Noida: ग्रेट वैल्यू डेवलपर्स बिल्डर ने अब नोएडा प्राधिकरण के पास 71 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। इसके बाद 400 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, अभी तक बिल्डरों ने 113 करोड़ रुपये जमा किए हैं। यह रकम कुल बकाये का 25 प्रतिशत है। इसके एवज में करीब एक हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू हो गई है। गौरतलब है कि इससे पहले नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-77 के एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी में 50 रजिस्ट्री कराकर अभियान की शुरुआत की। प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने इस तरह की व्यवस्था के साथ लगातार रजिस्ट्री अभियान लगातार चलाने का आह्वान किया था।
इंदिरा गांधी कला केंद्र में रोजाना होगी रजिस्ट्री
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि सोमवार से इंदिरा गांधी कला केंद्र में रोजाना रजिस्ट्री होगी। यहां डेवलपर्स के अलावा फ्लैट खरीदारों को भी बुलाया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों से बातचीत कर रजिस्ट्री कराने की व्यवस्था की जाएगी। यहां रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
10 बिल्डर बुलाने पर भी नहीं आ रहे
बड़ी बात है कि शासन और प्राधिकरण की इतनी कवायद के बाद भी बड़े बिल्डर सामने नहीं आ रहे हैं। 10 बड़े बिल्डर प्राधिकरण के बुलाने पर भी नहीं आए। इन पर हजारों करोड़ का बकाया है। ऐसे बिल्डर अगर पैकेज साइन कर देते तो अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने का रास्ता साफ हो जाएगा. लेकिन बिल्डरों के न आने से फ्लैट खरीदार भी मायूस हुए हैं। बिल्डरों के संपर्क नहीं हो पा रहा है, ऐसे में प्राधिकरण इन पर कार्रवाई भी कर सकता है।
Noida: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर गौतम बुद्ध नगर में स्टांप राजस्व में वृद्धि करने एवं फ्लैट बायर्स के फ्लैटों की रजिस्ट्री करने को लेकर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में फ्लैट बायर्स और बिल्डर भी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित फ्लैट बायर्स फ्लैट बायर्स ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पूरी धनराशि भुगतान करने के बावजूद भी बिल्डर्स के द्वारा फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है। जिस पर डीएम ने संबंधित बिल्डर्स से जवाब मांगा। बिल्डर्स के द्वारा बताया गया कि प्राधिकरण से ओसी न मिल पाने के कारण फ्लैटो की रजिस्ट्री करने में विलंब हो रहा है।
ओसी प्राप्त होने फ्लैट्स की रजिस्ट्री कराएं
जिलाधिकारी ने सभी बिल्डर्स को कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से जिन फ्लेटों की रजिस्ट्री के लिए ओसी प्राप्त हो गई है, उनकी जल्द रजिस्ट्री कराए। अन्य फ्लैटों की ओसी प्राप्त करते हुए सभी फ्लैट बायर्स की फ्लैटों की रजिस्ट्री कराएं। इसके साथ ही बिल्डर्स को निर्देश दिए कि फ्लैट बायर्स का अनावश्यक रूप से शोषण न किया जाये। साथ ही बिल्डर्स एवं बायर्स से कहा कि आप अपनी समस्याएं स्टाम्प विभाग या हमारे सामने रख सकते हैं, ताकि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समस्याओं का निराकरण कराया जा सके।
कई सोसाइटियों की शिकायत पर भड़के डीएम
जिलाधिकारी ने बैठक में पारस टेयरा सेक्टर 137 नोएडा, पेन ओएसिस सेक्टर 70 नोएडा तथा नोएडा के लोटस ब्लू बर्ड बिल्डर्स, मैसर्स महागुण इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, मैसर्स मिक्सिंग ग्रीन मेनशन ग्रेटर नोएडा तथा मैसर्स लॉ रेजिडेंन्सिया ग्रेटर नोएडा की सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त होने पर आंवटियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के बिल्डर्स को कड़े निर्देश दिए।
