Greater noida: ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र के गौर सिटी 14 एवेन्यू में स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिसर से मंदिर हटाने को लेकर स्थानीय लोग हंगामा कर रहे हैं और बजरंगबली की मूर्ति वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
बजरंगबली की मूर्ति वापस लाने की मांग
स्थानीय लोगों ने बिल्डर ओर मेंटेनेंस डिपार्टमेंट के खिलाफ आक्रोश जताया है। आरोप है कि पार्किंग एरिया से रातो रात गायब अस्थायी मंदिर और हनुमान जी की मूर्ति गायब हो गयी है।
बताया जा रहा बिल्डर द्वारा मंदिर को हटाने का नोटिस दिया गया था। नोटिस देने के बावजूद भी मूर्ति नहीं हटाई गई थी। मंदिर हटाने गुस्साए लोग सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास की।
वहीं पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि थाना बिसरख क्षेत्र के अंतर्गत 14 एवेन्यू रेजिडेंस राहुल कौशिक तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा एक अस्थाई पार्किंग में मंदिर बनाकर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई थी। इसकी शिकायत पार्किंग के स्वामियों द्वारा मेंटेनेंस ऑफिस में जाकर पूर्व में की गई थी। मेंटिनेंस द्वारा मंदिर को पार्किंग स्थल से मंदिर हटाने के सम्बन्ध में नोटिस दिया गया था। तथा रूपए चोरी कराने वाली बात असत्य है। आज मेंटीनेस द्वारा बताया गया कि बाजार में मिलने वाले मार्बल्स से बने मन्दिर में मूर्ती स्थपित की गई थ। पार्किंग होने के कारण किसी गाड़ी के टकराने के कारण मूर्ती खंडित हो सकती थीं, जिसके लिए यहाँ से मूर्ति को हटा दिया गया है। पुलिस मौके पर मौजूद है।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के घर ख़रीदारों ने अपना विरोध प्रदर्शन 39वें सप्ताह रविवार को भी जारी रखा। भारी बारिश के बीच भी घर ख़रीदार खुले आसमान के नीचे विरोध जताया। विरोध कर रहे लोगों ने घरों की रजिस्ट्री और घरों के पज़ेशन देने की मांग की।
मांगे पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे नेफोवा के वरिष्ठ सदस्य दीपांकर कुमार, इंद्रीश गुप्ता, रोहित मिश्रा, चंदन सिन्हा, अनुराग खरे और राजकुमार राठौड़ ने कहा कि हम शांतिपूर्ण आवाज़ उठाते रहेंगे जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस अमिताभ कांत के बनाए जी 20 में दिल्ली घोषणापत्र पूरी दुनिया सहमत हो गई। वहीं उनकी रुके हुए प्रोजेक्ट को लेकर दिए रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में क्यों डाला गया है? उसपर कोई निर्णय क्यों नहीं हो रहा है?
