लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही चुनावी माहौल भी गर्म हो गया है। तो वहीं दूसरी ओर इस बार गौतमबुद्ध नगर में चुनावी रण बेहद दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि इस बार जहां बीजेपी ने डॉ. महेश शर्मा चुनाव मैदान में उतारा है तो वहीं सपा ने भी महेश को चुनौती देने के लिए गौतमबुद्ध नगर सीट से डॉ.महेंद्र नागर को मैदान में उतार दिया है। अब गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर दो डॉक्टरों की टक्कर होने वाली है। फिलहाल गौतमबुद्ध नगर से केवल समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने ही अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
कौन हैं डॉक्टर महेंद्र नागर?
आपको बता दें कि डॉ.महेंद्र नागर समाजवादी पार्टी से पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। वह काफी समय तक गौतमबुद्ध नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे थे लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले उन्होंने लखनऊ में समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। उन्होंने लखनऊ में जाकर अखिलेश यादव का हाथ पकड़ा था।
डॉक्टर महेंद्र नागर का विवादों से पुराना नाता
जानकारी के अनुसार डॉक्टर महेंद्र नागर का विवादों से पुराना नाता है। जब वह कांग्रेस में थे तो वह लंबे समय तक विवादों में भी रहे थे। हालांकि, उसके बावजूद भी कांग्रेस ने उनको जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। महेंद्र नागर काफी पुराने नेता हैं। बताया जाता है कि गुर्जर समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। कांग्रेस में उनके खिलाफ काफी गलत गतिविधियों होने लगी थी, जिसकी वजह से उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था।
क्या इस बार गौतमबुद्धनगर सीट से जीतेगी सपा ?
फिलहाल अगर बात करें दोनों प्रत्याशियों की तो भाजपा ने चौथी बार अपने मौजूदा सांसद डॉ. महेश शर्मा पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। डॉ. महेश शर्मा साल 2014 और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। यदि इस बार भी वह गौतमबुद्धनगर सीट से जीतते हैं तो उनकी हैट्रिक होगी। दिल्ली से सटी यह सीट बसपा सुप्रीमो मायावती का गृहनगर भी है। कुछ वर्षों पहले तक इस सीट पर बसपा का दबदबा था लेकिन धीरे-धीरे उसका दबदबा जाता रहा। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट 2009 में बनी थी। गठबंधन के तहत गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट सपा के खाते में थी। इस सीट पर सपा पहली बार कांग्रेस के साथ चुनाव मैदान में है। इस सीट से अभी तक एक बार भी सपा और कांग्रेस अपनी जीत दर्ज नहीं करा सकी है।
लोकसभा चुनाव का रण तैयार है। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी बिसातें भी बिछा ली हैं। वहीं एक पार्टी ऐसी हैं जिसको या तो खुद के गहन मंथन और विचार के बाद घोषित किए उम्मीदवार पर या तो भरोसा नहीं है या फिर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही गुटबाजी का शिकार हो गए हैं। जहां लोकसभा चुनाव की नजरों से देखा जाए तो गौतमबुद्ध नगर सीट एक अहम सीट मानी जाती है। तो वहीं दूसरी ओर सपा इस सीट को या तो हल्के में ले रही है या फिर इस सीट से पार्टी इस बार भी हार का पताका लहराना चाहती है। साफ तौर पर देखा जाए तो पार्टी में मौजूद कद्दावर नेता भी यहां से घोषित उम्मीदवार राहुल अवाना के साथ दिखाई नहीं दे रहे हैं। तो ऐसे में इसका नतीजा क्या होगा ये आप समझ ही गए होंगे।
स्वागत कार्यक्रम से नदारद रहे पार्टी के कद्दावर नेता
