लोकसभा चुनावों में अपनी रोमांचक जीत से विपक्ष खासा खुश है। वहीं 37 लोकसभा सीटों पर अपने शानदार प्रदर्शन के बाद शायद सपा मुखिया अखिलेश यादव नई रणनीति की तैयारी में जुट गए हैं। इसी के तहत अखिलेश यादव ने आज जीतने वाले सभी सांसदों के साथ लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में एक मीटिंग रखी गई। इस मीटिंग में अखिलेश यादव के अगले कदम को लेकर भी फैसला होना था। अखिलेश यादव प्रदेश की राजनीति में विपक्ष का नेतृत्व करेंगे या फिर दिल्ली जाएंगे ये बड़ा सवाल है।
करहल विधानसभा सीट छोड़ सकते हैं अखिलेश
सूत्रों की मानें तो पार्टी मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई है कि वो करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर केंद्र की राजधानी पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। ऐसे में उनके चाचा शिवपाल यादव यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का का पद संभाल सकते हैं। समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। अखिलेश के सीट छोड़ने के बाद तेज प्रताप यादव करहल से प्रबल दावेदार होंगे। तेज प्रताप पहले मुलायम सिंह और इस चुनाव में डिंपल यादव के साथ मैनपुरी में प्रचार कर चुके हैं। वह मैनपुरी से पूर्व सांसद थे। वहीं सूत्रों के हवाले से मिली खबर के बाद एक बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि अखिलेश यादव के दिल्ली की राजनीति में आने के बाद यूपी में नेता प्रतिपक्ष का पद कौन संभालेगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवपाल यादव को विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। चूंकि, शिवपाल अब विधायक दल में सबसे वरिष्ठतम सदस्य हैं इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद दिया जा सकता है. फिलहाल, इसपर आखिरी फैसला अखिलेश ही लेंगे।
सपा के जीतने वाले सांसदों को दी बधाई
पार्टी मुख्यालय में सभी नए सांसद एक मजबूत विपक्ष के रूप में अपने-अपने क्षेत्र में कैसे काम करेंगे और जनता के मुद्दों को सड़क से संसद तक कैसे ले जायेंगे, इस पर भी रणनीति बनी। इसी मीटिंग में लोकसभा में अखिलेश यादव के पार्टी प्रतिनिधित्व पर भी फैसला हो सकता है। अखिलेश यादव ने कन्नौज सीट से इस बार लोकसभा का चुनाव जीता है। मीटिंग के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी जीते हुए सांसदों से मुलाकात हुई, सबने इस तपती धूप में काम किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार में दो सांसद हुए हैं एक वो जिनको सांसद का सर्टिफाकेट मिला दूसरे वो जिनको सर्टिफिकेट नहीं मिला मैं सभी को बधाई बधाई देता हूं।
मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसने लोगों के होश उड़ा दिए. दरअसल करीब एक साल पहले महाराष्ट्र के एक बैंक का अध्यक्ष 300 करोड़ रुपये का घोटाला करके फरार हो गया था. जिसकी तलाश में पुलिस जुटी थी. घोटाला करने वाले इस शख्स को पुलिस ने वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल आरोपी महाराष्ट्र में घोटाले की वारदात को अंजाम देकर मथुरा में बकायदा दाढ़ी-मूंछ कटा कर सफेद धोती और कुर्ता धारण कर साधु वेष में रह रहा था. महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार शाम को जब आरोपी को गिरफ्तार किया तो लोग चौंक गए. जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम ब्रांच उसको अपने साथ ले गई है.
जुलाई 2023 में हुआ था बैंक में 300 करोड़ का घोटाला
साधारण से मकान में साधु वेषधारी आरोपी सुबह से शाम तक मंदिरों में घूमने के बाद रात में किराये के कमरे में रहता था. हालांकि, महाराष्ट्र की क्राइम ब्रांच ने आरोपी शख्स बबन विश्वनाथ शिंदे को खोज निकाला है.बबन महाराष्ट के बीड में जिजाऊ महासाहेब मल्टी स्टेट कोआपरेटिव बैंक का अध्यक्ष था. साल 2013 में बैंक की स्थापना हुई. जुलाई 2023 में बैंक में 300 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया, लेकिन बबन मुकदमा दर्ज होने से पहले ही फरार हो गया. आरोपी बबन पर कई मुकदमे दर्ज है. इसके बाद आरोपी बबन दिल्ली, असम, ओडिशा और नेपाल तक छिपने की कोशिश करता रहा, मगर सफलता नहीं मिली. इसके बाद आरोपी वृंदावन आ गया और यहीं पर साधु वेष बनाकर रहने लगा.
लंबे समय से बबन की तलाश में थी महाराष्ट्र पुलिस
महाराष्ट्र पुलिस को बबन की काफी लंबे समय से तलाश थी. महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि आरोपी बबन शिंदे की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापे मारे गए लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा. करीब एक साल बाद अब बबन पकड़ में आया है. क्राइम ब्रांच की टीम ने बबन को वृंदावन के कृष्ण मंदिर क्षेत्र के पास से एक कमरे से गिरफ्तार किया गया है.
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025New Ayushman Card List Released: Check Your Name Online for All States Including UP & Bihar
August 25, 2025