Greater Noida: कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की बैठक हुई। मीटिंग में एडीएम बलराम सिंह, दादरी एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता समेत जेवर और सदर तहसील के एसडीएम मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसान नेताओं ने अधिकारियों के सामने किसानों की कई समस्याओं को रखा। जिसमें डूब क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित किसानों के फसल के नुकसान के संबंध में और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के मुआवजे को लेकर चर्चा हुई।
#GreaterNoida कलेक्ट्रेट में किसान नेताओं के साथ अधिकारियों की बैठक। मीटिंग में बाढ़ प्रभावित और किसानों से संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर हुई बातचीत। @dmgbnagar @OfficialBKU @RakeshTikaitBKU pic.twitter.com/wbN3Hb5hZG
— Now Noida (@NowNoida) October 14, 2023
'बाढ़ प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा'
डूब क्षेत्र में बाढ़ की चपेट में आए किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जिसे लेकर किसान नेताओं ने जल्द मुआवजे की मांग की। जिस पर एडीएम बलराम सिंह ने कहा कि तीन तहसील के क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित किसानों की जमीन का सर्वे करवाया जा रहा है। जिसमें तहसील जेवर में काफी हद तक सर्वे हो चुका है। दादरी तहसील में अभी सर्वे होना है। वहीं सदर के कुछ गांवों में सर्वे हो चुका है, जबकि कुछ गांवों में सर्वे होना अभी बाकी है। जल्द ही बचे गांवों का भी सर्वे करवाने के लिए एसडीएम को निर्देशित कर दिया गया है। एडीएम ने कहा कि सर्वे खत्म होने के बाद किसानों को जल्द मुआवजा दे दिया जाएगा।
'नहीं सुने तो लंबा चलेगा धरना'
किसान नेता पवन खटाना ने मीटिंग के बाद बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को लेकर अधिकारियों से बात हुई। उन्होंने कहा जेवर एसडीएम की रिपोर्ट से किसान संतुष्ट हैं। लेकिन एसडीएम सदर के कार्य से किसान बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। जबकि दादरी एसडीएम ने किसानों से समय मांगा है। इस दौरान पवन खटाना ने बताया कि राकेश टिकैत 21 अक्टूबर को नोएडा पहुंच रहे हैं। किसान नेता ने बताया कि हम चाहते हैं उससे पहले समस्याओं का हल निकलवा लिया जाए। उनके अनुसार राकेश टिकैत ने कहा कि उनके जिले में आने की तारीख निश्चित है, लेकिन जाने का नहीं।
'मुआवजे में आ रही समस्या का निकला हल'
किसान नेता पवन खटाना ने बताया कि मीटिंग लंबी चली। इस दौरान एडीएम LA ने किसानों से बात करते हुए बताया कि मुआवजे में एफीडेविट की समस्या सामने आ रही है। जिसका अब निस्तारण कर दिया गया है।
Greater Noida West: लंबे सयम से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री के बायर्स परेशान हैं। जिसे लेकर डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसमें बिल्डर्स के प्रतिनिधि के साथ फ्लैट खरीददार भी मौजूद रहे। डीएम के सामने फ्लैट खरीददारों ने अपनी समस्याओं को रखा। फ्लैट खरीददारों की मुख्य समस्या रजिस्ट्री की है।
भुगतान के बाद भी नहीं हो रही रजिस्ट्री
खरीददारों ने बैठक में बताया कि उनके फ्लैट का पूरा भुगतान हो चुका है, इसके बावजूद उनके फ्लैट की रजिस्ट्री बिल्डर नहीं करवा रहा है। फ्लैट खरीददारों की समस्याओं का डीएम ने बिल्डर्स के जवाब मांगा। जिसके जवाब में बिल्डर के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि प्राधिकरण से ओसी नहीं मिल पाने के चलते फ्लैट के रजिस्ट्री में देरी हो रही है। डीएम ने बिल्डर्स को निर्देश देते हुए कहा कि जिन्हें प्राधिकरण से ओसी प्राप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल रजिस्ट्री की प्रक्रिया करवानी है। जबकि जिन्हें अभी तक ओसी प्राप्त नहीं हुई, उन्हें प्राधिकरण में प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करवाएं ताकि फ्लैट खरीददारों को परेशानी ना झेलनी पड़े। साथ ही डीएम ने निर्देश दिया कि अनावश्यक किसी घर खरीददार का शोषण नहीं होना चाहिए।
