ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के तूफानी बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के दूसरे मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी कर हर किसी के होश उड़ा दिये. एडिलेड में खेले गए टी20 सीरीज के दूसरे मैच में मैक्सवेल ने 55 गेंदों में 120 रन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी खेली. इस शतक के साथ ही उन्होंने टी20 इंटरनेशनल मैच में अपना 5वां शतक पूरा किया और टी20 इंटरनेशनल शतक के रिकॉर्ड में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी कर ली. मैक्सवेल के 120 रन की नाबाद पारी में 12 चौके और 8 छक्के जड़ने के कारण ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में ही चार विकेट पर 241 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. पारी के दौरान मैक्सवेल का स्ट्राइक रेट 200 से अधिक था. इस मैच में उन्होंने महज 50 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया.
109 मीटर का मारा गगनचुंबी छक्का
मैच में मैक्सवेल ने आड़े-तिरछे शॉट लगाए। इतना ही नहीं, उनका एक छक्का 109 मीटर की दूरी पर जाकर गिरा। जबकि मैक्सवेल ने एक छक्का स्विच हिट पर जड़ा। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि मैक्सवेल आज ताबड़तोड़ शतकीय पारी को अंजाम देने इरादे से ही पिच पर उतरे थे। उनकी जबर्दस्त बल्लेबाजी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। अपनी इस पारी से मैक्सवेल ने एक बार फिर अपनी तूफानी बल्लेबाजी का लोहा मनवा लिया.
मैक्सवेल ने 102 मैचों में ही जड़ा 5वां शतक
बता दें की ग्लेन मैक्सवेल ने अब तक 102 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 2405 रन बनाए हैं. जबकि उनका औसत 30.83 और स्ट्राइक रेट 155.26 का है. वहीं, रोहित शर्मा ने अप्ना पांचवां शतक 151 मैचों में बनाए हैं. उनका औसत 31.79 और स्ट्राइक रेट 139.97 का है. वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने अपने खाते में 29 अर्धशतक भी जोड़े हैं. सबसे ज्यादा टी20 शतकों की लिस्ट में सूर्यकुमार यादव दूसरे स्थान पर हैं। जिन्होंने 60 मैचों में चार शतक जड़े हैं.
एक बार फिर एक खुमार पूरे देश के सिर चढ़ कर बोलने वाला है. आप तो समझ ही गए होंगे हम किस खुमार की बात कर रहे हैं. जी हां, हम अपने पसंदीदा खेल क्रिकेट की ही बात कर रहे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला 15 फरवरी से राजकोट में खेला जायेगा. जो कि भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे से खेला जाएगा. इससे पहले शुरुआती 2 मुकाबलों तक यह सीरीज 1-1 से बराबरी पर है. वहीं इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम काफी बदली हुई नजर आ रही है. दरअसल, दिग्गज प्लेयर विराट कोहली ने निजी कारणों से ब्रेक ले लिया है. जबकि केएल राहुल चोट के कारण तीसरा मैच नहीं खेलेंगे साथ ही श्रेयस अय्यर और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट के कारण सीरीज से ही बाहर हैं.
तीसरे टेस्ट में 2 नये खिलाडियों का डेब्यू तय
जहां तीसरे टेस्ट में तेज गेंदबाद जसप्रीत बुमराह को आराम दिया जाना लगभग तय है. तो वहीं सूत्रों की मानें तो जसप्रीत अब तक राजकोट भी नहीं पहुंचे हैं. जबकि चोट के बाद ठीक होकर लौटे अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के खेलने पर भी संशय बरकरार है. इस तरह अब फैन्स को राजकोट टेस्ट में भारत की एक नई और अलग ही युवा पीढ़ी की टेस्ट टीम खेलती नजर आएगी. इस टेस्ट में सरफराज खान का डेब्यू करना तय माना जा रहा है. जबकि बतौर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल को मौका दिये जाने की संभावना है. यदि ऐसा होता है तो यह उनका डेब्यू मैच रहेगा.
