Lucknow/Greater Noida: योगी सरकार प्रदेश के स्टार्टअप्स, उद्योगों और सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम (एमएसएमई) व स्थानीय शिल्प कलाओं को अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाने के लिए 21 से 25 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023 का आयोजन करने जा रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश के दो हजार से ज्यादा एग्जीबिटर्स अपने अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इसमें प्रदेश की शिल्पकलाओं के साथ ही नव उद्यमियों की मेधा से सृजित उत्पादों से दुनियाभर के बायर्स तक पहुंच बनाने का प्रयास होगा। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर में हॉल ऑफ टाउन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सिलेंस में यूपी के 12 शहरों की उत्कृष्ट शिल्प कलाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में मौजूद हेल्थ एंड वेलनेस सेक्टर के मजबूत आधार को भी इस ट्रेड शो के जरिए दुनियाभर के बायर्स के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।
इन सेक्टर्स के एग्जीबिटर्स प्रदर्शित करेंगे अपने प्रोडक्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान प्रदेश के दो हजार से भी ज्यादा एग्जीबिटर्स अपनी कलाओं के साथ मौजूद होंगे। इनमें एग्रीकल्चर और हॉर्टीकल्चर, डिफेंस कॉरिडोर, ई कॉमर्स, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस, एजुकेशन सेक्टर (विश्वविद्यालय, साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित), इन्फ्रा, इंजीनियरिंग और मैन्यूफैक्चरिंग, फिल्म सेक्टर, फूड प्रॉसेसिंग एंड डेयरी प्रोडक्ट, जीआई टैग प्रोडक्ट, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल्स, रिटेल, हेल्थ एंड वेलनेस (आयुष, योग, यूनानी, नेचुरोपैथी), आईटी, आईटीईएस, एमएसएमई, नमामी गंगे और जल शक्ति, ओडीओपी, रिन्यूवेबल एनर्जी और ई-व्हीकल, स्पोर्ट्स सेक्टर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, खिलौना उद्योग, वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक्स, महिला उद्यम सहित अन्य सेक्टर से जुड़े लोग अपने अपने उत्पादों के साथ इंटरनेशनल ट्रेड शो में मौजूद रहेंगे।
सीधे-सीधे बायर्स से जुड़ेंगे ओडीओपी आर्टिजन्स
इसके अलावा इस ट्रेड शो के जरिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने पर योगी सरकार का सबसे ज्यादा फोकस है। ओडीओपी के लिए यहां ना सिर्फ प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, बल्कि बिजनेस और कस्टमर (बी2सी) के बीच प्रॉपर चैनल भी विकसित किया जाएगा, जिससे खरीदार सीधे आर्टिजन्स से संपर्क स्थापित करें और उत्पादों के लिए ऑर्डर दें। सिर्फ इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के जायके के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो में विशेष तौर पर तैयारी की जा रही है। यहां प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बनने वाले स्वादिष्ट और लजीज व्यंजनों का लुत्फ बायर्स उठा सकेंगे। खास बात ये है कि यहां पर मिलेट्स कैंटीन भी बनाई जाएगी, जिसमें मोटे अनाज से निर्मित तमाम व्यंजनों को सर्व किया जाएगा।
फैशन शो से लेकर शहनाई नाइट तक रंगारंग कार्यक्रम
इंटरनेशनल ट्रेड शो को विविध रंगारंग आयोजनों के जरिए भव्य रूप देने की तैयारी हैं। इसमें आर्ट एंड पेंटिंग शो, यूपी फैशन शो, यूपी कल्चरल परफॉर्मेंस, आर्टिसियन्स परफॉर्मेंस, साउंड एंड लाइट शो, लेजर एंड ड्रोन शो, यूपी बैंड फरफॉर्मेंस और शहनाई नाइट विशेष आकर्षण है। इसके अलावा यहां एक एक्सपीरिएंस जोन भी होगा जिसमें कन्नौज का इत्र, मेरठ का ब्रास और बिजनौर के पेंट ब्रश निर्माण का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं यूपी के हेल्थ एवं वेलनेस सेक्टर को समर्पित पूरा का पूरा एक हॉल भी होगा, जहां प्रदेश में चिकित्सा से जुड़े विभिन्न विधाओं की समृद्ध परंपरा और विरासत का प्रदर्शन भी दुनियाभर के बायर्स के सामने होगा।
Lucknow: योगी सरकार की हुई मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसके तहत प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के 23 बस स्टैंड को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। योगी कैबिनेट की मंगलवार को आयोजित बैठक में इसका प्रस्ताव मंजूर किया। परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के साहिबाबाद, आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर और ईदगाह, मथुरा के पुराना बस स्टैंड, कानपुर के कानपुर सेंट्रल (झकरकटी), वाराणसी के कैंट, प्रयागराज के जीरो रोड और लखनऊ के अमौसी बस स्टैंड को पीपीपी मोड पर बसपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव मंजूर किया है।
