लोकसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। जिसके तहत देश भर में कुल सात चरणों में चुनाव करवाए जाएंगे। इस दौरान सीईसी राजीव कुमार ने कहा 'कि आम चुनाव 7 चरणों में होगा, पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी। दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल को होगी, जबकि तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई, चौथे चरण की वोटिंग 13 मई को, पांचवें चरण की वोटिंग 20 मई को, छठे चरण का मतदान 25 मई को और सातवें चरण की वोटिंग 1 जून को होगी। वहीं मतगणना 4 जून को होगी।
गंदी डिजिटल यादें बनाने से बचें- सीईसी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'कि मुंह से जो भी निकलता है, वो डिजिटल तौर पर हमेशा के लिए रिकॉर्ड हो जाता है और बार-बार चलता रहता है। तो कृपया खराब शब्दों की गंदी डिजिटल यादें बनाने से बचें, क्योंकि एक बार जब लड़ाई-झगड़ा होता है, तो प्रेम का धागा टूट जाता है, और जब यह टूट जाता है, तो बड़ी मुश्किल होती है।' इसके बाद उन्होंने रहीम का दोहा सुनाया -
रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय,
टूटे से फिर न मिले, मिले गाँठ परिजाय.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा 'कि ऐसी गांठ हमें क्यों बांधनी है, थोड़ा प्यार और मोहब्ब्त के साथ कैंपेनिंग करें।'
सीईसी राजीव कुमार का शायराना अंदाज
वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का शायराना अंदाज भी नजर आया। सीईसी राजीव कुमार ने राजनीतिक दलों से गुजारिश करते हुए कहा 'कि कैंपेन के दौरान पर्सनल अटैक से बचें और डेकोरम को मेंटेन रखें।' इसके बाद उन्होंने उर्दू अदब के अदब के मशहूर शायर बशीर बद्र का शेर सुनाया….
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
इसके आगे राजीव कुमार ने आगे कहा 'कि आजकल जल्दी-जल्दी दोस्त और दुश्मन बनने की प्रक्रिया थोड़ा ज्यादा चल रही है। तो पार्टियां इतना गंदा ना बोलें कि वो एक-दूसरे दुश्मन बन जाएं और आगे कुछ ना हो।'
ईवीएम में खामी निकालने वालों पर किया कटाक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में सीईसी राजीव कुमार ने ईवीएम पर भी बात की और जो लोग ईवीएम में खामी निकालते हैं, उन पर कटाक्ष करते हुए कहा-
अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं,
वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की कहते हो.
इन लाइनों को सुनाने के बात राजीव कुमार ने यह भी बताया कि ये लाइनें उन्होंने खुद ही लिखी हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के मतदान आज संपन्न हो गए। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। सेकेंड फेज में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, 5 केंद्रीय मंत्री, 2 पूर्व CM और 3 फिल्मी सितारे मैदान में हैं। इसके अलावा राहुल गांधी, शशि थरूर और हेमा मालिनी की सीट पर भी वोटिंग हो रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, दूसरे फेज में 1,202 कैंडिडेट्स मैदान में हैं। इनमें 1,098 पुरुष और 102 महिला उम्मीदवार हैं। दो प्रत्याशी थर्ड जेंडर से है। इससे पहले 19 अप्रैल को पहले फेज की 102 सीटों पर वोटिंग हुई थी। आज के बाद 5 फेज की वोटिंग 1 जून तक खत्म होगी। इसके बाद 4 जून को रिजल्ट की घोषणा होगी।
13 राज्यों में औसत मतदान 64.21 फीसदी रहा
13 राज्यों की 88 लोकसभा सीटों पर औसत मतदान 64.21 फीसदी रहा है। जबकि असम में 70.66, बिहार में 53.03, छत्तीसगढ़ में 72.13, जम्मू-कश्मीर में 67.22, कर्नाटक में 63.90, केरल में 63.97, मध्यप्रदेश में 54.42, महाराष्ट्र में 53.51,मणिपुर में 76.06, राजस्थान में 59.19, त्रिपुरा में 76.23, उत्तर प्रदेश में 52.64, पश्चिम बंगाल में 71.84 फीसदी मतदान हुआ।