4 खिलाड़ियों को छोड़कर नए पीढ़ी के खिलाड़ी
राजकोट टेस्ट में कप्तान रोहित शर्मा, जडेजा, कुलदीप और अश्विन के अलावा सभी नए पीढ़ी के प्लेयर खेलते नजर आएंगे. साथ ही चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को तो सीरीज के लिए चुना ही नहीं गया था. ऐसे में BCCI का प्लान साफ है कि वो टेस्ट में भी एक नई पीढ़ी की टीम तैयार करना चाह रहे हैं. जिनमें युवा पीढ़ी के खिलाडियों में यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, रजत पाटीदार, सरफराज खान, अक्षर पटेल मोहम्मद सिराज और मुकेश कुमार शामिल हैं और ध्रुव जुरेल/ केएस भरत (विकेटकीपर)के रूप में शामिल हो सकते हैं.
राजकोट टेस्ट में 33 रनों पर 3 विकेट चटकाकर जब इंग्लैंड की टीम जश्न मनाने की तैयारी तभी क्रीज पर उतरे रोहित ने इंग्लैंड टीम के ख्वाबों पर पानी फेर दिया. रोहित भारतीय टीम की ढाल बनकर खड़े हो गए. रोहित ने क्रीज पर अंगद की तरह ऐसे पांव जमाये की इंग्लैंड के गेंदबाजों के होश उड़ गए. नतीजतन ना केवल भारत की बिखरती पारी पर लगाम लगाकर मजबूती से रोहित ने कमान संभाल ली बल्कि टेस्ट क्रिकेट में 10 पारियों के इंतजार के बाद रोहित शर्मा के बल्ले से शानदार शतक भी निकला. जिसके बाद राजकोट में टेस्ट शतक लगाने वाले रोहित ओवरऑल 10वें और भारत के छठे बल्लेबाज बन गए. रोहित ने आखिरी टेस्ट शतक पिछले साल जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा था.उसके बाद ये 11वीं टेस्ट इनिंग है, जिसमें रोहित के बल्ले से शतक निकला है.
218 दिन बाद गरजा टेस्ट में रोहित का बल्ला
भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला राजकोट में हुआ. मैच में टॉस रोहित शर्मा ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. ऐसा लगा रोहित का पहले बल्लेबाजी का फैसला बैकफायर कर गया, जब भारत ने तीन विकेट 33 रन पर गवां दिए लेकिन यहीं से रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा ने डूबती नाव संभाल ली. इस दौरान कप्तान रोहित शर्मा ने राजकोट टेस्ट में अपनी पारी के दौरान 196 गेंदों का सामना करते हुए 131 रन बनाये. इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 3 छक्के जड़े. ये इंग्लैंड के खिलाफ रोहित का तीसरा टेस्ट शतक है. जो कि 3 साल के अंतराल के बाद उनके बल्ले से निकला है. ये उनके टेस्ट करियर का 11वां शतक भी है.
जडेजा और रोहित की बेहतरीन पार्टनरशिप
रोहित शर्मा ने अपनी शतकीय पारी के दौरान रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर लंबी-चौड़ी पार्टनरशिप भी की. इस विशालकाय साझेदारी की बदौलत ही टीम इंडिया जो बैकफुट पर आ गई थी, अब मुकाबले में फ्रंटफुट पर दिख रही है. इसके साथ ही जडेजा औऱ रोहित ने 204 रनों की साझेदारी करने के साथ 39 साल पुराने एक रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. भारत और इंग्लैंड के बीच चौथे विकेट के लिए टेस्ट मैच भारतीय टीम की तरफ से ये तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है.
दादा और धोनी का तोड़ा रोहित ने रिकॉर्ड
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ केवल शतक और बड़ी पार्टनरशिप ही नहीं की बल्कि एक मामले में सौरव गांगुली और एक मामले में महेंद्र सिंह धोनी को भी पीछे छोड़ दिया. इस शतक के बाद रोहित इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं और इस मामले में उन्होंने सौरव गांगुली को 5वें नंबर पर धकेल दिया है. रोहित से आगे इस लिस्ट में अब सिर्फ सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ हैं. वहीं इस मैच में रोहित शर्मा ने महेंद्र सिंह धोनी को भी छक्के मारने के मामले में पीछे छोड़ दिया. महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट मैचों में कुल 78 छक्के जड़े थे. वहीं हिटमैन अब तक टेस्ट क्रिकेट में कुल 80 छक्के जड़ चुके हैं. रोहित शर्मा ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 3 छक्के लगाए. वैसे भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के उड़ाने का रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग के नाम है. इस विस्फोटक ओपनर ने अपने टेस्ट करियर में कुल 90 छक्के जड़े थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल बेन स्टोक्स के नाम है. उन्होंने अब तक 128 छक्के लगाए हैं, जबकि बैजबॉल के जनक ब्रैंडन मैक्कुलम ने 107 छक्के जमाए थे.