गाजियाबाद बस स्टैंड को बस पोर्ट बनाने के लिए फर्म का हुआ चयन
लखनऊ के चारबाग, मेरठ के सोहराबगेट, अलीगढ़ के रसूलाबाद, गोरखपुर के गोरखपुर, अयोध्या के अयोध्याधाम, बरेली के सैटेलाइट, रायबरेली और मिर्जापुर में बस पोर्ट के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया है। बुलंदशहर और मेरठ के गढ़मुक्तेश्वर एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने प्रस्ताव भी मंजूर किया है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के पुराने बस स्टैंड, कौशांबी, लखनऊ के गोमतीनगर, गाजियाबाद बस स्टैंड को बस पोर्ट में तैयार करने के लिए फर्म का चयन हो गया है। आगामी दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका शिलान्यास कराया जाएगा।
पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर मनमानी नहीं चलेगी
योगी सरकार ने मंगलवार को पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीनों की खरीद फरोख्त करने के धंधे पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्टांप एवं पजीयन विभाग के प्रस्ताव पर योगी कैबिनेट में मुहर लगा दी है। योगी कैबिनेट ने मंगलवार को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए होने वाली मनमानी पर लगाम लगाने के लिए स्टांप विभाग के प्रस्ताव समेत कई फैसलों पर मुहर लगा दी है। अब पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए कोई बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर खरीद फरोख्त नहीं कर सकेंगे। केवल ब्लड रिश्तों के अलावा पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने पर अब स्टांप लगेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट स्कीम समेत 19 प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
Lucknow: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी ने मंगलवार को बड़ा एलान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 साल में छह लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी। अब आगे एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मिशन रोजगार के तहत 393 नव चयनित होम्योपैथिक फार्मासिस्ट को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को अब मिलेगा गर्म पका भोजन
प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले तीन साल से छह साल की उम्र तक के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध करवाएगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा इन बच्चों को पहले गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह सिलसिला कई कारणों से ठप हो गया था।
कैबिनेट में प्रस्ताव पर लगी मुहर
कैबिनेट से हुए निर्णय के अनुसार अब इन बच्चों को जो गर्म पका हुआ भोजन दिया जाएगा। न्यू मिड डे मील योजना की ही तरह रहेगा। प्रस्तावित योजना के तहत इस पर आने वाले खर्च का पचास प्रतिशत राज्यांश और पचास प्रतिशत केन्द्रांश रहेगा। योजना की मानीटरिंग राज्य व जिले के स्तर पर गठित टास्क फोर्स द्वारा की जाएगी। प्रदेश सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तीन से छह साल तक की उम्र के बच्चों के पोषण के स्तर में सुधार आएगा।
Lucknow: उत्तर प्रदेश की उन्नति का मार्गप्रशस्त कर रही योगी सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनामी बनानेके लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस लक्ष्य को लेकर आगेबढ़ रही सरकार प्रदेश मेंनागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देनेके लिए बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर्स के डेवलपमेंट समेत तमाम चिन्हित कार्यों को क्रमवार तरीके से मूर्तरूप दे रही है।