स्टाम्प राजस्व में बढोतरी पर जोर
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जिले के स्टाम्प राजस्व में अधिक से अधिक बृद्धि करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संज्ञान में आ रहा है कि बहुत से बिल्डर्स के द्वारा बिना रजिस्ट्री कराये ही फ्लैट बायर्स को कब्जा दे दिया गया है, जिससे काफी स्टाम्प राजस्व की हानि हो रही है। स्टांप विभाग के अधिकारीगण अभियान चलाकर ऐसे बिल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायें, ताकि ऐसे सभी बायर्स के फ्लैटों की रजिस्ट्री कराते हुए स्टाम्प राजस्व में बढोतरी की जा सके।
सबसे ज्यादा समस्या वाले बिल्डर
बैठक में सबसे ज्यादा शिकायत महागुन और मिगशन बिल्डर के खिलाफ की। लेकिन दोनों ही बिल्डर के प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं पहुंचे। जिस पर डीएम ने अपर जिला अधिकारी वित्त को निर्देश देते हुए कहा कि दोनों बिल्डर की साइट को तत्काल सील कर दिया जाए। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, सहायक महानिरीक्षक निबंधन प्रथम बी0एस0 वर्मा, सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वितीय शशि भानू मिश्र, समस्त उपनिबंधक, संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बिल्डर्स एवं फ्लैट बायर्स मौजूद रहे।
एक तरफ सीएम योगी ग्रेटर नोएडा को सपनों का शहर बनाने की जुगत में लगे हुए हैं. तो दूसरी ओर प्राधिकरण के जिम्मेदार इस कवायद पर पानी फेरने में लगे हुए हैं. दरअसल बात ये है कि हाइटेक सिटी ग्रेटर नोएडा में जहां जरा सी बारिश से आधा शहर जलमग्न हो जाता है, तो वहीं यहां का जिलाधिकारी कार्यालय भी इससे अछूता नहीं है. यहां का हाल भी बेहाल हो जाता है. जिसका कारण है कि यहां पर पानी की निकासी व्यवस्था बेकार है. जिसके कारण दफ्तर के फरियादी और कर्मचारी गंदे पानी में मंझाते हुए दफ्तर में घुसने को मजबूर हैं.

प्राधिकरण की कामचोरी का खामियाजा भुगत रही जनता
गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में तेज बारिश हुई. इस बारिश ने सभी फर्जी विकास कार्यों की पोल खोल कर रख दी. कुछ घंटे की बारिश में ग्रेटर नोएडा शहर के कई स्थानों पर पानी भर गया. हालात इतने खराब हो गए हैं कि सडकों पर पानी भरने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा और वाहन गड्ढे में गिर रहे है. बड़ी बात यह है कि इस समस्या पर कोई ध्यान देने वाला तक नहीं है. कुछ घंटे की बारिश ने बता दिया कि इस शहर का अधिकारियों ने सत्यानाश कर दिया है. हल्की सी बारिश होने के स्थानों और सड़कों पर कई-कई फुट पानी भर जाता है.

पानी में डूबा कलेक्ट्रेट
वहीं जलमग्न सड़कों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें दिख रहा है कि एक बाइक बारिश के पानी होने की वजह से गड्ढे में गिर गई. एक वीडियो और वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि कलेक्ट्रेट पानी में डूबा हुआ है. जहां पर खुद अधिकारी का कार्यालय हो, वहां अगर ऐसी हालत होगी तो बाकी शहर का क्या हाल होगा? इस बात का अंदाजा जनता खुद ही लगा सकती है. फिलहाल इन सभी को लेकर ग्रेटर नोएडा के लोगों में काफी रोष है.
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