Greater Noida West: सांसद महेश वर्मा शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से रूबरू हुए और और सीधा संवाद किया। इस दौरान सांसद अपने ही जाल में फंस गए। स्थानीय लोगों ने एक से बढ़कर एक समस्याएं गिना दीं। सांसद ने सबसे पहले ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-16 B सोसायटी में नवनिर्मित सड़क का उद्घाटन किया। इसके बाद लोगों से संवाद किया।

बिल्डरों पर लगाया मनमानी का आरोप
इसके बाद सांसद वेदांत सोसाइटी में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुना और संवाद किया। इस दौरान सोसाइटी के रहिवासियों ने बिल्डर मनमानी करने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि बिल्डर ने तो बड़े-बड़े सपने दिखाकर फ्लैट बेंच दिए लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। बिल्डर ने फ्लैट बेचने वाले को अधर में लटका दिया है। इस बात को सांसद ने भी स्वीकार किया।

सोसाइटी के लोगों ने गिनाई समस्याएं तो दंग रह गए सांसद
वहीं, सीधा संवाद में लोगों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आज समस्याओं का अंबार बन चुका है। यहां जितनी तेजी से लोगों की आबादी बढ़ी है, उतनी ही तेजी से समस्या बढ़ रही है। जिसका अब निदान होता तो कम से कम नहीं दिख रहा है। लोगों ने कहा कि यहां ऊंची-ऊंची इमारते हैं, जिनमें लाखों लोग रह रहे हैं। लेकिन इन सोसायटियों की समस्याओं का निदान नहीं हो रहा है।

अधिकतर फ्लैटों की नहीं हुई रजिस्ट्री
बता दें कि रेडिकॉन वेदांतम सोसाइटी में पार्किंग और जर्जर हालत ही बड़ी परेशानी नहीं है। जीवन भर की पूंजी लगा चुके लोग को बिल्डर की लपरवाही के चलते अभी तक इस सोसायटी के ज्यादातर बॉयर्स के फ्लैट की रजिस्ट्री तक नहीं शुरू हुई है। इस मामले में भी सांसद महेश शर्मा ने संज्ञान लिया। बता दें कि इससे पहले तो सोसायटी निवासियों ने अथॉरिटी के अलावा कई जन प्रतिनिधियों के सामने भी अपनी समस्या रखा थी। जिसका अभी तक निदान नहीं हुआ। हालांकि सांसद महेश शर्मा के आश्वासन के बाद लोगों की उम्मीद जगी है। उन्होंने सोसायटी की समस्या के साथ मेन मार्केट को जोड़ने वाली टूटी सड़क को सुधरवाने का भी आश्वासन दिया।
इन सोसाइटियों में भी सांसद ने किया संवाद
सांसद महेश वर्मा ने इसके अलावा पटेल नियो टाउन, निराला स्टेट, गैलेक्सी नॉर्थ एवन्यू फर्स्ट, सेक्टर 3 डुप्लेक्स और फर्स्ट गौर सिटी में पहुंचकर लोगों सीधा संवाद किया। इस दौरान इन सोसाइटियों में रहने वाले लोगों ने अपनी समस्याएं गिनाईं। वहीं, सांसद ने लोगों की समस्याओं को सुनकर निस्तारण का आश्वासन दिया। इस दौरान दादरी विधायक भी मौजूद रहे।
Greater Noida West: बिल्डर के मनमाने रवैये से परेशान सेक्टर-16 B स्थित अजनारा होम्स के निवासी सांसद महेश शर्मा से मिलने पहुंचे। उन्होंने सांसद के सामने अपनी समस्याओं को रखा। सांसद महेश शर्मा ने लोगों की समस्याओं को सुना और आश्वासन हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
OC और CC जारी करने में देरी
अजनारा होम्स सोसायटी में बिल्डर की लापरवाही के अलावा एक और मुद्दा लोगों के लिए मुश्किल का सबब है। सोसायटी के एन और ओ टावरों में सीसी यानि कम्लीट सर्टिफिकेट और ओसी (अधिभोग प्रमाणपत्र) जारी करने में देरी से संबंधित चल रहे मुद्दों को लेकर लोगों ने सांसद के सामने अपने समस्या को रखा। जिस पर सांसद महेश शर्मा ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द इस समस्या को हल किया जाएगा।
'जल्द शुरू होगी रजिस्ट्री'
सांसद महेश शर्मा ने लोगों की समस्या को सुनकर अपनी प्रतिबद्धता को आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने इस मसले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की भी बात कही। सांसद ने आश्वासन दिया कि जल्द ही रजिस्ट्रियां खोली जाएंगी।
'जल्द ही दिखेंगे सकारात्मक परिणाम'
