Noida: किसान सभा का धरना 104 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरने की अध्यक्षता श्याम सिंह प्रधान जुनपत ने की, संचालन जगबीर नंबरदार ने किया। धरने को संबोधित करते हुए डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि अब किसानों ने काफी इंतजार कर लिया। सांसद जिन्होंने किसानो और प्राधिकरण के बीच मध्यस्थता की थी, उनके द्वारा किसानों के मुद्दों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिख रही है। प्राधिकरण के अधिकारी सांसद सुरेंद्र नागर नगर और विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ ही प्रमुख चार बड़े मुद्दों 10% प्लाट का मुद्दा भूमिहीनों के प्लाट का मुद्दा रोजगार और नए कानून को लागू करने का मुद्दा शामिल है। इस पर बातचीत करने को कह रहे हैं परंतु पिछले 10 दिन से दोनों नेताओं द्वारा इस संबंध में बातचीत का समय नहीं दिया है। जिससे साफ जाहिर होता है कि उनकी प्राथमिकता में किसानो के मुद्दे नहीं है।उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उन्होंने बीच में आकर किसानों और प्राधिकरण के बीच में समझौता लिखित में कराया था जिसका पालन प्राधिकरण ने नहीं किया।
नेताओं को नहीं किसानों के मुद्दे की चिंता
किसान सभा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान सभा ने नए अधिकारी आने के बाद काफी समय नए अधिकारी को दिया है। पिछले 15 दिन से उक्त बड़े मुद्दों पर बातचीत के इंतजार में किसान धरना चला रहे हैं। किसानों के उक्त बड़े मुद्दे के प्रति प्राधिकरण अधिकारियों और नेताओं की बेरुखी को देखते हुए किसान सभा जल्दी की कोई तारीख तय कर प्राधिकरण को बंद करने का काम करेगी। उसके लिए तैयारी और प्रोग्राम बना लिया गया है।
मुद्दों को हल करके ही दम लेंगे

गबरी मुखिया ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जो वादा और समझौता प्राधिकरण ने किसानों के साथ किया है, उसे पूरा करें, किसान प्राधिकरण को चलने नहीं देंगे। धरना प्राधिकरण पर दृढ़ संकल्प के साथ शुरू किया गया है। महिलाओं की नेता पूनम भाटी ने कहा कि महिलाएं धरने में पूरी संख्या में जुटी हुई है, चाहे जितना वक्त लगे मुद्दों को हल करके ही दम लिया जाएगा।
आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी

भूमिहीनों के नेता महेश प्रजापति ने कहा कि लड़ाई आर पार की है, बिना मुद्दे का हल कराये घर नहीं जाएंगे। आज धरने को किसान सभा की केंद्रीय समिति के वित्त सचिव कृष्ण प्रसाद वीर सिंह नागर हरेंद्र खारी सुरेंद्र यादव अजब सिंह नेताजी संदीप भाटी निशांत रावल अजय पाल भाटी राजेश प्रधान, उत्तर प्रदेश किसान सभा के संयुक्त सचिव दिगंबर सिंह ने संबोधित किया। धरने को किसान सभा मथुरा के नेताओं ने दिगंबर सिंह के नेतृत्व में आकर अपना समर्थन दिया और किसानों का आह्वान किया कि यमुना ग्रेटर नोएडा और नोएडा के किसानों को मिलकर यह लड़ाई लड़नी है और जीतनी है । धरने पर आज संदीप भाटी निरंकार प्रधान सत्तू भाटी अजीत नागर मोनू मुखिया प्रशांत भाटी श्याम सिंह भाटी मनोज प्रधान खानपुर सुरेंद्र भाटी खानपुर जोगेंद्री संतरा सरिता शरबती महाराज सिंह प्रधान राजीव नागर कृष्ण भाटी राजू भाटी मोहित नागर मोहित भाटी शिशांत भाटी अभय भाटी और सैकड़ो महिला पुरुष किसान उपस्थित रहे ।
Greater Noida: नोएडा के किसानों के साथ एक बार फिर धोखा हुआ है। आश्वासन के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सोमवार को किसान सभा से सैकड़ों किसानों ने जैतपुर गोल चक्कर पर इकट्ठे होकर जुलूस के रूप में प्राधिकरण की ओर जबरदस्त नारेबाजी करते हुए कूच किया। प्राधिकरण के दूसरे गेट पर जबरदस्त नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए लोग धरने पर बैठ गए। धरने की अध्यक्षता बाबा रामचंद्र ने की संचालक किसान सभा के महासचिव जगबीर नंबरदार ने किया।

सीएम योगी के दौरे से पहले खत्म हुआ था धरना
बता दें कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्रेटर नोएडा दौर था। जिसे इसको देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश ने किसानों के बीच आकर आश्वासन दिया था। नोएडा विधायक पंकज सिंह ने भी आश्वासन दिया था कि समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते किसानों को फिर से धरना देना पड़ा है। किसानों के धरने को देखते हुए मौके पर एडिशनल डीसीपी शक्ति अवस्थी व एसीपी रजनीश वर्मा मौके पर मौजूद हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है।

आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समस्याओं का समाधान
