Noida: नोएडा में लगातार बाइक चोरी करने वाले गैंग की धड़पकड़ जारी है। बुधवार को नोएडा फेस-1 थाना पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले दो आरोपियों को अपने शिकंजे में लिया है। जिसके बाद पुलिस को इनके ‘सिंपल प्लान’ का भी पता चला है। पुलिस का कहना है कि अभी और भी खुलासे हो सकते हैं।
‘सिंपल प्लान’ बनाकर करते थे बाइक चोरी
एडीसीपी नोएडा मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि शहर के मैट्रो स्टेशन, भीड़-भाड़ वाले इलाकों, मार्केट और तमाम जगहों पर ये आरोपी लोगों की नजर बचाकर गाड़ी को ले जाते थे और साइड में कहीं सुरक्षित मालूम दे रही जगह पर खड़ा कर देते थे। जिसके बाद ये बाइक पर नजर बनाए रखते थे। साथ ही ध्यान देते थे कि जैसे ही लोगों का ध्यान हटे और कोई इन पर अंदेशा न करें, तब बाइक लेकर रफू-चक्कर हो जाते थे।
सस्ते दामों में करते थे बिक्री
चोरी की गाड़ियों को ये अभियुक्त सस्ते दामों में दिल्ली में बेच देते थे। इसी तरह से बाइक चोरी को आरोपियों ने अपना व्यवसाय बना लिया था। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में भी इनके चोरी के केस दर्ज हैं। पुलिस अन्य खुलासों के साथ ही चोरी की गाड़ी खरीदने वालों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने 6 बाइकों समेत किया गिरफ्तार
नोएडा की सेक्टर फेज-1 थाना पुलिस ने इनको पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को कुल 6 बाइकों से साथ गिरफ्तार किया है। जिसमें से 5 बाइकों की रिपोर्ट दर्ज है और एक बाइक लावारिश बताई गई है। पकड़े गए दोनों अभियुक्तों में एक नाबालिग बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वौ 9वीं में फेल है। पुलिस को उम्र में धोखाधड़ी का अंदेशा हैं। वहीं दूसरे अभियुक्त की पहचान नितिश शर्मा के तौर पर हुई है। जोकि मूल रुप से बाराबंकी का रहने वाला है। मौजूदा समय में दिल्ली मायूर विहार में निवास करता था। पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।
Noida: पुलिस का नाम क्रिमिनल हिस्ट्री उजागर करना होता है, लेकिन नोएडा से पुलिस अधिकारी द्वारा क्रिमिनल हिस्ट्री छुपाने का मामला सामने आया है। दरअसल, महाठग विनोद धामा की क्रिमिनल हिस्ट्री छुपाने वाले नोएडा सेक्टर-63 के जांच अधिकारी SI दीपक दीक्षित के खिलाफ एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया गया है।
UPSTF की टीम ने महाठग को किया था गिरफ्तार
फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले महाठग विनोद धामा को यूपी एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया था और उसे नोएडा सेक्टर 63 थाने के सुपुर्द किया था। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जिसकी रिपोर्ट SI दीपक दीक्षित को सौंपी गई थी।
महाठग के केस को बनाया था कमजोर
केस के विवेचक दीपक दीक्षित पर ये आरोप लगाया गया है कि उन्होंने ठग विनोद धामा के खिलाफ कमजोर केस तैयार किया, जिसमें उन्होंने क्रिमिनल हिस्ट्री का उल्लेख नहीं किया। जिसके चलते विनोद धामा को सीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई। सिर्फ ये ही नहीं बल्कि कोर्ट में सुनवाई के समय दरोगा कोर्ट में भी मौजूद नहीं थे। दारोगा ने सारी क्रिमिनल हिस्ट्री को साफ कर दिया था। जानकारी के मुताबिक, कोर्ट के एसपीओ ने रिमांड न मिलने पर अपील भी नहीं की थी।
धामा के खिलाफ दर्ज केस की 4 धाराओं में उम्रकैद की सजा
सैंकड़ों लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले धामा के खिलाफ सीकर (राजस्थान) और बागपत में केस दर्ज हैं। महाठग विनोद धामा के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 63 में मुअस 401/24 धारा 318 (4)/111 (2) बी/111 (3)/111(4)/316(2)/61 (2) ए बीएनएस एवं 66 आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज है। इस मामले में दरोगा दीपक दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि सेक्टर 63 थाना प्रभारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
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