ग्रेटर नोएडा: उद्योगों के विकास में आड़े आ रही समस्याओं को लेकर प्राधिकरण कार्यालय में बैठक की गई। इस दौरान उद्यमियों की समस्याओं को सुना गया। बैठक में जिला उद्योग केंद्र से जुड़े अलग-अलग संगठन के उद्यमियों ने हिस्सा लिया। जिन्होंने औद्योगिक भूखंडों की मांग करते हुए उन्हें समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान प्राधिकरण के ओएसडी विष्णु राज ने उद्यमियों की समस्याओं को सुनते हुए उन्हें जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
ग्रेटर नोएडा: जिन आवंटियों ने समय पूरा होने के बाद भी अभी तक उद्योग नहीं लगाया प्राधिकरण उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई करने जा रही है। ऐसे आवंटियों के आवंटन को रद्द करने के निर्देश दिए गये हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने निर्देश देते हुए कहा कि जिन आवंटियों को अंतिम नोटिस भेजी जा चुकी है, उसके बावजूद उन्होंने उद्योग नहीं लगाया, ऐसे आवंटियों के आवंटन को तत्काल रद्द कर दिया जाए।
दूसरे निवेशकों को उद्योग लगाने का मिलेगा मौका
सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि आवंटन रद्द होने के बाद उन भूखंडों को दूसरे निवेशकों को आवंटित किया जाए, ताकि उद्योग लग सके और रोजगार का अवसर बढ़े।
धनराशि नहीं जमा तो भी रद्द होगा आवंटन
सीईओ रितु माहेश्वरी ने स्कीमों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन आवंटियों ने धनराशि जमा करा दी है, उनकी लीज डीड की प्रक्रिया तत्काल संपन्न कराएं। जबकि जिनका धनराशि नहीं जमा और अंतिम तारीख़ निकल चुकी है, ऐसे आवंटियों का भी आवंटन तत्काल रद्द करने के निर्देश दिया गया है।
वेयर हाउस स्कीम लाने की तैयारी
उधर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जल्द ही वेयर हाउस स्कीम लाने की तैयारी कर रहा है। वेयर हाउस स्कीम ईकोटेक-16 में लाया जाएगा। जिसके लिए भूखंडों को चिन्हित किया जा रहा है।
नोएडा: अगर आप शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगाने के इच्छुक हैं, तो 25 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। गौतम बुद्ध नगर के डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अंबुज कुमार ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में उद्यम की स्थापना के लिए इच्छुक उद्यमी/लाभार्थी 25 जून तक इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जा रहा है।
50 लाख तक लोन
इस योजना के तहत अधिकतम 50 लाख रुपये तक का लोन बैंक के माध्यम से उद्यम की स्थापना के लिए प्रदान किया जाता है। योजना में सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को प्रोजेक्ट कास्ट का 25 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के साथ महिला उद्यमियों को प्रोजेक्ट कास्ट का 35 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा प्रदान की जाती है।
ऐसे करें अप्लाई
कोई भी आवेदक www.kviconline.gov.in/pmegpeportal की बेवसाइट पर जाकर एजेन्सी (KVIB) चयन कर ऑनलाइन आवेदन दिनांक 25 जून 2023 तक कर सकते है। वेबसाइट पर योजना के सम्बन्ध में पूरी जानकारी उपलब्ध है। योजना के अन्तर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में उद्यम की स्थापना के लिए इच्छुक उद्यमी/लाभार्थी आनलाइन आवेदन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जनपद के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से दूरभाष नम्बर 9580503196 और 9837340999 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
GREATER NOIDA: प्राधिकरण की कमान संभालने के बाद नए CEO रवि कुमार एनजी लगातार एक्शन में हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में पिछले CEO के कार्यकाल में कई कम अनुभव वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभाग बांटे गये थे, जिन्हें अब वापस लिए जा रहे हैं।
कई महीने से पेंडिंग हैं उद्यमियों की फाइलें
एक-तरफ सरकार लगातार उद्योग को बढ़ावा देने में जुटी है, ताकि प्रदेश की अर्थव्यस्था को नए मुकाम तक ले जाया जा सके। इसके लिए यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी ग्रेटर नोएडा में आयोजन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के चलते उद्यमियों और आवंटियों के महत्वपूर्ण फाइलें 4-4 महीनें से विभाग के चक्कर काट रही हैं। जिससे आवंटियों और उद्यमियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नए CEO से जगी उम्मीदें
प्राधिकरण के नए CEO रवि कुमार एनजी लगातार आवंटियों और उद्मियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और उनकी परेशानियों को सुन रहे हैं। इसके अलावा जिन विभागों में इनकी फाइलें अटकी पड़ी हैं, उसे तत्काल निवारण के आदेश भी नए CEO की तरफ से दिए जा रहे हैं। जिसके बाद नए सीईओ से आवंटियों और उद्यमियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। इसके साथ ही अब ये भी उम्मीद की जा रही है कि अब ऐसे अधिकारियों को ही महत्वपूर्ण विभाग और जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, जो ईमानदारी से उद्मियों, आवंटियों और आम लोगों के के मसले का निवारण करेंगे।