हरिवंश राय बच्चन जी की एक कविता की कुछ पंक्तियां यहां सटीक बैठती है कि "मन का हो तो अच्छा और मन का ना हो तो और भी अच्छा क्योंकि उसमें ईश्वर की मर्जी छुपी होती है।" दरअसल आज हम इन पंक्तियों को इसलिये याद कर रहे हैं क्योंकि टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच राजकोट में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया की ओर से दो खिलाड़ियों को डेब्यू करने का मौका मिला. सरफराज खान को डेब्यू कैप अनिल कुंबले ने दी तो वहीं ध्रुव जुरेल को डेब्यू कैप दिनेश कार्तिक ने दी. वहीं टीम इंडिया की ओर से जब सरफराज खान खेलने के लिए पिच पर उतरे तो देखने वालों की आंखें फटी की फटी रह गई क्योंकि उन्होंने ऐसी धुआंधार बैटिंग की जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया कोई कह ही नहीं सकता था कि ये सरफराज का पहला टेस्ट मैच है. सरफराज खान ने 48 गेंदों में ही अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर ली.
सरफराज के अर्द्धशतक से पिता और पत्नी बेहद खुश
सरफराज खान के अर्द्धशतक पूरा करते ही पत्नी रोमाना जहूर अपनी खुशी को रोक नहीं पाईं और सरफराज को फ्लाइंग किस दे दी. सरफराज के पिता ने भी उनके अर्द्धशतक पूरा होने पर खुशी जाहिर की और खड़े होकर ताली बजाई. सरफराज खान के अर्द्धशतक से कप्तान रोहित शर्मा भी काफी खुश नजर आए. सरफराज खान ने अपने डेब्यू मैच में ही शानदार फिफ्टी जड़कर सभी को अपना फैन बना लिया.
61 रन के स्कोर पर लगा झटका, पहुंचे पवेलियन
सरफराज ने अपनी अर्धशतकीय पारी में 7 चौके और 1 छक्का लगाया. अपने पहले ही मैच में अर्धशतक लगाने के बाद मुंबई का 25 वर्षीय खिलाड़ी थोड़ा भावुक नजर आया. साथ ही सरफराज और उनके परिवार की आंखों में भी खुशी के आंसू दिखे. अर्द्धशतक जड़ने के बाद सरफराज अपनी लय में आ चुके थे, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि खुशियां अचानक गम में बदल गई। 61 रन के स्कोर पर वह गफलत के शिकार हुए और जडेजा के साथ सिंगल चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए. सरफराज जिस खूंखार अंदाज से बैटिंग कर रहे थे उससे लग रहा था कि शायद दिन का खेल खत्म होने तक वे अपना शतक पूरा कर लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका. सरफराज हताश होकर पवेलियन वापस लौट गए. एक झटके में सारी उम्मीदें धराशायी हो गई.कप्तान ने भी गुस्से में अपना कैप नीचे पटक कर रोष दिखाया तो सरफराज ड्रेसिंग रूम के एक कोने में सिर पर हाथ रख उदास बैठे दिखे.
