Ghaziabad: गाजियाबाद और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रैपिड मैट्रो, ट्रेन, नमो भारत के ट्रैक से बिजली के तांबे के केबल व अन्य सामान चोरी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 6 शातिर चोरों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी का माल खरीदने वाले 3 कबाड़ियों को भी गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इके कब्जे से चोरी किये गए तांबे के तार, चोरी के उपकरण और अवैध असलाह भी बरामद हुआ है।
वसुंधरा इलाके में हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वसुंधरा इलाके में दबिश दो बदमाशों ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में समीर के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि उनका मेट्रो, ट्रेन व रैपिड मैट्रो ट्रेन के ट्रैक से बिजली के तांबे के केबिल चोरी करने वालो का एक संगठित गिरोह है। जिसमे समीर, मूसा, निसार, शहादत, शमशेर, माजिद हलाल, नौशाद, सैफ मलिक, गुलजार, जावेद, समीर पुत्र बाबू मलिक कलीम उर्फ सिद्धू, जुल्फिकार है। पुलिस ने बताया कि पहले भी गिरोह के 7 बदमाशों को पुलिस द्वारा मुरादनगर क्षेत्र से चोरी करते समय गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस चोरी में मौके से समीर, माजिद, नौशाद और हलाल भाग गये थे। इसके बाद गैंग को मूसा व समीर चलाने लगे।
रात में पूरा गिरोह पहुंचता था चोरी करने
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 'हम लोग चोरी करने से पहले एक तयशुदा स्थान पर इकठ्ठा हो जाते हैं। वहीं पर अपने-अपने मोबाइलों को बन्द कर लेते हैं। हम लोगों को जिस ट्रैक से बिजली के तांबे के केबिल को चोरी करना होता है, वही उसके नीचे मौका देखकर आधी रात के बाद सुनसान होने पर आ जाते हैं। फिर हम लोग पतली रस्सी में पत्थर बांधकर ऊपर मेट्रो की रेलिंग पर फेंकते है, जिसमें फंसकर रस्सी वापस नीचे आ जाती है। फिर उस रस्सी के एक सिरे पर मोटा गांठो वाला रस्सा बाँधकर उसे ऊपर खींचकर दूसरी तरफ से नीचे ले आते हैं। इस रस्से की मदद से हम लोगो में से कोई भी 3-4 लड़के आरी व डन्डा लेकर ऊपर चढ़ जाते हैं। ब्लेड लगी आरी को डन्डे पर बांधकर दूर से रैपिड मैट्रो के केबिल को काटते हैं। जैसे ही केबल के ऊपर का प्लास्टिक का खोल कटने के बाद आरी का ब्लेड तार को छूता है तो शॉर्ट सर्किट के कारण ब्लास्ट के साथ बिजली सप्लाई का फ्यूज उड़ जाता है। इसक बाद केबिल में करन्ट बन्द हो जाता है। फिर हम लोग फटाफट केबिल को काट कर नीचे फेंकते हैं. नीचे खड़े हमारे साथी उनको इकट्ठा करते है।
चोरी का माल झाड़ियों में छिपा देते थे
रैपिड मैट्रो लाईन के आस-पास मैट्रो का अन्य सामान जैसे फिश प्लेट, क्लैम्प व एन्गल आदि भी नीचे फेंक देते हैं। नीचे खड़े हुए साथी जल्दी-जल्दी चोरी का सामान सड़क से किनारे थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में छिपा देते हैं। इसके बाद मौका देखकर हम लोग चोरी का माल रिक्शा या टैम्पो में लादकर किसी सुनसान स्थान पर ले जाकर कटर की मदद से केबिल को छीलकर तांबे का तार निकाल लेते हैं।
कबाड़ी को तार व अन्य सामान बेचकर बांट लेते थे पैसे
पूर्व में बसुन्धरा के पास रैपिड रेल के केबिल की चोरी करते समय माजिद ट्रैक से उतरते हुए गिर गया था, जिससे उसके हाथ में काफी चोट आयी थी। साथी मूसा व समीर ही चोरी का सारा सामान लेकर जाते हैं। इस माल को शहजाद, ब्रिजेश उर्फ काले व सुबोध कबाड़ी को बेच देते हैं। इससे मिले पैसों को हम लोग आपस में बराबर-बराबर बाँट लेते हैं। मूसा सभी साथियों को चोरी करने के लिए इकट्ठा करता है और चोरी के माल को कबाड़ियों को बेचता है, इसलिए वह एक हिस्सा ज्यादा लेता है। हिस्से में मिले पैसे से हम सभी लोग अपने शौक पूरे करते हैं व अपने घर का खर्चा चलाते है। हम लोग यह काम काफी समय से कर रहे है।हालांकि अब इस गिरोह के तमाम बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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