Greater Noida: गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और सीएम हिस्सा लेने पहुंचे हैं। समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति होंगे। सीएम और उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में 7914 छात्रों को डिग्रियां, 282 छात्रों को डॉक्टरेट उपाधि दी जाएगी। दीक्षांत समारोह में 370 विदेशी छात्र भी शामिल होंगे। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में पहली बार दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के कुलपति सीएम योगी आदित्यनाथ हैं। सीएम योगी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वागत करेंगे। वहीं,
मंत्री नंदी, मंत्री बृजेश सिंह व जिले के जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 'स्कूल लिडर्स मीट:एक्सप्लोरिंग द फ्युचर डायरेक्शन ऑफ एजुकेशन' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की ओर से शिक्षा की भावी दिशा पर काफी विचार किया है। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी-अपनी राय सभी के सामने रखी।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान की कुलपति प्रो. शशिकला वंजारी ने नई शिक्षा नीति पर कहा कि स्कूल और विश्वविद्यालय की शिक्षा की दिशा तय करने की आवश्यकता है। इग्नू के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. एम.एम. पंत ने शिक्षा में हायर एजुकेशन मुफ्त होने के साथ ही विज्ञान और कला की संयुक्त शिक्षा पर पहले से ज्यादा जोर देने की बात कही।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके सिन्हा ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि विद्यालय जिज्ञासा शांत करता है, जबकि विश्वविद्यालय छात्रों की सभी समस्यों को दूर करने का काम करता है। उन्होंने शिक्षकों को तकनीकी के साथ-साथ अपनी बौद्धिक क्षमता पर भी विश्वास करने की सलाह दी।
उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसमें सभी के होश उड़ा दिए हैं। गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी (GBU) की पीएचडी की छात्रा ने डीन-प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न करने का केस दर्ज कराया है।
GBU के डीन के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस
ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-1 में छेड़छाड़ और धमकी जैसे गंभीर आरोप में पीएचडी की छात्रा ने गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी (GBU) के डीन प्रोफ़ेसर एनपी मेलकानिया के खिलाफ केस दर्ज कराया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये मामला तीन महीने पुराना है। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाने की शिकायत थाने पर दी है। शिकायत में डीन प्रोफेसर प्रो. एनपी मेलकानिया के खिलाफ अब एक्शन लेने की तैयारी चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 94 दिनों तक जब जीबीयू प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई एक्शन नहीं हुआ, तो पीड़ित परिजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आवाज उठाई।
'महिला जाति और शिक्षा का किया अपमान'
मामले में लापरवाही देखते हुए पीएचडी की छात्रा की बहन ने एक लेटर यूजीसी अध्यक्ष को लिखा था। जिसमें कहा गया कि मेरी बहन को डीन ने यूनिवर्सिटी में स्थित ऑफिस में आठ जून 2024 को बुलाकर उससे अश्लील बातें की। बाद में ये कहकर बात पलट दी कि वो मोबाइल की बात कर रहा था। आरोप है कि अश्लील शब्दों का प्रयोग कर छात्रा पर गलत दबाव बनाया गया। उन्होंने डीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर शिक्षा का मंदिर है। पीड़िता की बहन ने डीन पर अश्लील, अभद्र और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करके महिला जाति के साथ ही शिक्षा का अपमान करने की भी बात कही है। साथ ही डीन पद से हटाने की मांग भी की है।
छात्रा को न्याय का इंतजार
लेटर में कहा गया है कि इंसाफ ने मिलने से पीएचडी छात्रा दुखी और सदमे में है। वहीं, प्रो. एनपी मैलकानिया के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, क्योंकि आरोपी और डॉ. अमित अवस्थी (पीएचडी कोऑर्डिनेटर) ने चुनौती दी है कि इस विश्वविद्यालय में हमारा हमेशा से भौकाल चलता आया है। कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उसने मामले की शिकायत की तो आईएसीसी कमेटी तो बनाई गई, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका आरोप है कि कुछ रसूखदार लोग आरोपी डीन को संरक्षण दे रहे हैं, जिस वजह से प्रशासन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसके बाद न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस का सहारा लेना पड़ा।
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