नोएडा: अखिल भारतीय किसान सभा ने बड़ी संख्या में किसान आंदोलन में हिस्सा लेकर आन्दोलन का समर्थन किया है। किसान सभा की जिला कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में किसान परिषद के नेतृत्व में नोएडा अथॉरिटी पर चल रहे आंदोलन में पहुंचे। आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान सभा के साथी उपस्थित रहे।
शुरू करेंगे अनिश्चितकालीन धरना:
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ रुपेश वर्मा ने उपस्थित हजारों किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 10% का मुद्दे पर किसान सभा ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चार महीने के आंदोलन के बाद समझौता किया था। उन्होंने बताया कि 10% का मुद्दा नोएडा ग्रेटर नोएडा से पास होकर शासन के अनुमोदन के लिए जा चुका है। बता दें किसान सभा ने 22 जनवरी तक का समय प्राधिकरण को शासन से अनुमोदन कराने के लिए दिया है। ऐसा न करने पर किसान सभा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर अपना अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देगी, जिसमें प्राधिकरण की तालाबंदी भी शामिल है।
लड़ाई है आर-पार की:
किसान सभा के जिला महासचिव जगबीर नंबरदार ने कहा कि यह लड़ाई आर-पार की है बिना जीते चैन से नहीं बैठेंगे। युवा नेता प्रशांत भाटी ने जोशीले नारे लगवाते हुए ऐलान किया कि किसान जागरूक हो चुके हैं और अब शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके अलावा एडवोकेट मुकुल नंबरदार, निरंकार प्रधान, गौरव यादव, मोहित यादव, दिनेश यादव, मोहित नागर सतीश गोस्वामी, रण सिंह मास्टर, मनवीर भाटी पप्पू ठेकेदार, सुरेंद्र भाटी भोजराज रावल निशांत रावल सुधीर रावल ने संबोधित किया।
Noida: अखिल भारतीय किसान सभा की रोजा गांव की कमेटी ने आंदोलन की तैयारी के लिए जनसभा का आयोजन किया। जनसभा सेन समाज के बारात घर में हुई, जिसकी अध्यक्षता अजय प्रधान ने की संचालन दुष्यंत सैन ने किया। जनसभा में सैकड़ो महिला पुरुष शामिल हुए। किसान सभा के जिला अध्यक्ष ने उलोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सभा के निरंतर आंदोलन के परिणाम में 10% आबादी प्लाट, नए कानून को लागू करने का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड से पास कराया है। जिसे प्राधिकरण ने शासन के अनुमोदन के लिए प्रेषित किया है। 30 जनवरी का आंदोलन उक्त दोनों प्रस्तावों का अनुमोदन करवाने के लिए किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि पूरी तरह निकम्मे
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि पीड़ित किसानों ने भारी गर्मी में हजारों की संख्या में आंदोलन कर कामयाबी पाई है। लेकिन जनप्रतिनिधि पूरी तरह निकम्मे साबित हुए हैं। अभी भी उनके द्वारा शासन स्तर से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव के अनुमोदन के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसलिए मजबूरी में किसान सभा को फिर से इस मुद्दे पर आंदोलन करना पड़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों को किसानों की नहीं चिंता
किसान सभा के महासचिव जगबीर नंबरदार ने संबोधित करते हुए कहा 10% आबादी प्लाट और अन्य मुद्दों पर लड़ाई आर पार के नजरिए से शुरू हुई थी। लड़ाई तभी पूरी हो पाएगी जब शासन से 10% प्लाट और नए कानून के संबंध में अनुमोदन प्राप्त हो जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को पूरी शिद्दत के साथ प्रयास करना चाहिए। लेकिन जनप्रतिनिधि आपसी गुटबाजी में लगे हुए हैं, उन्हें सैकड़ो गांव के किसानों की कोई चिंता नहीं है। जिला उपाध्यक्ष गबरी मुखिया ने कहा कि किसान सभा इस लड़ाई को पूरा करके ही दम लेंगे। 30 जनवरी से किसान सभा फिर से पक्का मोर्चा लग रही है।
ये हैं मुख्य मांगें
आबादी के नए प्रस्ताव पुरानी आबादियों की लीजबैक, भूमिहीनों की दुकानों का आवंटन, नौजवानों का रोजगार और सबसे बड़ा 10% प्लाट का मुद्दा हल कर करके ही धरना समाप्त होगा। किसान सभा के जिला सचिव सुरेंद्र यादव ने कहा कि किसान सभा ने 16 सितंबर को सभी 21 मुद्दों पर समझौता किया था पहले चरण का आंदोलन जबरदस्त और सफल रहा दूसरे चरण के आंदोलन में शासन स्तर के मुद्दों को हल करना मुख्य मकसद है प्राधिकरण स्तर के मुद्दों पर जो ढीली कार्रवाई चल रही है उसे कार्रवाई को तेजी से निपटवाने का मकसद है।