अमिताभ कांत कमेटी की रिपोर्ट तुरंत लागू करे सरकार
हर हफ़्ते विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहीं रंजना भारद्वाज, अनिल रात्रा, सुधांशु श्रीवास्तव, देवेश चहल, योगेश देवगन, अमरेंद्र ठाकुर, समीर भारद्वाज, हिमांश सक्सेना, दीपक गुप्ता, बिपिन, गंगेश सहित कई घर ख़रीदारों ने कहा कि सरकार पहले रिपोर्ट का बहाना बना रही थी। जब अमिताभ कांत कमेटी की रिपोर्ट आ गई तो उसे तुरंत लागू करने में क्या परेशानी आ रही है? सरकार अगर आज भी चाहे तो रीयल एस्टेट प्रोजेक्टों को शुरु कर घरों की रजिस्ट्री शुरु करवाकर राजस्व जुटा सकती है। बस सरकार को ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की गलत जानकारियों से बचने की ज़रूरत है।
इन सोसाइटियों में घर खरीदने वाले हैं परेशान
विरोध प्रदर्शन में सुपरटेक इको विलेज 1, इको विलेज 2, इको विलेज 3, अजनारा होम्स, देविका गोल्ड होम्ज़, एक्वा गार्डेन, ऐपेक्स गोल्फ़ एवेन्यू,ऐश्वर्यम, कासा ग्रीन्स वन, सुपरटेक अपकाउंटी सहित कई सोसायटियों के घर ख़रीदारों ने हिस्सा लिया।
Greater Noida: प्राधिकरण के खिलाफ किसान सभा का धरना 120 वें भी दिन जारी रहा। बुधवार को धरने पर पहुंचकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने अपना समर्थन दिया। उत्तम पटेल के साथ समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी वीर सिंह यादव डॉ महेंद्र नागर सुनील चौधरी ने कार्यकर्ताओं के साथ आकर अपना समर्थन दिया।

अभी जारी रहेगा धरना
धरने को संबोधित करते हुए जोगेंद्री देवी ने कहा कि किसान सभा के 12 सितंबर के डेरा डालो घेरा डालो के दौरान कई कार्यकर्ता घायल हो गए थे। किसान सभा के नेता मोहित नागर के पैर में फ्रैक्चर आ गया है। साथ ही प्रशांत भाटी डॉक्टर, रुपेश वर्मा सहित कई लोग घायल हो गए। आंदोलन के मुद्दों पर काफी हद तक सहमति बन गई थी। प्राधिकरण में सुनील फौजी और डॉक्टर रुपेश वर्मा को मीटिंग मिनट बनवानी थी परंतु संबंधित अफसर की अनुपलब्धता के कारण के मीटिंग मिनट नहीं बन पाई, लिहाजा धरना अभी जारी रहेगा।

बड़ी मीटिंग बुलाकर धरना समाप्त किया जाएगा
जगबीर नंबरदार ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि धरना ऐतिहासिक है। धरने के मुद्दों पर प्राधिकरण ने सहमति जाहिर की है। मीटिंग मिनट समय सीमा के साथ जारी होनी है। जिला एक्शन कमेटी में रखकर अनुमोदन कराकर किसानों की बड़ी मीटिंग बुलाकर धरना समाप्त किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष इंदर भाटी ने कहा कि पार्टी सदन से सड़क तक धरने के साथ है।

नए कानून को लागू करने की लड़ाई जारी रहेगी
जय किसान संगठन के नेता सुनील फौजी ने कहा कि नए कानून को लागू करने की लड़ाई हम लगातार लड़ते रहेंगे। धरने का संचालन अजय पाल भाटी ने किया। धरने को विशेष भाटी, बुद्ध पाल यादव, गवरी मुखिया सुरेश यादव, राजीव नागर, सुशील निरंकार, प्रधान पप्पू प्रधान, तेजपाल रावल, निशांत रावल, सचिन भाटी, अभय भाटी, नागर बाबा, संतराम राम सिंह नागर, नरेश नागर, विजयपाल नागर, शेर सिंह पहलवान, डॉक्टर जगदीश शेखर, प्रजापति ओमवीर नागर संबोधित किया।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध आज 121वें दिन भी किसान बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ धरने पर डटे रहे। किसानों ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक समस्याओं का निदान नहीं जब तक घर वापसी नहीं। किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि हमारे मुद्दों पर प्राधिकरण ने सैद्धांतिक सहमति जताते हुए मीटिंग मिनट हमें देने के लिए कहा है. जिसमें हमारे मुद्दों को क्रमवार एक निश्चित समय सीमा के अंदर हल करने के लिए कहा गया है. मीटिंग मिनट मिलने के बाद संगठन के साथ उन पर चर्चा करेंगे और अगर सब कुछ उचित लगा तो एक पंचायत बुलाकर आगे के लिए निर्णय लेंगे। यदि इस सब में हीला हवाली हुई तो किसान अपनी रणनीति बदलने को फिर से मजबूर होंगे और कोई बड़ा प्रदर्शन प्राधिकरण पर फिर से होगा।