त्रिपुरा में सबसे ज्यादा तो यूपी में सबसे कम वोटिंग
आपको बता दें कि 18वीं लोकसभा के चुनाव के लिए सेकेंड फेज की 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों पर वोटिंग का समय शाम 6 बजे खत्म हो गया। इसके बाद सिर्फ वे लोग जो लाइन में लगे हुए हैं, वे ही वोट डाल सके। 5 बजे तक त्रिपुरा में सबसे ज्यादा करीब 76.23% वोटिंग हुई। महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश में सबसे कम 53% के आसपास मतदान हुआ।
मणिपुर में कांग्रेस ने लोकतंत्र हाईजैक होने का आरोप लगाया
वहीं मतदान के दौरान मणिपुर के उखरुल से एक वीडियो सामने आया, जिसमें कुछ संदिग्ध एक बूथ के अंदर घुस आए। कांग्रेस ने लोकतंत्र हाईजैक होने का आरोप लगाया। इससे पहले छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बूथ पर ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी ने खुद को गोली मार ली। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला है। तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बंगाल की दो लोकसभा सीटों बालूरघाट और रायगंज में सेंट्रल फोर्सेस महिलाओं को वोटिंग से रोक रही हैं। बालूरघाट में बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और तृणमूल वर्कर्स के बीच झड़प भी हुई। आउटर मणिपुर के कुछ हिस्सों में आज दोबारा वोटिंग हो रही है। चुनाव आयोग ने इस सीट पर दो फेज में चुनाव की घोषणा की थी। आपको बता दें कि 2019 में सेकेंड फेज की सीटों पर सबसे ज्यादा भाजपा को 50 और NDA के सहयोगी दलों ने 8 सीटें जीती थीं। जबकि कांग्रेस के खाते में 21 सीटें गईं थीं। अन्य को 9 सीटें मिली थीं।
लोकसभा चुनावों के पांचवें चरण का चुनाव प्रचार आज शाम 5 बजे थम गया। इस चरण में आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की 49 सीटों के लिए वोटिंग होगी। इन प्रदेशों से 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जिसमें सबसे अधिक सीटें उत्तर प्रदेश में हैं। जिसमें सूबे की 14 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी, जिनपर कुल 144 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। जिसमें लखनऊ, मोहनलालगंज, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झाँसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोण्डा लोकसभा सीट हैं।
यूपी में 14 लोकसभा सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में आम चुनाव के पांचवें चरण की 14 सीट और विधानसभा उपचुनाव की एक सीट के लिए चुनाव प्रचार शनिवार शाम 6 बजे समाप्त हो गया । इन सीटों पर 20 मई को मतदान होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि पांचवें चरण के 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा लखनऊ पूर्व विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 20 मई, सोमवार को मतदान होना है। इस चरण की 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मोहनलालगंज (आरक्षित), लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन (आरक्षित), झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी (आरक्षित), बाराबंकी (आरक्षित), फैजाबाद, कैसरगंज, गोंडा लोकसभा सीटें आती हैं। इसमें से 10 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं और चार सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
पांचवें चरण के मुकाबले में कौन-कौन दिग्गज?
