भारतीय हॉकी टीम की ओर से पेरिस ओलंपिक से देशवासियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरी बार ओलंपिक सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ये कारनामा भारतीय टीम ने ब्रिटेन को पेनल्टी शूटआउट में हराकर किया है। आपको बता दें, चार क्वार्टर की समाप्ति के बाद दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर था। जिसके बाद दोनों टीमों ने निर्धारित एक्स्ट्रा टाइम लेने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें वो समय नहीं मिला और पेनल्टी शूटआउट से इसका फैसला किया गया। जिसमें भारतीय हॉकी टीम ने 4-2 से ब्रिटेन को मात देकर सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है।
6 अगस्त को होगा सिल्वर पक्का?
वैसे आपको जानकर हैरानी होगी कि ये मैच इंडियन हॉकी टीम ने 11 नहीं बल्कि 10 खिलाड़ियों की मौजूदगी में जीता है। दरअसल, खेल के दूसरे ही क्वार्टर में अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिला था। रेड कार्ड की वजह से वो पूरे मैच से बाहर हो गए थे। फिर भी टीम के जोश में कोई कमीं नहीं आई और टीम ने आखिर तक ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी और जीत हासिल की। अब सेमी-फाइनल मैच 6 अगस्त यानी मंगलवार को खेला जाएगा, जिसमें अगर भारतीय टीम ने जीत हासिल कर ली, तो भारत के नाम सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत का जलवा है जारी
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत अब पेरिस ओलंपिक 2024 में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस ओलंपिक में 7 गोल दागे हैं। ऑस्ट्रेलिया हॉकी टीम के ब्लेक गोवर्स ने भी इस ओलंपिक में 7 गोल अपने नाम किए हैं। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने कांस्य पदक जीतकर हॉकी में 41 साल का ओलंपिक पदक का सूखा खत्म किया था।
पेरिस ओलंपिक में जब विनेश फोगाट फाइनल में पहुंची, तो देश में मानों जश्न का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने दिल्ली में पहलवानों के प्रदर्शन को याद करते हुए विनेश की खूब तारीफें की। लेकिन फाइनल मुकाबले से पहले ही विनेश फोगाट महज 50 या 100 ग्राम वजन की वजह से डिसक्वालिफाई हो गईं। जिससे करोड़ों भारतवासियों की गोल्ड की उम्मीद टूट गई। लेकिन इस मामले में एक्स पर कई लोगों ने ओलंपिक संघ पर नाराजगी जाहिर की, तो कई लोगों ने असली वजह की पड़ताल की मांग की। जिसमें विपक्ष के नेता भी शामिल हैं।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर भारतीय संघ से की सच्चाई की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर विनेश फोगाट के डिसक्वालिफाई होने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ से सच्चाई की मांग की। उन्होंने एक्स पर लिखा- ‘विश्वविजेता पहलवानों को हरा कर फाइनल में पहुंची भारत की शान विनेश फोगाट का तकनीकी आधार पर अयोग्य घोषित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय ओलंपिक संघ इस निर्णय को मजबूती से चैलेंज कर देश की बेटी को न्याय दिलाएगा। विनेश हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं, हमें पूरा भरोसा है कि वह अखाड़े में और अधिक मजबूती से वापसी करेंगी। आपने हमेशा देश को गौरवान्वित किया है विनेश। आज भी पूरा देश आपकी ताक़त बनकर आपके साथ खड़ा है’।
अखिलेश यादव ने जांच की मांग की
अखिलेश यादव ने भी एक्स पर लिखा कि ‘विनेश फोगाट के फ़ाइनल में न खेल पाने की चर्चा के तकनीकी कारणों की गहरी जांच-पड़ताल हो और सुनिश्चित किया जाए कि सच्चाई क्या है और इसके पीछे की असली वजह क्या है’।
पीएम मोदी ने भी किया ट्वीट
वहीं, विनेश फोगाट मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- ‘आप चैंपियनों में चैंपियन हैं! आप भारत का गौरव हैं और प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। आज का झटका दुख देता है। काश शब्द उस निराशा की भावना को व्यक्त कर पाते जो मैं अनुभव कर रहा हूं। साथ ही, मैं जानता हूं कि आप लचीलेपन का प्रतीक हैं। चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना हमेशा से आपका स्वभाव रहा है। मजबूत होकर वापस आओ! हम सब आपके पक्ष में हैं’।
वैसे आपको बता दें कि सिर्फ ये नेताओं के रिएक्शन नहीं है। बल्कि सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स विनेश फोगाट के डिसक्वालिफिकेशन को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
Indian Express के @MihirVasavda की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश फोगाट का वजन बीते मंगलवार को हुए मुकाबलों के लिए सही था। लेकिन फिर मंगलवार रात को उसका वजन करीब 2 किलो ज्यादा था। जिसके लिए विनेश पूरी रात नहीं सोई नहीं, बल्कि वजन घटाने के लिए उसने Jogging, skipping, cycling करती रहीं। लेकिन फाइनल मुकाबले से पहले विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला, जिससे उन्हें डिसक्वॉलिफाई कर दिया गया।
नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओंलपिक में मेडल हासिल करके रिकॉर्ड कायम किया, तो सोशल मीडिया पर सिर्फ 26 साल के एथलीट पर बायोपिक बनने की बातें होने लगीं। लेकिन क्या आप ओलंपिक में पहले गोल्ड जीतने से लेकर सुनहरी यादों पर बनी फिल्मों के बारे में जानते हैं...
गोल्ड ( 2018)