क्षेत्र के किसानों में बहुत आक्रोश
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि 12 सितंबर को प्राधिकरण पर तालाबंदी के लिए सभी संगठनों ने एकजुट होकर बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाओं ने व युवाओं ने प्राधिकरण पर प्रदर्शन किया। अपनी घोषणा के तहत दोनों गेटों पर तालाबंदी की। लेकिन अधिकारियों के आग्रह पर हमने ताले को खोल और उनसे वार्ता की। क्षेत्र के किसानों में बहुत आक्रोश है, उनकी पीड़ा को समझने में प्राधिकरण और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने बहुत देरी कर दी है। अगर जल्द ही समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसानों में आक्रोश और ज्यादा होगा।
जमीन जाने से हमारे सामने रोजगार का संकट
किसान सभा के सचिव जगबीर नंबरदार ने कहा कि हमारी वर्षों से पड़ी लंबित समस्याएं हैं. यहां पर अधिकारी आते हैं समस्याओं को सुनते हैं और हल करने के लिए आश्वासन देते हैं. लेकिन समस्याओं का निदान होने से पूर्व ही यहां से ट्रांसफर होकर चले जाते हैं और हमारी समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। हमारी जमीन जाने से हमारे सामने रोजगार का संकट है। जीवन यापन करने का बहुत बड़ा मसला हमारे सामने है। हमारे क्षेत्र में रोज नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं परंतु उनमें हमारे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। फिर इस जिले का विकास हमारे जीवन में क्या मायने रखता है। इस पर भी हमारे जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्राधिकरण में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर
किसान गबरी यादव का कहना है कि प्राधिकरण के अंदर किसने की ही समस्याएं जस की तस बनी हुई है। जबकि जो दलाल किस्म के लोग अपना काम करने प्राधिकरण में आते हैं, उनका काम जल्द हो जाते हैं। प्राधिकरण के अंदर भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ज्यादातर अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचारी में लिप्त है और वह अपनी मुट्ठी के कुछ लोगों से मिलकर क्षेत्र के अंदर लगातार समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। जो की किसी के लिए भी कर नहीं है यह समस्या क्षेत्र के अंदर एक बड़े आंदोलन को जन्म देने वाली है।
नोटिस भेज कर डराया जा रहा है
जय जवान जय किसान के सुनील फौजी ने बताया कि डीएमआईसी से प्रभावित पांच गांवों के किसानों की समस्याओं का प्राधिकरण ने अभी तक निदान नहीं किया है। हमारी वर्षों से पुरानी आबादियों पर धारा 10 के नोटिस भेज कर लोगों को डराया व धमकाया जा रहा है, यह हमें किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं है। अगर प्राधिकरण किसानों के साथ खिलवाड़ करेगा तो आक्रोश ज्वाला बनकर फूटेगा। इस सब की जिम्मेदारी प्राधिकरण व शासन प्रशासन की होगी।
Greater Noida: घर खरीदारों ने रविवार को 42 वें सप्ताह भी प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में घर खरीदार एक एक जगह जमा हुए और सरकार से रजिस्ट्री जल्द शुरु करवाने और रुके प्रोजेक्ट के काम की शुरुआत की मांग की। नेफ़ोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा है कि अगर हमारी मांगों की इसी तरह अनदेखी की गई तो मजबूरी में अथॉरिटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि लगातार सरकार के सामने हम अपनी बात रखते रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने निराश हैं।