दरअसल सपा प्रत्याशी राहुल अवाना को अपने चुनावी अभियान की गुरुवार से ही शुरूआत करनी थी। इस कारण उन्होंने नोएडा से दिल्ली की सीमा में जाकर यू-टर्न लिया और डीएनडी टोल प्लाजा पर स्वागत का कार्यक्रम रखा। वहीं नोएडा से प्रत्याशी बनने पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक और गाड़ियों का काफिला इस स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुआ, लेकिन इस काफिले में सपा का एक भी वरिष्ठ और कद्दावर नेता राहुल अवाना के साथ मंच पर नहीं दिखा। देखा जाए तो राहुल की क्षेत्र और युवाओं के बीच काफी बेहतरीन पकड़ हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर पार्टी की अपने ही प्रत्याशी से दूरी दबे शब्दों में कुछ और ही बयां कर रही है। वहीं जिस तरह से इस कार्यक्रम की पूरे क्षेत्र में चर्चा रही तो साथ ही इस बात की चर्चा खूब हो रही है कि मंच पर कोई बड़ा नेता क्यों नहीं मौजूद था।
राहुल की कैसे होगी जीत जब पार्टी ही नहीं है साथ
आपको बता दें कि पार्टी ने पहले डॉक्टर महेंद्र नागर को 16 मार्च को गौतमबुद्ध नगर सीट से प्रत्याशी घोषित किया। इसके तीन दिन बाद ही पार्टी ने अपना फैसला बदल कर नागर की जगह युवा नेता राहुल अवाना को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं अब जब इस युवा को पार्टी के सभी कद्दावर नेताओं का पूरा-पूरा सहयोग मिलना चाहिए था तो वो कोई भी नहीं था। अपने प्रत्याशी के पहले चुनावी कार्यक्रम में नोएडा के समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, नोएडा सपा के महासचिव विकास यादव, पार्टी के पुराने नेता और नोएडा सपा के पूर्व अध्यक्ष बीर सिंह यादव यहां तक कि नोएडा में सपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़े सुनील चौधरी भी इस कार्यक्रम से नदारद रहे। देखा जाए तो इससे साफ दिखाई दे रहा है कि पार्टी किसी गुटबाजी का शिकार है। अब देखना होगा कि पार्टी की अपने ही प्रत्याशी से इतनी बेरुखी उसे अर्श पर ले जाती है या फिर फर्श पर लाकर पटक देती है।
लोकसभा चुनावों को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पार्टियों ने गहन मंथन और विचार के बाद उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं। जो कि अपनी-अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए इस युद्ध में उतर भी पड़े हैं। वहीं अगर हम सपा की बात करें तो ऐसा लगता है कि लोकसभा चुनाव की सबसे अहम गौतमबुद्ध नगर सीट को लेकर पार्टी में अभी भी संशय बना हुआ है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो ये कहना गलत नहीं होगा कि सपा प्रत्याशी राहुल अवाना का टिकट गौतमबुद्ध नगर सीट से कट सकता है। जिसकी वजह साफ है कि प्रत्याशी के पहले चुनावी अभियान की शुरूआत में डीएनडी टोल प्लाजा पर एक भी पार्टी का कद्दावर नेता नजर नहीं आया। तो इसे पार्टी की बेरुखी कहा जाए, गुटबाजी कहा जाए या फिर ये माना जाए कि सपा एक बार फिर अपनी लिस्ट संशोधित कर सकती है।
क्या राहुल को नहीं मिलेगा पार्टी का साथ
कहते हैं सत्ता की गद्दी पर वो ही बैठता है। जिसके साथ जनता और पार्टी दोनों का साथ हो, लेकिन सपा प्रत्याशी राहुल अवाना को देखकर ऐसा लगता है कि उनके पास जनता का साथ तो है, मगर शायद पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं की आंखों में तिनके की तरह चुभ रहे हैं। जिसका कारण हैं कि सपा प्रत्याशी राहुल अवाना के पहले चुनावी अभियान में कोई भी बड़ा नेता मौजूद नहीं था, या प्रत्याशी बनने की खुशी में राहुल अवाना फूले नहीं समाए और जल्दबाजी में प्रत्याशी बनने के अगले ही दिन इसका जलसा शुरू कर दिया। ऐसे में अगर राहुल का टिकट कट जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है, मगर टिकट कटने के बाद क्या दूसरी पार्टियां इस बात को अपने चुनावी प्रचार में नहीं उठाएंगी कि पार्टी में गुटबाजी हो रही है। बार-बार एक ही सीट से प्रत्याशी बदला जा रहा है।
क्या डूब जाएगी राहुल की भी नैया
