नीट पेपर लीक और UGC-NET पर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। देश के कई हिस्सों में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है। वहीं, इन सभी के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नीट के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एनटीए की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने जा रहे हैं। उच्च स्तरीय समिति एनटीए की संरचना, कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया, पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाने की सिफारिश करेगी।
शिक्षण संस्थाओं भाजपा और आरएसएस का कब्जाः राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पेपर लीक कांड पर चुप हैं। क्योंकि वह 'इसे रोक नहीं पा रहे' हैं। प्रधानमंत्री मोदी या तो पेपर लीक को रोक नहीं पा रहे या फिर इसे रोकना नहीं चाहते हैं। राहुलगांदी ने दावा किया कि शिक्षण संस्थाओं पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके मातृत्व संगठन से जुड़े लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक इस स्थिति को बदला नहीं जाएगा तब तक पेपर लीक होना बंद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पहले पीएम का 56 इंच का सीना था, अब 32-35 हो गया है।
शिक्षा मंत्री पेपर लीक मामले में दें इस्तीफा : आनन्द बघेल
उत्तर प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं सदस्य उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी आनंद बघेल ने कहा की यूजीसी नेट की परीक्षा लीक होने की आशंका के आधार के बहाने रद्द करना सरकार की पूर्ण बिफलता को उजागर कर रहा है । पूर्व में नीट आदि कई परीक्षा में हुए लापरवाही सिद्ध करती है कि सरकार को युवाओं के भविष्य से खेलना एक आम बात हो चुकी। अंतः वे देश के शिक्षा मंत्री से मांग करते है कि उक्त गतिविधियों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे।
नीट और यूजीसी पर भाजपा का कांग्रेस पर करारा पलटवार
नीट और यूजीसी नेट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर भाजपा और कांग्रेस अब आमने-सामने हो गई है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला और भाजपा पर 'पेपर लीक' का आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि पेपर लीक के पीछे का कारण यह है कि सभी कुलपति, शिक्षा प्रणाली पर भाजपा और उसके मूल संगठन (आरएसएस) का कब्जा है। भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के बयानों को निराधार बताया और कहा कि वह छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रहे हैं।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है। हम सरकार छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NEET और UGC-NET परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बाद देश भर में हंगामा हो रहा है। इसके साथ ही राजनीति भी जमकर हो रही है। विपक्ष सत्ता पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। इसके अलावा भी सोशल मीडिया से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। पेपर लीक पर किरकिरी होने पर केंद्र सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को अधिसूचित कर दिया है। इस अधिनियम के जरिए देश भर में आयोजित होने वाले प्रतियोगी और सामान्य प्रवेश परीक्षाओं में फर्जीवाड़े को रोकने का दावा किया जा रहा है।
आरोपियों की सपंत्ति कुर्क होगी कुर्क
गौरतलब है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए फरवरी में संसद से कानून पारित हुआ था, जो 21 जून से प्रभाव में आ गया है। नए कानून में सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल करने वालों पर न्यूनतम 3 से 5 साल की कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा पेपर लीक गिरोह में शामिल लोगों को 5 से 10 साल की सजा और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, किसी संस्थान के संगठित पेपर लीक अपराध में शामिल पाए जाने पर उसकी संपत्ति कुर्क और जब्त करने के साथ सजा 10 साल तक बढ़ाए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा परीक्षा की लागत भी पेपर लीक करने वाले संस्थान से वसूली जाएगी।
परीक्षार्थी पर दंडात्मक कार्रवाई का नहीं प्रावधान
हालांकि, इस कानून में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन कोई अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग करता हुआ पकड़ा जाएगा तो उसके परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों को नहीं मिलेगी जमानत
नए कानून के तहत पेपर या आंसर की लीक करना, इलेक्ट्रानिक या अन्य माध्यम से परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों की मदद करना, कंप्यूटर नेटवर्क या अन्य उपकरणों के साथ छेड़छाड़, किसी सॉल्वर को कैंडीडेट की जगह परीक्षा में बैठाना, फर्जी परीक्षा, परीक्षा सूची या रैंक को लेकर नकली दस्तावेज और योग्यता दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी। सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के अंतर्गत आने वाले सभी अपराध गैर-जमानती हैं।
ये परीक्षाएं नए कानून के अंतर्गत होंगी
इस कानून के तहत डीएसपी या एसीपी रैंक का अधिकारी जांच कर सकता है। इसके अलावा केंद्र सरकार के पास किसी भी जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की शक्ति है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे, बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सभी कंप्यूटर-आधारित परीक्षाएं इस अधिनियम के अंतर्गत आएंगी।
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