Noida: प्राधिकरण के खिलाफ किसान सभा का धरना 118वें भी जारी रहा. सोमवार को राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी समस्त विधायकों के साथ अपना समर्थन देने पहुंचे. वहीं, मोहित नागर के नेतृत्व में 12 सितंबर प्राधिकरण बंद करो ट्विटर पर ट्रेंड अभियान चलाया गया. जिसमें हजारों ट्वीट कर प्राधिकरण बंद के ऐलान को ट्रेंड कराया गया. इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन की ओर से हर गांव में पुलिस भेजकर किसानों को डराने की कोशिश हो रही है. परंतु किसान सभा की कमेटियां और किसान सभा के लोग प्राधिकरण को बंद करने की पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं. प्राधिकरण को तभी खोला जाएगा जब मुद्दों पर ठोस नतीजे आ जाएंगे.
लोक दल हमेशा से किसानों की आवाज
धरने को समर्थन देने राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के नेतृत्व में उनके सभी विधायक धरना स्थल पर शाम 4:00 बजे पहुंचे. जयंत चौधरी ने धरने को समर्थन देते हुए कहा कि लोक दल हमेशा से किसानों की आवाज रहा है. रालोद किसानों की ही पार्टी है. किसानों की जब गिरफ्तारी हुई थी तब भी लोक दल के विधायक चंदन चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर भी पहुंचा था और जेल में भी पहुंचा था. उन्होंने कहा कि लोक दल की जिला कमेटी, जिला अध्यक्ष जनार्दन भाटी के नेतृत्व में हमेशा धरने के साथ खड़ी है. 12 सितंबर को भी लोक दल के कार्यकर्ता और नेता एवं विधायक धरने को समर्थन देने आएंगे और लोक दल हर समय आपके साथ खड़ा है.
मुद्दों को लटकाए जाने की कोई ठोस वजह नहीं
वहीं, किसान सभा के प्रवक्ता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि हम प्राधिकरण को पर्याप्त समय दे चुके हैं. अपनी समस्याओं को हल करने के लिए नए सीईओ को आए भी डेढ़ महीने से अधिक का वक्त हो गया है, उन्हें मुद्दों पर अपना निर्णय लेना है. मुद्दों को लटकाए जाने की कोई ठोस वजह नहीं है. प्राधिकरण और शासन किसानों की परीक्षा ले रहा है, उनके वाजिब मुद्दों को लटका कर आंदोलन को लंबा खींचकर थकाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन आंदोलन अपने मुकाम पर पहुंच कर रहेगा. इसी संकल्प के साथ आंदोलन शुरू हुआ था कि मुद्दों को हल कर करके ही दम लेंगे।
किसानों को भ्रमित करने की कोशिश
किसान सभा के महासचिव हरेंद्र ने कहा हमारी लड़ाई वाजिब है. काफी वक्त हम प्राधिकरण को अपनी समस्याओं को सुलझाने के बाबत दे चुके हैं. प्राधिकरण के अधिकारी फर्जी मीटिंग मिनट जो उन्होंने 6 तारीख की वार्ता वाले दिन तैयार की थी. परंतु किसान सभा के लोगों को दिखाने और देने से इनकार कर दिया था. उसी मीटिंग मिनट को जारी किया गया है और लेखपालों की गांव में ड्यूटी लगाई गई है कि वे किसानों को भ्रमित करें कि किसानों के मुद्दे हल हो गए हैं. जबकि किसानों के मुद्दे अभी तक भी हल नहीं हुए हैं. किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है परंतु किसान पुरी तरह जागरूक हैं और प्राधिकरण की किसी चाल में अबकी बार फंसने वाले नहीं है.
