Noida जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने का इंतजार करने वालों के लिए खुशखबरी है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अगले साल यानी 2024 के आखिरी (अक्टूबर) तक नोएडा एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू हो जाएगा। बता दें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बहुत बड़ा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल के आखिर तक इस हवाई अड्डे से रोजाना करीब 65 फ्लाइट्स उड़ान भरने लगेंगी।

प्रतिदिन 62 फ्लाइट उड़ान भरने की उम्मीद
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से जानकारी दी गई है कि एयरपोर्ट के चालू होने के बाद 62 फ्लाइट्स डेली रूट्स के लिए निर्धारित की जाएंगी। वहीं दो फ्लाइट्स विदेशी डेस्टिनेशन के लिए होंगी, जिनके जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एंट्री ग्लोबल मंच पर हो जाएगी। आगे चलकर नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो का मूवमेंट भी शुरू होगा। रोजाना एक फ्लाइट कार्गो सर्विस के लिए निर्धारित की जाएगी।
घरेलू डेस्टिनेशन्स के लिए भी उड़ान भरेंगी प्लाइट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का शुरुआती चरण पूरा होने वाला है। इस एयरपोर्ट को हाल ही में IATA कोड DXN मिला है। जिससे अक्टूबर 2024 में एयरपोर्ट चालू होने की उम्मीद है। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों से अलग हटकर, इनीशियल रूट नेटवर्क में देहरादून, पिथौरागढ़ और विभिन्न अन्य स्थानों के लिए कम दूरी की उड़ानों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
दो एयरलाइंस केरेंगी बीआरएस स्थापित
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड का कहना है कि जब हवाईअड्डे का संचालन शुरू हो जाएगा तो विदेशी डेस्टिनेशनन के लिए फ्लाइट्स भी शुरू हो जाएंगी। दो मेन कैरियर, इंडिगो और एयर इंडिया ने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीआरएस स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
Greater Noida: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान का लक्ष्य सितंबर 2024 रखा गया है। लेकिन लोकसभा चुनाव की रैलियों में नोएडा एयरपोर्ट की गूंज सुनाई देने की उम्मीद है। केंद्र और प्रदेश सरकार एयरपोर्ट का चुनाव से पहले नए साल में उद्घाटन करने की तैयारी में हैं। महत्वाकांक्षी योजना होने के कारण लोकसभा चुनाव की रैलियों में भाजपा के स्टार प्रचारक नोएडा एयरपोर्ट और इससे होने वाले विकास को अपने भाषणों में शामिल कर वोटरों को लुभाते नजर आने की संभावना है।
सपा और बसपा सरकार ने भी देखा था सपना
गौरतलब है कि नोएडा एयरपोर्ट निर्माण का सपना बसपा और सपा सरकार ने भी देखा था। लेकिन केंद्र सरकार का साथनहीं मिलने के कारण यह परियोजना सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित रह गई। जब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना पर नए सिरे से काम शुरू हुआ। इसके बाद जमीन अधिग्रहण से लेकर विभागीय औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद तेजी से निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है।
40 साल का हुआ है अनुबंध
बताते चलें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) और विकासकर्ता कंपनी के बीच 40 साल का अनुबंध हुआ है। इसके तहत 1 अक्टूबर 2021 से कंस्ट्रक्शन शुरू हुआ है और 1095 दिन के अंदर एयरपोर्ट का संचालन शुरू होगा। इसका मतलब 30 सितंबर 2024 को ही एयरपोर्ट का काम पूरा होगा। हालांकि दावा किया जा रहा है कि इससे पहले ही इस एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरी जाएगी। एयरपोर्ट में टर्मिनल वन बिल्डिंग 90 हजार वर्ग मीटर में बन रही है। अनुबंध के अनुसार यदि निर्माण कार्य व उड़ान में देरी होती है 10 लाख रुपये प्रतिदिन कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
विधानसभा से पहले शिलान्यास, लोकसभा चुनाव से पहले उद्घाटन