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला 7 मार्च से धर्मशाला में खेला जाएगा। टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में 3-1 से आगे है। इस मैच में अगर टीम इंडिया जीत हासिल कर लेती है तो वह सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लेगी। इस दौरान 112 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में ऐसा चौथी बार होगा जब कोई टीम 5 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर ले।
112 साल बाद ऐसा करने वाली तीसरी टीम होगी इंडिया
वहीं सीरीज पर कब्ज़ा जमाने के बाद अब भारतीय टीम के रणबांकुरों की नज़र इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला में खेले जाने वाले आखिरी टेस्ट मुकाबले को जीतने की ओर है। वहीं दूसरी ओर इस जीत के साथ ही एक और रिकॉर्ड भारतीय टीम के नाम हो जाएगा। आप भी सोच रहे होंगे कि अब हम किस रिकॉर्ड की बात कर रहे हैं। दरअसल अगर टीम इंडिया धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट जीत जाती है तो वो पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 112 साल बाद ऐसा करने वाली तीसरी टीम बन जाएगी जिसने पांच मैचों की सीरीज का पहला मैच हारने के बाद बाकी बचे चारों मुकाबले जीते हों। टेस्ट इतिहास की बात करें तो अब तक ऐसा तीन बार हो चुका है जिसमे दो बार ऑस्ट्रेलिया ने साल 1897 - 1898 और 1901 - 1902 में किया है और इंग्लैंड ने 1912 में ऐसा कारनामा किया था।
देवदत्त पडिक्कल का डेब्यू पक्का!
धर्मशाला टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ युवा और खूंखार लेफ्ट हैंड ओपनर देवदत्त पडिक्कल को डेब्यू करने का मौका मिल सकता है। उन्हें आउट ऑफ फॉर्म रजत पाटीदार की जगह अंतिम 11 में शामिल किया जा सकता है। देवदत्त पडिक्कल अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने मौजूदा रणजी सीजन में रनों का अंबार लगाया है। वहीं पिछले रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों की बात करें तो देवदत्त पडिक्कल ने 4 में से 3 रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में शतक जड़ा है जबकि एक में अर्धशतक ठोका है।
कौन हैं देवदत्त पडिक्कल ?
आपको बता दें कि 23 साल के देवदत्त पडिक्कल ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में अब तक 31 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 53 पारियों में 44 की एवरेज से 2227 रन ठोके हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास करियर में कुल 6 शतक और 12 अर्धशतक ठोके हैं। इसके अलावा देवदत्त पडिक्कल को आईपीएल का भी अच्छा अनुभव है। उन्होंने आईपीएल में अब तक 57 मुकाबले खेले हैं, जिसमें पडिक्कल ने 1 शतक और 9 अर्धशतक के बूते 1521 रन बनाए हैं। बता दें कि देवदत्त पडिक्कल भारतीय टीम के लिए 2 टी20 भी खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 38 रन बनाए हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने 4-1 से जीत हासिल की। पहला टेस्ट गंवाने के बाद टीम इंडिया ने अगले चारों मैच जी-तोड़ मेहनत करके जीते और इसके साथ ही वो टेस्ट रैंकिंग और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी नंबर 1 पोजिशन पर पहुंच गई। वहीं टीम की जीत और देश की खुशी के साथ-साथ ये खुशी देने वाले खिलाड़ियों की निजी जिंदगी में भी मुश्किलें आईं, जिनका शायद अब तक किसी को पता भी नहीं चला। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर हुआ क्या था राजकोट टेस्ट के दौरान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अचानक टीम इंडिया का साथ छोड़कर चेन्नई चले गए थे। दरअसल अश्विन की मां की तबीयत खराब थी और इसके बाद उन्हें चार्टेड प्लेन से घर भेजा गया था। अश्विन ने अब बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि इस दौरान उनकी सबसे ज्यादा मदद रोहित शर्मा ने की।
यूट्यूब वीडियो में बताई दिल की बात