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्री लगाने के लिए सुनहरा मौका प्राधिकरण दे रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने 44 औद्योगिक भूखंडों की योजना 30 जनवरी को लॉन्च किया है, ऑनलाइन उपलब्ध हैं। प्राधिकरण को इन प्लॉट के एवज में रिजर्व प्राइस से करीब 500 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। इन औद्योगिक भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के माध्यम से किया जा रहा है। इन 44 भूखंडों के आवंटन और निवेश से 10 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद प्राधिकरण ने जताई है।
इन सेक्टरों में हैं भूखंड
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के मुताबिक, उद्योग विभाग ने 44 भूखंडों की योजना लांच की है। इसके तहत लगभग 50 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। इन 44 भूखंडों में से 8 सेक्टर ईकोटेक वन, सेक्टर ईकोटेक वन एक्सटेंशन में 1, इकोटेक चार में एक, ईकोटेक छह बी में दो, ईकोटेक छह में 23 भूखंड और उद्योग केंद्र एक्सटेंशन वन में 7 और उद्योग विहार एक्सटेंशन में दो भूखंड हैं। ये भूखंड 135 से लेकर 20354 वर्ग मीटर तक के हैं।
निवेश मित्रा पोर्टल पर 19 तक कर सकते हैं आवेदन
बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर इस योजना के ब्रोशर उपलब्ध हैं। इन भूखंडों के लिए निवेश मित्रा पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। ब्रोशर डाउनलोड करने और पंजीकरण शुल्क का भुगतान कर पंजीकरण कराने की सुविधा शुरू हो गई है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 19 फरवरी है। पंजीकरण शुल्क, ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपोजिट) और प्रोसेसिंग फीस भी 19 फरवरी तक ही जमा की जा सकेगी।
Greater Noida: प्राधिकरण ने 44 औद्योगिक भूखंडों की योजना लॉन्च कर दी है। बुधवार यानि 30 जनवरी से भूखंडों की योजना के लिए ब्रोशर ऑनलाइन उपलब्ध हो गये हैं। इन 44 भूखंडों के आवंटन से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को प्लॉट के एवज में रिजर्व प्राइस से करीब 500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिए हो रहा है।

कितने का निवेश और कितना रोजगार?
इन औद्योगिक भूखंडों के पंजीकरण कराने की अंतिम तारीख 19 फरवरी रखी गई है। जिसके बाद औद्योगिक भूखंडों पर उद्योग लगाने के लिए आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जानी है। भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिए होगा। इनके आवंटन से 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। जसमें डायरेक्ट और इनडायरेक्ट 10 हजार तक लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यहां पर भूखंड का होना है आवंटन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर उद्योग विभाग ने 44 भूखंडों की योजना लॉन्च कर दी है। इस योजना के जरिए लगभग 50 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। इन 44 भूखंडों में से 8 भूखंड सेक्टर ईकोटेक वन, इकोटेक चार में एक, ईकोटेक-6 बी में दो, ईकोटेक-6 में 23 भूखंड, उद्योग केंद्र एक्सटेंशन वन में 7 और उद्योग विहार एक्सटेंशन में दो भूखंड हैं। ये भूखंड 135 वर्ग मीटर से लेकर 20354 वर्ग मीटर एरिया तक के हैं।

ऐसे करें आवेदन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट www.greaternoidaauthority.in पर इनके ब्रोशर उपलब्ध हो गए हैं। इनको डाउनलोड किया जा सकता है। इन भूखंडों के लिए निवेश मित्रा www.niveshmitra.up.nic.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट से भी इसका लिंक दिया गया है। 30 जनवरी 2024 से ब्रोशर डाउनलोड करने व पंजीकरण शुल्क का भुगतान कर पंजीकरण कराने की सुविधा शुरू हो गई है।
एक माह में भूखंड का पजेशन
पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 फरवरी है। पंजीकरण शुल्क, ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपोजिट) और प्रोसेसिंग फीस भी 19 फरवरी तक ही जमा की जा सकती है। आवंटन के बाद इन भूखंडों पर एक माह में ही पजेशन मिल जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक निवेश के केंद्र के रूप में उभरा है। उद्यमियों की मांग व जरूरत को देखते हुए स्कीम लांच कर दी गई है। तय समय सीमा में प्लॉट पर पजेशन दे दिए जाएंगे। इससे निवेश के साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नए-नए प्रयास कर रही है। इसके तहत प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों को चिन्हित कर वहां पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया। 7 लाख 36 करोड़ के बजट में उद्योगों पर खास फोकस किया गया है।
Lucknow: बुंदेलखण्ड क्षेत्र में नए औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) का गठन किया जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तर्ज पर बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक वाणिज्यिक और आवासीय टाउनशिप विकसित करने की योजना है। बीडा प्राधिकरण क्षेत्र को नोएडा के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जिससे बुंदेलखंड के निवासियों को रोजगार के लिए दूसरे शहर की तरफ नहीं जाना पड़ेगा।
मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने की नीति लागू
