हाईवे और एक्सप्रेस वे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं. ऐसा ही एक हादसा गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हो गया. जहां भोजपुर के कलछीना गांव के पास सुबह के समय ट्रक की टक्कर और दूध के टैंकर की टक्कर हो गई. वहीं इस हादसे में ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई. जबकि दूध के टैंकर का चालक और क्लीनर मामूला रूप से घायल हो गया. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. हादसे के कारण एक्सप्रेस वे पर जाम लग गया. जिसे पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने खुलवा दिया.
दूध लूटने की मची लोगों में होड़
इस पूरे वाकये के बीच दूध की लूट भी देखने को मिली. दरअसल ट्रक की टक्कर से दूध का टैंकर से दूध बहने लगा. जिसके बाद दूध लूटने की लोगों में होड़ मच गई. दूध के टैंकर के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई. जिसके बाद वहां मौजूद लोग बाल्टी और बोतलों में दूध लूटते दिखाई दिए. साथ ही टक्कर के बाद कई लीटर दूध सड़क पर भी बहता नजर आया.
केरल में दिनदहाड़े लूट और अपहरण की एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है. वहीं इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रहा है. मिली जानकारी के अनुसार त्रिशूर में पीची के पास नेशनल हाईवे पर 12 लोगों के एक गिरोह ने कार को घेरकर उसमें बैठे दो लोगों का अपहरण कर लिया. इसके बाद बदमाशों ने पीड़ितों के पास से 2.5 किलोग्राम सोने के आभूषण भी लूट लिए. वहीं मामले को लेकर पीड़ितों की पहचान आभूषण व्यापारी अरुण सनी और उनके दोस्त रोजी थॉमस के तौर पर हुई है.
22 सितंबर को 12 नकाबपोशों ने लूट की घटना को दिया अंजाम
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो डैशकैम से रिकॉर्ड किया गया है. पुलिस ने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये घटना 22 सितंबर की है. नेशनल हाईवे पर फ्लाईओवर के पास निर्माण कार्य होने के चलते वहां आने-जाने का रास्ता संकरा था और वाहनों को स्पीड कम करके गुजरना पड़ रहा था. इसी जगह पर 3 एसयूवी कारों ने एक कार को घेर लिया. इसके बाद SUV कारों से 10 से 12 नकाबपोश लोग बाहर आए और कार में बैठे दो व्यक्तियों को हथियार के बल पर अगवा कर लिया. इसके बाद बदमाशों ने व्यापारी अरुण सनी और उनके दोस्त रोजी थॉमस को पीटा और उनके पास से 2.5 किलोग्राम सोने के गहने भी लूट लिए. बाद में अरुण और रोजी को बदमाश सुनसान जगह पर छोड़कर भाग गए.
25 सितंबर में पीड़ितों ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
25 सितंबर को थाने पहुंचकर पीड़ित आभूषण व्यापारी अरुण सनी और उनके दोस्त रोजी थॉमस ने शिकायत भी दर्ज कराई है. इस एफआईआर में पीड़ित ने बताया है कि उन्हें अगवा करके मारपीट की गई और उनके 1.84 करोड़ की कीमत के आभूषण लूट लिए गए है. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और लुटेरों की तलाश जारी है.
ग्रेटर नोएडा की नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को छात्रों ने जंग का मैदान बना बना दिया. ये सारी घटना तब शुरू हुई जब मामूली विवाद में पांच छात्रों ने एक छात्र की बेरहमी से पिटाई कर दी. वहीं घटना को अंजाम देकर आरोपी छात्र मौके से फरार हो गए. इस घटना में पीड़ित छात्र के सिर और रीड की हड्डी में गंभीर चोटें आई है. पीड़ित छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है और वह आईसीयू में एडमिट है. मिली जानकारी के अनुसार कैंटीन की कुर्सी पर बैठने को लेकर विवाद शुरू हुआ था जो कि देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि पांच छात्रों ने मिलकर एक छात्र पर जमकर लात-घूसों की बरसात कर दी.
तीन छात्रों को नामजद कर पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
वहीं इस पूरे मामले में पीड़ित छात्र के पिता ने तीन छात्रों को नामजद कर पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. वहीं यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने परिसर में छात्रों के बीच मारपीट होने से इनकार किया है. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है. उससे पूछताछ की जा रही है. वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है. जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ के खेड़ा बुजुर्ग गांव का रहने वाला लोकेश कुमार बीते कुछ समय से ग्रेटर नोएडा में रह रहा है. वह दनकौर क्षेत्र स्थित नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में बीए सेकेंड ईयर का छात्र है, उसके पिता देवराज सिंह चौहान पेशे से वकील हैं.