अश्विन ने यूट्यूब वीडियो में बताया कि वो राजकोट में थे और उन्होंने अपनी मां की तबीयत जानने के लिए डॉक्टर को वीडियो कॉल किया। वो अपनी मां को देखना चाहते थे, लेकिन डॉक्टर ने अश्विन को बताया कि उनकी मां अभी उस हालत में नहीं है कि उन्हें वीडियो कॉल में दिखाया जा सके। इसके बाद अश्विन रुआंसे हो गए, कुछ देर बाद अश्विन के कमरे में रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ आए। अश्विन परेशान थे क्योंकि उन्हें राजकोट से बाहर जाने के लिए कोई फ्लाइट नहीं मिल रही थी और उन्हें तुरंत चेन्नई जाना था। इसके बाद रोहित शर्मा ने उनके लिए चार्टेड प्लेन का इंतजाम कराया और फिर दो लोगों को अश्विन के साथ रखा। रोहित ने जिस तरह से अश्विन का ख्याल रखा वो ये सब देखकर स्तब्ध थे।
"इस मतलबी दुनिया में एक इंसान ऐसा भी है जो औरों के बारे में सोचता है"
अपने मुश्किल समय में मदद करने वाले रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए आर अश्विन ने कहा "कि उन्होंने भारतीय कप्तान जैसा इंसान नहीं देखा। रोहित का दिल बहुत अच्छा है। एक खिलाड़ी जिसके पास पांच आईपीएल टाइटल हैं, ये इतना आसान काम नहीं है। उन्हें इससे भी ज्यादा मिलना चाहिए और भगवान उन्हें देगा। इस मतलबी दुनिया में एक इंसान ऐसा भी है जो औरों के बारे में सोचता है, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।"
भारतीय क्रिकेट टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्वकप 2024 में जीत हासिल की, जीत के बाद रोहित शर्मा ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। फिर कयास लगाए जा रहे थे कि रोहित अब चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह देंगे। जिसका जवाब अब खुद रोहित शर्मा ने दे दिया है।
रोहित ने रिटायरमेंट के सवाल का दिया जवाब
डलास में बीते रविवार को हुए एक कार्यक्रम में जब रोहित शर्मा से वनडे और टेस्ट के संन्यास को लेकर सवाल पूछा गया, तो हिटमैन ने कहा कि वह बहुत आगे का नहीं सोचते हैं, लेकिन अभी फैंस उन्हें काफी खेलते देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है। रोहित के जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद फैंस ने खूब तालियां बजाईं।
जय शाह ने रोहित के कप्तान बने रहने का किया था ऐलान
आपको याद दिला दें कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कुछ दिन पहले साफ कर दिया था कि आगामी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अगर भारत पहुंचता है तो और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम इंडिया रोहित शर्मा की कप्तानी में ही खेलेगी। लेकिन वनडे विश्वकप 2027 के बारे में जय शाह ने कुछ नहीं कहा था। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हिटमैन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी तक ही वनडे फॉर्मेट खेलेंगे। हालांकि, अब रोहित शर्मा ने सारा कंफ्यूज़न दूर कर दिया है।
भारतीय क्रिकेट टीम और बांग्लादेश क्रिकेट टीम के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज शुरु हो चुकी है। लेकिन इसका आगाज टीम इंडिया के लिए अच्छा नहीं रहा है। पहले कप्तान रोहित ने टॉस गंवाया और फिर टीम के 4 स्टार खिलाड़ी बारी-बारी से आउट होकर पवेलियन लौट गए। करीब 9 महीने के बाद क्रीज पर वापस लौटे विराट कोहली भी सस्ते में आउट हो गए।
हसन महमूद ने इंडियन स्टार्स को भेजा पवेलियन!
बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया की लंबी बैटिंग लाइनअप को लेकर तारीफों के पुल बांधे जा रहे थे। लेकिन चेन्नई में 24 साल के युवा बांग्लादेशी गेंदबाज हसन महमूद ने अपने चौथे टेस्ट मैच में ही टीम इंडिया के 4 दिग्गजों को आउट कर दिया है। जिसमें कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल का नाम शामिल है।
नहीं चला विराट कोहली का बल्ला!
हसन महमूद ने पारी के 10वें ओवर में भारतीय टीम को तगड़ा झटका दिया, जब युवा गेंदबाज ने विराट कोहली को जाल में फंसाया। कोहली ऑफ-स्टम्प के बाहर फेंकी गई गेंद पर बॉडी से दूर होकर शॉट खेलना चाहते थे। इस प्रयास में कोहली पूरी तरह चूक गए और गेंद उनके बैट का किनारा लेते हुए विकेटकीपर लिटन के पास चली गई। किंग कोहली 6 गेंदों में सिर्फ 6 रन ही बना सके।
259 दिन बाद टेस्ट खेलने उतरे विराट!
