Lucknow: समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी पहली 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। मैनपुरी से डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री लालजी वर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा छोड़कर वे सपा में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें कटेहरी विधानसभा सीट से टिकट दिया था। वे चुनाव जीतकर विधायक भी बने। विधायक रहते अब सपा ने उन्हें लोकसभा का प्रत्याशी अधिकृत तौर पर घोषित किया है। बसपा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके लालजी टांडा सीट से भी विधायक रह चुके हैं।
धौरहरा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है सपा
समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में 11 सीट देने की घोषणा की है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सीटों के बंटवारे पर ट्वीट किया, लखीमपुर खीरी जिले में भी सियासी भूचाल आ गया। राजनीतिक दलों समेत हर ओर बस यही चर्चा रही कि लोकसभा की दो सीटों खीरी और धौरहरा पर आखिर दावेदारी किसकी होगी। उधर, समाजवादी पार्टी सूत्रों के मुताबिक सपा मुखिया का पूरा जोर खीरी पर है, सपा धौरहरा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है।
2024 लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रही है. हाल ही में दो लिस्ट जारी करने के बाद अब सपा ने तीसरी लिस्ट जारी कर दी है. जिसमें शिवपाल यादव समेत कई दिग्गजों को पार्टी ने मैदान में उतारा है. ये सपा की तीसरी लिस्ट है जिसमें 5 नामों का ऐलान किया गया है. बता दें अब तक सपा की ओर से 32 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा जा चुका है.
बदायूं सीट पर शिवपाल यादव को मिला टिकट
लिस्ट के मुताबिक सपा की तीसरी लिस्ट में 5 उम्मीदवारों के नाम हैं। इस लिस्ट में पार्टी ने बदायूं, कैराना और बरेली जैसी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। जहां बदायूं सीट पर पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदला है, और शिवपाल यादव को टिकट दिया है जबकि पहली लिस्ट में इस सीट से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा गया था। वहीं कैराना से इकरा हसन, बरेली सीट से प्रवीण सिंह ऐरन, हमीरपुर से अजेंद्र सिंह राजपूत और वाराणसी से सुरेन्द्र सिंह पटेल को टिकट दिया है। अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की अब तक तीन लिस्टें जारी की हैं। जिसमें 80 लोकसभा सीटों में 32 पर अपने उम्मीदवार उतार दिए गए हैं।
स्वामी की बेटी और शिवपाल के बीच टक्कर
आपको बता दें अभी बदायूं की सीट से पूर्व सपा MLC स्वामी प्रसाद मौर्या की बेटी संघमित्रा मौर्य बीजेपी से सांसद है. इस सीट पर संघमित्रा ने धर्मेंद्र यादव को हराकर कब्जा किया था. लेकिन अब शिवपाल यादव ने संघमित्रा का सीधा मुकाबला होगा.
कांग्रेस को सपा की ओर से 17 सीटों का प्रस्ताव
वहीं बात करें सपा की तीसरी लिस्ट की। तो ये लिस्ट तब सामने आई है, जब पार्टी की तरफ से कांग्रेस को 17 सीटों का ऑफर दिया गया है। मसलन, अखिलेश यादव कथित रूप से इससे ज्यादा सीट कांग्रेस को देने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने पहले सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस को 80 में 11 सीटों की पेशकश की थी। हालांकि कांग्रेस लगातार कह रही है कि इस मुद्दे पर वे सपा के साथ बातचीत में हैं।
सपा और कांग्रेस के रिश्तों में खटास !
अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, जो लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का एक समूह भी है। अखिलेश यादव का कांग्रेस के साथ मतभेद चल रहा है। इस बीच कथित रूप से बात यहां तक बिगड़ गई कि उन्होंने बिना विचार किए ही लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। कांग्रेस नेताओं ने इसकी आलोचना करते हुए कहा था कि इंडिया गठबंधन की लिस्ट भी आएगी। आपको बता दें कि राहुल गांधी यूपी में हैं, लेकिन गठबंधन का हिस्सा होने के बाद भी अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात नहीं की है।
सपा के उम्मीदवारों की लिस्ट
पार्टी की पहली लिस्ट 30 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें डिंपल यादव को मैनपुरी, शफीकुर रहमान बर्क को संभल और रविदास महरोत्रा को लखनऊ लोकसभा सीट से टिकट दिया गया था। वहीं दूसरी लिस्ट 19 फरवरी को जारी की गई। जिसमें मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को गाजीपुर सीट, मुजफ्फरनगर से हरेंद्र मलिक और हरदोई सीट से उषा वर्मा को टिकट दिया गया।
लोकसभा चुनाव का रण तैयार है। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी बिसातें भी बिछा ली हैं। वहीं एक पार्टी ऐसी हैं जिसको या तो खुद के गहन मंथन और विचार के बाद घोषित किए उम्मीदवार पर या तो भरोसा नहीं है या फिर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही गुटबाजी का शिकार हो गए हैं। जहां लोकसभा चुनाव की नजरों से देखा जाए तो गौतमबुद्ध नगर सीट एक अहम सीट मानी जाती है। तो वहीं दूसरी ओर सपा इस सीट को या तो हल्के में ले रही है या फिर इस सीट से पार्टी इस बार भी हार का पताका लहराना चाहती है। साफ तौर पर देखा जाए तो पार्टी में मौजूद कद्दावर नेता भी यहां से घोषित उम्मीदवार राहुल अवाना के साथ दिखाई नहीं दे रहे हैं। तो ऐसे में इसका नतीजा क्या होगा ये आप समझ ही गए होंगे।
स्वागत कार्यक्रम से नदारद रहे पार्टी के कद्दावर नेता
दरअसल सपा प्रत्याशी राहुल अवाना को अपने चुनावी अभियान की गुरुवार से ही शुरूआत करनी थी। इस कारण उन्होंने नोएडा से दिल्ली की सीमा में जाकर यू-टर्न लिया और डीएनडी टोल प्लाजा पर स्वागत का कार्यक्रम रखा। वहीं नोएडा से प्रत्याशी बनने पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक और गाड़ियों का काफिला इस स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुआ, लेकिन इस काफिले में सपा का एक भी वरिष्ठ और कद्दावर नेता राहुल अवाना के साथ मंच पर नहीं दिखा। देखा जाए तो राहुल की क्षेत्र और युवाओं के बीच काफी बेहतरीन पकड़ हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर पार्टी की अपने ही प्रत्याशी से दूरी दबे शब्दों में कुछ और ही बयां कर रही है। वहीं जिस तरह से इस कार्यक्रम की पूरे क्षेत्र में चर्चा रही तो साथ ही इस बात की चर्चा खूब हो रही है कि मंच पर कोई बड़ा नेता क्यों नहीं मौजूद था।
राहुल की कैसे होगी जीत जब पार्टी ही नहीं है साथ
आपको बता दें कि पार्टी ने पहले डॉक्टर महेंद्र नागर को 16 मार्च को गौतमबुद्ध नगर सीट से प्रत्याशी घोषित किया। इसके तीन दिन बाद ही पार्टी ने अपना फैसला बदल कर नागर की जगह युवा नेता राहुल अवाना को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं अब जब इस युवा को पार्टी के सभी कद्दावर नेताओं का पूरा-पूरा सहयोग मिलना चाहिए था तो वो कोई भी नहीं था। अपने प्रत्याशी के पहले चुनावी कार्यक्रम में नोएडा के समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, नोएडा सपा के महासचिव विकास यादव, पार्टी के पुराने नेता और नोएडा सपा के पूर्व अध्यक्ष बीर सिंह यादव यहां तक कि नोएडा में सपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़े सुनील चौधरी भी इस कार्यक्रम से नदारद रहे। देखा जाए तो इससे साफ दिखाई दे रहा है कि पार्टी किसी गुटबाजी का शिकार है। अब देखना होगा कि पार्टी की अपने ही प्रत्याशी से इतनी बेरुखी उसे अर्श पर ले जाती है या फिर फर्श पर लाकर पटक देती है।
लोकसभा चुनाव 2024 की बिसात बिछ चुकी है। वहीं गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर गठबंधन से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राहुल अवाना को पार्टी का प्रचार करना भारी पड़ गया। दरअसल राहुल अवाना के साथ आज स्वागत कार्यक्रम में 200 से अधिक कार्यकर्ता 50 से अधिक गाड़ियों के साथ डीएनडी टोल प्लाजा पहुंचे थे। जिसमें सपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता मौजूद थे। जिसको लेकर सपा प्रत्याशी राहुल अवाना के खिलाफ फेज -1 कोतवाली में आचार संहिता का उल्लंघन करने का केस दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि सपा द्वारा गुरुवार को जारी की गई संशोधित लिस्ट में असगरपुर गांव के राहुल अवाना को प्रत्याशी घोषित किया गया था।
