ग्रेटर नोएडा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रांगण में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने तिरंगा फहराया। सीईओ ने प्राधिकरण के स्टाफ व निवासियों से एक साल में ग्रेटर नोएडा को सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने का आह्वान किया। समारोह में सावित्रीबाई फूले बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति कार्यक्रमों से समां बांध दिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुआ ध्वजारोहण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, एसीईओ आशुतोष द्विवेदी और एसीईओ प्रेरणा सिंह व अन्य स्टाफ की मौजूदगी में सुबह 8 बजे ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद ऑडिटोरियम में संबोधन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। सीईओ ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के 77 वर्षों में हमने बहुत हासिल किया है। देश खाद्यान्न के नजरिए से आत्मनिर्भर बना है। शिक्षा और स्वास्थ्य में हमने प्रगति की हैं। हम प्रजातंत्र में मजबूत होकर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन चुनौतियां अब भी हैं। उनको हल करना है।
‘आजादी का अमृतकाल कितने बलिदानों से मिला हैं, नहीं भूलना चाहिए’: CEO
सीईओ ने कहा कि हमारी दिनचर्या ऐसी हो गई है कि सुबह से शाम कब हो जाती है पता ही नहीं चलता। हम गैजेट्स में व्यस्त रहते हैं। हमने देश व समाज के लिए क्या किया है, यह सोचने की जरूरत है। राष्ट्रीय पर्व इसीलिए मनाया जाता है ताकि हम कुछ वक्त निकालकर इस देश और समाज के लिए अच्छा करने की सोच सकें। हमें आजादी का यह अमृतकाल कितने बलिदानों से मिला हैं, यह नहीं भूलना चाहिए। आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ राष्ट्र व सभ्य समाज देना हमारा उत्तरदायित्व है। राष्ट्रीय पर्व के लिए समय निकालें और उसे उत्सव के रूप में मनाएं।
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सीईओ ने अपील की कि आज के दिन अपनी फैमिली और बच्चों के साथ देश व समाज के कोई भी चार मुद्दों पर चर्चा करें। उसके लिए हम अपना क्या योगदान दे सकते हैं, इसका प्रयास करें। जब माता-पिता अपने बच्चों को अच्छा रास्ता दिखाते हैं तो बच्चे खुद ही टैलेंटेड बनते हैं और जीवन में कुछ हासिल करते हैं।
पश्चिम बंगाल में लेडी डॉक्टर संग दरिंदगी को लेकर कही ये बात
पश्चिम बंगाल में लेडी डॉक्टर के साथ हुई घटना पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि हमें यह सोचने की जरूरत है कि आजादी के 77 साल बाद भी क्या हम माताओं-बहनों को सुरक्षा दे पा रहे हैं। 2014 में स्वच्छ भारत मिशन का आगाज हुआ। आज देश के 16 राज्य खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। सीइओ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत देश का हार्ट है। उत्तर प्रदेश के बिना देश मजबूत नहीं हो सकता। उत्तर प्रदेश ही देश को रास्ता दिखाता है। एक जिला एक उत्पाद योजना, हर जिले में मेडिकल कॉलेज, एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में हैं। सीईओ ने कहा आज निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण उत्तर प्रदेश का गेटवे हैं। हमें यहां का इंफ्रा इतना मजबूत करना चाहिए कि आसपास और देश के किसी के कोने से यहां रोजगार के लिए आएं तो वह उनको आसानी से अवसर मिल सके। सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण की पूरी टीम की मेहनत की वजह से आज प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। मुझे विश्वास है कि आने वाले एक साल में हम ग्रेटर नोएडा को और मजबूत बना पाएंगे। हम जब तक हैं तब तक हमारा दायित्व है कि ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ सुंदर बनाने के दायित्व को निभाते रहें।
‘जनमानस की शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक करें निस्तारण’
सीईओ ने बताया कि गांवों के विकास पर पहले से दोगुनी रकम खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें दुख होता है कि हमारे कुछ किसान भाई बाहर धरने पर बैठे हैं। कोई न कोई त्रुटि तो हुई है, इस पर हमें विचार करना चाहिए। एनजी रवि कुमार ने कहा कि अपना काम लेकर आपके सामने आने वालों को बिठाकर सम्मानपूर्वक उनकी पूरी बात सुनें। उसे हल करने की पूरी कोशिश करें। इससे पहले एसीईओ आशुतोष द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आजादी के आंदोलन पर विस्तृत प्रकाश डाला। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने कहा कि जनमानस की शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण करें। सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यर्थ न करें।
कार्यक्रम में ये लोग रहे शामिल

