बसंत पंचमी में ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है, इस खास दिन लोग पीले कपड़े पहनते हैं और सरस्वती मां की पूजा करते हैं। लेकिन इस बार एक नहीं तीन शुभ योग बन रहे हैं जिससे कुछ राशियों का भाग्योदय होने वाला है।
हमारे हिंदू धर्म में बसंत पंचमी एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसको मां सरस्वती की पूजा के रूप में मनाया जाता है, जो कि ज्ञान, कला, और संगीत की देवी मानी जाती हैं। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का संकेत माना जाता है, जो नए आरंभों की और नई ऊर्जा की शुरुआत को दर्शाता है।
इस खास दिन पर लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं, लेकिन इस बार ये दिन और भी खास होने वाला है क्योंकि इस दिन बहुत ही शुभ योग बन रहा है, जिसका असर कई राशियों पर होने वाला है, इसमें मेष, मिथुन और वृश्चिक राशि शामिल है।
बता दें कि पंचांग गणना के अनुसार बताया जा रहा है कि बसंच पंचमी पर सालों बाद रेवती के साथ अश्विनी नक्षत्र का भी संयाग बन रहा है। इसके साथ रवि योग, शुक्र-मंगल-बुध की युति से त्रिग्रही योग भी बनने वाला है। तो चलिए अब आपको बताते हैं कि बसंत पंचमी में होने वाले शुभ योग का असर इन राशियों पर कैसे पड़ने वाला है...
मेष राशि
बसंत पंचमी के दिन गुरू, शुक्र, मंगल, बुध और चंद्रमा की चाल मेष राशि के जातको के लिए बहुत शुभ होने वाली है, इस दिन के बाद से उनकी तरक्की के रास्ते खुलने वाले हैं। जो जातक नौकरी पेशावर हैं उनको नए टास्क मिल सकते हैं तो वहीं कुछ जातकों को प्रॉपर्टी खरीदने का लाभ भी मिल सकता है। इसके अलावा मेष राशि के जातकों की लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा और उनको आक्समिक धन लाभ भी हो सकता है।
मिथुन राशि
इन खास दिन में होने वाले त्रिग्रही योग और गजकेसरी योग से मिथुन राशि के जातकों को काफी लाभ मिलने वाला है। ऐसा कहा जा रहा है कि इन राशि के लोगों के द्वारा करियर में किया गया स्ट्रगल रंग लाएगा और सफलता प्राप्त होगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिलने की भी संभावना है, इसके साथ सभी बिगड़े कार्य भी बन जाएंगे।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातको के लिए भी बसंत पंचमी का दिन बहुत खास होने वाला है, और इन पर भी त्रिग्रही योग और गजकेसरी योग का शुभ असर पड़ेगा। इस राशि के लोगों के सम्मान में वृद्धि और करियर में उन्नति होगी। इसके अलावा इन लोगों के जीवन की समस्याएं समाप्त होंगी, व्यापारियों को अच्छी डील मिलेगी।
Mathura: सब जग होरी जा ब्रज में होरा, कैसा ये देश निगोरा। ये प्राचीन कहावत एक बार फिर से बुधवार को जग प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बरस रहे अबीर गुलाल से चरितार्थ हुई। मौका था बसंत पंचमी का, आज से करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले ब्रज के प्रसिद्ध होली पर्व की शुरुआत भी हो गई। इस पावन मौके पर अपने आराध्य के संग होली खेलने की लालसा लेकर मंदिरों की नगरी वृन्दावन में आये देश-विदेश के श्रद्धालु सुबह से ही ठाकुर बाँके बिहारी मन्दिर पर जुटने लगे।

ठाकुर जी के साथ भक्तों की होली
मंदिर में शृंगार आरती के बाद जैसे ही सेवायत गोस्वामियों द्वारा ठाकुरजी के चरणों में अर्पित अबीर-गुलाल श्रद्धालुओं के ऊपर बरसाया गया तो भक्तजन भी ठाकुरजी की इस प्रसादी में स्वयं को बार-बार रंगने को बेताब होने लगे। वहीं अपने आराध्य के संग होली खेलने का आनन्द ले रहे श्रद्धालु आनन्दित होकर जयघोष करने लगे और मन्दिर प्रांगण जयकारों से गुंजायमान हो उठा

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गुलाल में सराबोर होने के बाद ठाकुर बांके बिहारी का जयघोष करते हुए आनंद लेने लगे। बसंत पंचमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने अराध्य के साथ होली खेलने के लिए पहुंचते हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किये गये थे। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए गए। इसी बीच ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में तैनात पुलिसकर्मी भी अपने आराध्य के साथ होली के रंग में रंगते नजर आए।
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