Noida: नोएडा स्पेशल टास्क फोर्स ने फ़र्ज़ी पासपोर्ट बनाने वाले दलाल को गिरफ्तार किया है। मेरठ के रहने वाले दलाल ने ड्रग्स फैक्ट्री चला रहे नाइजीरियन और चीनी नागरिको का पासपोर्ट बनाया था।
Stf ने दोनों इंटरनेशनल गिरोह से पूछताछ क बाद मेरठ के रहने वाले मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
Noida: थाना बिसरख पुलिस ने धोखाधड़ी कर फर्जी वीजा और पास पोर्ट बनाने वाले गिरोह का फर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरप्तार किया है। इनके कब्जे से 1 लैपटॉप, पैन ड्राइव, 5 मोबाइल फोन, 6 डेबिड कार्ड , 6 आधार कार्ड, जाली मोहर, 30500 रूपये, 1 फर्जी पासपोर्ट एवं वीजा बरामद हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को को थाना बिसरख पुलिस द्वारा दुकान संख्या एसएफ 95 गौर सिटी सेन्टर से लोगों के साथ फर्जी पासपोर्ट व वीजा बनवाने व विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर पैंसे ऐठने वाले मुकेश कुमार और सुष्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुकेश मयूर गंज त्रिलोकपुरी दिल्ली का रहने वाला है। जबकि सुष्मा बिशनपुरा सेक्टर 58 नोएडा में रहती है। जबकि मूल निवास काठमांडू नेपाल है। यह दोनों मिलकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट व वीजा बनवाने का झांसा देकर ठगी करते थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने जेल भेज दिया है।
क्या आपको पता है कि आपका पासपोर्ट कितना ताकतवर है? आप सोच रहे होंगे क्या अजीब बात है? पासपोर्ट भी ताकतवर होता है भला! जी हां, पासपोर्ट भी ताकतवर होता है। ऐसा हम नहीं, बल्कि हेनली पासपोर्ट इंडेक्स की सूची कह रही है। दरअसल हेनली पासपोर्ट इंडेक्स ने सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची हाल ही में जारी की है। जिसमें जहां भारत का प्रदर्शन थोड़ा निराशाजनक रहा है। वहीं इस सूची में फ्रांस का नाम टॉप पर है। फ्रांस के अलावा जर्मनी, इटली, जापान, सिंगापुर और स्पेन ने भी शीर्ष में स्थान बनाया है और इन देशों के पासपोर्ट धारक बिना वीजा के 194 देश घूम सकते हैं। इस लिस्ट में भारतीय पासपोर्ट एक नंबर और फिसल गया है। भारतीय पासपोर्ट अब 84वें नंबर से खिसककर से 85वें नंबर पर आ गया है। आपको बता दें कि हेनली पासपोर्ट इंडेक्स समय-समय पर इस लिस्ट को जारी करता है। ये इंडेक्स मासिक रूप से अपडेट किया जाता है। इसका पिछला संस्करण जनवरी में आया था।
वीजा फ्री एंट्री से तय होती है ताकत
दुनिया के किसी भी देश के पासपोर्ट की ताकत इस आधार पर आंकी जाती है, कि उस देश के पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कितने देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल सकती है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2006 से लगातार सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग जारी करता आ रहा है। वेबसाइट के मुताबिक 'हेनली पासपोर्ट इंडेक्स IATA के विशेष डेटा पर आधारित अपनी तरह का एकमात्र Index है। इस सूचकांक में 199 अलग-अलग पासपोर्ट और 227 अलग-अलग ट्रैवल डेस्टिनेशन शामिल हैं।
दूसरे और तीसरे पायदान पर ये देश काबिज
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स की लिस्ट में 193 वीजा फ्री डेस्टिनेशन के साथ दूसरे स्थान पर फिनलैंड, नीदरलैंड, स्वीडन और दक्षिण कोरिया हैं। वहीं 192 वीजा फ्री डेस्टिनेशन के साथ तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, आयरलैंड, ब्रिटेन और लक्जमबर्ग हैं। इस लिस्ट में पिछली बार की अपेक्षा अमेरिका और चीन ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। अमेरिका का पासपोर्ट भी पिछले साल के मुकाबले इस साल मजबूत हुआ है। पिछले साल अमेरिका जहां 7वें स्थान पर था, वहीं इस साल 6वें स्थान पर आ गया है। साथ ही चीन का पासपोर्ट साल 2023 में 66वें स्थान पर था, लेकिन इस साल यह दो अंक उछाल के साथ 64वें स्थान पर आ गया है।