कार्यक्रम को जीएम वित्त विनोद कुमार, जीएम प्लानिंग लीनू सहगल, ओएसडी हिमांशु वर्मा, एसडीएम जितेंद्र गौतम, ओएसडी एनके सिंह, ओएसडी अर्चना द्विवेदी ने भी संबोधित किया। सावित्रीबाई फूले बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। इस दौरान बड़ी तादात में प्राधिकरण के स्टाफ मौजूद रहे।
78वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11वीं बार लाल किले पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद लालकिले की प्राचीर से 2047 में विकसित भारत के सपने का खाका पेश किया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक दशक में कई ऐसे सुधार किए गए हैं, जिनका असर अब दिखने लगा है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग देश को निराशा के गर्त में डुबोना चाहते हैं, लेकिन हमें उनसे सावधान रहना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्रचार से बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है। एक पड़ोसी देश को लेकर चिंता होना स्वभाविक है। वहां हालात जल्दी ठीक होंगे। वहां हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद वहां अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं।
सांप्रदायिक सिविल कोड में 75 साल बिताए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा कि 'हमारे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा चल रही है। देश की सुप्रीम कोर्ट भी हमें यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए कह रही है और देश के संविधान निर्माताओं का भी ये सपना था। जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, जो ऊंच नीच का कारण बनते हैं। वैसे कानूनों के लिए देश में कोई जगह नहीं हो सकती। हमने सांप्रदायिक सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं, अब हमें सेक्यूलर सिविल कोड की तरफ जाना होगा।'
सभी को बराबरी में लाने का प्रयास करना है
पीएम मोदी ने कहा कि 'हमारा सामाजिक दायित्व है जो लोग पीछे रह जाते हैं उन्हें भी साथ लेकर आगे बढ़ें। हम किसानों, आदिवासी भाई बहन, माता-बहनें, मजदूर, श्रमिक साथियों, सभी को हमारी बराबरी में लाने का प्रय़ास करना है। हमें पता है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के पहले भी हमारा एक आदिवासी ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। जिन्हें हम भगवान बिरसा मुंडा के रूप में पूजते हैं। 'हम संकल्प के साथ आगे बढ़ तो रहे हैं लेकिन कुछ लोग होते हैं जो प्रगति देख नहीं सकते।
कुछ लोग भारत का भला नहीं देख सकते
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग हैं जो भारत का भला देख नहीं देख सकते, जब तक उनका भला न हो तब तक वे किसी का भला नहीं देख सकते। ये निराशा की गर्त में डूबे लोग हैं। जब उन लोगों की गोद में विकृति पलती है तो वह विनाश का कारण बन जाती है। अराजकता का मार्ग ले लती है। इससे बहुत बड़ी हानि हो जाती है। इसलिए ऐसे छिटपुट तो तत्व हैं। उनकी गोद में विकृति पल रही है। मैं विश्व समुदाय को विश्वास दिलाता हूं कि आप भारत के संस्कारों को समझिए, भारत के हजारों साल के इतिहास को समझिए। हमें संकट मत मानिए। हम संकल्पों की पूर्ति के लिए, देशवासियों का भाग्य बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम नेक नीयत से जीतेंगे।'
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला
पीएम ने कहाकि मैं जब कोरोना को याद करता हूं तो कोरोना महामारी के बीच सबसे तेजी से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाला देश है तो वो भारत है। आज पूरा देश तिरंगा है, हर घर तिरंगा है। न कोई जात है न कोई ऊंच है न कोई नीच है। जब हम 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालते हैं। हमने गति को बनाए रखा है। '
पीएम मोदी ने पहना विशेष साफा, जानें क्या है उनकी पगड़ी की विशेषता
स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी हर साल अपने परिधान और पगड़ी को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनके साफा बांधने का अंदाज भी सबसे ज्यादा आकर्षक होता है। वह अपने पहले कार्यकाल (2014) से लेकर तीसरे कार्यकाल (2024) तक हर साल अलग पगड़ी में नजर आए हैं। इस साल भी उनके साफा का अंदाज अलग ही है। इस स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने केसरी, हरे और पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी में नजर आए। इस पगड़ी के साथ उन्होंने सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा और नीले रंग की सदरी पहनी हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उनकी पगड़ी की क्या विशेषता है, इसके बारे में यहां जानेंगे।
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