कोरोना के खतरे से बचाने वाली वैक्सीन कोविशील्ड के साइड इफेक्ट को लेकर इस समय बहस छिड़ी हुई है। ब्रितानी फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने ये स्वीकारा है कि कोविशील्ड वैक्सीन से खतरनाक साइड इफेक्ट हो सकता है। कंपनी का कहना है कि इससे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) की समस्या हो सकती है। ऐसे में अब कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोग भी असमंजस में हैं कि क्या उनको कोई नुकसान तो नहीं होगा?
वहीं, अगर गौतमबुद्ध नगर की बात करें तो करीब 21.50 लाख लोगों ने कोविड की वैक्सीन की एक डोज तो लगवा रखी है। इसमें से करीब 80 फीसदी यानी 17 लाख लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट में ये भी दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन सुरक्षित है। हर वैक्सीन में साइड इफेक्ट होते हैं। पूरी तरह सुरक्षित कोई वैक्सीन नहीं कही जा सकती है। वैक्सीन का प्रभाव कितना अधिक है, यही उसे सफल बनाता है।
बता दें, 2020 में कोरोना वायरल को प्रकोप अपने चरम सीमा पर था। इस वायरस के कारण कई लोगों की मौत तक हो चुकी है। हल्की ही मात्रा में सही लेकिन अब भी लगातार इसके मामले सामने आ रहे है। वहीं, कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए 2021 में टीकाकरण की शुरुआत हुई। सबसे पहले सरकार ने वैक्सीनेशन में कोविशील्ड का उपयोग किया, जिसे एस्ट्रोजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने मिलकर पुणे में तैयार किया था।
सरकारी अस्पतालों के अलावा चिह्नित जगहों पर विशेष शिविर लगाकर टीकाकरण कराया गया। पहले बुजुर्गों और फस्टलाइन वर्कर्स जैसे चिकित्सकीय स्टाफ, नागरिक सुविधाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल किए गए। उस समय भी वैक्सीन के दुष्प्रभावों पर सवाल उठे थे।
इस दौरान लोगों ने कोवाक्सिन और स्पुतनिक को चुना। लेकिन, जब सरकार के जागरूक करने के बाद कोविशील्ड पर लोगों ने भरोसा जताया। तीन महीने के बाद दूसरी और बूस्टर डोज में भी वही डोज लगनी थी, जो पहले ली। ऐसे में कोविशील्ड ही फिर से अधिक उपयोग हुई।
क्यों कोविशील्ड वैक्सीन पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, नोएडा में पिछले कुछ दिनों में हादसे हुए, जिस कारण सवाल उठे थे। यहां नोएडा सेक्टर-135 में क्रिकेट मैदान में खेलते समय 36 वर्षीय इंजीनियर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। नोएडा के ही 26 साल के बीपीओ कर्मी की घर पर सीने में दर्द हुआ, अस्पताल में जांच हुई तो आर्टरी ब्लॉक मिली।
वहीं, नोएडा के जिला अस्पताल 42 वर्षीय आई सर्जन को ओटी में हार्ट अटैक आया, समय पर एंजियोप्लास्टी ने जान बचाई। खोड़ा में जिम में एक्सरसाइज करते समय सीने में दर्द हुआ और जान चली गई।
बरौला में घर में डांस करते समय 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। नोएडा के मॉल में बने वाटर पार्क में स्लाइड करते समय युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद कई डॉक्टरों का कहना था कि सभी की जाने कहीं न कही वैक्सीने के कारण ही गई है।
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