Noida: थाना बिसरख पुलिस ने दो जाल साजों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों युवक फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी कर रुपये ऐंठते थे।
3.50 लाख में किया कार का सौदा
जानकारी के मुताबिक 28 जुलाई को पुष्पेन्द्र पुत्र अजयपाल और अमन कुमार ने मो. उमर की गाड़ी को अपनी बताकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्टाम्प पेपर तैयार कर, कूट रचना कर बतौर गिरवी रख तीन लाख पचास हजार रुपये ले लिया था। इसके बाद कार को बेंच दिया था। जिसके सम्बन्ध में थाना बिसरख पर वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार
इसी बीच 18 अगस्त को थाना बिसरख पुलिस द्वारा लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर पुष्पेन्द्र और अमन को गेलैक्सी वेगा गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार किया गया है।बता दें कि पुष्पेन्द्र निवासी ग्राम बनूपुरा थाना पाली मुकीमपुर जिला अलीगढ हाल पता घुकना मोङ के पास कोतवाली सिटी गाजियाबाद है। जबकि उम्र अमन कुमार निवासी कोशिक भवन पुराना कोण्डली थाना कोण्डली पूर्वी दिल्ली है।
Noida: जरचा थाना पुलिस ने एक शातिर को गिरफ्तार किया है। शातिर ने एनटीपीसी टाउनशिप निवासी धर्मेंद्र से नकली सोना दिखाकर 5 लाख रुपये 22 अगस्त को ठग लिए थे।
नकली सोना और नकदी बरामद
जानकारी के अनुसार शामली निवासी भीम सिंह ने धर्मेंद्र से नकली सोने की चेन (बड़ी जंजीर) दिखा कर 5 लख रुपए की ठगी कर ली थी। पुलिस ने गिरफ्तार कर भीम सिंह के कब्जे से ठगी के 5 लख रुपए समेत नकली सोने की चेन चांदी के सिक्के मोबाइल फोन बरामद किया है।
खुदाई में मिले जेवर बताकर करता था ठगी
पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी भीम सिंह खुद को मजदूर बताकर और खुदाई के दौरान सोने, चांदी के सिक्के और चेन मिलन बात कर भोले भाले लोगों को दिखाकर उनसे ठगी करने का काम करता है। पकड़े गए आरोपी ने पिछले महीने धर्मेंद्र सिंह नाम के कैंटीन संचालक को नकली सोने की चेन दिखाकर उसे 5 लख रुपए ठगकर फरार हो गया था। पुलिस ने इस केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी जिसको जारचा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
Noida : नोएडा पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का शुक्रवार को खुलासा किया है। इस कॉल सेंटर में में बैठकर ठग अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट देने के नाम पर ठगी कर रहे थे।
एसेक्टर-73 के फार्म हाउस में चल रहा था कॉल सेंटर
एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने एक फार्म हाउस पर छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर के संचालक सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद के सुन्दर फार्म के 6जी फ्लोर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में प्रयोग की जाने वाले भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 6 लैपटॉप, 5 लैपटॉप चार्जर, 2 माउस, 1 यूपीएस, 2 वाई-फाई राउटर, 1 वाई-फाई चार्जर, 15 हैडफोन, 6 मोबाइल फोन, 2 रजिस्टर, 48,000 रुपए नगद और एक फोर्ड गाड़ी बरामद की है।
फार्म हाउस में पुलिस ने मारा छापा
नोएडा जोन के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार को सूचना के आधार पर एक्सप्रेसवे थाना पुलिस सेक्टर-135 यमुना डूब क्षेत्र में गौशाला के पास फार्म हाउस पर मीटिंग कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से सुन्दर फार्म 6 फ्लोर, सेक्टर-73, ग्राम सर्फाबाद निवासी अग्निभ बैनर्जी, सुपरटेक ईकोसिटी सेक्टर-137 निवासी सचिन, ज्वालापुर जिला हरिद्वार, उत्तराखण्ड निवासी राहुल गौतम, मोहन गार्डन थाना उत्तम नगर दिल्ली निवासी जय कुमार कोचर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी सचिन और अग्निभ बैनर्जी द्वारा लैपटॉप के माध्यम से राहुल गौतम और जय कुमार कोचर को साइबर फ्रॉड बिजनेस की प्लानिंग के सम्बन्ध में जानकारी दी जा रही थी।