कार्यक्रम के कारण आम जनता को हुई दिक्कतें
वहीं स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने अपने वाहनों को डीएनडी पर खड़ा कर दिया। जिससे वहां जाम की स्थिति पैदा हो गई। जिस पर कई लोगों ने डीएनडी पर आड़े तिरछे खड़े वाहनों, जाम की फोटो और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर शेयर करते हुए इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। वहीं दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ा था।
आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
वहीं कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक बृजेश कुमार ने सपा प्रत्याशी राहुल अवाना सहित 28 लोगों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। आपको बता दें कि 200 कार्यकर्ता 50 से अधिक गाड़ियों से टोल प्लाजा पर पहुंचे थे जिससे जाम की स्थिति पैदा हो गई।
Noida: गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर दबदबा रखने वाली बहुजन समाज पार्टी ने इस बार पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सोलंकी पर दांव खेला है। हालांकि अभी तक बसपा की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, भाजपा ने डॉ. महेश शर्मा को हैट्रिक लगाने मैदान में पहले ही उतार चुकी है। समाजवादी पार्टी इस सीट पर दो बार उम्मीदवारों की घोषणा की है। फिलहाल अभी सपा से राहुल अवाना मैदान में हैं। आइए जानते हैं कि कभी बसपा के झोली में रही यह सीट आखिर हाथ से फिसलती रही। क्या इस बार भी टक्कर दे पाएगी।
नोएडा सीट पर पहली बार बसपा के सांसद बने थे महेंद्र नागर
बता दें कि परिसीमन के बाद खुर्जा (सुरक्षित) सीट से बदलकर जब 2008 गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट सामान्य हुई तो बसपा के टिकट पर ही यहां से सुरेंद्र सिंह नागर सांसद बने थे। इसके बाद नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के बाहरी वोटरों के कारण इस सीट पर भाजपा का दबदबा कायम होता गया। इसलिए भाजपा ने फिर सांसद डॉ. महेश शर्मा पर भरोसा जताया है।
लगातार दो बार दूसरे नंबर पर रहे बसपा प्रत्याशी
बता दें कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार डॉ. महेश शर्मा को 31.08 प्रतिशत मत ही मिले थे। जबकि सुरेंद्र नागर ने 33.24 प्रतिशत मत हासिल कर 15,709 मतों से जीतकर सांसद बने थे। इसके बाद 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा के महेश शर्मा 50 प्रतिशत वोट पाकर सांसद बने। इसके बाद 2019 में 59.64 प्रतिशत पाकर फिर से महेश शर्मा जीते। इस चुनाव में महेश शर्मा ने बसपा प्रत्याशी सतवीर नागर को 3,36,922 वोटों से हराया था। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. अरविन्द कुमार सिंह सिर्फ 42,077 यानि 3.02 वोट ही मिले थे।
Gautam Buddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर की लोकसभा की सीट दिलचस्प हो चुकी है. यहां पर जैस ही बसपा ने राजेंद्र सिंह सोलंकी के नाम का ऐलान किया तो यहां का समीकरण पूरी तरह से बदल गया. गौतमबुद्ध नगर में दो बार से सांसद महेश शर्मा है, जो कि तीसरी बार जीत का दम भर रहे हैं तो सपा ने एक बार फिर से डॉ. महेंद्र नागर पर अपना भरोसा जताया है. ऐसे में बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी ने Now Noida से खास बातचीत की है. कहा कि उनकी चुनावी लड़ाई सिर्फ महेश शर्मा से होगी.
महेश शर्मा से होगा चुनाव: सोलंकी
दरअसल, गौतमबुद्ध नगर से बसपा ने राजेंद्र सोलंकी को चुनावी मैदान में उतारा है. जबकि बीजेपी के प्रत्याशी महेश शर्मा तो सपा के डॉ. महेंद्र नागर हैं. ऐसे में राजेंद्र सोलंकी ने कहा कि 'इस सीट पर उनकी चुनौती कोई नहीं है. लेकिन उनका चुनाव महेश शर्मा से होगा, क्योंकि महेश शर्मा ने यह चुनाव व्यक्तिगत बना दिया है. ऐसे में बसपा सुप्रिमो ने मुझ पर भरोसा जताया है तो मेरी पुरी कोशिश रहेगी कि इस चुनाव में मैं ही विजय हूं'.
व्यक्तिगत होगा चुनाव: सोलंकी
Now Noida से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह लोकसभा चुनाव इसलिए व्यक्तिगत हो गया, क्योंकि मैं सभी को साथ लेकर चल रहा हूं. आज मेरे साथ पूरा समाज है. हर जाति और धर्म के लोग हैं. लेकिन महेश शर्मा कुछ चंद लोगों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. व्यक्तिगत चुनाव होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि वो जगह-जगह मेरा नाम लेते हैं. मेरे बारे में गलत बताते है. जबकि मैं उनका नाम कही नहीं लेता हूं.