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव और आचार संहिता लागू होने से पहले 25 नवंबर 2021 को जेवर में नोएडा एयरपोर्ट का शिलान्यास किया गया था। अब लोकसभा चुनाव से पहले नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारी है। इस अवसर पर भी पहले से अधिक भव्य आयोजन होने की संभावना है।
Noida: नोएडा एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा (AGM) का आयोजन शनिवार को हुआ । जिसमें गत वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। विपिन मल्हन ने इस अवसर पर उपस्थित सभी उद्यमी सदस्यों का धन्यवाद दिया । इसके साथ ही AGM में सर्व सम्मति से चुनाव की तिथि का ऐलान किया गया । आगामी 20 जनवरी 2024 को एनईए के चुनाव होंगे ।
सर्वसम्मति से फीस कम करने का लिया गया फैसला
इस अवसर पर विपिन मल्हन ने चुनाव की फ़ीस में भारी कमी का ऐलान किया, जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया । मल्हन ने कहा कि फीस में कमी का मक़सद चुनाव में ज़्यादा से ज़्यादा लोग चुनाव में भाग लें। पदाधिकारियों के लिए चुनाव फीस 1100 से घटाकर 2100 रुपये कर दिया गया है।
कार्यकारिणी सदस्यों को फीस अब 11 सौ रुपये देने होंगे
कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव की फ़ीस भी 5000 से घटाकर 1100 रुपये कर दी गई है। चुनाव के फॉर्म की फ़ीस घटाकर 100 कर दी गयी है। इस अवसर पर सभी पदाधिकारी , कार्यकारिणी के सदस्य एवं भारी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने क्रिसमस और नए साल के मौके पर शराब की बिक्री की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक 24 दिसंबर और दिनाक 31 दिसंबर 2023 को सभी फुटकर दुकानें सुबह 10 बजे से रात्रि 11 बजे तक खुलेंगी।इस फैसले के बाद अब कुल 13 घंटों के लिए शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है।
राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने लिया फैसला
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार 2024-2025 के लिए नई आबकारी नीति लेकर आई है। योगी सरकार ने नई आबकारी नीति में 50 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। आबकारी नीति 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी हो जाएगी। आबकारी आयुक्त की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि शराब की बिक्री का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है।
गुजरात के गांधीनगर में शराब बेचने की अनुमति
दूसरी तरफ गुजरात सरकार ने गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में शराब बेचने और पीने की अनुमति दे दी है। इसे लेकर सूरत के लोग पूरे गुजरात में शराब की बिक्री करने और पीने देने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। सिर्फ पुरुष नहीं, बल्कि महिलाएं भी ये मांग कर रही हैं। गांधीनगर की गिफ्ट सिटी में गुजरात सरकार द्वारा शराब पीने और बेचने की अनुमति दिए जाने का स्वागत सूरत के लोगों ने क्या है लेकिन दोनों बदलावों को लेकर की राजनीति गर्म होती नजर आती है। जहां विपक्ष भाजपा सरकारों को सत्ता हुआ नजर आ रहा है।
Noida: फोनरवा चुनाव 2024 रविवार देर खत्म हो गया और पदाधिकारी चुन लिए गए। इस बार भी योगेंद्र शर्मा पैनल को जीत मिली है। योगेंद्र शर्मा ने 52 वोटों से अपने प्रतिद्वंदी को हराकर जीत हासिल की। योगेंद्र शर्मा को 155 और प्रतिद्वंदी केके जैन को 103 वोट मिले। इसतरह लगातार तीसरी बार योगेंद्र शर्मा फोनरवा अध्यक्ष चुने गए हैं। योगेंद्र शर्मा की जीतते ही जश्न का माहौल हो गया। आतिशबाज़ी के साथ फोनरवा अध्यक्ष का स्वागत किया गया।
225 सदस्यों ने किया मतदान
बता दें कि रविवार की सुबह सेक्टर-52 स्थित फोनरवा कार्यालय में मतदान शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक दो वोटरों को छोड़कर शत-प्रतिशत सदस्यों ने वोट डाला। फोनरवा चुनाव में कुल 227 सदस्य को वोटिंग का अधिकार था। इनमें से 225 ने मताधिकार का प्रयोग किए। जबकि दो सदस्य शहर के बाहर होने के कारण मतदान नहीं कर सके। मतदान पूरा होने के बाद दोपहर तीन बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। देर शाम तक चुनाव अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र बहादुर सिंह परिणाम की घोषणा की। जिसमें योगेंद्र शर्मा के अध्यक्ष चुने गए।