पीड़ित को जबरन कुर्सी से उठाने पर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित छात्र लोकेश कुमार के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है, कि लोकेश यूनिवर्सिटी की कैंटीन में एक कुर्सी पर बैठा हुआ था. आरोप है कि वहां अन्य छात्र आशु कसाना, कपिल, अंकित और दो अज्ञात छात्रों ने लोकेश को जबरन कुर्सी से उठा दिया. जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने कुर्सी उठाकर उसके सिर में दे मारी. साथ ही नीचे गिराकर पीठ पर कुर्सी से हमले किए.
पुलिस आरोपी छात्रों की तलाश में जुटी
घटना में लोकेश कुमार को गंभीर चोटें आईं है. जिसके बाद पीड़ित छात्र को यूनिवर्सिटी परिसर स्थित अस्पताल में एडमिट करा दिया गया है. बाद में हालत नाजुक होने की वजह से उसे ग्रेटर नोएडा के एक अन्य अस्पताल में रेफर किया गया. बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही पीड़ित छात्र आईसीयू में है. दनकौर थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इस मामले में एक नामजद आरोपी कपिल को सोमवार को पुलिस हिरासत में ले लिया है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है. जल्द ही अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
अगर आप ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आवंटी हैं और आप अपनी संपत्ति के लीज रेंट का भुगतान एकमुश्त करना चाहते हैं. तो आप 15 सितंबर 2024 तक भुगतान कर दीजिए। इस अवधि के बाद लीज रेंट 11 गुना से बढ़कर 15 गुना हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस आशय का कार्यालय आदेश जारी कर दिया है।
15 सितंबर कर कर दें लीज रेंट का भुगतान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की विगत बोर्ड बैठक में लीज रेंट का भुगतान एकमुश्त करने पर 11 गुना से बढ़ाकर 15 गुना करने का प्रस्ताव पास हुआ है। इसका कार्यालय आदेश बृहस्पतिवार को जारी कर दिया गया। जिसमें आवंटियों को 11 गुना के हिसाब से एकमुश्त लीज रेंट का भुगतान करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद एकमुश्त लीज रेंट का भुगतान कुल प्रीमियम का 15 गुना हो जाएगा। यानी आवंटियों को 15 सितंबर के बाद निर्धारित लीज रेंट का एकमुश्त भुगतान करने पर 11 गुना के बजाय 15 गुना देना होगा। विकास कार्यों पर प्राधिकरण के बढ़ते खर्च को देखते हुए एकमुश्त लीज रेंट को 11 गुना से बढ़ाकर 15 गुना की गई है।
आवंटी उठा सकते हैं अवसर का लाभ- सीईओ
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि आवंटियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लीज रेंट का एकमुश्त भुगतान करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। आवंटी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि लीज रेंट से प्राप्त धनराशि को किसानों से जमीन क्रय करने, उसको विकसित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने, शहर के रखरखाव आदि कार्यों पर की खर्च की जाएगी।
लीज रेंट से मिली राशि ग्रेटर नोएडा के विकास कार्यों पर होगी खर्च
ग्रेटर नोएडा में लीज रेंट आवासीय संपत्ति और ग्रुप हाउसिंग पर कुल प्रीमियम का एक प्रतिशत वार्षिक और एकमुश्त भुगतान करने पर 11 प्रतिशत है। अन्य संपत्तियों (औद्योगिक, वाणिज्यिक, आईटी और संस्थागत) पर 2.5 प्रतिशत वार्षिक और एकमुश्त भुगतान करने पर लीज रेंट 27.5 फीसदी है। आवंटियों के पास लीज रेंट का एकमुश्त भुगतान करने के साथ ही सालाना भुगतान का भी विकल्प है। जिन आवंटियों ने लीज रेंट एकमुश्त जमा कर दिया है, उन पर इस आदेश का कोई असर नहीं पड़ेगा और जिन्होंने अब तक एकमुश्त लीज रेंट का भुगतान करना चाहते हैं वे 15 सितंबर 2024 तक जमा कर सकते हैं। यह बढ़ोत्तरी 15 जून 2024 को संपन्न बोर्ड बैठक में निर्णय के बाद आवंटित संपत्तियों पर लागू होगी। वार्षिक लीज रेंट करने के लिए किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया। बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को एकमुश्त और वार्षिक लीज रेंट से 400 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि प्राप्त होती है। यह धनराशि ग्रेटर नोएडा के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है।
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