Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार को खोदना खुर्द में अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलाया। करीब 3 हजार वर्ग मीटर जमीन को खाली कराया। कुछ लोग अवैध निर्माण कर इसे कब्जाने की कोशिश कर रहे थे। खाली कराई गई जमीन कीमत करीब 6 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल -2 के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि खोदना खुर्द के खसरा संख्या 371 व 372 की 3 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा था। कालोनाइजर यहां अवैध निर्माण कर रहे थे।
6 करोड़ों की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया
प्राधिकरण के प्रबंधक रामकुमार व सहायक प्रबंधक राजेश निम के साथ सुरक्षाकर्मियों मदद से बुधवार को इन खसरा नंबरों की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटा दिया गया। करीब 3 हजार वर्ग मीटर जमीन खाली कराई गई, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है। इस कारवाई में 3 जेसीबी व 1 डंफर का इस्तेमाल किया गया। करीब दो घंटे तक कार्रवाई चली। प्राधिकरण अधिकारियों ने अधिसूचित अथवा अधिग्रहित एरिया में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय में भारतीय किसान यूनियन के 31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक मुख्य कार्यपालक एनजी रवि कुमार एवं अपरमुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप ढुली, ओएसडी रजनीकांत व सभी विभागों के सीनियर मेनैजर के साथ हुई। दोपहर 12:00 बजे से 3:00बजे तक चली।
किसानों की ये है मुख्य मांगें
किसान नेता पवन खटाना ने बताया कि किसानों को 64.7% मुआवजा वितरण, 10% आवासीय भूखंड, सभी किसानों की आबादीयो का निस्तारण व गांव मैं डेंगू जैसी बीमारी बहुत फैल रही है। गांव में फॉगिंग कराई जाए एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर गांव गांव जाकर स्वास्थ्य संबंधित कार्य की जांच करें।
बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कर शाशन को भेजेंगे
मुख्य कार्यपालक रवि कुमार एन जी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण में बोर्ड बैठक है। ग्रेटर नोएडा में भी अति शीघ्र बोर्ड बैठक की जाएगी। ग्रेटर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में किसानों के 10% आवासीय भूखंड एवं आबादियों के मुद्दों को बोर्ड से प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित किया जाएगा। किसानो की समस्त समस्याएं का समाधान कराया जाएगा। किसानों की सभी मांगे जायज है। सभी अधिकारी किसानो की मांगों पर कार्य कर रहे है। हल्दोना तुगलपुर गांव को स्मार्ट विलेज एवं झांडे वाले मंदिर के अंडरपास का कार्य सभी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। जल्द ही कार्य चालू कराया जाएगा। आदि समस्याओं को अधिकारियों के सामने प्रमुखता के साथ उठाया गया।
15 दिसंबर तक दिया अल्टीमेटम
ग्रेटर विकास प्राधिकरण को यह भी चेतावनी दी कि यदि उपरोक्त सभी समस्याओं का समाधान 15 दिसंबर तक नहीं किया गया तो 21 दिसंबर से स्वयं चौधरी राकेश टिकैत जीरो पॉइंट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। इस पर अधिकारियों ने भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि ऐसी नौबत नहीं आएगी कि किसानों को दोबारा धरने पर बैठना पड़े। 15 दिसंबर से पहले ही उपरोक्त सभी समस्याओं को चाहे वो प्रशासन के स्तर की हों या शासन के स्तर की हों सभी का समाधान कर दिया जाएगा। इस अवसर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना, राजे प्रधान, राजीव मलिक धनीराम, मास्टर सुनील प्रधान आदि लोग मौजूद रहे।
Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अनदेखी के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 16 बी में पीकेएस टाउन सेंट्रल मॉल ने सर्विस लेन पर कब्जा कर लिया है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया।