ठाकुर समाज बीजेपी का वोट बैंक
वहीं, ठाकुर समाज बीजेपी का वोट बैंक है. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ठाकुर समाज बीजेपी का समर्थक माना जाता है. इसकी जानकारी तो नहीं है. लेकिन हां ठाकुर समाज सबसे ज्यादा गणेश और गौतमबुद्ध की पूजा करता है. उसके लिए महेश शर्मा पूज्यनीय नहीं है. बल्कि पार्टी किसी के लिए पूज्यनीय नहीं है. लेकिन मौजूदा स्थिति को देखकर साफ पता चलता है कि आज वहीं, समाज उनके कटता जा रहा है.
सांसद बनने पर करूंगा विकास कार्य
वहीं, सांसद बनने के सवाल पर राजेंद्र सोलंकी ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में विकास बसपा के समय में हुआ था. यहां जितने स्कूल और कॉलेज हैं. सब बहन मायावती की देन है. उसके बाद से यहां सत्ता बदली तो कुछ विकास नहीं हुआ. अगर मुझे जनता का आशिर्वाद मिलता है तो मैं सबसे पहले रुका हुआ विकास कार्य पूरा करूंगा.
बिल्डर बायर्स मामले पर बोले सोलंकी
राजेंद्र सोलंकी ने बिल्डर बायर्स मामले में बोलते हुए कहा कि जो विकास करें उसका हमें हमेशा समर्थन और सम्मान करना चाहिए और जो विकास ना करें उसका खुलकर विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेट्रो से लेकर सभी विकास के काम बसपा ने किए हैं. उसके बाद से यहां किसी भी पार्टी ने कोई विकास नहीं किया. चाहे वो समाजवादी पार्टी हो या फिर बीजेपी.
लोकसभा चुनाव की वोटिंग में चंद दिनों का ही वक्त बचा था कि इस बीच एक ऐसी बुरी खबर सामने आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. दरअसल मध्य प्रदेश की बैतूल लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. इस वजह से इस सीट पर अभी मतदान नहीं होगा. बैतूल कलेक्टर ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेज दी है. कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि बसपा प्रत्याशी अशोक भलावी की मौत के संबंध में निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेज दी है. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा-52 के तहत 26 अप्रैल को होने वाली मतदान प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अगला फैसला लिया जाएगा.
सोहागपुर गांव के रहने वाले थे अशोक भलावी
बता दें कि दोपहर में अशोक भलावी के सीने में दर्द उठा था. इसके बाद परिजन इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था. सोहागपुर गांव निवासी अशोक का गुरुवार को उनके गांव में अंतिम संस्कार होगा.
अब चार चरणों में एमपी की 28 सीटों पर वोटिंग होगी
एमपी में 29 सीटें हैं. इन पर 4 चरण में वोटिंग होनी है. पहले चरण (19 अप्रैल) में सीधी, जबलपुर, शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा और मंडला लोकसभा सीट पर वोटिंग होगी. 26 अप्रैल को दूसरे चरण में दमोह, टीकमगढ़, रीवा, होशंगाबाद, खजुराहो, सतना के साथ ही बैतूल में मतदान होना था. मगर, अशोक की मौत के बाद इस सीट पर अभी चुनाव नहीं होगा.
GautamBuddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर लोकसभा चुनाव को लेकर सोमवार को सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र सिंह नागर ने अपना नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान उन्होंने एक हलफनामा भी दिया है. कहा जा रहा है कि जिसमें उनकी संपत्ति का ब्यौरा है. हलफनामा के मुताबिक, सपा प्रत्याशी नागर पर कुल संपत्ति 8 करोड़ 76 लाख 73 हजार 194 रुपये है. साथ ही एक मुकदमे का भी जिक्र किया गया है.
सपा प्रत्याशी ने किया नामांकन दाखिल
दरअसल, सपा-कांग्रेस के गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर डॉ. महेंद्र नागर चुनाव लड़ रहे हैं. इसी के चलते सोमवार को उन्होंने सुरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। उनका प्रस्ताव सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने किया. महेंद्र नागर रिटर्निंग ऑफिसर जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के सामने कलेक्टर पहुंचे और फिर उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया.