हर रविवार जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलन कर रहे योगेश देवगन, राजकुमार, समीर भारद्वाज, संजय साह, रोहित मिश्रा, रंजना भारद्वाज, अनुपमा मिश्रा, शशि रंजन कुमार, अनिल रात्रा, विभूति चौरसिया का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से हर रविवार को तब तक जारी रहेगा। जब तक घरों की रजिस्ट्री और पज़ेशन शुरु नहीं हो जाते। सरकार ने कहा था कि अमिताभ कांत कमेटी की सिफ़ारिशों पर अमल करेंगे। अब रिपोर्ट आ गई फिर क्यों देरी की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी कार्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
आंदोलन में लगातार शामिल हो रहे सुधांशु किशोर, ज्योति जायसवाल, शशि भूषण, पुरुषोत्तम, आशुतोष, आयोग, विकास जोशी, दिनकर पांडे, बिपिन प्रसाद, गंगेश कुमार, दीपक भटनागर, डॉ सुहैल ख़ान, मनीष, राकेश झा सहित कई घर ख़रीदारों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे को इतने समय से क्यों लटका रही है? सरकार को समस्या समाधान के लिए हमने तमाम उपाय भी सामने रखें, फिर भी कुछ होता नहीं दिख रहा है। अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के दफ़्तर पर भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने ज़रूर जाएंगे। इन प्रोजेक्ट के खरीदार प्रदर्शन में हुए शामिल विरोध प्रदर्शन में इको विलेज 1, इको विलेज 2, इको विलेज 3, आरसिटी रेजिंसी पार्क, अजनारा होम्स, कासा ग्रीन्स वन, ऐपेक्स गोल्फ एवेन्यू, एक्वा गार्डन, संस्कृति, यूनिटेक यनिवर्ल्ड सहित कई प्रोजेक्ट के घर ख़रीदारों शामिल हुए।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के जीरो पोइंट पर भारतीय किसान यूनियन के तीसरे दिन के धरने पर महिलाओं द्वारा पंचायत का संचालन किया गया। जिसकी अध्यक्षता श्रीमती पीतो प्रधानी याकूदपुर, संचालन अंशुल कसाना और सुरजीत कौर ने किया।
स्कूलों में 50 परसेंट कोटा किसानों के बच्चों को मिले
धरने को संबोधित करते हुए अंजु नागर ने कहा कि प्राधिकरण किसानों के साथ अन्याय कर रहा है और उनके हक नहीं दे रहा है। प्राधिकरण किसानों को 10% प्लॉट और 64, 7 का मुआवजा तुरंत वितरण कर दे, वरना धरना दिन रात चलता रहेगा। हम महिलाओं का पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा कि किसान के बच्चों को गौतम बुद्ध नगर के स्कूलों में 50 परसेंट का कोटा अनिवार्य होना चाहिए।
किसानों के लिए हॉस्पिटलों में ओपीडी फ्री हो
वहीं, सोनिका खटाना ने कहा गौतम बुद्ध नगर के युवाओं के लिए रोजगार मेले लगाने चाहिए। गांव की आबादियों का निस्तारण तुरंत कर देना चाहिए। जिन गांव के किसानों ने अपने गांव में आबादी में बनाया है, उन्हें यथा स्थिति छोड़ देना चाहिए। किसानों के लिए हॉस्पिटलों में ओपीडी फ्री होनी। जिन गांव का विस्थापन हो रहा है, उन गांवों को 100 मीटर प्लॉट कम से कम और ज्यादा से ज्यादा प्लॉट मिलना चाहिए। जहां पर विस्थापित गांव को बसाया जाए वहां पर सभी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
इन गांवों की महिलाएं धरने पर पहुंचीं
धरने पर तुगलपुर वाजिदपुर, चपरगढ़, जुनेदपुर, नगला हुकम सिंह, घरबार, अलीगढ़, झुप्पा, महमूदपुर गुर्जर, याकूदपुर, मोहियापुर, दलूपुरा, गुलावली, नवादा, दनकौर गांव की महिलाएं पहुंचकर समर्थन किया। भागीरथी, मैम्मबती, महेंद्री कृष्ण, धननी, गीता, सरोज, बसंती, सरिता, अनीता, पूनम, रीना, माया, बबली, बबीता, सानू, शीला, नीतू, सविता, मुनदर, विमला, कुसुम, गीता कृष्ण, ओमवती, जगवती, कविता, राजकला, शांति, बृजेश, महेश मोहरी, शकुंतला, सविता, संध्या, मंजू नागर, क्रांति भागीरथी, शारदा, मुनेश, रेखा, शकुंतला, प्रियंका खटाना, निर्मला खटाना, जगवती देवी, सुदेश, विमल, बर्फी, ज्योति, शकुंतला आदि सैकड़ो महिलाएं मौजूद रहीं।