ग्रीन बेल्ट को बनाया पार्किंग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि मॉल के निर्माता द्वारा बैरिकेडिंग करके सर्विस लेन को बंद किया जाता है। इसके साथ ही सड़क किनारे के ग्रीन बेल्ट को अवैध कब्जा कर गार्ड रूम, पार्किंग बना दिया गया है। सर्विस लेन की सामान्य सड़क से ऊंचाई को बढ़ाकर मॉल के साथ मिला दिया गया है। जिससे यह समान्य रास्ता न होकर मॉल की व्यक्तिगत सड़क हो गई है। आसपास की सोसाइटी के लोगों ने जाम से परेशान होकर नारेबाजी की। इसके साथ ही प्राधिकरण से मांग की कि मॉल के अवैध कब्जे को हटवाया जाए एवं सर्विस लेन को सुचारू रूप से चालू करवा दिया जाए। जिससे जाम की स्थिति में एक मूर्ति चौक पर लोगों को फंसना ना पड़े।
निरीक्षण के बाद भी स्थिति जस की तस
गौरतलब है कि पर्थला ब्रिज के उद्घाटन के बाद से ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 130 मीटर सड़क पर लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। लगभग 3 महीने पहले नोएडा ट्रैफिक पुलिस, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी एवं टीम नेफोवा द्वारा जाम लगने वाले स्थान को चिन्हित करके ट्रैफिक को डाइवर्ट करने के उपाय सुझाए गए थे। सुझाव था कि सेक्टर 16 की ओर जाने के लिए जो सर्विस लेन है, उसको अतिक्रमण मुक्त किया जाए। ट्रैफिक का दबाव एक मूर्ति गोल चक्कर पर न होकर सर्विस लेन के माध्यम से डायवर्ट किया जा सके। तत्कालीन सीईओ रितु माहेश्वरी को नेफोवा की तरफ से एक पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद तत्कालीन ए सीईओ अमनदीप डूली एवं अन्य अधिकारी आकर इसका निरीक्षण करके भी गए थे, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ और सर्विस लेन पर कब्जा बरकरार है।
Greater Noida: गेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मंगलवार को बैठक में किसानों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट व उच्च न्यायालयों के आदेशों से संबंधित अधिसूचनाओं के समस्त किसानों को 10 फीसदी विकसित आबादी भूखंड भी दिए जाने के प्रस्ताव पर बोर्ड ने सहमति दे दी है। अब इसे शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से अनुमोदन के उपरांत इसे लागू किया जाएगा। किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
किसान लंबे समय से कर रहे थे मांग
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की तरफ से चेयरमैन मनोज कुमार सिंह के समक्ष इस प्रस्ताव को रखा गया, जिस पर चेयरमैन ने इसे तत्काल स्वीकार कर लिया। अब इस पर अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा। वहां से अप्रूवल के बाद किसानों को अधिग्रहित जमीन का 10 फीसदी (अधिकतम 2500 वर्ग मीटर) मिल सकेगा। इससे लंबे समय से किसानों की लंबित मांग पूरी हो जाएगी। पात्र किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जाएंगे। विकसित भूखंड का आवंटन शीघ्र भूमि अर्जित कर दिया जाएगा।
किसानों को देना होग शपथ पत्र
अगर किसी पात्र किसान ने अवैध कब्जा कर रखा है तो उसे स्वेच्छा से अवैध कब्जा हटा लेने के बाद ही भूमि का आवंटन किया जाएगा। किसानों को शपथ पत्र देना होगा कि उनके पास आरक्षित या आवंटित भूखंड 2500 वर्ग मीटर से अधिक नहीं है। इस बाबत किसान की तरफ से अगर कोई याचिका या फिर विशेष अनुज्ञा अपील की गई है तो उसे वापस लिया जाएगा। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
वेंडिंग जोन में किसानों को 33 फीसदी आरक्षण
किसानों की दूसरी मांग पर प्राधिकरण बोर्ड ने आपसी सहमति से भूमि विक्रय करने वाले किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत परियोजना प्रभावित मानकर उन्हें भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापन के हिसाब से उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (नये भूमि अधिग्रहण कानून) के तहत लाभ दिए जाने पर सकारात्मक फैसले के लिए शासन के पास भेजने पर हरी झंडी दे दी है। किसानों की तीसरी मांग के रूप में प्राधिकरण बोर्ड ने वेंडिंग जोन में किसानों को 33 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा किसानों की ही मांग पर प्राधिकरण बोर्ड ने लीज बैक के 533 में से शासन से अनुमोदित 296 पात्र किसानों को लीज बैक करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। जल्द ही पात्र किसान लीज बैक करा सकेंगे। इन फैसलों से बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिल सकेगा।
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