यूएसडीटी और बिटकॉइन से लेते थे पेमेंट
पूछताछ में सचिन ने बताया कि वे लोग विदेशी नागरिकों (यूएसए और कनाडा) से पॉपअप कॉल और ई-मेल के माध्यम से संपर्क करते थे। इसके बाद आरोपी टेक्निकल सपोर्ट देने के लिए टोल फ्री नंबर पर बात करते हुए कॉल वेंडर के माध्यम से क्रय किए जाने वाले एंटी वायरस बेचने का झांसा देते थे। पकड़े गए आरोपी विदेशी नागरिकों से टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर पेमेंट यूएसडीटी और बिटकॉइन के माध्यम से लेते थे।
Noida: नोएडा धीरे-धीरे जामताड़ा बनता जा रहा है। यहां आए दिन साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफश हो रहा है। अब विदेशी नागरिकों को इन्श्योरेन्स पॉलिसी देने के नाम पर ठगी करने वाले 14 ठगों को थाना फेस 1 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोग यूएसए के लोगों को डायलर के माध्यम से स्क्रिप्ट देखकर इन्टरनेट कॉल करते थे। कॉल करते समय अपने नाम बदल लेते और हेल्थ इन्शोरेन्स पालिसी के बारे में बताते थे। यदि वह व्यक्ति तैयार हो जाता है तो उस कॉल को HARVARD BUSINESS SERVICES INC कम्पनी को ट्रान्सफर कर देते हैं।
इंटरनेट से करते थे यूएसए के लोगों को फन
इसके एवज में इनको 30 से 35 डालर प्रति व्यक्ति मिलता है। यह काम बिना किसी अनुमति व लाइसेन्स के किया जा रहा था। शुक्रवार को इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस टीम, मैनुअल इंटेलीजेन्स व गोपनीय सूचना के आधार पर यूएसए के भोले भाले लोगों को इन्टरनेट के माध्यम से कॉल करके हेल्थ इन्श्योरेन्स पॉलिसी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 14 - 43 सेक्टर-2 नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 कम्प्यूटर, 1 लैपटाप, 7 हैडफोन व सूची कालिंग आदि बरामद हुआ है।
पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार
निखिल यशवाल (30), दरभंगा बिहार, अंकुश गुप्ता (19) निवासी गाजियाबाद , ओरको सैन निवासी नोएडा, दीपांशू चौहान, नितिन सिंह, हर्ष सिंह, नितिन चौधरी, अंकित कुमार झां, रिषभ गुप्ता, गौरव सिंह, निशान्त कुमार, कुलदीप मिश्रा, कमरान फरीदी, ताजीम अली
Noida: नोएडा पुलिस और साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने महिला डॉक्टर से 45 लाख की हुई साइबर फ्राड मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में साइबर ठगों को बैंक खाता मुहैया करने वाले तीन आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसी वर्ष मई में साइबर ठगों के एक गिरोह ने सेक्टर 49 में रहने वाली महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 45 लाख रुपए की ठगी की थी। ठगों ने जिन खातों में महिला डॉक्टर से रकम ट्रांसफर कराई थी। इसके लिए तीन आरोपियों ने अपने खाते उप्लब्ध कराये थे।
9 को महिला डॉक्टर को किया था डिजिटल अरेस्ट
साइबर थाना पुलिस ने नितेश कुमार उर्फ टाडा, गूगन राम और संजय सिंह को गिरफ्तार किया है। इन्होंने साइबर ठगों को उप्लब्ध कराया था। जिसमें महिला डॉक्टर से ठगी की रकम ट्रांसफर कराई थी। साइबर क्राइम थाने के प्रभारी विजय कुमार गौतम ने बताया कि 9 मई को डॉक्टर आरती सुरभित चौधरी ने डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये ऐंठे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच में जुटी नोएडा पुलिस को पता चला कि जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई, वह सभी खाते राजस्थान के हैं। इसी दौरान डिजिटल अरेस्ट गिरोह के तीन मददगारों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली।
मोटी रकम लेकर खाता उपलब्ध करवाया था