सांसद महेश शर्मा से मिलने के बाद लोग भी आश्वासत नजर आए। लोगों को एक बार फिर से भरोसा जगा है कि उनकी परेशानियों को जल्द समाधान निकलेगा। सांसद महेश शर्मा से मिलने अजनारा होम्स सोसायटी के कई लोग पहुंचे थे। जिसमें गणेश दीक्षित, अतुल दीक्षित, नीरज गुप्ता, अभिषेक और प्रदीप बसंल शामिल थे।
Noida: पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद गौतम डॉक्टर महेश शर्मा का 'मेरा सांसद मेरा गांव' अभियान के तहत भाजपा के जिला सोशल मीडिया प्रभारी युवा मोर्चा अखिलेश नागर के आवास पर स्वागत किया गया। भाजपा मंडल अध्यक्ष हरि दत्त शर्मा ने गांव की मुख्य समस्याओं को सांसद के सामने विस्तार से रखा। जिसमें किसानों का 64 परसेंट मुआवजा स्थानीय युवाओं को नौकरी दनकौर बाईपास सड़क निर्माण विभिन्न समस्याओं से सांसद को अवगत कराया।
स्थानीय युवाओं को 40% नौकरी दी जाएगी
सांसद महेश शर्मा ने सभी ग्राम वासियों से कहा कि किसानों का 64 परसेंट मुआवजा जल्द ही वितरित होने लगेगा, जो बोर्ड बैठक में पास हो गया है। दनकौर बाईपास की समस्या का भी जल्द ही समाधान किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। स्थानीय युवाओं को 40% नौकरी दे जाएगी।
इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेंद्र भाटी मंडल, मीडिया प्रभारी हरीश शर्मा नगर, पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक सिंह, महामंत्री अमित नागर, संदीप जैन, अतुल मित्तल, पूर्ण पहलवान, मास्टर स्वराज सिंह, हरेंद्र शर्मा, पंकज कौशिक, यशपाल सिंह, सोनू वर्मा, नवीन पंडित, हरिओम पहलवान, सिंगा पंडित, बंटी शिवम शर्मा, ओमकार भाटी समेत युवा मौजूद रहे।
Noida: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 195 लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। गौतमबुद्ध नगर से लोकसभा चुनाव-2024 में डॉ. महेश शर्मा का नाम घोषित किया गया है। डॉ. महेश शर्मा को बीजेपी ने चौथी बार अपना प्रत्याशी बनाया है। पहली लिस्ट में भाजपा के 195 नेताओं के नाम शामिल है, जो सांसद का चुनाव लड़ेंगे। इनमें से 51 नेता उत्तर प्रदेश के हैं। उत्तर प्रदेश में टोटल 80 लोकसभा सीट है, जिनमें से अभी 51 लोकसभा सीट पर भाजपा ने उम्मीदवार की घोषणा हो गई है।
बीजेपी के प्रत्याशियों के नाम
आगामी लोकसभा चुनाव का सियासी संग्राम शुरू हो चुका है। हर पार्टी इस बार सत्ता में आने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने के लिए तैयार है। बीजेपी ने गौतमबुद्ध नगर से लोकसभा चुनाव-2024 के लिए डॉ. महेश शर्मा का नाम घोषित किया गया है। डॉ. महेश शर्मा को बीजेपी ने तीसरी बार अपना प्रत्याशी बनाया है। क्या इस बार बीजेपी एक बार फिर इस सीट पर बाजी मारेगी या फिर इस बार इंडिया अलांयस का कोई सिपाही इस सीट पर अपनी पकड़ बनाने में सफल होगा। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है। गौतमबुद्ध नगर की लोकसभा सीट काफी अहम मानी जाती है।
2009 में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट का गठन हुआ
2009 में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट का गठन हुआ था। वहीं परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद नोएडा, सिकंदराबाद, दादरी, जेवर और खुर्जा विधानसभा को इस लोकसभा सीट में जोड़ा गया था। गौतमबुद्ध नगर की एक खास बात यह है कि यह जिला बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती का गृह जनपद है। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर पहली बार साल 2009 में चुनाव हुए थे, इसमें बीएसपी के सुरेंद्र सिंह नागर जीते थे। वहीं, भाजपा उम्मीदवार डॉ. महेश शर्मा दूसरे पायदान पर रहे थे।
गौतमबुद्ध नगर की राजनीति में किन जातियों का दबदबा
आपको बता दें कि इस लोकसभा सीट पर गुर्जर, ठाकुर, दलित, मुसलमान और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है और इन्हीं जातियों के वोटर्स यहां की किस्मत तय करते हैं। गौतमबुद्ध नगर के करीब 23 लाख वोटरों में से करीब-करीब 16 लाख वोटर गावों में रहते हैं। इनमें से करीब 4 से 4.5 लाख के करीब वोटर ठाकुर हैं। वहीं, ब्राह्मणों के वोटरों की तादाद भी तकरीबन 4 लाख है। मुस्लिमों की संख्या साढ़े तीन लाख, गुर्जरों की संख्या 3.5 से 4 लाख है। वहीं, दलित वोटरों की संख्या 3.5 लाख है। बाकी 3 लाख वोटर अन्य में शामिल हैं।