पांचवें चरण में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ-लखनऊ, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी-रायबरेली, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी-अमेठी, केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर-मोहनलालगंज, केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा-जालौन, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और सांसद लल्लू सिंह-फैजाबाद लोकसभा सीट पर चुनावी मुकाबले में हैं। ये चरण काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राहुल गांधी और स्मृति ईरानी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच तगड़ा मुकाबला
बिहार में लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण तथा हाजीपुर लोकसभा क्षेत्रों में सोमवार को मतदान होगा। कुल 95.11 लाख मतदाता 80 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। इस चरण में सबसे अधिक 26 प्रत्याशी मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र में हैं, जबकि सबसे कम मधुबनी संसदीय क्षेत्र में 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। सीतामढ़ी, सारण और हाजीपुर से 14-14 प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। मतदाताओं के मताधिकार का उपयोग करने के लिए 9436 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चरण में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय दलों से 15 प्रत्याशी हैं, जबकि 35 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इस चरण में एनडीए की ओर से भाजपा के तीन, लोजपा के एक तथा जदयू के एक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जबकि महागठबंधन की ओर से राजद के चार, कांग्रेस के एक प्रत्याशी हैं। बसपा इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इन सभी सीटों पर मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है।
शिवसेना के दोनों खेमों की प्रतिष्ठा दांव पर
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों के लिए पांचवें चरण में 13 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। महाराष्ट्र में पांचवें और अंतिम चरण मुंबई मेट्रोपॉलिटिन रीजन की 10 सीटों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। महाराष्ट्र की इन 13 सीटें में सात सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी हैं, जबकि छह सीटों पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की प्रतिष्ठा दांव हैं। इसी प्रकार महाविकास आघाड़ी (MVA) में तीन सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर एनसीसी (शरदचंद्र पवार) और बाकी नौ सीटों पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के कैंडिडेट मैदान में है। मोटे तौर पर यह महाराष्ट्र की इन 13 सीटों में शिवसेना के दोनों खेमों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
आज देश में चौथे चरण का मतदान शाम छह बजे समाप्त हो गया। चौथे चरण में 10 राज्यों की 96 सीटों पर 1717 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। चौथे चरण के मतदान में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना सहित 10 राज्यों की कुल 96 लोकसभा सीट पर वोट डाले गए। चुनाव आयोग के मुताबिक, चौथे चरण में 62.73 प्रतिशत मतदान हुआ है। उत्तर प्रदेश में सबसे कम मतदान हुआ है। जबकि पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मतदान हुआ है।
पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा मतदान
चुनाव आयोग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 68.12 प्रतिशत, बिहार में 55.78 प्रतिशत, जम्मू-कश्मीर में 36.58 प्रतिशत, झारखंड में 63.37 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 68.44 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 52.63 प्रतिशत, उड़ीसा में 63.85 प्रतिशत, तेलंगाना में 61.23 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 57.63 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 75.91 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस बार के चुनाव में 8.73 करोड़ महिलाओं सहित 17.70 करोड़ से अधिक पात्र मतदाता 1.92 लाख मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। तेलंगाना की सभी 17 लोकसभा सीट, आंध्र प्रदेश की 25, उत्तर प्रदेश की 13, बिहार की पांच, झारखंड की चार, मध्य प्रदेश की आठ, महाराष्ट्र की 11, ओडिशा की चार, पश्चिम बंगाल की आठ और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर मतदान हुआ है।
543 में से 379 सीटों पर हो चुका मतदान
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण तक 543 में से 379 सीटों पर मतदान हो चुका है। लोकसभा चुनाव के पहले तीन चरणों में मतदान प्रतिशत क्रमशः 66.14 प्रतिशत, 66.71 प्रतिशत और 65.68 प्रतिशत रहा था। देश में अगले तीन चरणों के लिए मतदान 20 मई, 25 मई और एक जून को होगा। मतगणना चार जून को होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने आज गौतम बुद्धनगर की कलेक्ट्रेट परिसर का दौरा किया। जहां उन्होंने ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के वेयरहाउस और ईवीएम व वीवीपैट मशीनों, वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था व सीसीटीवी मॉनिटरिंग से रिलेटेड सभी पहलुओं की जानकारी ली।
