एक कहावत तो आप सबने सुनी होगी - आ बैल मुझे मार. ये कहावत ग्रेटर नोएडा की एक सोसाइटी के लोगों पर बिल्कुल सटीक बैठती है. इन लोगों मेफेयर सोसाइटी में खरीदा तो अपने सपनों का आशियाना था. मगर अब ये आशियाना सोसाइटी वासियों के लिए किसी दोजख से कम नहीं हैं। आए दिन लोग बिल्डर और अथॉरिटी से गुहार लगाते हैं लेकिन कोई इनकी गुहार सुनने वाला नहीं है. वहीं इस सोसाइटी में नाउ नोएडा की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि इस सोसाइटी में समस्याओं का अंबार. आइये आप भी जान लीजिए कि सोसाइटी के बारे में यहां के रहने वाले लोगों का क्या कहना है.
बिल्डर ना एनपीसीएल को पैसे दे रहा ना अथॉरिटी को
सोसाइटी में रहने वाले प्रतीत वैजल ने बताया कि इस सोसाइटी के बिल्डर ने बिजली का स्थाई कनेक्शन नहीं लिया है. अस्थाई कनेक्शन पर सोसाइटी में बिजली की सप्लाई की जा रही है. 50 केवी का टोटल लोड है. 130 फ्लैट्स हैं और 30 दुकानें हैं. बिल्डर ना एनपीसीएल को पैसे दे रहा है ना अथॉरिटी के पैसे जमा कर रहा है. 19 तारीख को ओएसडी हिमांशु वर्मा के साथ मीटिंग हुई थी तब बिल्डर ने कहा था कि मैं सात दिन में पैसे जमा कर दूंगा, इंफ्रा लगा दूंगा लेकिन अभी तक ना तो पैसे जमा हुए हैं ना ही इंफ्रा का काम शुरू हुआ है. बिल्डर यहां से भाग गया है तीन ऑफिस बिल्डर के सील पड़े हुए हैं. मेरी मां पेंशनर थी हम लोग किराए पर एक जगह रह रहे थे तो हम लोगों को मकान की जरूरत थी. तो हम लोगों ने जबरदस्ती बिल्डर से कहा कि हमें पजेशन दो पर बिल्डर देने को तैयार नहीं थे लेकिन फिर भी इन्होंने पजेशन हमें दे दिया. पजेशन मिलने के बात यहां की समस्याओं का पता चला कि ना तो यहां बिजली का कनेक्शन है, ना पानी कनेक्शन है, कभी लिफ्ट रुकने लगी, कभी पानी बंद हो गया. इस तरीके से हम लोगों के पांच साल निकल चुके हैं. प्राधिकरण से इसकी समय-समय पर शिकायत की जा रही है और प्राधिकरण कुछ नहीं कर रहा है. ना तो बिल्डर के पास ओसी है साथ ही इसको स्वामित्व फंड मिलना था वो भी रुक गया है. कैंसिल हो गया है. हम लोगों को किसी भी प्रकार की कोई सुख-सुविधा नहीं है, हमारी रोज रात को नींदें खराब हो रही हैं. तमाम फल्क्चुयेशन रहता है क्योंकि लोड पूरा नहीं है. मेरे पास 23 यूनिट के हिसाब से 16 हजार रुपये का बिल आया है. पहले हम लोग 7 रुपये का दे रहे थे तब तक सही चल रहा था. उसके बाद बिल्डर ने 2 साल पहले अचानक से 970 कर दिया. उसके बाद बिल्डर ने 4-4 हजार का बिल फ्लैट पर भेज दिया. उसके बाद 23 रुपये का भेज दिया. अब बिल्डर कहता है कि मैं डीजी चला रहा हूं. अब हमारी गलती थोड़ी है कि तुम लोगों ने कनेक्शन नहीं लिया. अभी मुझे पेनाल्टी लगाकर 1 लाख 19 हजार 324 रुपये का बिल भेजा है. बिल में पेनाल्टी 20 रुपये रोज के हिसाब से लगाई जा रही है. साथ ही कंपाउंडिंग पर लगा रहा है पुराने बिल पर पेनाल्टी लगती जा रही है नए बिलों पर भी लगती जा रही है. पूरी सोसाइटी को पेनाल्टी लगाकर बिल भेजा है.सारनाथ गांगुली से भी बात हुई है डीएम साहब ने भी सारनाथ गांगुली से बात की है. सारनाथ गांगुली ने कहा है कि बिल्डर को सोमवार या मंगलवार तक नोटिस भेजा जाएगा.