New Delhi: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्य जजमान की भूमिका निभा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिन पहले कठिन व्रत और संयम से गुजरना होगा। यम नियम के तहत पीएम बिस्तर की जगह लकड़ी की चौकी पर कंबल बिछा कर शयन करेंगे। अंतिम दिन दिन सिर्फ फलाहार पर तो प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पूर्ण उपवास पर रहेंगे। उल्लेखनीय है कि यम नियम के तहत ही पीएम मोदी बीते शुक्रवार से व्रत और कई नियमों का पालन कर रहे हैं। इस क्रम में पीएम 12 जनवरी से लगातार एक समय के उपवास पर हैं। विहिप सूत्रों के मुताबिक यम नियम और पूजा पद्धति के मुताबिक पीएम 19 जनवरी से 21 जनवरी तक पूर्ण रूप से फलहार पर निर्भर रहेंगे। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन उन्हें पूर्ण उपवास करना होगा। इस दौरान पीएम शास्त्रों के नियमों के मुताबिक चुनिंदा मंत्रों का जाप करेंगे।
जटायु मूर्ति की बलिदानियों की याद में करेंगे पूजा
प्राण प्रतिष्ठा के लिए यम नियमों का पालन कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राममंदिर परिसर में बने जटायु की मूर्ति की पूजा करेंगे। इस मूर्ति की स्थापना विशेष रूप से मंदिर आंदोलन में अपना जीवन न्योछावर करने वाले बलिदानियों की स्मृति में की गई। पूजा के समय कारसेवा में शहीद हुए बलिदानियों के परिजन भी मौजूद रहेंगे। इसी दिन मोदी मंदिर निर्माण में जुटे मजदूरों के साथ संवाद भी करेंगे। यम नियम के तहत पीएम मोदी शुक्रवार से ही व्रत और कई नियमों का पालन कर रहे हैं। 12 जनवरी से एक समय के उपवास पर हैं। प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले उनका व्रत व संयम और कठिन हो जाएगा। विहिप सूत्रों के मुताबिक यम नियम और पूजा पद्धति के मुताबिक पीएम 19 से 21 जनवरी तक पूर्ण रूप से फलाहार पर निर्भर रहेंगे।
Ayodhya: अयोध्या नगरी अपने आराध्य के स्वागत के लिए तैयार है। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। सात दिनों तक होने वाले इस अनुष्ठान के तीसरे दिन शाम करीब पांच बजे गर्भगृह में रामलला अपने आसन पर स्थापित हो गए। मूर्ति की स्थापना 5 घंटे तक वैदिक क्रिया बाद की गई। वहीं, देर रात मूर्ति की पहली छवि सामने आ गई है।
चौथे दिन अनुष्ठान जारी
बता दें कि अनुष्ठान के तीसरे दिन गुरुवार को कर्मकांड की शुरुआत गणेश पूजन के साथ हुई। किसी भी अनुष्ठान के शुभारंभ से पहले भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है। इसी मान्यता के चलते गणेश पूजन व अंबिका पूजन के साथ अनुष्ठान शुरू हुआ। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक मंडल के सदस्य दिनेश चंद्र व डॉ. अनिल ने रामलला की रजत प्रतिमा का पूजन किया। इसके बाद निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और पुजारी सुनील दास ने गर्भगृह में सिंहासन की पूजा की। इससे पहले मूर्ति का नगर भ्रमण कराया गया था। बता दें कि गर्भगृह में स्थापित मूर्ति श्याम रंग की है। वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के चौथे दिन अनुष्ठान जारी है।
New Delhi: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। इस कार्यक्रम में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तकरीबन छह हजार लोग शामिल रहेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले पीएम मोदी कठिन तपस्या से गुजर रहे हैं। वे इस समय यम नियमों का पालन कर रहे हैं। वे 11 दिनों के अनुष्ठान पर हैं।
12 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी प्राण प्रतिष्ठा
इस दौरान पीएम मोदी जमीन पर सो रहे हैं। सिर्फ नारियल-पानी ही पी रहे हैं। प्रधानमंत्री ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले उपवास रखा हुआ है। प्रधानमंत्री वर्तमान समय में जमीन पर सो रहे हैं। सिर्फ कंबल का इस्तेमाल करते हैं। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन भी प्रधानमंत्री का उपवास रहेगा। वे विशिष्ट मंत्रों का जाप करेंगे। 22 जनवरी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ही मुख्य यजमान की भूमिका में हैं। राम मंदिर से जुड़े अनुष्ठान की शुरुआत 16 जनवरी से हो गई है। जोकि 21 जनवरी तक जारी रहने वाला है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर एक बजे समाप्त होने की उम्मीद है।
