Lucknow/Noida: बड़े और छोटे शहरों में हाईराइज, बिल्डिंग और मॉल में लिफ्ट और एक्सीलेटर के बिना जीवन संभव नहीं है। यहां लिफ्ट और एक्सीलेटर लोगों की जरूरत है। लेकिन लगातार बढ़ रहे लिफ्ट हादसे चिंता का सबब भी बन गया है। सोसायटियों में बने लिफ्ट में लोगों का फसना तो आम बात हो गई है। अगर नोएडा और ग्रेटर नोएडा की बात करें, तो यहां आए दिन लिफ्ट खराब होने की खबर आती रहती है। कई बार तो लिफ्ट हादसे में लोगों को जान तक गंवानी पड़ गई है। इसके लिए मानकों की अनदेखी करना सबसे बड़ा कारण बन रहा है। अब इस मुद्दे को लेकर सरकार भी गंभीर है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिफ्ट और एक्सीलेटर एक्ट का मसौदा भी तैयार कर दिया है। ग्रेटर नोएडा के जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी इस मुद्दे को दो महीने पहले विधानसभा के मानसून सत्र में उठाया था।

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं लगेंगे लिफ्ट
बीते 8 अगस्त को जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और लिफ्ट अधिनियम को जल्द लागू किये जाने के लिए मांग की थी। इस मुद्दे को धीरेंद्र सिंह विधानसभा में भी उठा चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश में लिफ्ट से हो रहे लगातार हादसों को रोके जाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की भावनाओं का सम्मान और उन्हें न्याय दिलाने के लिए यूपी लिफ्ट और एस्केलेटर एक्ट का मसौदा तैयार करवा दिया है। अब जल्द ही उत्तर प्रदेश में ये कानून लागू होगा। जिससे अब पूरे प्रदेश में बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी व्यक्ति लिफ्ट नहीं लगा सकता है। साथ ही हादसा होने के बाद लिफ्ट मालिक पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
विधायक ने सीएम का जताया आभार
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब जल्द ही उत्तर प्रदेश में लिफ्ट अधिनियम लागू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतन कम समय में मसौदा तैयार होना, यह एक बार फिर साबित करता है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार, जन सरोकार से जुड़े मुद्दे को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देती है। अब उत्तर प्रदेश को जल्द नया लिफ़्ट एक्ट मिलेगा। इसके लिए उन्होंने सीएम योगी का आभार भी जताया।
Noida: तीन अगस्त साल 2023 को नोएडा के सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में एक लिफ्ट हादसा हुआ था। इस लिफ्ट हादसे में बुजुर्ग की जान चली गई थी। हादसे के बाद लगातार इसे एक नया एंगल देने की कोशिश की जा रही है। लिफ्ट हादसे के एक गवाह हैं निशित तिवारी। निशित लखनऊ के रहने वाले हैं, पारस टियेरा में वो अपने परिवार के साथ रेंट पर रहते हैं और निशित लिफ्ट हादसे के गवाह भी हैं। जो उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी की वजह भी बन रही है। निशित और उनकी पत्नी प्राची ओजा का आरोप है कि एओए की तरफ से लगातार उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। साथ ही एओए प्रेसिडेंट उन्हें फ्लैट खाली करने के लिए अलग-अलग तरीके से दबाव डाल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
लिफ्ट हादसे के गवाह निशित की पत्नी प्राची ने बताया कि 17 दिसंबर को एओए की तरफ से उनके घर एक नोटिस आया कि 18 दिसंबर को फ्लैट खाली कर दें। जबकि फ्लैट ओनर की तरफ से निशित और उनके परिवार को ऐसा कोई अल्टीमेटम नहीं मिला है। जब प्राची ने फ्लैट खाली करने के लिए एओए से समय की मांग की तो एओए के तरफ से उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिलनी शुरू हो गई। पहले तो निशित के फ्लैट की बिजली काट दी गई। जब इसकी शिकायत निशित ने थाने में की तो वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। एओए की तरफ से निशित के फ्लैट के मेंटिनेंस बैलेंस को रोजाना के हिसाब से 10 हजार रुपये माइनस किया जाने लगा। अब तक निशित के मेटिनेंस अकाउंट में एक लाख 20 हजार रुपये माइनस हो चुका है। निशित और उनका पूरा परिवार इसलिए परेशानियों से जूझ रहा है क्योंकि उन्होंने लिफ्ट हादसे में गवाही दी है।
जाने लिफ्ट हादसे के बारे में
नोएडा सेक्टर 137 के पारस टिएरा सोसायटी पिछले साल 3 अगस्त को लिफ्ट के तार अचानक टूट जाने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। दरअसल इस सोसायटी के टॉवर 24 की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला किसी काम से लिफ्ट से नीचे उतर रही थी। तभी अचानक लिफ्ट खराब हो गई थी। अचानक से लिफ्ट रुकी और वो 8वें मंजिल से सीधे माइनस 2 में जा गिरी थी। इस हादसे के बाद सोसायटी निवासियों का विरोध भी जमकर देखने को मिला था। निवासियों ने एओए अध्यक्ष रमेश गौतम को घेरकर इस्तीफे की मांग की थी।
एओए अध्यक्ष पर ये भी हैं आरोप
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