बिल्डर नहीं दे रहा लोगों की समस्याओं पर कोई जवाब
सोसाइटी में रहने वाले अनिल कुमार नागर ने बताया कि सोसाइटी में कोई भी चीज पूरी नहीं है. चाहें वो बिजली हो, पानी हो, लिफ्ट की दिक्कत हो, चाहें वो सोसाइटी में गेट पर सिक्योरिटी गार्ड्स हों. कोई भी आकर कहीं भी गाड़ी खड़ी कर जाता है. लिफ्ट किसी भी समय बंद हो जाती है और उसमें लोग फंस जाते हैं. पानी कभी भी बंद हो जाता है, पानी का कोई टाइम नहीं है. लोग टॉयलेट में बैठे होते हैं पानी चला जाता है. लाइट कभी भी चली जाती है और फल्क्चुयेट करती है. बिल्डिंग के मेंटीनेंस स्टॉफ को मैसेज किया जाता है लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आता. किसी भी मैसेज बिल्डर जवाब नहीं देते हैं. इस सोसाइटी में 1 हजार 50 फ्लैट हैं अभी 150 के करीब रेसीडेंट रह रहे हैं.
पूरी सोसाइटी में दिक्कते ही दिक्कतें
सोसाइटी में रहने वाली पार्वती रावत ने बताया कि यहां पर दिक्कते ही दिक्कतें हैं. पार्क में पानी भरा हुआ है. मच्छर, बदबू और इनके स्टॉफ सारे खुले में शौच जाते हैं, जिससे अब यहां बीमारी फैलेगी. बेसमेंट में बहुत गंदगी है,हम बोल-बोल के परेशान हो गए हैं. मेंटीनेंस स्टॉफ कोई है नहीं, दो लड़के रखे हुए हैं बिल्डर ने, उनको भी कुछ आता नहीं है.आए दिन आग लगती रहती है यहां पर बिजली-पानी की तो हद हो गई है. हम अथॉरिटी जा-जाकर थक गए. हर बार मीटिंग करके आते हैं दिलासा देते हैं होता कुछ नहीं है. बिल्डर तो कई महीनों से गायब है भागा हुआ है कहां है हमें पता नहीं. डबल-डबल फ्लैट बेच रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं. एक फ्लैट को दो-दो जगह बेंच रहे हैं. जो लोग यहां पर नहीं रह रहें हैं उनसे कह रहे हैं कि तुम चाभी दो हम तुम्हारे फ्लैट बेच देते हैं. बिल्डर ने बहुत ज्यादा परेशान करके रखा हुआ है.
सोसाइटी का इंफ्रा बेकार और स्टॉफ बदतमीज है
सोसाइटी के डी टॉवर में रहने वाली चंचल ने बताया कि यहां समस्याएं बहुत सारी है. सोसाइटी में हमारी बेसिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. बिजली के लिए हमने काफी सारे प्रोटेस्ट किए तब बिल्डर ने यहां डीजी लगाया है लेकिन उसके हिसाब से जो इन्होंने बिजली का बिल भेजा है वो 23 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भेजा है. वो तो कहीं भी नहीं, ना एनपीसीएल के हिसाब से ना ही डीजी के हिसाब जो समझ ही नहीं आ रहा है. हम सारे सोसाइटी वाले इसको लेकर बोल रहे हैं लेकिन बिल्डर कोई रिस्पॉन्स नहीं दे रहा है. टॉवर सी और डी में पानी का टैंकर कुछ भी नहीं है. यहां पर इंफ्रा इतना बेकार है, यहां का स्टॉफ भी बहुत ही बदतमीज है. बिल्डर के मैनेजमेंट स्टॉफ का एक ग्रुप है उस पर हम मैसेज करते हैं वो देख लेते हैं मगर रिप्लाई नहीं करते है. उल्टा सोसाइटी में रहने वाले लोगों पर ही आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं.
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