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी करते थे
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कॉल आईबिम साफ्टवेयर से हमारे कॉल सेंटर मे लगे सिस्टम पर लैंड कराते हैं। इस कॉल को पूर्व से एक्टिव कॉलर कॉल रिसीव करते हैं और अपने आप को विदेशी कम्पनी का प्रतिनिधि बताते हुए हुए उनकी समस्या का जल्द समाधान का आश्वासन देते हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी विदेशी लोगों को बोलते है कि आपका सिस्टम हैक तथा आईपी एड्रेस कम्प्रोमाईज्ड हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए उनके सिस्टम को ऐनीडेस्क साफ्टवेयर से कनेक्ट कर उनके सिस्टम में आ रही असुविधा को हल करने के नाम पर एमेक्स, अमेजन, एप्पल, गूगल प्ले, गेमस्टाप, सिपोराह, नोर्ड स्टरोम आदि गिफ्ट कार्ड 100-500 डॉलर लेते हैं।
सिस्टम हैक का डर दिखाकर कंट्रोल में ले लेते थे सिस्टम
इन्टरनेट का प्रयोग कर के वॉइप कॉल के माध्यम से विदेशी नागरिकों से कंप्यूटर में तकनीकी कमी, पोर्नोग्राफिक कंटेंट व एंटीवायरस न होने कारण सिस्टम हैक होने की बात कह कर उनका कंप्यूटर रिमोट डेस्कटॉप एप्प से कंट्रोल कर लेते थे। इसके बाद कंप्यूटर खराब हैक होने का भय दिखा कर ठीक करने के नाम पर उनसे गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टो करेंसी व वायर ट्रान्सफर के माध्यम से पैसे मंगवाते थे। गिफ्ट कार्ड व क्रिप्टो करेंसी व वायर ट्रान्सफर करा लेते हैं।
ये हुए गिरफ्तार
1.प्रिंस पुत्र अनिल चौधरी निवासी, अरविन्द स्टेट, जीन्द, हरियाणा।
2.राम राठौर पुत्र सुशील कुमार निवासी क्यू, फेज 1 , बुद्ध विहार , दिल्ली।
3.वैभव अरोडा पुत्र संजीव अरोडा निवासी अशोक विहार, दिल्ली।
4.तन्सुल सोलंकी पुत्र सुरेश सोलंकी निवासी पूठ कलां , दिल्ली।
5.अंकित पन्त पुत्र आशीष पन्त निवासी ऋषि विहार, देहरादून।
6.कौशिक सैन पुत्र संजय सैन निवासी विजय कॉलोनी , फेज-1, देहरादून।
7.शिवम शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी भरत विहार, दिल्ली।
8.ध्रुव चोपडा पुत्र योगेन्द्र चोपडा निवासी जे कृष्ण विहार, विजय चौक, शिव मूर्ती, दिल्ली।
9.सारांश दुआ पुत्र मदन दुआ पुत्र फ्लैट पॉकेट 4, सेक्टर-2, रोहिणी, दिल्ली।
10.नवजोत सिंह पुत्र हरशरण सिंह निवासी शिवनगर, जेल रोड , दिल्ली।
11.विक्की पुत्र गुलाब सिंह निवासी विकास नगर, देहरादून।
12.मो० नादिर पुत्र स्व० मो० उमर निवासी खालापार, मुज़फ्फरनगर।
13.वैभव गौड़ पुत्र बाबुराम गौड़ निवासी प्रेम नगर, देहरादून।
14.सौरभ अवस्थी पुत्र सतेन्द्र अवस्थी निवासी गौर सिटी, गौतमबुद्धनगर।
Noida: साइबर जालसाज के चंगुल में फंसे इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली है। जालसाज ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मूल रूप से तेलंगाना के के रहने वाले नगुला प्रगति राजू रायपुर गांव में किराये के मकान में रहते थे। नगुला प्रजापति की एक कंपनी में इंजीनियर थे।
पुलिस की जांच में पता चला कि राजू कुछ महीने पहले साइबर ठगों के संपर्क में आ गए थे। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में रकम निवेश कराया था। जालसाजों ने रकम निवेश करने के बाद लाखों का फायदा होने का झांसा दिया था। इसके लिए राजू ने अपनी बचत से लेकर कई लोगों से उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग में पैसे लगा दिए। करीब 12 लाख रुपये का निवेश करने के बाद जब राजू ने जालसाजों से रकम मांगी तब उसे ग्रुप से बाहर कर दिया था और संपर्क तोड़ दिया था। ठगी का अहसास होने पर वह परेशान हो गए और सोमवार रात कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।
Noida: नोएडा में साइबर फ्राड की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी यहां साइबर ठग गिरोह पकड़ा जाता है तो कभी साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। अब एक महिला डॉक्टर से जालसाजों ने पोर्न वीडियो स्कैम में शामिल होने का डर दिखाकर 59 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-77 निवासी डॉ. पूजा गोयल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर किया था कॉल
डॉ. पूजा दिल्ली के एक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। पुलिस को दी शिकायत में डॉ. पूजा गोयल ने बताया कि 13 जुलाई को उनके पास एक नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने टेलीफोन रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताते हुए कॉल कथित तौर पर मुंबई के तिलक नगर पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दी। वहां से बताया गया कि उनके मोबाइल नंबर से पोर्न वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही पोर्न वीडियो स्कैम में शामिल होने का आरोप लगाते हुए अरेस्ट वारंट जारी होने की जानकारी की बात कही। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग केस में नरेश गोयल के साथ सामने आने की बात कही। इसके साथ ही साइबर ठगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत केस दर्ज करने की धमकी दी।
बेटी को अपहरण करने की दी धमकी
साइबर ठगों ने डॉक्टर की बेटी का अपहरण करने और जीवन बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। इससे बाद वीडियो कॉल पर करीब 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। जिससे डरकर डॉ. पूजा ने 15 जुलाई को 59.54 लाख रुपये जालसाजों के बताये खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जालसाजों ने महिला पर और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाना शुरू किया तब उन्हें ठगी की आशंका हुई।
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में साइबर ठगी को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. साथ ही साइबर ठगी से बचाव के तरीके भी लोगों को बताये जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है. जहां पुलिस द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया और पीड़ित के रुपये वापस कराए गए. जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया.
साइबर पुलिस ने एक लाख की ठगी रोकी
दरअसल साइबर हेल्प डेस्क थाना कासना पर साइबर ठगी के सम्बन्ध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी. जिसमें पीड़ित के द्वारा अस्पताल के अपाइटमेन्ट के लिए गूगल पर मोबाइल नंबर सर्च किया गया. जिस पर सम्पर्क किया गया तो एक लिंक भेजकर पीड़ित के बैंक खाते से किसी अज्ञात शख्स ने साइबर ठगी कर 1 लाख रुपए निकाल लिए गए थे. वहीं ठगी की शिकायत मिलते ही साइबर हेल्प डेस्क थाना कासना द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और संबंधित खाते को फ्रीज कराया गया. जिसके बाद साइबर ठगी किये गये 1 लाख रुपए पीड़ित के खाते में वापस कराये गये। साइबर हेल्प डेस्क द्वारा की गयी कार्रवाई के लिये पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया.
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