प्रशासन को किसानों से कोई सरोकार नहीं
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि जब भी मुख्यमंत्री का दौरा आसपास होता है तो प्रशासन के लोग किसानों के मुद्दों के संबंध में फर्जी बात करना शुरू कर देते हैं और उसके बाद फिर शांत हो जाते हैं और किसानों को उनके हाल पर छोड़ देते हैं. इन लोगों का किसानों से कोई सरोकार नहीं है. केवल किसानों को बहकाने आश्वासन देने अथवा धमकाने की ही कोशिश की जाती है आज धरने की अध्यक्षता तिलक देवी ने की संचालन सतीश यादव ने किया.
इन्होंने भी किया धरने को संबोधित
धरने को तेजपाल रावल, अजय पाल भाटी, मोनू मुखिया मोहित यादव, मोहित भाटी, मोहित नागर, प्रवीण त्यागी, ओमवीर त्यागी, दुष्यंत सेन, राजीव नागर, महाराज सिंह, जयकरण सिंह भाटी, चतर सिंह भाटी, मदनलाल भाटी, बाबा संतराम, प्रशांत भाटी, गजेंद्र चौधरी, सुरेश यादव, गबरी मुखिया, बुधपाल यादव, निशांत, संदीप भाटी, पूनम भाटी, तिलक देवी, गीता भाटी, कृष्णा चौधरी , सरिता देवी, रीता चौधरी, संतरा देवी, निर्मला, सुनीता, सविता, पूजा ने धरने को संबोधित किया।
बागपत- पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमी रही छपरौली से लोगों का
हमेशा से ही एक अलग लगाव रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के निधन के बाद उनके बेटे चौधरी अजित सिंह को
छपरौली का कमान उनको सौंपा आपको बता दें कि अजित सिंह पूर्व केंद्रिय मंत्री भी रह चुके हैं. लेकिन अजित सिंह की
निधन के बाद उनकी विरासत को बचाने के लिए उनके बेटे जयंत सिंह को चुना है. 12 फरवरी को जयंत सिंह छपरौली में
अजित सिंह की मूर्ति का अनावरण कर के रैली का संबोधन करेंगे और अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे.
छपरौली क्यों है खास?
छपरौली को यूं हीं नहीं चौधरी चरण सिंह का कर्म भूमि कहा जाता है. चौधरी चरण सिंह को छपरौली की जनता ने सबसे
उनको विधानसभा पहुंचाया था. छपरौली की जनता ने जब से चौधरी चरण सिंह का साथ निभाना शुरु किया तो कभी भी
उनका साथ नहीं छोड़ा और वो सिलसिला आज तक जारी है. वहां से चौधरी चरण सिंह के परिवार से कोइ भी सदस्य
खड़ा हुआ हो या उनकी पार्टी ने किसी भी प्रत्याशी को अपने तरफ से खड़ा किया हो वहां कि जनता ने हमेशा से हीं उनका
साथ दिया है, और उनको जीताकर हीं भेजा है. चौधरी चरण सिंह की निधन के बाद छपरौली की जनता ने उनके बेटे
अजित सिंह का हाथ थाम लिया.
विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में होगा मूर्ति का अनावरण
रालोद के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रिय मंत्री चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद छपरौली के विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में
सितंबर 2021 में उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक कार्यक्रम रखा गया था जहां काफी भारी भीड़ उमड़ी थी और
चौधरी जयंत सिंह को वहां कि विरासत की पगड़ी पहनाई गई थी. अब उसी कॉलेज में अजित सिंह जी की मूर्ति लगाई गई
है जिसका 12 फरवरी को अनावरण होगा और जयंत सिंह वहां से 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अपना चुनावी अभियान
की शुरुआत करेंगे.