सरकार का जोर अब प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग पर है। ताकि प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर युवाओं को मिल सके। इसके तहत सेमी कंडक्टर, डाटा सेंटर, स्टार्टअप और आईटी सेक्टर्स से संबंधित विशेष योजना के साथ इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए नीति भी लागू की गई है।
डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम
प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड्स में से 3 नोड्स आवंटन भी पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 के निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन नीति-2023 लागू की है। किसी भी राज्य द्वारा बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का ये अपनी तरह का पहला प्रयास है। नीति के क्रियान्यवन के लिए 250 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
टैबलेट, स्मार्ट फोन वितरण की व्यवस्था
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण के लिए 4 हजार करोड़ रूपये व्यवस्था प्रस्तावित है। पिछले साल 25 लाख से अधिक टैबलेट/ स्मार्टफोन बांटे गये हैं।
इन योजना पर भी चल रहा काम
● गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए दो हजार 57 करोड़ 76 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। जो वर्तमान साल की तुलना में दो गुने से अधिक है।
● आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने हेतु नये लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● अटल इंडस्ट्रियल इंस्ट्रक्चर मिशन हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्तमान वर्ष के सापेक्ष 33 प्रतिशत अधिक है।
● अवस्थापना और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आज उत्तर प्रदेश एक अग्रणी प्रदेश के रूप में उभरा है। अपराध पर लगाम लगी है, अपराधियों का प्रदेश से सफाया हो चुका है।
Noida: राजधानी लखनऊ में चौथे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन हो रहा है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद प्रदेश में अब तक सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट आ रहा है। जिलों में भी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सांसद डॉ महेश शर्मा, डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसीईओ संजय खत्री शामिल हुए।
65 निवेशकों ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित हुए कार्यक्रम में सांसद और अधिकारियों के साथ निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। जिले में 1377 नई इकाइयां लगने जा रही हैं। इससे जिले में एक लाख 95 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश आएगा। इसमें 3 से 4 लाख रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। पूरे प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा औद्योगिक निवेश आए हैं। जिससे यहां के लोगों में खुशी का माहौल है। जिले में निवेश का सबसे बड़ा कारण इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी का माना जा रहा है। सोमवार को आयोजित हुए कार्यक्रम में 10 करोड़ से कम निवेश वाले 65 निवेशकों ने हिस्सा लिया।
"गौतमबुद्ध नगर रच रहा नया कीर्तिमान"
सांसद महेश शर्मा ने कहा बीजेपी की सरकार आने के बाद आज बड़ी संख्या में निवेशक खुलेमन से गौतमबुद्ध नगर में निवेश कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले साल जो यूपी इन्वेस्टमेंट समिट हुई, उसका 26 फीसद निवेश सिर्फ गौतमबुद्ध नगर में आया है। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन सरकार की बदौलत ही निवेशकों का यूपी में विश्वास बढ़ा है। इसका पूरा श्रेय केंद्र और राज्य सरकार को जाता है। सांसद महेश शर्मा ने कहा कि इसकी नींव तब ही रख दी गई थी, जब जिले में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ऐलान हुआ था, यहां पर बढ़ते विकास को देखते हुए कंपनियों ने आज जिले में निवेश करने के इच्छा जताई है। इस दौरान सांसद महेश शर्मा ने सभी निवेशकों का आभार जताने के साथ उन्हें बधाई भी दी।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने अपने शानदार गानों से सभी का दिल जीत लिया है। उन्होंने पंजाबी इंडस्ट्री के अलावा बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी काफी काम किया है। दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने कॉन्सर्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। फैन ने दिलजीत दोसांझ को भेजा कानूनी नोटिस ।

Diljit Dosanjh : पंजाबी सिंगर और बॉलीवुड एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने कॉन्सर्ट को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। दिलजीत दोसांझ देशभर में 10 जगहों पर एक बड़ा कॉन्सर्ट करेंगे। उनके कॉन्सर्ट टूर का नाम दिल-लुमिनाती है। दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम देश के सबसे बड़े कॉन्सर्ट में से एक का आयोजन करने के लिए तैयार है, लेकिन कॉन्सर्ट से पहले ही यह स्टेडियम विवादों में घिर गया है। इस कॉन्सर्ट को लेकर टिकटों के समय से पहले लाइव होने और रेट में हेराफेरी के आरोप लगे हैं।
दिलजीत दोसांझ को मिला नोटिस...