साल 2019 में बीजेपी के डॉ. महेश शर्मा ने जीत दर्ज की थी
साल 2019 में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को चुनाव हुए थे। इस बार भी ऐसी उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग अप्रैल या मई के महीने में ही चुनाव करवा सकता है। वहीं इस लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी के अलावा अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी ने तीसरी बार गौतमबुद्ध नगर लोकसभा चुनाव के लिए इस सीट पर महेश शर्मा को टिकट दिया है। 2019 में भी इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. महेश शर्मा ने जीत हासिल की थी। उनको कुल 8,30,812 वोट मिले थे। उनका वोट प्रतिशत तकरीबन 60 फीसदी रहा था। वहीं बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी सतबीर नागर को 4,93,890 वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के डॉ. अरविंद कुमार सिंह रहे थे जिनको 42077 वोटों से संतोष करना पड़ा था।
आगामी लोकसभा चुनावों की सुबुगाहट शुरू होते ही हर पार्टी जातीय समीकरण बिठाने में जुट गई है। जिस लोकसभा सीट पर जिस जाति के वोटरों की बहुलता ज्यादा होती है। पार्टियां उस सीट से ऐसे ही उम्मीदवार को खड़ा करती हैं जो उन्हीं की जाति का हो जिससे ज्यादा से ज्यादा वोट मिल सके। वहीं बात करें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तो यह क्षेत्र जाट और गुर्जर बहुल माना जाता है। बीजेपी ने आगामी लोकसभा चुनाव में गौतमबुद्ध नगर सीट से महेश शर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अब देखना ये होगा कि अब इस सीट पर सपा अपने किस उम्मीदवार को टिकट देती है। सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बाद गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट सपा के खाते में गई हैं। रालोद से गठबंधन खत्म होने के बाद सपा मुखिया का पूरा फोकस अब गुर्जरों पर लग गया है। गुर्जरों को खुश करने के लिए वह पश्चिमी उप्र की दो सीटें उन्हें दे सकते हैं।
सपा कभी इस सीट पर विजयी नहीं हुई
पश्चिमी उप्र को जाट और गुर्जर बहुल है। सपा गुर्जरों को अपने पाले में लाने के लिए गौतमबुद्ध नगर के अलावा पश्चिमी उप्र की एक और सीट गुर्जरों को दे सकती है। वहां से सरधना विधायक अतुल प्रधान को मैदान में उतारा जा सकता है। पार्टी हाईकमान ने गौतमबुद्ध नगर की जिला इकाई को लखनऊ बुलाया है। संगठन से मंत्रणा के बाद गौतमबुद्ध नगर सीट से सपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है। बता दें कि 2009 में नए परिसीमन से पहले यह सीट खुर्जा के नाम से थी। सपा कभी इस सीट पर विजय हासिल नहीं कर सकी है।
जयंत चौधरी के साथ किया था गठजोड़
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पहले कांग्रेस अपने लिए मांग रही थी। गुर्जर बहुल सीट होने के कारण सपा ने इसे अपने खाते में लिया, ताकि यहां से गुर्जर प्रत्याशी मैदान में उतारा जा सकें। गुर्जरों की हर बार उपेक्षा हुई है। यहीं कारण रहा है कि खतौली विधान सभा के उप चुनाव में जाट-गुर्जर-मुस्लिम-त्यागी गठजोड़ हो गया और भाजपा को सीट गंवानी पड़ी। जाट किसान आंदोलन के कारण भाजपा से नाराज था। गुर्जर भाजपा से उपेक्षित महसूस होने के कारण जाटों के साथ मिल गठबंधन को चले गए थे।
अब किस पर दांव लगाएगी सपा