किसान नोएडा प्राधिकारण के सामने बार फिर धरने पर बैठे हुए हैं। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि 'हमारी समस्याओं का समाधान स्थानीय विधायक व नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश के आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ है। हम तो बार-बार सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि किसानों की समस्याओं का समाधान हो जाए। सर्दी में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन फिर भी किसान डटे हुए हैं और डटे रहेंगे।
296 मामले अनुमोदित होने पर भड़के किसान
धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के अध्यक्ष डॉ रुपेश वर्मा ने कहा कि लीज बैक के शासन स्तर पर लंबित 533 प्रकरणों और बादलपुर के 208 प्रकरणों को अनुमोदित करने का दबाव किसान सभा ने बनाया था। जिस पर लिखित समझौता 16 सितंबर को हुआ था। लिखित समझौते में 31 अक्टूबर से पहले ही शासन स्तर पर लंबित लीज बैक प्रकरणों को प्राधिकरण ने अनुमोदित कराने का वादा किया था। परंतु 4 अक्टूबर को शासन स्तर से आई चिट्ठी में 533 में से 296 मामले अनुमोदित कर दिए गए। 237 मामले अनुमोदन के बजाय खारिज कर दिए गए हैं, जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया। किसान सभा ने जबरदस्त प्रोटेस्ट करते हुए अफसरों से शासन की भेजी चिट्ठी को निरस्त करने के लिए कहा है। अफसरों द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन किया गया।
ज्ञापन देकर रखी मांगें
संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा किसान सभा जो भी लड़ाई लड़ती है आर पार की लड़ती है आज हम आईडीसी मनोज कुमार सिंह के नाम और मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा के नाम पर ज्ञापन दे रहे हैं। ज्ञापन में हमने 4 अक्टूबर की चिट्ठी को निरस्त करने, 237 मामलों में लीजबैक का अनुमोदन, बादलपुर के 208 प्रकरणों का अनुमोदन मंगवाने और शिफ्टिंग की नीति में संपूर्ण रकबे की नीति का अनुमोदन मंगवाने की मांग रखी है।
प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मांगा समय, दिया आश्वासन
धरना स्थल पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप डूली ज्ञापन रिसीव करने पहुंचे। अमनदीप डूली ने धरना रत किसान सभा के लोगों को अवगत कराया कि प्राधिकरण सभी 237 मामलों में तथ्यात्मक जानकारी शासन को उपलब्ध कराते हुए अनुमोदन की कार्रवाई करवायेगा। संपूर्ण रकबे की शिफ्टिंग पर किसान सभा के साथ लिखित में सहमति बन चुकी है। शासन स्तर पर लंबित शिफ्टिंग के ड्राफ्ट को भी दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही आश्वासन दिया कि बादलपुर और चौगानपुर के 208 प्रकरणों को यथावत अनुमोदित कराया जाएगा। इस कार्रवाई के लिए दो से तीन हफ्ते के समय की मांग की है। प्राधिकरण के ठोस आश्वासन के आधार पर संयोजक वीर सिंह नागर ने ज्ञापन सौंपते हुए दो से तीन हफ्ते का समय प्राधिकरण को देते हुए धरने के समाप्ति की घोषणा की।
किसान नेता ने मांगें नहीं पूरी होने पर दोनों गेट बंद करने की दी चेतावनी
समाप्ति के समय धरने को संबोधित करते हुए डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान सभा जिले का सबसे मजबूत मुस्तैद और जागरूक संगठन है। किसानों के किसी भी मसले पर कोई भी नाजायज करवाई किसान सभा होने नहीं देगी। प्राधिकरण के पास सभी मसलों को हल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय है।। प्राधिकरण ने किसी भी मसले पर जरा भी ढील की तो 1 नवंबर से प्राधिकरण के दोनों गेटों का ताला बंद कर दिया जाएगा। प्राधिकरण को किसानों के मुद्दों को हल करें बिना काम नहीं करने दिया जाएगा।
Greater Noida: कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की बैठक हुई। मीटिंग में एडीएम बलराम सिंह, दादरी एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता समेत जेवर और सदर तहसील के एसडीएम मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसान नेताओं ने अधिकारियों के सामने किसानों की कई समस्याओं को रखा। जिसमें डूब क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित किसानों के फसल के नुकसान के संबंध में और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के मुआवजे को लेकर चर्चा हुई।
#GreaterNoida कलेक्ट्रेट में किसान नेताओं के साथ अधिकारियों की बैठक। मीटिंग में बाढ़ प्रभावित और किसानों से संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर हुई बातचीत। @dmgbnagar @OfficialBKU @RakeshTikaitBKU pic.twitter.com/wbN3Hb5hZG
— Now Noida (@NowNoida) October 14, 2023
'बाढ़ प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा'