मुख्य निर्वाचन ने किया कलेक्ट्रेट परिसर का दौरान

उत्तर प्रदेश अधिकारी नवदीप रिनवा ने आज जनपद गौतम बुद्ध नगर की कलेक्ट्रेट परिसर में बनाए गए ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के वेयरहाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ईवीएम व वीवीपैट मशीनों, वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था व सीसीटीवी मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी उपलब्ध करायी।
सीसीटीवी रुम से लेकर सुरक्षा व्यवस्था का किया निरीक्षण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वेयरहाउस में पहुंचकर ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के रूम का निरीक्षण करते हुए, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये। साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पहुंचकर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की बहुत ही गहनता के साथ मॉनिटरिंग की और सीसीटीवी मॉनिटरिंग टीम को सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं रिकॉर्ड आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकार, जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा, अपर जिला अधिकारी न्यायिक भैरपाल सिंह बच्चू सिंह, डिप्टी कलेक्टर अनुज नेहरा, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण और अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
Loksabha Election 2024: साल 2014 के बाद से EVM लगातार सवालों के घेरे में था। विपक्ष चुनाव हारने की वजह ईवीएम से चुनाव करवाने की प्रक्रिया को ठहरा रहा था। साल 2014 का लोकसभा चुनाव तो याद होगा, जब पहली बार विपक्ष ने ईवीएम पर सवाल खड़ा किया और मशीन में छेड़छाड़ की आशंका जताई। इसके बाद कई राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए, साल 2019 में लोकसभा चुनाव हुआ, इसके बाद तो ईवीएम को हैक करने की आशंका को सच्चाई में तब्दील करना शुरू कर दिया गया। लोगों के जहन में ये बात डाल दी गई कि ईवीएम की वजह से ही बीजेपी लगातार चुनावों को जीत रही है। हालांकि जब-जब विधानसभा चुनावों में रिजल्ट विपक्ष के फेवर में आया, तब ईवीएम सवालों के घेरे से जरूर बाहर रहा। साल 2024 में जहां बीजेपी चुनाव से पहले अपकी बार 400 के पार का नारा दिया तो ये बात सामने आनी शुरू हो गई थी कि अगर रिजल्ट बीजेपी के फेवर में आया तो इसका जिम्मेदार केवल और केवल ईवीएम होगा। लेकिन इस बार के रिजल्ट ने सबका मुंह पर ताला लगा दिया।
ना तो 400 के पार, ना I.N.D.I.A का सपना हुआ पूरा
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में ना तो बीजेपी बहुमत को आंकड़े को छू पाई ना ही एंडी गठबंधन, हालांकि एनडीए एलाइंस ने जरूर बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर लिया। देश के सबसे बड़े राजनीतिक सूबे यूपी में बीजेपी को जरूर मुंह की खानी पड़ गई। यहां समाजवादी पार्टी ने अकेले दम पर बीजेपी को ना सिर्फ पछाड़ा, बल्कि कई अहम सीटों और केंद्रीय मंत्रियों को धूल चटाई। जिसमें अयोध्या, अमेठी, मोहनलालगंज जैसे लोकसभा सीटें शामिल थी। अखिलेश यादव ने अकेले यूपी में 37 लोकसभा सीटों पर विजय का झंडा फहराया, जबकि बीजेपी को 33 सीटें मिलीं, इसके अलावा कांग्रेस को 6, रालोद को दो सीटों पर जीत हासिल हुई।
जब CEC को कहना पड़ गया, फिर मिलेगी गाली...
लोकसभा चुनाव के रिजल्ट से एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहना पड़ गया कि अब तो सबके सामने है, अब सबको पता है, क्यों पीटना है, ईवीएम को भी थोड़ दिन आराम करने दीजिए, अगले चुनाव तक ईवीएम आराम करेगी, फिर उठेगी, बैटरी बदलेंगे, पेपर बदलेंगे, फिर वो गाली खाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इतना तक कह दिया कि शायद ईवीएम की जन्म ही गलत समय हुआ है।
प्रधानमंत्री ने ऐसे क्यों पूछा?
प्रधानमंत्री ने सांसदों को संबोधित करते हुए चुटकीले अंदाज में बोले ईवीएम पर एकाएक सवाल उठना बंद हो गया है। जब 4 जून को नतीजे आ रहे थे, तब कुछ लोग उन्हें रिजल्ट के बारे में बता रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकीले अंदाज में उनसे पूछे, नतीजे तो ठीक है लेकिन मुझे किसी ने ये नहीं बताया कि ईवीएम जिंदा है या फिर मर गया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ये पहले से तय कर रखा था कि लोगों को भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से विश्वास उठ जाए। प्रधानमंत्री ने कहा उन्हें लग रहा था इस बार विपक्ष ईवीएम पर ताला लगवा कर मानेगा लेकिन 4 जून शाम आते-आते ईवीएम ने उन्हें चुप कर दिया और उनकी जुबान पर ताले लग गये।
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