NOIDA: गौतमबुद्ध नगर जिले के सेक्टर- 78 में बना वेद वन पार्क भारत का पहला थीम पार्क है, जो ऋषियों के लिए पूरी तरह से समर्पित है। यहां पर चारों वेदों की संपूर्ण जानकारी दी जाती है। जब से ये पार्क आम लोगों के खुला, तब से यहां पर हर दिन भारी भीड़ इस पार्क में घूमने पहुंचती है। अब ये पार्क करीब 10 दिन के लिए बंद रहेगा। हालांकि ये पार्क कब से कब तक बंद रहेगा, इसका फैसला प्राधिकरण के उच्च अफसर करेंगे।

मरम्मत कार्य के लिए बंद रहेगा पार्क
वेद वन पार्क इसी साल यानि जून 2023 में आम लोगों आम लोगों के लिए खोला गया। यहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि अधिक भीड़ आने के चलते पार्क में प्रबंधन ठीक से नहीं हो पा रहा है। पार्क में कुछ जगहों पर स्ट्रक्चर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भीड़ के चलते पार्क के मरम्मतीकरण का कार्य भी नहीं हो सकता है। जिसके चलते पार्क को अभी कुछ दिनों बंद करने का फैसला लिया गया है।

क्यों खास है वेद वन पार्क?
वेद वन पार्क सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है। यहां पर हर रोज रात को वाटर लेजर शो आयोजित किया जाता है। जिसमें चारों वेदों और पुराणों के बारे में जानकारी दी जाती है। इस पार्क को देखने नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ एनसीआर के दूसरे शहर से भी लोग पहुंचते हैं। वैसे अभी तक इस पार्क में निशुल्क एंट्री है, आने वाले समय में इस पार्क में दाखिल होने के लिए शुल्क भी देना पड़े।
Noida: शहर के 54 स्थानों पर सरफेस पार्किंग के लिए टेंडर जारी किया जाता है। लेकिन पिछले 10 महीने से विवाद के चलते टेंडर नहीं दिया जा सका। जिसके चलते अबतक राजस्व के करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। दरअसल, इन सभी पार्किंग से करीब 60 लाख रुपये हर महीने का राजस्व मिलता था। लेकिन एजेंसी का चयन नहीं हो पाने के चलते यहां पर निशुल्क पार्किंग मिल रही है। अभी भी पार्किंग का काम ठंडे बस्ते में है।
विवाद में फसा पार्किंग टेंडर
बीते अक्तूबर 2022 में सरफेस पार्किंग के पुराने ठेके की मियाद खत्म हो गई। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण की तरफ से टेंडर निकाला गया और एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करनी चाही। अब इस राह में मुश्किलें सामने आने लगी। कभी ठेकेदार के चयन में गड़बड़ी तो कभी ठेकेदारों के ही एक दूसरे के खिलाफ की गई शिकायत बाधक बनकर सामने आईं। आलम ये है कि तीन टेंडरों के मामले अभी कोर्ट में है। इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, दो टेंडरों के मामलों को इसलिए रोक लिया गया है कि जब फैसला होगा तो सभी का ठेका एक साथ दिया जाएगा।
Noida: नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक ने अधिकारियों के साथ बैठक के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य कार्यपालक ने नौएडा के सौन्दर्यकरणी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। 11⁄2 नोएडा में स्थित विभिन्न गोलचक्करों एवं तिकोनो पर माउण्डस बनाकर गाय, शेर, चिड़िया आदि के स्कल्पचर स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्य कार्यपालक ने 21⁄2 नोएडा में जहां आगन्तुकों का आवागमन अधिक रहता है, वहां पर विभिन्न प्रकार के फूलों के पौधों का रोपण करते हुये फ्लोरल क्लॉक बनाने और 31⁄2 के विभिन्न पार्कों नये फुटपाथ बनाने और ग्रास पेवर/ग्रेनाइट की टाइल्स लगाने के निर्देश दिए।
इन जगहों पर सुंदरीकरण के निर्देश दिए
41⁄2 नोएडा के क्षेत्रांगत 19 संख्यक अण्डरपासों पर किये गये पेन्टिंग मे सुधारने एवं नवनिर्मित अण्डरपास पर उच्च गुणवत्ता के साथ सुन्दर और अच्छी डिजाइन में पेंटिंग कराया जाए.
51⁄2 नोएडा क्षेत्र मे 82 संख्यक जक्शनों का सर्वे कराकर मुख्य-मुख्य जंक्शनों का उच्च गुणवत्ता के साथ सौन्दर्यकरण के निर्देश दिए।
61⁄2 विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ग्रेनाइट निर्मित स्टोन लेम्प, परगोला, स्तम्भ, तोप आदि लगायी जाये।
71⁄2 नोएडा के बड़े वेदवन पार्क, मेद्यदुतम पार्क, बायोडायवर्सिटी पार्क आदि मे टावर क्लॉक बनाये जाने के लिए निर्देशित किया
गया। 81⁄2 सेक्टर-18 मे एक मार्ग चिन्हित कर हैंगिंग अम्ब्रेला को विकसित कराया जाये और फुटपाथ एवं वाल पर रंगीन टाईल्स/ग्रेनाइट लगाए जाय।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अधिकांश पार्कों की स्थिति काफी बदहाल है। रख-रखाव के अभाव में पार्कों के अंदर की हालत बेहद ही खराब हो गई है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में स्थानी निवासी हरेंद्र भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने सेक्टर बीटा वन के पार्कों की हालत के बारे में बताया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को सौंपे गए पत्र में हरेंद्र भाटी ने लिखा कि, सेक्टर बीटा वन के पार्कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इन पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए 3 साल के लिए टेंडर लिए गए थे, जोकि 2022 से शुरू हुए तब से और अब तक किसी भी पार्क में खाद नहीं डाला गया है। जबकि पार्क में खाद समय-समय पर डलता है। इस कारण पार्कों की हाल पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है।
पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि इस संबंध में कई बार उद्यान विभाग के सीनियर मैनेजर नथोली से बात कर पार्कों की हालत को सुधारने के लिए कहा गया है। लेकिन इसके बाद भी उधान विभाग के ठेकेदार कार्य करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं।
इसके साथ ही स्थानी निवासी हरेंद्र भाटी ने आगे कहा कि, आपसे निवेदन है कि सेक्टर बीटा वन के पार्कों का निरीक्षण किया जाए। साथ ही इस दिशा में कोई जरूरी कदम भी उठाया जाए। ताकि सेक्टर बीटा वन के पार्कों की हालत में कुछ सुधार हो सके।
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