Greater Noida: ग्रेटर नोएडा राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान (Gims) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को अस्पताल में अस्थायी नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल शुरू कर दी है। नर्सिंग स्टाफ अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गया है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इसी अस्पताल में 17 दिनों तक शव में फ्रीज रखकर कर्मचारी भूल गए थे।

कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर की थी ड्यूटी
बता दें कि स्टाफ नर्स ने संस्थान के प्रबंधन पर आश्वसन से पलटने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि संस्थान में नए लोगों को भर्ती करने की योजना बनाई जा रही है। अस्थायी कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी की। इस अस्पताल में लगभग 10 साल से कार्यरत हैं।
निदेशक ने नियमित करने का किया था वादा
कोरोना काल के दौरान संस्थान के निदेशक डॉक्टर गुप्ता ने उनके कार्यों को देखते हुए सराहना की थी। इसके साथ ही आश्वसन दिया था कि भविष्य में जब भी कर्मचारियों के नियमतीकरण के संबंध में कोई योजना आएगी, तो संस्थान में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। लेकिन अब उन लोगों की अनदेखी कर नए लोगों की भर्ती करने की योजना प्रबंधन बना रहा है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अस्थायी कर्मचारियों ने नियमित कर उनका भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में 16 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से हड़ताल कर रहे आउटसोर्स नर्सिंग स्टॉफ काम पर लौट आए हैं। अस्पताल प्रबंधन और जिलाअधिकारी के आश्वासन के बाद नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल खत्म कर गुरुवार से काम पर लौट आए हैं। अस्पताल परिसर में आउटसोर्स नर्सिंग स्टॉफ अपनी सेवाएं नियमित किये जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
नियमित भर्ती में दी जाएगी वरीयता
जीआईएमस प्रशासन ने लोक सेवा आयोग में नर्सों की भर्ती की तर्ज पर उनको नियमित भर्ती में वरीयता अंक प्रदान किये जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बुधवार को जिलाधिकारी से वार्ता के बाद अस्पताल परिसर में धरनारत नर्सिंग स्टॉफ ने धरना खत्म कर दिया था। इसके बाद गुरुवार सुबह से अपनी-अपनी ड्यूटी पर नर्सिंग स्टाफ लौट आया है।
कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर की थी ड्यूटी
बता दें कि जीआईएमस ने नर्सिंग स्टाफ की नियमित भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। जिसकी जानकारी मिलने पर यहां कार्यरत आउटसोर्सिंग नर्स स्टाफ ने हड़ताल शुरू कर दी थी। स्टाफ नर्स ने संस्थान के प्रबंधन पर आश्वसन से पलटने का आरोप लगाया था। कहा था कि संस्थान में नए लोगों को भर्ती करने की योजना बनाई जा रही है। जबकि उन्होंने कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी की। इस अस्पताल में लगभग 10 साल से कार्यरत हैं।
शरीर में दर्द की शिकायत लेकर आई महिला के साथ नर्सिंग स्टाफ ने की बदतमीजी. पुलिस के सामने परिवार वालों का हंगामा.
स्पेस अस्पताल की घटना
Greater Noida: एक महिला और उसके परिवार वालों ने सोमवार को बीटा-2 क्षेत्र के महिला सुरक्षा इकाई थाने में स्पेस अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के उपर छेड़खानी का केस दर्ज करवाया. बताया जा रहा है कि महिला के शरीर में दर्द होने के कारण परिवार वाले उसे पास ही के परी चौक स्थित स्पेस अस्पताल में इलाज कराने ले गए थे. इलाज के दौरान जब शरीर में दर्द बढ़ गया तब महिला को डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती कराने को कहा.
स्टैंडर्ड चेकअप के नाम पर नर्सिंग स्टाफ भानुप्रताप डयूटी पर था. परिवार वालों के अनुसार नर्सिंग स्टाफ बार-बार किसी ना किसी बहाने आकर महिला को गलत तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था और बाद में महिला को अकेला पाकर ओछी बाते करने लगा. महिला ने इस बात की शिकायत अपने पति और घर के अन्य लोगों से की जिन्होंने अस्पताल के लोगों के साथ इस मुद्दे को उठाते हुए भानुप्रताप की हरकतों को रिपोर्ट किया.
आरोपी पर पुलिस की कार्रवाई
महिला ने जब छेड़छाड़ का विरोध किया तो नर्सिंग स्टाफ-भानुप्रताप गाली गलौच पर उतर आया. घटना का पता चलने के बाद परिवार वालों ने पुलिस का इत्तिला कर केस दर्ज कराते हुए आरोपी को हिरासत में लेने के लिए कहा. पुलिस भी मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है. अस्पताल प्रबंधन का अभी तक इस मसले पर कोई बयान नहीं आया.
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