Ayodhya: 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका है।
इस भव्य कार्य्रकम में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी समेत देशभर से खेल जगत से सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी,विराट कोहली,नीरज चोपड़ा सहित अन्य फिल्मी सितारे अमिताभ बच्चन,रजनीकांत,माधुरी दीक्षित,अनुपम खेर,सहित अन्य उद्योगपति मुकेश अंबानी,रटन टाटा, गौतम अदाणी, अनिल अंबानी सहित अन्य राजनेता सोनिया गांधी, नितीश कुमार,अखिलेश यादव,मोहन भागवत सहित अन्य दलाई लामा,बाबा रामदेव, सदगुरु, नीलेश देसाई-इसरो के डायरेक्टर कई नामचीन हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है।
7 हजार राम भक्त होंगे शामिल
विश्व हिंदू परिषद के मुताबिक, रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए लगभग 7,000 लोग शामिल होंगे, जिनमें विदेश से लगभग 100 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
Ayodhya: राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए पीएम मोदी, अमिताभ बच्चन समेत नामचीन हस्तियां पहुंच चुकी हैं। पीए मोदी प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजन सामग्री लेकर राम मंदिर पहुंच चुके हैं। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूजन शुरू हो चुकी है। कुछ ही देर में रामलाल की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। जिसके मुख्य यजमान पीएम मोदी हैं।
अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान सुबह से ही शुरू हो गया है। वीआईपी लगातार पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में राम भक्त भी अयोध्या पहुंचे हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी और 1 एक बजे पूरा हो जाएगा। सीएम योगी अयोध्या पहुंच चुके हैं और कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।

सांसकृतिक कार्यक्रम शुरू
प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरी नगरी को आध्यात्मिक रंग देकर सजाया गया है। पूरे मंदिर परिसर की छंटा देखती ही बनती है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, क्रिकेटर, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। अब भारत समेत दुनिया की नजरें प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक घड़ी पर टिकी हुई हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रातः काल 10 बजे से 'मंगल ध्वनि' का भव्य वादन होगा। विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक मनोरम वाद्ययंत्र लगभग दो घंटे तक इस शुभ घटना का साक्षी बनेंगे।

इस शुभ मुहूर्त में होगी प्राण प्रतिष्ठा
बता दें कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय काशी के विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला है। यह कार्यक्रम पौष माह के द्वादशी तिथि को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में होगा। शुभ मुहूर्त दिन के 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड तक का रहेगा। यानि प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त केवल 84 सेकंड का है।
काशी के विद्वान संपन्न कराएंगे अनुष्ठान
पूजा-विधि के यजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी। अनुष्ठान काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ और आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निर्देशन में 121 वैदिक आचार्य संपन्न कराएंगे। इस दौरान 150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य और 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी, जनजातीय परंपराओं की भी उपस्थिति होगी।
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