अक्षय कुमार स्टारर फिल्म गोल्ड भारतीय हॉकी प्लेयर किशन लाल की बायोपिक थी। मौजूदा समय में हॉकी टीम की प्रतिभा देश में हॉकी के स्वर्णिम युग की वापसी की आहट दे रही है। साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म गोल्ड में अक्षय कुमार ने भारतीय हॉकी प्लेयर किशन लाल की भूमिका अदा की थी। फिल्म में राष्ट्रगान से शुरु होने वाला सवाल राष्ट्रगान के जवाब पर जाकर खत्म होता दिखाया गया है। गोल्ड एक बेहेतरीन बायोपिक का उदाहरण है।
भाग मिल्खा भाग ( 2013)

फरहान अख्तर स्टारर फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' ओलंपिक इवेंट्स (1956, 1960 और 1964) में भारत को रिप्रेजेंट करने वाले लेजेंड एथलीट मिल्खा सिंह पर फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' एक बेहेतरीन बायोपिक फिल्म है। जिससे युवा प्रेरणा लेते हैं। फिल्म में मिल्खा सिंह का रोल फरहान अख्तर ने बखूबी निभाया है।
साइना ( 2021)

साल 2021 में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल की जिंदगी पर फिल्म बनाई गई थी। साइना साल 2012 में रिलीज हुई थी। परिणीति चोपड़ा स्टारर 'साइना' में हैदराबाद से निकलीं लड़की कैसे वर्ल्ड चैंपियन बनने तक का सफर तय करती है, ये दिखाया गया है।
सूरमा ( 2018)

फिल्म 'सूरमा' संदीप सिंह की बायोपिक है। इस फिल्म में उनका किरदार दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। साल 2012 के लंदन ओलंपिक में जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 8 साल बाद क्वालिफाई किया था, तब क्वालिफायर में सबसे ज्यादा 16 गोल संदीप सिंह ने ही किए थे। फिर साल 2006 में उनकी कमर में गोली लगने के बाद उनकी लोअर बॉडी पैरालाईज हो गई थी और डॉक्टर्स ने बताया कि वो अपने पैरों पर खड़े न हो पाएंगे। लेकिन संदीप सिंह ने कमबैक करके दिखाया।
मैरी कॉम ( 2014)

