Greater Noida: कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिवाली के अवसर पर अपने पैतृक गांव वैदपुरा पहुंचे। यहां सचिन पायलट ग्रामीणों ने जोरदार किया स्वागत। इसके बाद पायलट ने अपने पिता की समाधि पर पुष्प अर्पित कर अपने आवास पर गोवर्धन पूजा की।
बता दें कि राजस्थान के पूर्व उप मुख्य मंत्री सचिन पायलट सोमवार को अपने पैतृक गांव वैदपुरा पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले अपने पिता की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया। साथ ही उसके बाद अपने आवास पर पहुंचकर गोवर्धन पूजा की। सचिन पायलट अधिकांश त्यौहार अपने पैतृक गांव में ही मानते हैं और हर साल अपने पिता की समाधि पर पहुंचते हैं। इस दौरान गांव के लोगों समेत पूर्व जेवर विधानसभा प्रत्याशी व जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी समय अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीते दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि भाजपा के सत्ता में लौटने के बाद पीओके, जम्मू कश्मीर का हिस्सा बन जाएगा। उनके इस बयान पर राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुझे हैरानी है कि एक राज्य का मुख्यमंत्री ठीक चुनाव के दौरान यह बयान दे रहा है। वे पिछले 10 साल से सत्ता में हैं। मैं आपको याद दिला दूं कि संसद ने पहली बार 1994 में पीओके को वापस लेने का एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था और तब कांग्रेस की सरकार थी। हम सत्ता में थे और हमने संसद के जरिए यह प्रयास किया था।योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर सचिन पायलट ने भाजपा पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 10 साल से सत्ता में है, 10 साल तक उसके पास पूर्ण बहुमत रहा, उन्हें यह कदम उठाने से किसने रोका? अनुच्छेद 370 को लेकर भाजपा द्वारा कांग्रेस पर निशाना साधे जाने और कांग्रेस के प्रदेश का विशेष दर्जा बहाल करने के दावे के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि ये सभी चुनावी भाषण हैं और कांग्रेस का रुख बहुत स्पष्ट है कि जैसे ही हमें जनादेश मिलता है और हम गठबंधन की सरकार बनाएंगे तो सबसे पहले हम जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करेंगे।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनाएगी 5 बीज पार्क
योगी सरकार ने बीज उत्पादन की एक व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों में होने वाली फसलों के मद्देनजर पांच बीज पार्क (वेस्टर्न जोन, तराई जोन, सेंट्रल जोन, बुंदेलखंड और ईस्टर्न जोन) पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे। हर पार्क का रकबा न्यूनतम 200 हेक्टेयर का होगा। कृषि विभाग के पास बुनियादी सुविधाओं के साथ ऐसे छह फार्म उपलब्ध हैं। इसमें से दो फार्म 200 हेक्टेयर, दो फार्म 200 से 300 और दो फार्म 400 हेक्टर से अधिक के हैं। राज्य सरकार इनको इच्छुक पार्टियों को लीज पर दे सकती है।फसल के लिए बीज, यह सबसे महत्वपूर्ण कृषि निवेश है। बीज की गुणवत्ता पर ही फसल की उपज और गुणवत्ता निर्भर करती है। अगर बीज खराब है तो खेत की तैयारी से लेकर बीज और बोआई के समय डाली जाने वाली खाद की लागत बर्बाद हो जाती है। दुबारा बोआई में देर होने से उपज प्रभावित होती है। बीज का जर्मिनेशन अगर कम है तो भी इसका उपज पर प्रभाव पड़ता है। उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए तो बीज की गुणवत्ता और मायने रखती है।
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