जनसभा को किया संबोधित
इस दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र नागर ने एक जनसभा का भी आयोजन किया. जहां उन्होंने किसानों के आबादी और फ़्लैट रजिस्ट्री मुद्दों को लेकर बात की. यहीं उनका चुनावी मुद्दा भी है. बता दें कि, नामांकन प्रक्रिया 4 अप्रैल तक जारी रहेगी. 5 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 8 अप्रैल नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन होगा. 26 अप्रैल को मतदान होगा. 4 जून को मतगणना सम्पन्न होगी.
महेंद्र सिंह नागर 1999 से राजनीति में सक्रिय
महेंद्र सिंह नागर एक योग्य डॉक्टर हैं और 1999 से राजनीति में सक्रिय हैं. कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले नागर 2022 में सपा में शामिल हो गए थे. वह जमीनी स्तर से जुड़े नेता रहे हैं. महेंद्र नागर ने 2006 से 2016 तक गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया था. वह मिलख लाच्छि गांव के रहने वाले हैं और गुर्जर समाज से आते हैं.
गौतमबुद्ध नगर से बसपा उम्मीदवार राजेंद्र सोलंकी ने आज यानी मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. कहा जा रहा है कि राजेंद्र सोलंकी के साथ 4 प्रस्तावक भी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जो नामांकन के दौरान उनके साथ नजर आए. बता दें कि, इस सीट पर उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर महेंद्र नागर और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ.महेश शर्मा से होगा.
मायावती के आगे कोई नहीं
लोकसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करते हुए राजेंद्र सोलंकी ने कहा कि बसपा और मायावती के आगे और कोई खड़ी ही नहीं हो सकता है. शुरूआत से गौतमबुद्ध नगर का विकास मायावती ने किया है. अब फिर से सत्ता में लौटने की बारी है. मायावती के सामने सब फेल हैं. मायावती का मुकाबला किसी से नहीं हो सकता।
यह रहे मौजूद
इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेश गौतम, पूर्व मंत्री करतार सिंह नागर, एडवोकेट सुरज पाल और एडवोकेट राजकुमार सिंह गुर्जर आदि बसपा नेता मौजूद रहे। बता दें कि, गौतमबुद्ध नगर में बसपा के राजेंद्र सोलंकी और बीजेपी के महेश शर्मा के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है. ऐसा खुद सोलंकी का कहना है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव दोबारा से सत्ता में आकर यहां के लोगों को विकास की ओर ले जाने का होगा.
Noida: गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यहां सेकेंड फेज में 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर रहे हैं। अभी तक बसपा उम्मीदवार राजेंद्र सोलंकी सहित 46 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। जबकि नामांकन प्रक्रिया 4 अप्रैल तक चलेगी। बसपा उम्मीदवार ने नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है। उन्होंने जो हलफनामा दाखिला किया है, उसमें अपनी कुल संपत्ति संपत्ति 8 करोड़ 90 लाख 55 हजार रुपये दर्शाई है। साथ ही उनके ऊपर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
सरकार से मिलती है हर महीने 33 हजार रुपये पेंशन
नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, राजेंद्र सोलंकी की उम्र करीब 68 वर्ष हैं और वह मूलरूप से सिविल लाइन थाना कोतवाली बुलंदशहर के रहने वाले हैं। एमए पास राजेंद्र सोलंकी पूर्व में विधायक रह चुके हैं। जिसके एवज में उनको 33 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिलती हैं। इसके अलावा एक लाख रुपये प्रति माह किराया भी आता है। राजेंद्र सोलंकी के पास केवल एक कार और करीब 10 लाख रुपये के हैं। जो कि 2023 में खरीदी थी। राजेंद्र सोलंकी के पास कैश 5 लाख हैं। जबकि बुलंदशहर एसबीआई में 4 लाख और नई दिल्ली एसबीआई के खाते में 15 लाख रुपये जमा हैं। जबकि पत्नी के खाते में 50 हजार रुपये हैं। इसके अलावा 1.75 एकड़ जमीन जिसकी कीमत 44 लाख 55 हजार है, वहीं 4450 वर्ग फीट का सैदुल्ला जैव गांव दिल्ली में घर है, जिसकी कीमत 5 करोड़ है।
पत्नी के पास है 3 करोड़ का घर
वहीं, पत्नी के नाम पर डिफेंस कॉलोनी दिल्ली में 1780 वर्गफीट में बना मकान है, जिसकी कीमत 3 करोड़ रुपये है। बता दें कि राजेंद्र सोलंकी का सामने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर महेंद्र नागर और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ.महेश शर्मा से होगा।
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