मैरी कॉम महिलाओं को इंस्पायर करने वाली सबसे बेहेतरीन फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम का रोल प्ले किया था। पहली बार ओलंपिक में क्वालीफाई (2012, लंदन) करने वाली और ब्रॉन्ज मैडल जीतने वालीं भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम की कहानी एक महिला की जिंदगी के उतार-चढावों को भी दिखाती है।
पेरिस ओलंपिक 2024 भारत की तरफ से टोटल 117 एथलीट्स पार्टिसिपेट करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन भारत का पेरिस ओलंपिक में सफर 6 मेडल के साथ खत्म हो गया है। भारत के खाते में अब-तक कुल 6 मेडल आए, जबकि 7वें पदक का फैसला आना अभी बाकी है। दरअसल, विनेश फोगाट के डिस्क्वालीफाई हो जाने के बाद सिल्वर मेडल के लिए अलीप दर्ज की थी, जिसका अभी फैसला आना बाकी है।
भारत के खाते में एक भी गोल्ड नहीं
भारतीय ओलंपिक एथलीट्स के खाते में एक भी गोल्ड मेडल नहीं आया है। टोटल 6 में से 5 ब्रॉन्ज और 1 सिल्वर मेडल जीता। सिल्वर मेडल नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में हासिल किया है। वहीं, पेरिस ओलंपिक से पहले टोक्यो ओलंपिक में भारत के खाते में 1 गोल्ड मेडल भी आया था। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कुल 7 मेडल हासिल किए थे।
पेरिस में इन खेलों में मिला मेडल
स्वप्निल कुसाले ने ओलंपिक 2024 में भारत को तीसरा मेडल जीताया है। जिसके बाद भारतीय दल के खाते में कुल 3 मेडल हो गए हैं। ये तीनों ही मेडल निशानेबाजी से भारत के हाथ लगे हैं। ये पहली है जब निशानेबाजी में किसी ओलंपिक में तीन मेडल भारत ने जीते हैं। आपको याद दिला दें, मनु भाकर ने ओलंपिक 2024 में देश को पहला मेडल जीताया था। इसके बाद मनु भाकर ने सरबजोत सिंह के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। तीसरा मेडल जितने वाले स्वप्निल कुसाले पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपने आदर्श के रुप में देखते हैं।
कौन हैं स्वप्निल कुसाले?

निशानेबाज स्वप्निल कुसाले का जन्म 6 अगस्त 1995 में एक किसान परिवार में हुआ था। उनकी शूटिंग के उपलब्धियों को क्रेडिट उनके पिता को जाता है, क्योंकि स्वप्निल के शूटिंग करियर की शुरुआत तब हुई, जब साल 2009 में उनके पिता ने उन्हें महाराष्ट्र के प्राइमरी खेल प्रोग्राम क्रीड़ा प्रबोधिनी में एडमिशन दिलाया था। अब पेरिस ओलिंपिक 2024 में स्वप्निल कुसाले ने 50 मीटर राइफल के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। वो 50 मीटर राइफल के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय निशानेबाज हैं।
जीत के बाद बोले ‘धड़कने तेज हो गई थीं’

स्वप्निल कुसाले साल 2015 में कुवैत में आयोजित हुई एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर राइफल प्रोन 3 इवेंट में गोल्ड मेडल जीत कर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। आपको बता दें, शूटर ने 59वें नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में स्वप्निल गगन नारंग और चेन सिंह जैसे उम्दा शूटर्स को हार का स्वाद चखा चुके हैं। जीत के बाद स्वप्निल ने कहा,
'मुझे काफी खुशी हो रही है कि मैं देश के लिए मेडल जीता। फाइनल के दौरान काफी नर्वस था, धड़कने तेज हो गई थीं।'
धोनी को मानते हैं अपना आदर्श

निशानेबाज स्वप्निल कुसाले ने बताया कि उन्होंने महेद्र सिंह धोनी पर बनी फिल्म को कई बार देखा है। जिसे देख वो उम्मीद करते हैं कि वो भी कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करें। निशानेबाज स्वप्निल कुसाले बोले-
मैं निशानेबाजी की दुनिया में किसी खास व्यक्ति को फॉलो नहीं करता। लेकिन एमएस धोनी एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी मैं बहुत इज्जत करता हूं। मेरे खेल में भी उतना ही शांत और धैर्यवान रहना होता है, जितना वो मैदान पर रहते हैं। मैं उनकी कहानी से भी जुड़ाव महसूस करता हूं क्योंकि मैं भी उन्हीं की तरह टिकट कलेक्टर था।
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