Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला का 22 मार्च से सर्वे किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस सर्वे के दौरान यहां पर किस तरह के प्रतीक चिह्न हैं, यह बात सामने आ सकती हैं. इतना ही नहीं बल्कि किस तरह की यहां पर वास्तु शैली है. यह भी स्पष्ट हो जाएगा यह किस तरह की धरोहर है.
जानें क्या है विवाद
सबसे पहले हम आपको बताते है कि आखिर भोजशाला विवाद है क्या और यह इतनी सुर्खियों में क्यों है. दरअसल, हिंदू पक्ष के मुताबिक, यह सरस्वती देवी का मंदिर है. लेकिन सदियों पहले मुस्लिम समाज ने इसकी पवित्रता भंग कर दी थी और यहां पर मौलाना कमालुद्दीन की मजार बना दी थी. यहां आज भी देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक लिखे हुए हैं. अंग्रेज भोजशाला में लगी वाग्देवी की मूर्ति को लंदन ले गए थे.
याचिका में उठाई यह मांग
वहीं, इस मामले में एक याचिका भी दायर की गई, जिसके अनुसार भोजशाला में मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा यहां नमाज पढ़ने से रोक और हिंदुओं को नियमित पूजा का अधिकार देने की मांग उठाई गई. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एएसआई को वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का आदेश दिया. इससे पहले, सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फरवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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