इसी क्रम में, नागरिक सुविधाओं में इजाफा व आर्थिक तरक्की को टार्गेट करते हुए प्रदेश के मार्गों के मेकओवर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएम योगी की मंशा अनुरूप एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश के 63 से ज्यादा जिलों की कुल 277 सड़कों के मेकओवर की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इस लक्ष्य को प्राप्त करनेके लिए 319.73 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है। जिसके जरिए प्रत्येक मार्गपर 40 लाख रुपए के औसत व्यय होने का अनुमान है। इसी क्रम में योगी सरकार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने इन विशेष मरम्मत कार्यों को पूर्णकरनेके प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Lucknow: उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार इनकी की पेंशन बढ़ने जा रही है। जिसको लेकर शासन प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यूपी में शीघ्र ही दिव्यांगों की पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये की जाएगी। इसके लिए दिव्यांगजन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसका फायदा प्रदेश के 11 लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों को मिलेगा। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि पेंशन बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा भी सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वर्तमान में यूपी में 11.26 लाख दिव्यागों को 1000 रुपये प्रति माह की दर से पेंशन दी जा रही है। वर्ष 2017 से अब तक 250678 नए दिव्यांजन इस योजना में शामिल किए गए हैं। वर्तमान में दिव्यांजन पेशन योजना के तहत 1100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है। नरेंद्र कश्यप ने बताया कि पेंशन में वृद्धि किए जाने पर विभाग को 550-600 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। यह पूछे जाने पर कि कब तक यह वृद्धि हो जाएगी।
Lucknow: दीपावली के अवसर पर योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को एक और उपहार दिया है। अब प्रदेश में सभी राशन कार्ड धारकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 7 नवंबर से हो चुकी है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी।
चलाया जा रहा है विशेष अभियान
बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता सूची के 3 करोड़ 48 लाख लाभार्थियों के सापेक्ष अब तक एक करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। बाकी बचे करीब 2 करोड़ 5 लाख लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्र के वार्डों में विशेष कैंप लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।
आयुष्मान ऐप से खुद भी बना सकते हैं आयुष्मान कार्ड
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया निर्धारित डेट से एक दिन पहले आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा कैंप का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही कैंप में लाभार्थियों को 'आयुष्मान ऐप' के माध्यम से स्वयं कार्ड बनाने के लिए भी जानकारी दी जाएगी। ब्लाॅक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में एक नोडल टीम गठित की जायेगी जो अभियान का निरीक्षण करेगी। इसके स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 28 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। 66 साल बाद योगी सरकार में विधानसभा सत्र नये नियमों के साथ शुरू होगा। पिछले सत्र में ही बदलावों को अनुमति मिलने के बाद अब इस सत्र से इन्हें लागू कर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत अब नेताओं को सदन में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सत्र के दौरान सदन में झंडा और बैनर ले जाने पर भी प्रतिबंध होगा।
महिला सदस्यों को दी जाएगी वरीयता
वहीं, योगी सरकार के दौरान नारी शक्ति को प्राथमिकता देने के संकल्प का सदन में भी असर देखने को मिलेगा। सत्र के दौरान महिला सदस्यों को बोलने में खास वरीयता दी जाएगी। शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन के वर्तमान और भूत पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। 29 नवंबर को प्रथम पहर में सदन में अध्यादेशों, अधिसूचनाओं,नियमों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। साथ ही विधेयकों का पुन:स्थापन कार्य होगा। दोपहर 12:30 के बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों का प्रस्तुतिकरण एवं अन्य विधाई कार्य निपटाए जाएंगे।
जातिवार जनगणना पर योगी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष तैयार
शीतकालीन सत्र बिहार में हुए जाति आधारित सर्वे के नतीजे सामने आने के बाद उप्र विधानमंडल का पहला सत्र होगा। जातिवार जनगणना के मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पहले भी मुखर रही है। लेकिन बीते अक्टूबर में बिहार सरकार की ओर से जाति आधारित सर्वेक्षण के नतीजे सार्वजनिक किए जाने के बाद सपा इस मुद्दे को लेकर आक्रामक हो गई है। शीतकालीन सत्र बिहार में हुए जाति आधारित सर्वे के नतीजे सामने आने के बाद उप्र विधानमंडल का पहला सत्र होगा।