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अपने लाइव शो करते हैं। दिलजीत के न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अच्छी खासी संख्या में प्रशंसक हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के एक लॉ स्टूडेंट ने दिलजीत दोसांझ को कानूनी नोटिस भेजा है। और उन्होंने आरोप लगाया कि ऑर्गेनाइजर दिलजीत के नाम पर धोखा दे रहे हैं। ऑर्गेनाइज की इस हरकत की वजह से दिलजीत के शो की टिकट की कीमत भी काफी ज्यादा है।
खत्म नहीं हो रहा विवाद…

कुछ समय पहले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी दिलजीत के शो के बारे में काफी कुछ कहा था। उन्होंने दावा किया कि दिलजीत के शो के टिकटों की कीमत लगभग 25,000 रुपये है। जो एक आम आदमी के बजट से बाहर है उनके शो के लिए टिकट की कीमतें कम होनी चाहिए क्योंकि उनको फॉलो करने वाले मध्यम वर्ग के लोग हैं। यहां तक कि हॉलीवुड सितारे भी अपने टिकट के दाम इतने ऊंचे नहीं रखते।
दिलजीत का वर्कफ्रंट…

दिलजीत के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार अमर सिंह चमकेला और क्रू में देखा गया था। अब दिलजीत के फैंस उनकी आने वाली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बताते चलें कि दिलजीत दोसांझ दिल-लुमिनाटी टूर के तहत भारत के 10 शहरों में कॉन्सर्ट करने वाले हैं। शो हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु, इंदौर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, लखनऊ और दिल्ली में होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में बुधवार को तीन दिवसीय ‘सेमीकॉन इंडिया 2024’ का उद्घाटन किया। इस दौरान अपनी स्पीच में पीएम मोदी ने भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में बढ़ रही भागीदारी पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि ‘दुनिया भारत पर तब भरोसा कर सकती है जब उस पर सेमीकंडक्टर का संकट हो। भारत चिप्स (सेमीकंडक्टर चिप) का बड़ा उपभोक्ता है और सेमीकंडक्टर सिर्फ तकनीक का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का साधन भी है’।
पीएम मोदी के भाषण के बाद शेयर्स में तेजी
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को लेकर जो कहा, इसके बाद भारतीय भारतीय शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयर्स में तेजी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स (RIR Power Electronics) और एसपीईएल सेमीकंडक्टर (SPEL Semiconductor) के शेयरों में अपर सर्किट लगा। दोनों ने अपनी 5% की ऊपरी सीमा पर लॉक किया। वहीं, कई अन्य शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर में काम करने वाली कंपनी सीजी पावर (CG Power), एएसएम टेक्नोलॉजीज (ASM Technologies) और मॉसचिप टेक्नोलॉजीज (Moschip Technologies) के शेयरों में 2.5 से 4 फीसदी तक की तेजी आई है।
प्रधानमंत्री ने की अगले 10 साल की बात
पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2024 की अपनी स्पीच में इस क्षेत्र में आने वाले 10 सालों में कितना बदलाव होगा, उसपर भी बात की। उन्होंने बताया कि सरकार चिप इंडस्ट्री के विकास के लिए 360-डिग्री दृष्टिकोण अपना रही है। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर्स के उत्पादन को बढ़ाना है। वहीं, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार अगले 10 सालों में 85,000 इंजीनियर्स और तकनीशियनों की मजबूत प्रतिभा का विकास करेगी। 113 विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ साझेदारी की गई है, ताकि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार किया जा सके। इस डिजाइन इकोसिस्टम के विकास से आने वाले सालों में कम से कम 3 या 4 प्रमुख उत्पाद तैयार होने की संभावना है।
आपको बता दें, 10 सितंबर को पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के अधिकारियों के साथ एक राउंडटेबल बैठक की थी। इस बैठक में शामिल अधिकारियों ने भारत की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिबद्धता की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग का केंद्र अब भारत की ओर आ हो रहा है, और देश में इस उद्योग के विकास के लिए उपयुक्त माहौल बन गया है।
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