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर पहले सपा-रालोद गठबंधन से खतौली के विधायक मदन भैया को मैदान में उतारने की तैयारी थी, लेकिन गठबंधन टूटने से सपा अब किसी अन्य पर दांव लगाएगी। सूत्रों की मानें तो सपा की सूची में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयवती नागर के पति गजराज नागर व पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के अलावा कुछ ऐसे नाम भी है, जो अभी दूसरे दलों में हैं। उन्हें सपा में शामिल कराकर चुनाव लड़ाया जा सकता है। इनमें पूर्व विधायक समीर भाटी व भाजपा से असंतुष्ट चल रहे दो और नेताओं के नाम बताए जा रहे हैं। सपा मुखिया अपने मकसद में कितने कामयाब होंगे, यह तो वक्त ही बताएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ने कुल 195 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं जिनका पत्ता कट गया है और कई ऐसे नाम हैं जो दोहराए गए हैं। जिसमें एक बार फिर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ.महेश शर्मा पर बीजेपी ने विश्वास जताया है। भारतीय जनता पार्टी ने डॉक्टर महेश शर्मा को चौथी बार टिकट दिया है। पेशे से चिकित्सक रहे महेश शर्मा अपने पहले कार्यकाल में केंद्रीय संस्कृति मंत्री रह चुके हैं। यह सच है कि सियासत में उनकी एंट्री बहुत देर से हुई। लेकिन, उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि वह सिर्फ मरीजों की नहीं, बल्कि सियासत की भी नब्ज को अच्छी तरह पहचानते हैं।
गौतमबुद्ध नगर से चौथी बार लड़ेंगे सांसद का चुनाव
डॉ.महेश शर्मा ने पहली बार वर्ष 2009 में चुनाव लड़ा था। उस दौरान उनको हार का सामना करना पड़ा। उस समय डॉक्टर महेश शर्मा और सुरेंद्र सिंह नागर के बीच में कांटे की टक्कर हुई। जिसमें सुरेंद्र सिंह नागर सांसद बन गए। उसके बाद वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डॉक्टर महेश शर्मा ने जीत हासिल की और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र भाटी को हरा दिया। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर डॉ.महेश शर्मा का मुकाबला बसपा के उम्मीदवार सतवीर गुर्जर से हुआ। जिसमें डॉक्टर महेश शर्मा को 8,30,812 वोट मिले। जबकि, सतवीर गुर्जर को 4,93,890 वोट मिले। अब चौथी बार डॉ.महेश शर्मा सांसद का चुनाव लड़ेंगे।
सियासत के हुनरमंद हैं महेश शर्मा
गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा सियासत के हुनरमंद हैं। लोकसभा क्षेत्र से अक्सर उनके विरोध और उनसे नाराजगी की खबरें आती हैं। वहीं गुर्जर और ठाकुर बिरादरी की भी नाराजगी की खबरें आती रहती हैं, लेकिन बीते 17 वर्षों के दौरान उन्होंने सियासत में पीएचडी कर ली है। इस इलाके के जानकारों का मानना है कि जो विरोध कर रहे हैं, उनमें अधिकतर लोग लोकल हैं। मौजूदा वक्त में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बसे बाहरी लोगों की संख्या स्थानीय लोगों से अधिक है। उन्हें अपने समर्थकों और सोसाइटियों में रहने वाले लाखों लोगों पर इतना भरोसा है कि उन्हें मालूम है कि उन्हें अपनी नैया कैसे पार लगानी है।
सुषमा स्वराज ने महेश शर्मा को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया
पहले गौतमबुद्ध नगर खुर्जा लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती थी। उस समय यहां बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता हुआ करते थे। उनमें खुर्जा लोकसभा सीट से चार बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे अशोक प्रधान, दादरी विधानसभा सीट से दो बार के एमएलए और यूपी सरकार में मंत्री रहे नवाब सिंह नागर, डॉ. वीएस चौधरी, हरिश्चंद भाटी, जुगराज चौहान जैसे तमाम नेताओं के नाम शुमार थे। लेकिन, ये आज सियासी गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। बीजेपी की तेज-तर्रार नेता सुषमा स्वराज ने डॉ. महेश शर्मा को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था।
Noida: लोकसभा चुनाव का नोटिफिकेश अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन पार्टियां चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है और मतदाताओं को लुभाना शुरू कर दिया है। इसके साथ बयानबाजी का दौर भी शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने जहां सबसे पहले उम्मीदवार की लिस्ट जारी कर यूपी की सियासत में हलचल मचा दी थी, वहीं अब भाजपा ने एक साथ 51 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। गौतम बुद्ध नगर से एक फिर डॉ.महेश शर्मा पर भरोसा जताया है। लेकिन इस बार गौतम बुद्ध नगर में महेश शर्मा की जीत थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। क्योंकि कई ऐसे मुद्दे हैं, जिसको लेकर किसान और स्थानीय लोग सरकार और प्रशासन से नाराज हैं।