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बाताया कि पूछताछ के दौरान तीनों ने बताया कि अलवर के मोहित और जयपुर के साहिल उनसे बैंक खाते लेते हैं। इसके एवज में मोटी रकम देते हैं। नोएडा पुलिस ने नितेश, गूगन और संजय को पड़यंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया और शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। आशंका है कि मोबाइल में ठगी संबंधी कई अहम जानकारियां हैं।
ऐसे साइबर ठग बनाते हैं शिकार
बता दें कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आए दिन डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठग लाखों से लेकर करोड़ों रुपये ठग रहे हैं। साइबर ठग एसे लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिनके खाते में पैसे अधिक जमा हैं और वह बुजुर्ग हैं। ऐसे लोगों को पुलिस, सीबीआई और एसबीआई का डर दिखाकर अपने जाल में साइबर ठग फंसाते हैं।
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Noida: नोएडा में एक बार फिर फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ पुलिस ने किया है। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने सेक्टर-62 के आइथम टावर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के मालिक समेत पांच लोगों को को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरि शिप पर नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक लोगों से ठगी कर चुके हैं।
महिला सहित 5 लोग गिरफ्तार
नोएडा एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि गिरोह का सरगना उन्नाव निवासी अंकित, अमरोहा के अरीबा, रामपुर के यावेंद्र, सुलतानपुर निवासी दुर्गेश यादव और लोनी के बादल को गिरफ्तार किया गया है। एडीसीपी ने बताया कि कुछ दिन पहले जयपुर के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि सेक्टर-62 की कंपनी के लोगों ने क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है। शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-58 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
50 हजार रुपये एक व्यक्ति से करते थे ठगी
एसीपी शैव्या गोयल के नेतृत्व में जांच के बाद आइथम टावर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया गया है। एडीसीपी ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर से सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर क्रूज पर नौकरी करने के इच्छुक लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, मेडिकल डॉक्यूमेंट के नाम पर 50 हजार ठग लेते थे। महिला अरीबा एचआर का काम देखती थी, जबकि बादल फर्जी अभ्यर्थी बनकर पीड़ितों को विश्वास दिलाता था कि उसकी नौकरी इसी कंपनी के माध्यम से लगी है।
50 हजार रुपये महीने किराए पर लिया था ऑफिस
एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि गिरोह के लोग फर्जी वेबसाइट बनाकर फेसबुक, इंस्टाग्राम पर विज्ञापन डालते थे कि उनकी कंपनी क्रूज पर नौकरी दिलवाती है। इसके बाद झांसे में आने वाले लोगों से गूगल मीट, जूम पर ऑनलाइन इंटरव्यू लेते थे। जिसके लिए 11 हजार रुपये ऑनलाइन फीस ली जाती थी। वहीं, क्रूज पर काम करने के लिए वीजा व तकनीकी डॉक्यूमेंट सीडीसी, एसआईडी बनाने के नाम पर 38,600 रुपये लेते थे। इसके अलावा मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर भी वसूली करते थे। फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और ऑफर लेटर भेज देते थे। इसके बाद पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि अंकित ने मार्च में आइथम टावर में ऑफिस 35 हजार रुपये किराए पर लिया था। इस ऑफिस का 15 हजार का मेंटेनेंस था। पुलिस आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल व लैपटॉप आदि की जांच कर रही है।
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