उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है। प्रशासन ने ऐसा मोहर्रम के चलते किया है। उदय प्रताप सिंह को उनके कुंडा के भदरी महल में तीन दिनों के लिए नजरबंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोमवार की सुबह की गई।
मोहर्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए किया गया नजरबंद
विधायक राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह को पुलिस ने उनके कुंडा के भदरी महल में मोहर्रम तक नजरबंद कर दिया है। प्रतापगढ़ पुलिस लगातार मोहर्रम को सकुशल और बिना किसी मतभेद के संपन्न कराने को लेकर सक्रिय है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजा भैया के पिता शेखपुर गांव में ताजिया के रास्ते हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन भंडारा करने वाले हैं, इसकी चर्चा थी। जिसको लेकर ऐलान किया गया था कि मोहर्रम पर ताजिया जुलूस के दौरान बंदर की मौत हुई थी, जिसकी बरसी पर भंडारे का आयोजन होगा। साथ ही वो अपने समर्थकों संग मंदिर पर पूजा- पाठ का आयोजन करते हैं। जिसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम और सीओ बड़ी संख्या में फोर्स के साथ भदरी कोठी पहुंचे और उदय प्रताप सिंह को नजरबंद कर दिया। गेट पर बड़ी संख्या में फोर्स लगाई गई है।
हर साल बढ़ जाता है तनाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2012 में मोहर्रम के दौरान एक बंदर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद वहां पर हनुमान मंदिर बनवा दिया गया। जिसकी बरसी के आयोजन की चर्चा थी। आपको बता दें, ताजिये के रास्ते में गतिविधियों से कुंडा में हर साल सांप्रदायिक तनाव बढ़ जाता है। पीस कमेटी की मीटिंग में प्रतापगढ़ के डीएम और एसपी ने सांप्रदायिक तनाव न बढ़ाने की अपील की भी थी।
‘जो मुसलमानों का विरोध करे उसे कर लोग गिरफ्तार’
गिरफ्तारी के बाद उदय प्रताप सिंह ने ट्वीट किया- इसका समाधान प्रशासन ने निकाल लिया है जो मुसलमानों का विरोध करे उसको अरेस्ट कर लो, जैसे की हमको सुबह से किए हुए हैं। प्रशासन ने हिंदुओं का बहुत सालों से चलता आ रहा भंडारा शेखपुर में नई प्रथा बताकर बंद कर दिया, किंतु मझिलगांव में सड़क के आरपार मुसलमानों के नए सिरे से गेट लगाने पर रोक नहीं लगा रहे हैं। उसके नीचे से हिंदुओं को भी जाना पड़ता है।
लोकसभा चुनाव के चार चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है। अब पांचवें चरण की टक्कर शुरू हो गई है। वहीं यूपी में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के मुखिया राजा भैया ने लोगों से अपील की है, कि लोग अपनी पसंद और विवेक के अनुसार मतदान करें। राजा भैया ने लोकसभा चुनाव में किसी भी दल को समर्थन न देने का ऐलान किया है। राजा भैया के इस ऐलान को कौशांबी में बीजेपी के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। आपको बता दें कि इस ऐलान से पहले कौशांबी से बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा सांसद विनोद सोनकर व केंद्रीय मंत्री संजीव बलियान ने बेंती में कुंडा कोठी पहुंचकर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से मुलाकात की थी।
सपा ने पुष्पेंद्र को बनाया अपना उम्मीदवार
वहीं अगर बात करें कौशांबी लोकसभा सीट की तो सपा ने यहां से पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पुष्पेंद्र को राजनीति के खेल का नया खिलाड़ी कहा जा रहा है। एक तरह से कह सकते है कि पुष्पेंद्र का सक्रिय राजनीति एंट्री हो रही है। माना जाता है सपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज के सियासी जमीन को देखते हुए पुष्पेंद्र को टिकट दिया है। इंद्रजीत कई चुनाव लड़ चुके हैं, सियासी दांव पेंच और समीकरण सेट करने का उनके पास अच्छा खासा अनुभव भी है।
कौशांबी लोकसभा सीट का सियासी गणित
प्रतापगढ़ तक फैला कौशांबी निर्वाचन क्षेत्र 2008 में अस्तित्व में आया था। कौशांबी लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट का गठन प्रतापगढ़ जिले की दो विधानसभाओं और कौशांबी जिले को मिलाकर वर्ष 2008 में किया गया था। फिलहाल यहां से बीजेपी के विनोद कुमार सोनकर सांसद हैं लेकिन सीट पर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ का काफी राजनीतिक दखल है। यहां पहली बार वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव हुए थे और समाजवादी पार्टी के शैलेन्द्र कुमार सांसद बने थे। इसके बाद 2014 के चुनाव में बीजेपी से विनोद कुमार सोनकर उतरे। मोदी लहर में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के शैलेन्द्र कुमार पासी को 42,900 वोटों से पराजित कर विजयी बने। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने विनोद सोनकर पर फिर भरोसा जताया और उन्हें उम्मीदवार घोषित किया। विनोद सोनकर ने 3.83 लाख वोट पाकर चुनाव जीत लिया है। सपा के इंद्रजीत सरोज 3.44 लाख वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। लेकिन सपा और भाजपा की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भाजपा नेताओं ने अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मुरादाबाद के दौरे पर पहुंच रहे हैं।
बेरोजगारों को नियुक्ति पत्र के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे सीएम
सीएम योगी मुरादाबाद के आर्यभट्ट इंटरनेशनल स्कूल में बेरोजगारों को नियुक्तिपत्र देने के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। वहीं, पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जीत का मंत्र भी देंगे। बता दें कि भाजपा नेता रामवीर सिंह और दिनेश सिंह कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेता कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में टिकट की दावेदारी पेश कर रहे हैं। इसी प्रकार अन्य नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। बता दें कि सपा विधायक जियाउर रहमान इस सीट से समाजवादी पार्टी से विधायक थे, जो लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए हैं। जिसकी वजह से यह सीट खाली है और यहां उपचुनाव है।
जियाउर रहमान वर्क के सांसद बनने से सीट खाली
गौरतलब है कि कुंदरकी सीट संभल लोकसभा में आती है। यहां से सपा के जियाउर रहमान वर्क विधायक थे। 60 फीसदी मुस्लिम बाहुल्य वाली इस सीट पर जीत भाजपा के लिए कड़ी चुनौती है। क्यों कि कुंदरकी सीट पर 2007 का चुनाव छोड़ दें तो 2002 से समाजवादी पार्टी का कब्जा है। यहां मुस्लिम दलित वोटर निर्णायक भू्मिका में हैं।
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