Lucknow/noida: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। रोडवेज बसों में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं का टिकट नहीं लगेगा। प्रदेश सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त कर दी है। इसके लिए परिवहन विभाग ने नई बसों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है। बीजेपी ने साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले संकल्प पत्र में ये वादा किया था।
परिवहन विभाग पर इतने का बढ़ेगा बोझ
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस योजना में सरकार पर करीब 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त सालाना खर्च आने का अनुमान है। जबकि इससे 85 हजार महिलाओं के लाभांवित होने का अनुमान है। जबकि मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने के बाद ये संख्या और भी बढ़ सकती है।
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इस तरीके से खर्च की होगी पूर्ति
राज्य में दिव्यांगों के लिए पहले से सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। इसकी पूर्ति दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग करता है। उसी तर्ज पर महिलाओं की मुफ्त यात्रा की पूर्ति महिला कल्याण विभाग से कराए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
Greater Noida West: अपनी गाढ़ी कमाई से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घर खरीदने वाले लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लगातार 51 सप्ताह से लगातार प्रशासन और सरकार से पजेशन और मालिकाना हक दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
इसी कड़ी में एकमूर्ति गोलचक्कर पर रवविार को भी बड़ी संख्या में घर खरीदार एकत्रित हुए और सरकार और प्रशासन को जगाने की कोशिश की। नेफोवा के नेतृत्व में घर खरीदारों ने प्रदर्शन किया। अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट लागू करने में हो रही देरी के खिलाफ निवासियों ने योगी सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही पजेशन और रजिस्ट्री नहीं होने पर अगले सप्ताह रविवार को आंदोलन के एक साल पूरा होने पर बड़े प्रदर्शन की घोषणा की।
Greater Noida: प्रदेश सरकार नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों एक और तोहफा दिया है। औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने पिछले आठ वर्ष में क्रियाशील नहीं हुई औद्योगिक, आईटी और आईटीईएस भूखंडों को 31 दिसंबर 2024 तक क्रियाशील करने का समय दिया है। इससे नोएडा समेत अन्य जिले में औद्योगिक विकास की संभावना बढ़ गई हैं।
2024 दिसंबर तक का मिला समय
शासन ने ग्रेटर नोएडा, नोएडा, यमुना, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गोरखपुर प्राधिकरण और सतहरिया (जौनपुर) प्राधिकरण को ये आदेश जारी किया है। इस आदेश से एक हजार से अधिक भूखंडों को राहत मिलेगी। इस तरह की कई पहल के जरिए प्रदेश सरकार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। अब सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए आठ वर्ष पूर्व आवंटित हुए औद्योगिक, आईटी और आईटीईएस भूखंड जो क्रियाशील नहीं हुए हैं उन्हें 31 दिसंबर 2024 तक का समय दिया गया है।
आठ साल से अटकी है रजिस्ट्री
औद्योगिक आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत जो औद्योगिक, आईटी व आईटीईएस भूखंड 28 जुलाई 2020 तक आवंटित हुए, लेकिन क्रियाशील नहीं हुए। इसके अलावा 28 जुलाई 2020 तक जिन भूखंडों की रजिस्ट्री को आठ वर्ष बीत गए लेकिन वह भी क्रियाशील नहीं हुए उन्हें राहत दी गई है।
प्रदेश सरकार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी
बता दें कि इन आवंटियों को कई बार नोटिस भी दिया जा चुका है। पूर्व के आदेश के तहत ऐसे भूखंडों को निरस्त करने का प्रविधान है। साथ ही राज्य में निवेश बढ़ाने और रोजगार उत्पन्न करने के लिए प्रदेश सरकार समय सीमा बढ़ा सकती है। इसी के तहत ये निर्णय लिया गया है। औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस निर्णय से एक हजार से अधिक औद्योगिक आईटी और आईटीईएस आवंटियों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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