पश्चमी यूपी के जिलों से आएंगे कार्यकर्त
छपरौली में 12 फरवरी को चौधरी अजित सिंह की मूर्ति अनावरण के कार्यक्रम में सिर्फ बागपत ही नहीं बल्कि पश्चिमी यूपीके
सभी जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा समेत आदि सभी
जिलों से भीड़ जुटाने के लिए ताकत लगा दी है।भीड़ के लिए जगह-जगह भंडारे भी लगाए जाएंगे।
Gautam Buddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर की लोकसभा सीट पर जीत हासिल करने के लिए बीजेपी पार्टी लगातार जनसभाएं कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. महेश शर्मा के पक्ष में वोट डालने की जनता से अपील की। इसके बाद वह सिंकदराबाद में स्थित भटौना गांव पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ मलूक नागर भी मौजूद रहे।
जनसभा को किया संबोधित
इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा, "विपक्ष कह रहे हैं कि मैं पलट गया हूं, लेकिन मैं पलटा हूं या फिर पटक रहा हूं, यह आपको तय करना होगा। चौधरी चरण सिंह को भारत रतन मिला तो उन्हें सहन नहीं हुआ,उन्होंने फैसले का कोई स्वागत नहीं किया। उनके बयान आप लोगों ने भी देखें होंगे, ऐसे में अब मैं आपसे ज्यादा क्या ही कहूं। इतना कह सकता हूं कि साइकिल और हैंडपंप की कोई तुकबंदी भी नहीं बन रही थी। हैंडपंप के पानी से कमल तो खिल सकता है, लेकिन साइकिल तो फिसल जाती।"
बता दें कि, गौतमबुद्ध नगर में बीजेपी प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा के समर्थन में लगातार पार्टी के बड़े-बड़े दिग्गज जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह नोएडा में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। जानकारी के मुताबिक, अमित शाह की ये जनसभा सेक्टर-33ए में शिवालिक पार्क नोएडा हाट के पास आयोजित की जाएगी, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Meerut: लोकसभा चुनाव के बीच में राष्ट्रीय लोकदल और जयंत चौधरी को बड़ा झटका लगा है। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित जाखड़ ने ने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। जाखड़ ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बेटे को टिकट देने का विरोध जताते हुए यह फैसला लिया है। रोहित जाखड़ ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि भाजपा पिता के सामने बेटे को स्थापित कर रही है। बेटियों की अस्मिता से बीजेपी ने खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि जो कौम का नहीं, वो किसी काम का नहीं है।
रालोद अधय्क्ष जंयत चौधरी को भेजा इस्तीफा
बता दें कि रोहित जाखड़ इंडिया एलायंस की कॉर्डिनेशन कमेटी के भी रालोद की तरफ से सदस्य रहे हैं । जयंत सिंह के बेहद करीबियों में जाखड़ की गिनती होती है। फिलहाल RLD अध्यक्ष जयंत सिंह को जाखड़ ने इस्तीफा भेज दिया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में रालोद भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। रालोद को पश्चिमी यूपी की दो सीटें गठबंधन में मिली हैं, जिन पर उम्मीदवार उतारा है।
Meerut: उत्तर प्रदेश में उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को बड़ा झटका लगा है। यूपी सरकार में मंत्री और रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की कार्यों से नाराज होकर पार्टी की रीढ़ कहे जाने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ता ने इस्तीफा दे दिया है। पिछले महीने भी पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी ने इसी तरह इस्तीफा दे दिया था।
पार्टी की नहीं रही सेक्युलर छवि
दलित मुस्लिम उत्पीड़न को लेकर राष्ट्रीय लोकदल की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले डॉक्टर मेराजुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में मवाना में हुई घटना को लेकर निर्दोष मुसलमानों को एक राजनेता के चलते जेल भेजे जाने से मेराजुद्दीन नाराज चल रहे थे। पार्टी में कई दिनों की उठापटक के बाद डॉक्टर मेराजुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल की जो चौधरी अजीत सिंह ने सेक्यूलर छवि बनाई थी। जिसमें किसान दलित, मुस्लिम सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने की मुहिम थी वह एकतरफा नजर आ रही है। जयंत चौधरी के पलट जाने को लेकर मेराजुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल में जो दम था, वह अब नहीं रहा। जो पार्टी की सेकुलर छवि थी वह नहीं रही। इसलिए मैं राष्ट्रीय लोक दल से इस्तीफा दे रहा हूं।
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