85वीं रैंक पर भारत का पासपोर्ट
85वीं रैंक के साथ भारत के पासपोर्ट से 62 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल सकती है। वहीं इस लिस्ट में सबसे निचले पायदान पर इराक, सीरिया और अफगानिस्तान हैं। पाकिस्तान को लिस्ट में इस बार भी 106वां स्थान मिला है। वहीं मालदीव का पासपोर्ट 58वें स्थान पर है और मालदीव के पासपोर्टधारी 96 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं।
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में नवादा बिलसंडी गांव निवासी रामदास की झोपड़ी में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लग गई। इसमें चार बच्चियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बॉल्टियों में पानी भरकर किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक चार बच्चे बुरी तरह से जल चुके थे। तीन बच्चों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चौथी बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। वहीं हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है।
छत पर रखे पुआल में आग लगने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार गांव में रामदास के मकान में छत पर पुआल रखा हुआ था। जिसमें दोपहर में अचानक से आग लग गई। जिससे जलता हुआ पुआल नीचे झोपड़ी पर जा गिरा। झोपड़ी भी आग के चपेट में आ गई और बच्चों पर गिर गई जिससे बच्चे आग की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग दौड़े। लेकिन जब तक बच्चों को निकाला गया तब तक तीन मासूमों की जलकर मृत्यु हो चुकी थी।
खेलते समय आग की चपेट में आईं बच्चियां
जानकारी के मुताबिक बच्चियां वहां खेल रही थीं, जिससे वो आग की चपेट में आ गईं। हादसे में प्रियांशी (5), मानवी और नैना (5) की मौत हो गई। वहीं, इलाज के लिए ले जाते समय नैना (6) ने भी दम तोड़ दिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आग लगने से हुए हादसे का संज्ञान लेकर मृतक बच्चियों के परिवार को शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी बरेली रविंद्र कुमार और एसएसपी घुले चंद्रभान पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। दोनों अफसरों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दिया।
बरेली में मार्च 2010 में तौकीर रज़ा के भाषण से तनाव बढ़ गया था, जिससे दंगे भड़क गए थे। जिसमें खास समुदाय के लोगों ने दुकानों, एक पुलिस स्टेशन, एक पेट्रोल पंप और एक सब्जी मंडी में आग लगा दी थी। कई घरों को भी लूटकर जला दिया गया था। दंगों के कारण बरेली में 27 दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा था। पिछली सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों की लापरवाही के कारण तौकीर रज़ा बच निकलने में कामयाब हो गए थे लेकिन अब बरेली दंगे मामले में कोर्ट ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख तौकीर रजा खां को मास्टरमाइंड माना है।
दंगे के दौरान मौजूद अफसरों को भी कोर्ट ने लगाई लताड़