आपको बता दें कि पार्टी ने पहले डॉक्टर महेंद्र नागर को 16 मार्च को गौतमबुद्ध नगर सीट से प्रत्याशी घोषित किया। इसके तीन दिन बाद ही पार्टी ने अपना फैसला बदल कर नागर की जगह युवा नेता राहुल अवाना को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं अब जब इस युवा को पार्टी के सभी कद्दावर नेताओं का पूरा-पूरा सहयोग मिलना चाहिए था तो वो कोई भी नहीं था। अपने प्रत्याशी के पहले चुनावी कार्यक्रम में नोएडा के समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, नोएडा सपा के महासचिव विकास यादव, पार्टी के पुराने नेता और नोएडा सपा के पूर्व अध्यक्ष बीर सिंह यादव यहां तक कि नोएडा में सपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़े सुनील चौधरी भी इस कार्यक्रम से नदारद रहे।
क्या इस बार गौतमबुद्ध नगर से हारेगी सपा
देखा जाए तो इससे साफ दिखाई दे रहा है कि पार्टी किसी गुटबाजी का शिकार है। अब देखना होगा कि पार्टी की अपने ही प्रत्याशी से इतनी बेरुखी उसे अर्श पर ले जाती है या फिर फर्श पर लाकर पटक देती है। वहीं अगर एक बार फिर गौतमबुद्ध नगर सीट से प्रत्याशी बदला गया तो प्रत्याशी की तो हंसी उड़ेगी ही साथ ही पार्टी की अनबन और गुटबाजी भी सरे बाजार आ जाएगी। जिससे पार्टी की भी हंसी उड़ेगी। इन सब बातों के बाद एक और बड़ा सवाल ये खड़ा हो जाएगा कि जिस पार्टी को अपने ही प्रत्याशी पर भरोसा नहीं है, जनता भला उस पर कैसे भरोसा करेगी।
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट सपा के लिए गले की हड्डी बन गई है। सपा के कद्दावर नेताओं ने इस सीट पर एक बार फिर से अपना फैसला बदल कर वापस महेंद्र नागर को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी डॉ महेंद्र नागर व INDIA गठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में मजबूती से लोकसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने का दावा किया गया।
डॉक्टर महेंद्र नागर दोबारा प्रत्याशी घोषित
दरअसल गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने पहले डॉक्टर महेंद्र नागर को प्रत्याशी घोषित किया था। जिसके बाद समाजवादी पार्टी ने डॉ. महेंद्र नागर की जगह राहुल अवाना को प्रत्याशी घोषित कर दिया। राहुल अवाना की घोषणा के बाद जिले के शीर्ष नेताओं ने लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से प्रत्याशी बदलने की गुहार लगाई। लगभग एक सप्ताह तक चली तनातनी के बाद अब कहीं जाकर असमंजस की स्थिति खत्म हो गयी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट से डॉक्टर महेंद्र नागर को दोबारा प्रत्याशी घोषित कर दिया है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में हुई प्रेस वार्ता में डॉक्टर महेंद्र नागर के साथ पहले टिकट घोषित हो चुके प्रत्याशी राहुल अवाना भी मौजूद रहे। जहां पर दोनों ने राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले का सम्मान करते हुए मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
"पार्टी में प्रत्याशी बदले जाने को लेकर अब कोई मतभेद नहीं"
इस दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र नागर ने कहा 'कि पार्टी में प्रत्याशी बदले जाने को लेकर अब कोई मतभेद नहीं है। पूरी पार्टी और इंडिया गठबंधन एक साथ लोकसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ जीत दर्ज करेगा।' उन्होंने कहा 'कि गौतम बुद्ध नगर में भाजपा की सरकार में किसानों की समस्याओं को हल नहीं किया जा रहा है। गौतम बुद्ध नगर में तीनों प्राधिकरण और एनटीपीसी पर किसान कई सालों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसके साथ ही महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले छुट्टा लवारिस जानवर को लेकर सरकार ने अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया है।'
महेंद्र सिंह नागर 1999 से राजनीति में सक्रिय
महेंद्र सिंह नागर एक योग्य डॉक्टर हैं और 1999 से राजनीति में सक्रिय हैं. कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले नागर 2022 में सपा में शामिल हो गए थे. वह जमीनी स्तर से जुड़े नेता रहे हैं. महेंद्र नागर ने 2006 से 2016 तक गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया था. वह मिलख लाच्छि गांव के रहने वाले हैं और गुर्जर समाज से आते हैं.
GautamBuddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर लोकसभा चुनाव को लेकर सोमवार को सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र सिंह नागर ने अपना नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान उन्होंने एक हलफनामा भी दिया है. कहा जा रहा है कि जिसमें उनकी संपत्ति का ब्यौरा है. हलफनामा के मुताबिक, सपा प्रत्याशी नागर पर कुल संपत्ति 8 करोड़ 76 लाख 73 हजार 194 रुपये है. साथ ही एक मुकदमे का भी जिक्र किया गया है.
सपा प्रत्याशी ने किया नामांकन दाखिल
दरअसल, सपा-कांग्रेस के गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर डॉ. महेंद्र नागर चुनाव लड़ रहे हैं. इसी के चलते सोमवार को उन्होंने सुरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। उनका प्रस्ताव सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने किया. महेंद्र नागर रिटर्निंग ऑफिसर जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के सामने कलेक्टर पहुंचे और फिर उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया.
जनसभा को किया संबोधित
इस दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र नागर ने एक जनसभा का भी आयोजन किया. जहां उन्होंने किसानों के आबादी और फ़्लैट रजिस्ट्री मुद्दों को लेकर बात की. यहीं उनका चुनावी मुद्दा भी है. बता दें कि, नामांकन प्रक्रिया 4 अप्रैल तक जारी रहेगी. 5 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 8 अप्रैल नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन होगा. 26 अप्रैल को मतदान होगा. 4 जून को मतगणना सम्पन्न होगी.
महेंद्र सिंह नागर 1999 से राजनीति में सक्रिय
महेंद्र सिंह नागर एक योग्य डॉक्टर हैं और 1999 से राजनीति में सक्रिय हैं. कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले नागर 2022 में सपा में शामिल हो गए थे. वह जमीनी स्तर से जुड़े नेता रहे हैं. महेंद्र नागर ने 2006 से 2016 तक गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया था. वह मिलख लाच्छि गांव के रहने वाले हैं और गुर्जर समाज से आते हैं.
लोकसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। जिसको लेकर सभी पार्टियों ने भी अपनी कमर कस ली है और रणनीतियों को लेकर आए दिन बैठकें भी की जा रही हैं। इसी के तहत आज भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी गौतमबुद्ध नगर कमेटी की पार्टी कार्यालय सेक्टर 8 कार्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में माकपा ने गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन से सपा प्रत्याशी डॉक्टर महेंद्र सिंह नागर का समर्थन करने का निर्णय लिया।
'भाजपा सांसद का क्षेत्र की जनता के दुख-दर्द से कोई लेना देना नहीं'
वहीं बैठक की जानकारी देते हुए पार्टी जिला सचिव डॉक्टर रुपेश वर्मा ने बताया 'कि बैठक में लोकसभा चुनाव 2024 पर विस्तार से चर्चा की गई। भाजपा सांसद महेश शर्मा का क्षेत्र की जनता के दुख-दर्द से कोई लेना देना नहीं रहा। क्षेत्र के मजदूर किसान लगातार अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मजदूरों, किसानों की समस्याओं का समाधान करने की बजाय मजदूर किसानों का दमन किया गया और सांसद महेश शर्मा जी खामोश बैठे रहे। इस लोक सभा चुनाव में भाजपा ने फिर डॉक्टर महेश शर्मा को उम्मीदवार बनाया है जिसे क्षेत्र की जनता के हित में हराना बहुत जरूरी है इसके लिए हमारी पार्टी ने पूरे लोकसभा क्षेत्र में व्यापक प्रचार व जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया है और पार्टी मजदूरों, किसानों, महिलाओं, युवाओं से भाजपा प्रत्याशी को हराने और इंडिया गठबंधन से सपा प्रत्याशी डॉक्टर महेंद्र सिंह नागर को जिताने की अपील करेगी।'