Greater Noida: यमुना प्राधिकरण के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का आठवें दिन भी धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता धर्मपाल सिंह डेरीन एवं संचालन मास्टर तेजपाल सिंह नीमका ने किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा यमुना प्राधिकरण ने घोषणा की थी 15 अक्टूबर से किसानों को 64.7 % का मुआवजा वितरण किया जाएगा। लेकिन धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ। 21 अक्टूबर को होने वाली महापंचायत को लेकर गांव-गांव जाकर मीटिंग की जा रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान पहुंच सके। इस महापंचायत में चौधरी राकेश टिकैत भी मौजूद रहेंगे।
किसानों के साथ धोखा कर रहा प्राधिकरण
जिला अध्यक्ष रॉबिन नागर ने कहा कि प्राधिकरण किसानों के साथ धोखा कर रहा है। आज नीमका ,खाजपुर गांव के सैकड़ो किसान धरने पर समर्थन देने पहुंचे हैं, इनका भारतीय किसान यूनियन धन्यवाद देती है। उन्होंने कहा कि यमुना प्राधिकरण भोले वाले किसानों को बरगला रहा है। नोएडा इंटरनेशल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के किसानों के गांव के सर्वे के नाम पर धोखा हो रहा है। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा।
प्राधिकरण में अधिकारी और बिल्डर घोटाले कर रहे
जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं तीनों प्राधिकरण किसानों के कोई भी कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे किसान बहुत ज्यादा परेशान है। सरकार एवं प्राधिकरण सिर्फ अख़बारों में प्रकाशन कर देते हैं, हम बहुत अच्छे कार्य कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है, सिर्फ दिखावा है। किसी भी गांव एवं सेक्टर के दौरा अधिकारी नहीं करते, सिर्फ मन की बात चलती है। प्राधिकरण में अधिकारी एवं बिल्डर घोटाले पर घोटाले कर रहे हैं।
धरने पर ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर मटरू नागर अमित जैलदार सचिन कसाना इंद्रजीत कसाना महेश खटाना योगेश भाटी सोनू मुखिया भगत सिंह तुगलपुर बिरजू सिंह नीरज कुमार राजू चौहान प्रदीप कुमार सिंह महिपाल सिंह अमित डेढा अशोक पंडित जी नीरज कुमार सिंह रविंद्र चौहान राजेश शर्मा लखमीचंद मनोज सोनू सिंह राकेश मिस्त्री विजेंद्र बाबर इंद्रपाल शर्मा नानू सिंह सुभाष डालचंद योगेश राजू शर्मा सतीश प्रियांशु जयंती प्रसाद गोपाल सिंह रविंद्र चौधरी समयबीर सोनू ममूरा सचिन नागर पीतम नागर सुरेंद्र ढाक बेली भाटी सुरज नागर विनोद पंडित सरपंच बलजीत तुगलपुर राजपाल सिंह अमरपाल मास्टर विजयपाल दरोगा महेंद्र सिंह रविंद्र प्रधान गिरीश कुमार विनोद अजय जितेंद्र रविंदर नेता सुनील पीलवान बेगराज प्रधान धर्मपाल स्वामी शक्ति सिंह अजीत गैराठी शरीफ इंद्रीश तुगलपुर अरविंद लोहिया मोहियापुर आदि सैकड़ो किसान मौजूद रहे।
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसाइटियों में लाखों करोड़ों रुपये खर्च करके घर खरीदने वालों की समस्याएं कम होने नाम ही नहीं ले रही हैं। बिल्डरों की मनमानी की वजह से ऊंची-ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को झुग्गी-झोपड़ियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब एक पॉश सोसाइटी में पानी की किल्लत होने से लोग सड़क पर उतरकर विरोध करने पर मजबूर हुए।
बिल्डर के खिलाफ जताया आक्रोश
दरअसल, ग्रेटर नोएडा स्थित गौर सिटी 14 एवेन्यू रेजिडेंसी में पानी की किल्लत को लेकर लोगों ने सोमवार देर रात बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। सोसायटी के लोगों का गुस्सा बिल्डर के खिलाफ वाटर सप्लाई में कटौती को लेकर फूटा है। फ्लैटों से बाहर निकल कर सोसायटी के लोग सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।
बिल्डर ने वाटर बिल का नहीं किया भुगतान