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने मामले से जुड़े आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने तौकीर रज़ा के खिलाफ समन जारी कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। वहीं कोर्ट ने दंगों के दौरान मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ADG, IG, SSP, कमिश्नर और DM की भी आलोचना की है। साथ ही कोर्ट के आदेश की एक प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बरेली दंगों के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए यह फैसला दिया है।
गवाहों के बयानों से साबित हुआ आरोप
आपको बता दें कि साल 2010 में हुए दंगे के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र यादव और कई गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे। इसमें जुलूसे मोहम्मदी के दिन मौलाना तौकीर रजा पर दंगा भड़काने का आरोप लगाकर सबूत पेश किए गए। वहीं कोर्ट ने दंगे के आरोपी रिजवान, दानिश, राजू, हसन, सौबी रजा, यासीन की हाजिरी माफी स्वीकार कर ली। दूसरी ओर कोर्ट में तारीखों से लगातार पेश ना होने पर बाबू खां, आरिफ, अमजद अहमद, निसार अहमद, अबरार, राजू उर्फ राजकुमार, कौसर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए और प्रेमनगर पुलिस को गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया।
यूपी का मुजफ्फरनगर में माफियाओं का गढ़ माना जाता है। यहां पर बच्चा हो या जवान हर कोई रुआब में रहता है। वहीं बात करें बंदूक और पिस्टल चलाने की तो यहां पर बड़े तो क्या बच्चे भी इन हथियारों को खिलौना समझते हैं। जहां डॉन और माफियाओं की तूती बोलती हैं। वहां की पुलिस को पिस्टल लोड अनलोड करना भी नहीं आता है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। जी हां ऐसा ही है इन दारोगाओं की पोल तब खुली जब SSP अभिषेक सिंह निरीक्षण पर निकले।
SSP अभिषेक सिंह ने लगाई दारोगाओं की क्लास
मुजफ्फरनगर में पुलिस दारोगा पिस्टल और आधुनिक AK 47 चलाना तो दूर, उन्हें लोड और अनलोड करना भी ठीक से नहीं जानते। जब SSP अभिषेक सिंह के निरीक्षण में इस बात की पोल खुली तो SSP अभिषेक सिंह ने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद दारोगाओं को डांट भी लगाई। इसके साथ ही अनट्रेंड दारोगाओं की ट्रेनिंग के निर्देश दे दिए। अब आप खुद ही सोचिए कि अगर ऐसे अनट्रेंड दारोगाओं के हाथों में लोगों की सुरक्षा होगी। तो क्या होगा।
Noida: विदेशी साइबर ठगों को भारतीय बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले तिब्बती नागरिक को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी फर्ज़ी दस्तवेज से भारतीय पासपोर्ट बनवाकर कई देशों की यात्रा कर चुका है। एसटीएफ को विदेशी नागरिकों द्वारा कूटरचित दस्तावेजों को तैयार करके भारतीय नागरिकता के दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट इत्यादि बनाने के सम्बन्ध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। इसके बाद नोएडा एसटीएफ के एडीसीपी राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम गिरोह निगरानी कर रही थी।
पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार
सटीक सूचना पर नोएडा एसटीएफ यूनिट ने 10 सितंबर को तथाकथित चन्द्रा ठाकुर पुत्र रमेश ठाकुर निवासी 2 ई 4 फ्लोर, एलआईजी फ्लैट पैकेट - बी सेक्टर-3 द्वारिका दिल्ली को पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ में साईबर फ्रॉड के लिए बैंक खाते विदेशी नागरिकों को उपलब्ध कराने के साक्ष्य प्राप्त होने पर एंव तथाकथित चन्द्रा ठाकुर को तिब्बती नागरिक होने की पहचान को छिपाते हुए पश्चिमी बंगाल से कूटरचित दस्तावेज तैयार करके फर्जी पासपोर्ट बनाने के साक्ष्य उपलब्ध होने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
14 साल की उम्र में ही आ गया था भारत