किसानों की मांग पर चुप्पी पड़ सकती है भारी
गौतमबुद्ध नगर जिले में बड़ी संख्या में किसान सरकार और प्रशासन से नाराज हैं। किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर धरना प्रदर्शन करते रहे हैं। किसानों को मुआवजा, रोजगार, प्लॉट जैसे कई मुद्दे हैं, जो कई बार आश्वासन के बाद भी नहीं पूरे हुए हैं। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है। किसान पहले से ही इसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में भुगतने की धमकी दे चुके हैं। वहीं, सबसे अधिक किसान यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से नाराज हैं, क्योंकि इन्होंने कभी समर्थन नहीं दिया। किसानों के विरोध प्रदर्शन में विधायक और सांसद कभी नजर नहीं आए और न ही कोई आश्वासन दिया। जिससे यह मुद्दा भाजपा उम्मीदवार के लिए मुश्किल साबित हो सकता है।
ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो मुद्दा बन सकता है गले की हड्डी
इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में काफी दिनों से मेट्रो चलाई जाने की मांग लोग कर रहे हैं। एक साल से अधिक समय से स्थानीय लोग हर सप्ताह प्रदर्शन कर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो शुरू करने की मांग उठाते हैं। क्योंकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में धीरे-धीरे आबादी बढ़ रही है और आवागमन की सुविधा न होने से लोगों में रोष है। जबकि सरकार या स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मांग को लेकर अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ऐसे में मतदान के समय भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोग अपना रोष जाहिर कर सकते हैं।
समय पर फ्लैट रजिस्ट्री और पजेशन न मिलना बड़ा मुद्दा
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में लगातार सोसाइटियां बस रही हैं और लगातार ऊंची इमारतें भी बन रही हैं। जिनके लाखों खरीदार हैं। लाखों लोगों को बिल्डरों ने फ्लैट तो बेच दिए हैं लेकिन इन्हें रजिस्ट्रे से लेकर पजेशन मिलने में बड़ी दिक्कत हो रही है। लगातार मांग करने के बाद सरकार ने यह मुद्दा सुलझाने की कोशिश की है और बिल्डरों को सहूलियत दी है। जिसकी वजह से अब कुछ लोगों के फ्लैट के रजिस्ट्री होने लगे हैं। लेकिन अभी भी बहुत बड़ा तबका है, जो रजिस्ट्री के लिए धक्के खा रहा है। ऐसे में ये लोग भी सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। इस मुद्दे पर सत्तारूढ भाजपा को थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है। क्योंकि पूरी जीवन की कमाई लगाने वाले दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हुए हैं।
Greater Noida West ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों की मुराद पूरी हो गई है। ग्रेटर नोएडा का पहला फुट ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। एक मूर्ति गोलचक्कर पर बने एफओबी को आज 3 बजे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। सांसद महेश शर्मा और दादरी विधायक तेजपाल नागर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार उद्घाटन करेंगे।
539 लाख में बना एफओबी
बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जाम और लगातार हो रहे हादसे के कारण यहां के लोग काफी दिनों से फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद योगी सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद प्राधिकरण ने एक मूर्ति गोल चक्कर के पास 539 लाख की लागत एफओबी तैयार किया है। यह शहर का पहला एफओबी है। बताया जाता है कि यहां पर काफी सड़क हादसे हो चुके हैं और इनमें कुछ लोगों की मौत भी हुई।