डूब क्षेत्र में बाढ़ की चपेट में आए किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जिसे लेकर किसान नेताओं ने जल्द मुआवजे की मांग की। जिस पर एडीएम बलराम सिंह ने कहा कि तीन तहसील के क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित किसानों की जमीन का सर्वे करवाया जा रहा है। जिसमें तहसील जेवर में काफी हद तक सर्वे हो चुका है। दादरी तहसील में अभी सर्वे होना है। वहीं सदर के कुछ गांवों में सर्वे हो चुका है, जबकि कुछ गांवों में सर्वे होना अभी बाकी है। जल्द ही बचे गांवों का भी सर्वे करवाने के लिए एसडीएम को निर्देशित कर दिया गया है। एडीएम ने कहा कि सर्वे खत्म होने के बाद किसानों को जल्द मुआवजा दे दिया जाएगा।
'नहीं सुने तो लंबा चलेगा धरना'
किसान नेता पवन खटाना ने मीटिंग के बाद बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को लेकर अधिकारियों से बात हुई। उन्होंने कहा जेवर एसडीएम की रिपोर्ट से किसान संतुष्ट हैं। लेकिन एसडीएम सदर के कार्य से किसान बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। जबकि दादरी एसडीएम ने किसानों से समय मांगा है। इस दौरान पवन खटाना ने बताया कि राकेश टिकैत 21 अक्टूबर को नोएडा पहुंच रहे हैं। किसान नेता ने बताया कि हम चाहते हैं उससे पहले समस्याओं का हल निकलवा लिया जाए। उनके अनुसार राकेश टिकैत ने कहा कि उनके जिले में आने की तारीख निश्चित है, लेकिन जाने का नहीं।
'मुआवजे में आ रही समस्या का निकला हल'
किसान नेता पवन खटाना ने बताया कि मीटिंग लंबी चली। इस दौरान एडीएम LA ने किसानों से बात करते हुए बताया कि मुआवजे में एफीडेविट की समस्या सामने आ रही है। जिसका अब निस्तारण कर दिया गया है।
Noida: किसान नेता चौधरी केपी सिंह ठैनुआं और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के प्रभारी व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से नई दिल्ली स्थित आवास में किसानों के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान चौधरी केपी सिंह ने कहा कि चार राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव परिणाम में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी का ज्यादा पलड़ा भारी है। बड़े राज्यों में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग के लिए छोटी-छोटी योजनाएं धरातल पर उतारना है।
सीएम योगी के प्रचार से मिला फायदा
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासतों का पुन: जीर्णोद्धार व वैश्विक मुद्दों के नेतृत्व करने वाली दूरदृष्टि सोच है। जैसे मोटे अनाज के प्रोत्साहन, स्वच्छता, प्राकृतिक खेती आदि हैं। साथ मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज सनातन धर्म को व अपने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था व विकास के मॉडल , डबल इंजन की सरकार के फायदों को लेकर चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय रहे।
अब किसान अपना पक्ष मजूती से रख पाएंगे
चौधरी के पी सिंह ने कहा कि देश में मजबूत सरकारें ही दूरदृष्टी सोच वाले मजबूत फैसले ले पाती हैं। अब आशा है कि हम अपने किसान व गांव के मुद्दों को और मजबूती से सरकार के सामने रख पायेंगे। इसके साथ ही किसान नेता के पी सिंह ठैनुआं ने नरेंद्र सिंह तोमर को बाजरा के एमएसपी पर 50% की वृद्धि के लिए व देश भर में मोटे अनाज के प्रोत्साहन के लिए कार्यक्रमों आदि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आभार जताया। साथ ही किसान आयोग व किसान कर्ज माफी के मांग को गम्भीरता से रखा। बता दें कि किसान नेता चौधरी के पी सिंह ठैनुआं मोटे अनाज के प्रोत्साहन व प्राकृतिक खेती के मुद्दों पर जन जागरूकता अभियान फैला रहे हैं। इसको लेकर कई राज्यों के वह दौरे कर चुके हैं।
Noida: केंद्र सरकार का अंतरिम बजट एक फरवरी को पेश हो रहा है। ऐसे में आम लोगों को इस बजट से काफी उम्मीद है। वहीं, किसान भी उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसी कड़ी में नोएडा पहुंचे किसान नेता व चौधरी चरण सिंह विचार मंच के राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता केपी सिंह ने बड़ा बयान दिया है।
केपी सिंह ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आशा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह अन्तरिम बजट गांव किसान की समृद्धि के लिए समर्पित बजट होगा। क्योंकि किसान और गांव की समृद्धि से ही शहर और राष्ट्र का विकास होगा।
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025ITR Verification: Do ITR Verification with Aadhaar OTP – Complete Step-by-Step Guide
August 07, 2025