गिरफ्तार अभियुक्त छीन्जों थारचिंन उर्फ Chanjan @ Chandra Thakur @ Tanzin S/o Losang R/o Khaba Toukur Ganzi Tibet उपरोक्त ने पूछताछ पर बताया कि उसकी उम्र लगभग 37 साल है। जब वह 14 वर्ष का था, तब वह भागकर लासा तिब्बत आ गया। जहां से 50-60 लोगों के ग्रुप के साथ ढुकला नेपाल आया और लगभग 3 माह कांठमांडू के रिफ्यूजी सेन्टर में रहा। वहां से दिल्ली के बुद्धविहार रिफ्यूजी सेंटर आया। करीब एक माह बाद वीर बिलिंग हिमाचल प्रदेश के स्कूल में पढाई शुरू की और लगभग 3 वर्ष पढाई करने के बाद दिल्ली भाग आया था। इसके बाद धर्मशाला एवं दिल्ली के विभिन्न रेस्टोरेंन्टों आदि में चार वर्ष तक काम किया। फिर वर्ष 2008 में मजनू का टीला दिल्ली में आकर रहने लगा।
2013 में बनवाया फर्जी पासपोर्ट
धीरे-धीरे न्यूरोड काठमाण्डू नेपाल से चायनीज इलेक्ट्रानिक सामान एवं अन्य चीजों को वहां से लाकर चोरी छिपे दिल्ली के मार्केट में बेचने लगा। धीरे-धीरे इसको चायनीज भाषा का अच्छा ज्ञान हो गया। वर्ष 2010-11 में फेसबुक पर महिला से दोस्ती के चलते गंगटोक सिक्किम आ गया और एक होटल पर कुक का काम करने लगा। यहीं पर इसकी मुलाकात दार्जिलिंग में होटल चलाने वाले एक लड़के से हो गयी और फिर वह दार्जिलिंग आकर रहने लगा। दार्जिलिंग में रहते हुए फर्जी भारतीय नाम "चन्द्रा ठाकुर" के नाम से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि बनाकर 2013 में भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया।
भारतीय पासपोर्ट पर कई देशों की यात्रा की
इसके बाद छीन्जों थारचिन ने चीन, मलेशिया, थाईलैण्ड, दुबई जैसे कई देशों की यात्राएं की। 2021 में नेपाल यात्रा के दौरान काठमाण्डू में “ली” नामक चायनीज से मुलाकात हुई थी। ली ने उसको नेट बैंकिंग सहित भारतीय बैंक के करंट एकाउन्ट को उपलब्ध कराने को कहा। जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के गैंमिंग ऐप, लॉगिन ऐप, ट्रेडिट ऐप में किया जाना था। ली ने बसन्त कुंज दिल्ली के फार्म हाउस में रह रहे छीन्जों थारचिंन से संपर्क करवाया। जिसके बाद अभियुक्त छीन्जों थारचिन ने अपने पूर्व परिचित जॉर्डन से अकाउन्ट की व्यवस्था करने को कहा। जॉर्डन के साथ भारतीय बैंक अकाउन्ट इन्हें उपलब्ध कराने लगा और उसके बदले कैश पैसा लेने लगा। अभियुक्त ने एक भारतीय बैंक एकाउन्ट, चायनीज को उपलब्ध कराया गया था।
26 भारतीय अकाउंट की डिटेल आकाओं को दी
इस एकाउन्ट में लगभग साढे चार करोड रूपये का ट्रान्जेक्शन होने के बाद खाता धारक ने दिल्ली के जीटीवी एन्क्लेव थाने पर 09-12-2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें छीन्जों थारर्चिन (तिब्बती) जेल गया था और लगभग 9 माह जेल में रहा था। जॉर्डन इस अभियोग में सह अभियुक्त है। जेल से छूटने के बाद छीन्जों थारचिंन की मुलाकात द्वारिका के रहने वाले नन्दू उर्फ नरेन्द्र यादव से हुई, जो पहले से ही चायनीज के संपर्क में था। जो उनको पैसा लेकर इण्डियन एकाउन्ट उपलब्ध कराता था। छीन्जों थारचिन, नेपाल एवं श्रीलंका में बैठे चायनीज के संपर्क में आ गया और भारतीय व्यक्तियों के एवं फर्मों के बैंक खाते की जानकारी विदेशी नागरिकों को उपलब्ध कराने लगा। जिसका प्रयोग वे लोग साईबर क्राईम में कर रहे थे। छीन्जों थारचिंन ने वर्ष - 2023 में चन्द्रा ठाकुर के नाम से बना पासपोर्ट खत्म होने पर वर्ष 2024 में दिल्ली के पते पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पुनः पासपोर्ट प्राप्त कर लिया। पूछताछ में लगभग 26 भारतीय बैंक अकाउन्ट प्रकाश में आये हैं, जिनके सम्बन्ध में गहन छानबीन की जा रही है।
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