काफी समय से लोग कर रहे थे मांग
आपको बता दें कि एक मूर्ति गोलचक्कर के पास फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए काफी समय से मांग कर रहे थे। फुटओवर ब्रिज बनने से पहले कई लोगों की इस स्थान पर काफी सड़क हादसे हो चुके हैं। इसके बाद फैसला लिया गया कि बहुत जल्द फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा और डेढ़ महीने तक लगातार काम चलने के बाद शहर का पहला एफओबी बनकर तैयार हो गया है।
प्राधिकरण को हर महीने होगा 9 लाख रुपए का फायदा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के अलावा कैलाश अस्पताल के सामने, जगत फार्म के सामने, निराला स्टेट के सामने और सुपरटेक इकोविलेज के सामने भी फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि सभी फुटओवर ब्रिज बनने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को करीब 9 लाख रुपए का फायदा हर महीने होगा।
लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही चुनावी माहौल भी गर्म हो गया है। तो वहीं दूसरी ओर इस बार गौतमबुद्ध नगर में चुनावी रण बेहद दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि इस बार जहां बीजेपी ने डॉ. महेश शर्मा चुनाव मैदान में उतारा है तो वहीं सपा ने भी महेश को चुनौती देने के लिए गौतमबुद्ध नगर सीट से डॉ.महेंद्र नागर को मैदान में उतार दिया है। अब गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर दो डॉक्टरों की टक्कर होने वाली है। फिलहाल गौतमबुद्ध नगर से केवल समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने ही अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
कौन हैं डॉक्टर महेंद्र नागर?
आपको बता दें कि डॉ.महेंद्र नागर समाजवादी पार्टी से पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। वह काफी समय तक गौतमबुद्ध नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे थे लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले उन्होंने लखनऊ में समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। उन्होंने लखनऊ में जाकर अखिलेश यादव का हाथ पकड़ा था।
डॉक्टर महेंद्र नागर का विवादों से पुराना नाता
जानकारी के अनुसार डॉक्टर महेंद्र नागर का विवादों से पुराना नाता है। जब वह कांग्रेस में थे तो वह लंबे समय तक विवादों में भी रहे थे। हालांकि, उसके बावजूद भी कांग्रेस ने उनको जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। महेंद्र नागर काफी पुराने नेता हैं। बताया जाता है कि गुर्जर समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। कांग्रेस में उनके खिलाफ काफी गलत गतिविधियों होने लगी थी, जिसकी वजह से उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था।
क्या इस बार गौतमबुद्धनगर सीट से जीतेगी सपा ?
फिलहाल अगर बात करें दोनों प्रत्याशियों की तो भाजपा ने चौथी बार अपने मौजूदा सांसद डॉ. महेश शर्मा पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। डॉ. महेश शर्मा साल 2014 और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। यदि इस बार भी वह गौतमबुद्धनगर सीट से जीतते हैं तो उनकी हैट्रिक होगी। दिल्ली से सटी यह सीट बसपा सुप्रीमो मायावती का गृहनगर भी है। कुछ वर्षों पहले तक इस सीट पर बसपा का दबदबा था लेकिन धीरे-धीरे उसका दबदबा जाता रहा। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट 2009 में बनी थी। गठबंधन के तहत गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट सपा के खाते में थी। इस सीट पर सपा पहली बार कांग्रेस के साथ चुनाव मैदान में है। इस सीट से अभी तक एक बार भी सपा और कांग्रेस अपनी जीत दर्ज नहीं करा सकी है।
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025New Ayushman Card List Released: Check Your Name Online for All States Including UP & Bihar
August 25, 2025