आपको बता दें, विराट कोहली 259 दिन बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे थे। कोहली ने पिछला टेस्ट मैच जनवरी 2024 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में था। हालांकि, विराट कोहली ने टेस्ट की लास्ट 10 टेस्ट पारियों में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने दो अर्धशतक और दो शतक भी जमाए हैं। लेकिन चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में विराट का बल्ला नहीं चला है। इसी के साथ ही कप्तान रोहित शर्मा 6 रन, शुभमन गिल 0 और ऋषभ पंत 39 रन बनाकर आउट हो गए हैं। भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इस दौरान पारी को संभाला है। उन्होंने 95 गेंदों में 50 रन बनाए और सबसे जरुरी एक छोर संभाला। इस दौरान खिलाड़ी ने 8 चौके भी लगाए हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम टी-20 विश्वकप 2024 के फाइनल में पहुंच गई है। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया लगातार फाइनल का सफर तय कर रही है।
टी-20 विश्वकप फाइनल

भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर से अपनी दिग्गज टीम का छवि को बरकरार रखते हुए फाइनल में पहुंच गई है। अब आखिरी जंग साउथ अफ्रीका के खिलाफ है। जिसे जीतकर टीम इंडिया टी-20 विश्वकप में दूसरी बार चैंपियन बन सकती है।
बीते साल वन-डे विश्वकप का फाइनल

भारतीय टीम ने बीते साल 19 नवंबर को आईसीसी वनडे विश्वकप 2023 का फाइनल रोहित शर्मा की कप्तानी में खेला था, भले ही टीम इंडिया फाइनल में हार गई हो। लेकिन टीम ने अजेय रथ पर सवार होकर फाइनल तक का सफर तय किया था।
टेस्ट चैंपियनशिप 2023

इसी के साथ ही साल 2023 में ही रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि वहां पर टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 209 रनों से हार मिली थी। ऐसे में जब टीम इंडिया लगातार फाइनल में रोहित की कप्तानी में पहुंची है। तो उनके नाम लगातार तीन आईसीसी इवेंट के फाइनल में पहुंचाने वाले कप्तानों के साथ दर्ज हो गया है। रोहित के अलावा एमएस धोनी और केन विलियमसन ही तीन अलग-अलग आईसीसी इवेंट के फाइनल में अपनी टीम को पहुंचा चुके हैं। हालांकि रोहित अबतक आईसीसी का कोई खिताब टीम इंडिया को नहीं जिता सके हैं।
टी-20 वर्ल्ड कप में के फाइनल मैच में भारतीय टीम ने रोमांचक जीत करने के बाद जहां पूरे देश में खुशी का माहौल है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने शनिवार को टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 7 रनों से हराकर खिताब जीत लिया है। इस जीत के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने फैन्स को झटका दिया है। दोनों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसका मतलब अब हिटमैन और किंग कोहली को दोबारा टी-20 मैच में नहीं देखने को मिलेगा। इस ऐलान से दोनों के फैन्स दुखी भी हैं लेकिन विश्वकप जीतने की खुशी भी है।
यह मेरा भारत के लिए आखिरी टी-20 मैच था
फाइनल जीतने के बाद कोहली ने कहा, 'यह मेरा आखिरी टी20 वर्ल्ड कप था, यह वही था जो हम हासिल करना चाहते थे। एक दिन आपको लगता है कि आप रन नहीं बना सकते और ऐसा हो जाता है। बस मौका था, अब यह कभी नहीं जैसी स्थिति। यह भारत के लिए मेरा आखिरी टी20 मैच था। हम उस कप को उठाना चाहते थे।'
अलविदा कहने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता
वहीं, विश्वकप का फाइल जीतने के बाद रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा 'यह मेरा आखिरी गेम भी था. अलविदा कहने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता. मैं इसको (ट्रॉफी) बुरी तरह चाहता था। जिसे शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है। मैं यही चाहता था और ऐसा ही हुआ। मैं अपने जीवन में इसके लिए बहुत बेताब था। खुशी है कि इस बार हमने सीमा पार कर ली।"
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025New Ayushman Card List Released: Check Your Name Online for All States Including UP & Bihar
August 25, 2025