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण को वॉटर बिल का भुगतान नहीं किया है। जिसके चलते हर रोज सोसायटी में पानी की किल्लत होती है। सोसायटी में पानी की कमी के चलते लोगों को ऑफिस जाने और बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कत हो रही है। साथ किचन में बर्तन धुलने और खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं उपलब्ध हो पा रहा है।
आए दिन होती है पानी की समस्या
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि 14 एवेन्यू में करीब 6 मोटर लगी हैं. इसके बावजूद पानी की दिक्कत हो रही है। जिस टावर के लोग शिकायत करते हैं, वहां की मोटर चलाकर सप्लाई की जाती है। बाकी अन्य टावरों में पानी की सप्लाई रोक दी जाती है। इसके चलते सोसायटी के लोग अक्सर ही बिल्डर और मेंटिनेंस डिपार्टमेंट में शिकायत करते हैं।
Greater Noida: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) 21 अक्टूबर यानि कल से ग्रेटर नोएडा में रहेंगे। ग्रेटर नोएडा में जीरो प्वाइंट पर चल रहे किसानों के धरना स्थल पर राकेश टिकैत एक महा पंचायत को संबोधित करेंगे। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि 21 अक्टूबर को किसानों का हल्ला बोल कार्यक्रम होगा। किसानों के हल्ला बोल कार्यक्रम के मंच से किसान नेता राकेश टिकैत अपने खास अंदाज में दहाड़ते हुए नजर आएंगे।

कल से किसानों का हल्ला-बोल
ग्रेटर नोएडा में किसान पिछले 12 दिन से जीरो प्वाइंट पर धरना दे रहे हैं। धरना दे रहे किसान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के किसानों की एक दर्जन से अधिक मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। जीरो पॉइंट पर चल रहे धरने के 12 वें दिन भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर अध्यक्ष मटरू नागर ने बताया कल होने वाली महापंचायत में भारी संख्या में किसान पहुंचने वाले हैं। किसानों की मांगों में मुआवजे से लेकर आबादी के प्लॉट तक की अनेक मांगें शामिल हैं। 12 दिन तक उनकी मांग न सुने जाने पर किसानों ने 21 अक्टूबर 2023 को हल्ला बोल कार्यक्रम की घोषणा की है।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर किसानों का धरना जारी है। आज किसानों के बीच किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत खुद ट्रैक्टर चलाकर किसानों के धरने के बीच पहुंचे।
प्राधिकरण और प्रशासन पर साधा निशाना
पिछले 13 दिनों से किसान ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर अपनी कई मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। किसानों का जोश और बढ़ गया, जब उनके बीच उनके नेता राकेश टिकैत पहुंचे। किसानों ने जोरशोर से राकेश टिकैत का स्वागत किया। जिसके बाद राकेश टिकैत ने प्राधिकरण और प्रशासन पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने प्राधिकरण पर कई आरोप लगाए। राकेश टिकैत ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारी किसानों की बात नहीं सुन रहे हैं। लेकिन उनको किसानों की बात सुननी पड़ेगी।
जमीन पर पहले किसानों का हक- टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि प्राधिकरण के अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं। जबकि यहां की जमीन पर पहले किसानों का हक है, ना कि प्राधिकरण का। इसलिए प्रशासन और प्राधिकरण को किसानों की बात सुननी पड़ेगी।
'अफसर बैठकर सुने किसानों की मांग'
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की जमीन एयरपोर्ट में जा रही है। कई किसान ऐसे भी हैं, जिनके पास अब जमीन नहीं बची। राकेश टिकैत बोले अधिकारियों के पास तो कई मकान हैं लेकिन जिनकी जमीन जा रही है, वो अब बेघर हो रहे हैं। ऐसे में कलेक्टर, कमिश्नर और प्राधिकरण के अफसरों को बैठकर किसानों की बात सुननी चाहिए। जिससे किसान परेशान ना हो।
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