फ्लैटों की रजिस्ट्री में लापरवाही करने वाले बिल्डर्स के विरुद्ध करें कार्रवाई
वहीं, जिलाधिकारी ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टांप राजस्व में अधिक से अधिक वृद्धि करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संज्ञान में आ रहा है कि बहुत से बिल्डर्स के द्वारा बिना रजिस्ट्री कराये ही फ्लैट बायर्स को कब्जा दे दिया गया है, जिससे काफी स्टांप राजस्व की हानि हो रही है। स्टांप विभाग के अधिकारी अभियान चलाकर ऐसे बिल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायें। ताकि ऐसे सभी बायर्स के फ्लेटों की रजिस्ट्री कराते हुए स्टांप राजस्व में वृद्धि की जा सके। साथ ही निर्देश दिए कि बिल्डर्स एवं फ्लैट बायर्स की समस्याओं को लेकर प्रत्येक माह बैठक कराई जाए एवं संबंधित बिल्डर्स की उपस्थिति भी सुनिश्चित कराई जाये।
न्याय की अपेक्षा में एनसीएलएटी कोर्ट की ओर टकटकी लगाये हुए सुपरटेक के 26000 घर खरीदारों के भविष्य का फैसला फिर एक सप्ताह के लिए टल गया है। नोएडा से नॉर्थ आई, इकोसिटी, रोमानो और केप टाउन, ग्रेटर नोएडा से इकोविलेज 1, इकोविलेज 3, स्पोर्ट्स विलेज, यमुना एक्सप्रेसवे से अपकंट्री, गुरुग्राम से अराविले और हिलटाउन और बेंगलुरु से मिकासा सहित सुपरटेक लिमिटेड की ग्यारह परियोजनाओं से 26 हजार से अधिक घर खरीदारों के एनसीएलएटी के आदेश के द्वारा नियुक्त अधिकृत प्रतिनिधियों (एआर) ने घर खरीदारों के अधिकार को बचाने के लिए अपना प्रार्थना दाखिल किया था। जिस पर आज सुनवाई होनी थी। लेकिन सुनवाई टल गई है।
सुपरटेक बिल्डर की प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने की मांग
यह NCLAT के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त आवेदन हैं। जिसमे 26000 से अधिक घर खरीदारों की सुपरटेक की प्रताड़ना से मुक्ति के प्रार्थना है। घर खरीदारों के प्रतिनिधिमंडल ने एनसीएलएटी के समक्ष आवेदन किया है। जिसमें एनसीएलएटी ने मांग कि है कि एनबीसीसी को घर खरीदारों के हित को ध्यान में रखते हुए समाधान प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दें। फोरेंसिक ऑडिट से एनबीसीसी को एक मजबूत योजना बनाने में मदद मिलेगी जो सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद होगी। एनबीसीसी को आम्रपाली में आने वाली समस्याओं से बचने में मदद मिलेगी। सुपरटेक लिमिटेड के प्रबंधन की भागीदारी को पूरी तरह से हटा दिया जाए। मौजूदा घर खरीदारों के लिए कोई लागत वृद्धि नहीं की जाए।
10 साल से लड़ रहे हक की लड़ाई
पिछले दस वर्षों से ये घर खरीदार अपने घर की लगभग पूरी राशि का भुगतान करने के बाद भी असहाय, बेघर हैं। जो लोग अपना घर प्राप्त करते हैं, वे खराब बुनियादी ढांचे और उचित सुरक्षा और सुविधाओं की कमी के तहत रहने वाले आंशिक रूप से निर्मित समाजों में अराजकता और कुप्रबंधन का शिकार हैं।
एनसीएलएटी कोर्ट में ये रहे मौजूद
एनसीएलएटी कोर्ट में होम बायर के प्रतिनिधियों में इको विलेज 3 से चेतन कपूर एवम् आयोग रस्तोगी, इको विलेज 1 से गौरव कपिल एवम् विजय चौहान, हिलटाउन से कपिल दत्त शर्मा, केप टाउन से अरुण जैन, स्पोर्ट्स विलेज से अचिन मजूमदार, रोमानो से विक्रांत वर्मा, अपकंट्री से कैलाश चंद्र, इकोसिटी से राकेश यादव एवम् ज्योति रानी (अधिवक्ता) उपस्थित रहे. सुनील मैथ्यू, आकाश गोयल एवम् राहुल पाराशर वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा सम्मिलित हुए।
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