'सरकार द्वारा विपक्ष को कुचलने की व्यवस्थित तरीके से कोशिश की गई'
सीपीएम दिल्ली राज्य सचिव कामरेड के.एम. तिवारी ने कहा 'कि मोदी सरकार ने 10 साल में देश में जनतंत्र और जनतांत्रिक अधिकारों पर अभूतपूर्व हमला हुआ है। संसद में विपक्ष की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है लेकिन मोदी सरकार द्वारा विपक्ष को कुचलने की व्यवस्थित तरीके से कोशिश की गई है। मोदी सरकार और भाजपा का लक्ष्य समूचे विपक्ष को कुचलकर एक दलीय तानाशाही व्यवस्था कायम करना है।'
'सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी'
सीपीआई(एम) जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा 'कि भाजपा सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र का अंधाधुंध निजीकरण कर रही है, सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है, जनकल्याणकारी योजनाओं का बजट घटाया जा रहा है व सब्सिडी खत्म की जा रही है, बड़ी संख्या में छोटे उद्योग और कारोबार बंद हुए हैं, सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं और उन पर भर्तियां करने के बजाय उन्हें खत्म किया जा रहा है, अल्पसंख्यकों, दलितों व महिलाओं पर हिंसा व अपराध बढ़े हैं और श्रम कानून को खत्म कर मजदूरों को फिर से गुलामी की तरफ धकेलने का प्रयास किया जा रहा है।'
बैठक में मौजूद रहे नेता
बैठक में जिला कमेटी के नेता भीखू प्रसाद, नरेंद्र पांडे, रामसागर, आशा यादव, लता सिंह, चंदा बेगम, राम स्वारथ समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लोकसभा का चुनावी रण तैयार हो चुका है। 19 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव 2024 के लिए हर पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। 7 चरणों में होने वाले आम चुनावों के लिए प्रत्याशियों के नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोगों का अभिवादन स्वीकारते हुए नामांकन कर रहे हैं। बीजेपी से महेश शर्मा, सपा-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार महेंद्र नागर हैं तो बसपा ने राजेंद्र सोलंकी को मैदान में उतारा है। वहीं गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट की तीनों पार्टियों के प्रत्याशी धरातल यानी फील्ड पर तो खूब जोर शोर से लोगों से समर्थन मांग रहे हैं लेकिन ये सोशल मीडिया का युग है। क्या सोशल मीडिया पर भी इन प्रत्याशियों की पकड़ इतनी ही मजबूत है आइए जानते हैं।
डॉ. महेश शर्मा सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर काफी एक्टिव
बीजेपी प्रत्याशी डॉक्टर महेश शर्मा की बात करें तो इनके फेसबुक अकाउंट में 2 मिलियन फॉलोवर हैं। साथ ही इनका फेसबुक अकाउंट हर मिनट अपडेट भी किया जाता है। इनके फेसबुक अकाउंट में इनके हर दिन की रैलियों की जानकारी होती है। साथ ही इनका फेसबुक अकाउंट जनसंपर्क और रैलियों की तस्वीरों से भरा पड़ा है। डॉ. महेश शर्मा बाकी प्रत्याशियों से ज्यादा सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। देखा जाए तो सोशल मीडिया पर डॉ. महेश शर्मा की अच्छी पकड़ है। वहीं बात करें सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी महेंद्र नागर की तो इनके फेसबुक अकाउंट में केवल 12 हजार फॉलोवर है। इनका फेसबुक पेज मार्च 2016 में बनाया गया था लेकिन फेसबुक पर महेंद्र नागर काफी एक्टिव नहीं हैं ये तो साफ है। वहीं बात करें बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी की तो फेसबुक पर ये बिल्कुल फिसड्डी हैं। जहां तक फ्रेंड्स की बात करें तो इनके फेसबुक पर 4.8Kफ्रेंड्स हैं और 11 फरवरी के बाद से इनका ये अकाउंट एक बार भी अपडेट नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया एक्स पर भी डॉ. महेश शर्मा ने मारी बाजी
सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर वर्तमान में एक्स की बात करें तो डॉक्टर महेश शर्मा के एक्स पर 277.5K फॉलोवर हैं और इस अकाउंट को समय-समय पर अपडेट किया जाता है। जिससे प्रत्याशी की हर जानकारी जनता तक आसानी से पहुंच सके। देखा जाए तो यहां पर भी डॉक्टर महेश शर्मा ने बाजी मार ली है और बाकी दोनों प्रत्याशी इस रेस में उनसे काफी पीछे हैं। वहीं बात करें सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी महेंद्र नागर की तो इनके एक्स पर 2402 फॉलोवर हैं। इनका ये अकाउंट भी फेसबुक की तरह घंटों में अपडेट होता है। यहां पर भी महेंद्र नागर काफी एक्टिव नहीं हैं। वहीं बात करें बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी की तो इनका एक्स पर हाल फेसबुक से भी बुरा है। इन्होंने मार्च 2024 में ही एक्स पर अकाउंट बनाया है। इस अकाउंट पर इनके मात्र 202 फॉलोवर ही मौजूद हैं। वहीं इस अकाउंट का हाल इनके फेसबुक अकाउंट से बेहतर है इनका फेसबुक अकाउंट 11 फरवरी से अपडेट नहीं हुआ तो इस अकाउंट को 5 अप्रैल को आखिरी बार अपडेट किया गया है।
क्या सोशल मीडिया से दोस्ती दिला पाएगी डॉ. शर्मा को जीत
वहीं देखा जाए ये दौर ऐसा है जहां छोटे बच्चों से लेकर बड़ों सबके हाथ में और कुछ हो ना हो मोबाइल फोन जरूर मौजूद होता है। फॉलोवर के मामले में तो डॉक्टर महेश शर्मा हर प्लेटफॉर्म पर आगे हैं कहीं ऐसा ना हो कि बाकी प्रत्याशियों की सोशल मीडिया से बेरुखी इनकी हार का सबब बन जाए और महेश शर्मा जीत की हैट्रिक लगाते हुए दौड़ में सबसे आगे निकल जाएं।
लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण की वोटिंग खत्म हो चुकी है। इसके साथ ही वोटरों ने सभी राजनीतिक दलों की किस्मत का फैसला कर दिया है। जिसका रिजल्ट आने में अभी कुछ समय है। तो वहीं दूसरी ओर आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गौतमबुद्ध नगर लोकसभा के सिकंदराबाद विधानसभा पहुंचे। इस दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार डॉक्टर महेंद्र नागर के पक्ष में वोट मांगें। इसके साथ ही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जुबानी हमला किया है। उन्होंने कहा- ‘…बीजेपी के पहले दिन का पहला शो ही फ्लॉप हो गया. पहले चरण की हवा और पश्चिमी की हवा बीजेपी का पूरे यूपी और देश में सफाया करेगी.’
‘गाजियाबाद से गाजीपुर तक भाजपा का सफाया होने जा रहा है’
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि गठबंधन देश की मिली जुली संस्कृति की पहचान, किसानों की आवाज है. नौजवानों को रोजगार दिलाने की आवाज है। भाजपा सभी भ्रष्टाचारियों की गोदाम बनी हुई है। भाजपा कार्यकर्ता विकास की बात नहीं कर रहे, वे सिर्फ प्रचार कर रहे हैं. गाजियाबाद से गाजीपुर तक भाजपा का सफाया होने जा रहा है. गठबंधन में केवल कांग्रेसी हीं नहीं बल्कि ‘आप’ पार्टी भी साथ आ गई है. देश के चुनाव में गठबंधन ने तय किया है कि किसानों के लिए एमएसपी का लाभ मिलेगा. नौजवानों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाए.
सोशल मीडिया एक्स के पोस्ट से भी बीजेपी पर निकाली भड़ास
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा- भाजपा का पहले दिन, पहला शो फ़्लाप हो गया है. जनता को अब न भाजपाइयों की अदाकारी अच्छी लग रही है, न कहानी, न घिसे-पिटे डॉयलॉग्स. भाजपा की खिड़की खाली है. देश की जागरूक जनता को अपने नये भविष्य को चुनने के लिए अग्रिम बधाई और जिन समाजों ने परंपरा से हटके इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों को खुलकर समर्थन व वोट दिया है और लगातार दे रहे हैं, उन सभी की नई राजनीतिक चेतना को नमन.
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