Greater Noida: किसान सभा के नेतृत्व में दिन-रात के धरने का लगातार जारी है। कड़ाके ठंड के बाद भी किसान धरना स्थल पर भारी संख्या में जमे हुए हैं। धरने की अध्यक्षता पप्पू ठेकेदार ने की व संचालन संदीप भाटी ने किया। धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर रुपेश वर्मा ने कहा कि जिले में जनप्रतिनिधियों को यह गुमान हो गया है कि उन्हें गांव के लोगों की वोट की आवश्यकता नहीं है। इसीलिए वे किसानों की समस्याओं को हल करने के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। किसान सभा आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वोट मांगने आ रहे सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों का घेराव करेगी और उनसे पूछेगी कि 10 सालों बाद भी किसानों की 10 प्रतिशत प्लाट की समस्या हल नहीं हुई है। आपने इस दौरान क्या किया।
प्रस्ताव मंजूर होने तक चलेगा आंदोलन
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि 2 फरवरी को नोएडा में होने वाली महापंचायत में ग्रेटर नोएडा के किसान बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। किसान सभा के महासचिव जगबीर नंबरदार ने धरने को संबोधित करते हुए कहा 10% आबादी प्लाट, नए कानून को लागू करने के प्रस्ताव जब तक शासन से मंजूर होकर नहीं आते, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
जनप्रतिनिधियों में इच्छा शक्ति की कमी
किसान सभा के जिला सचिव सुरेंद्र भाटी ने धरनारत किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि 7 फरवरी के आंदोलन की हमें तैयारी करनी है। कमेटियों और संगठन को मजबूत करना है। संगठन के कारण ही अभी तक किसानों के मुद्दे काफी हद तक हल हुए हैं। जनप्रतिनिधियों में न केवल इच्छा शक्ति की कमी है बल्कि उनमें आत्मविश्वास की भी कमी है। 10% आबादी प्लाट के मुद्दे पर सांसद और विधायक हमेशा जनता के बीच में सरकार का ही पक्ष रखते रहे हैं और कहते रहे हैं कि यह मुद्दा हल नहीं हो सकता। जबकि किसान सभा ने मुद्दे पर आंदोलन कर प्राधिकरण बोर्ड से प्रस्ताव पास कराया है।
प्राधिकरण बंद करने की चेतावनी
जिला उपाध्यक्ष गबरी मुखिया ने प्राधिकरण की ईंट से ईंट बजाने का आह्वान किया और ऐलान किया यदि किसानों की समस्याएं हल नहीं हुई तो प्राधिकरण बंद कर दिया जाएगा। अजब सिंह नेताजी ने ऐलान किया कि गांव में प्रचार अभियान चलाकर 7 तारीख के आंदोलन की जबरदस्त तैयारी की जाएगी। सुरेंद्र यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा, नोएडा ग्रेट नोएडा, यमुना के सभी किसानों की महापंचायत 2 फरवरी को नोएडा प्राधिकरण पर हो रही है। जिसमें संयुक्त रणनीति बनाकर ऐतिहासिक घोषणा की जाएगी।
अखिल भारतीय किसान सभा की मासिक बैठक जिला कार्यालय जैतपुर में आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के 10% आबादी प्लाट के मुद्दे नए कानून को लागू करने, आबादी, भूमिहीनों, रोजगार के मुद्दों पर जिला पदाधिकारीयों ने अपने विचार रखें।
किसान सभा ने हाई पावर कमेटी के समक्ष अपनी बात
जिला अध्यक्ष डॉक्टर रुपेश वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान सभा ने हाई पावर कमेटी के समक्ष अपनी बात रखी है। जिसमें 10% प्लाट, आबादी प्लाट, नये भूमि अधिग्रहण कानून को लागू किए जाने, भूमिहीनों के लिए दुकानों में आरक्षण और हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट, जिसमें राजस्व परिषद के अध्यक्ष, मंडल आयुक्त और डीएम गौतम बुद्ध नगर सदस्य हैं, शामिल है। कमेटी को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण एवं गौतम बुद्ध नगर के अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों के बारे में अपनी सिफारिश सरकार को 21 मई तक दाखिल करनी थी। कमेटी अपनी समय सीमा से देरी से चल रही है।
सबसे ऊपर 10% प्लाट का मुद्दा
जिला सचिव सुले यादव ने कहा कि किसान सभा ने पूरे 1 साल लड़ाई लड़कर हाई पावर कमेटी का गठन कराया है। जिसमें नीतिगत मुद्दों पर हाई पावर कमेटी को अपनी सिफारिशें सरकार को देनी है। जिसमें सबसे ऊपर 10% प्लाट का मुद्दा है। किसान सभा पूरी कोशिश कर रही है कि सिफारिशें किसानों के पक्ष में दाखिल की जाएं। मीटिंग के अंत में किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष अजब सिंह नेताजी के पिताजी रामपाल सिंह के निधन पर 2 मिनट का मौन धारण किया गया।
ये लोग रहे मौजूद
मीटिंग को संबोधित करने वालों में जिला सचिव अशोक भाटी दुष्यंत सेन विजेंद्र नागर सुशांत भाटी संदीप भाटी गवरी मुखिया सुरेश यादव गौरव यादव मोहित यादव नितिन चौहान प्रशांत भाटी निशांत रावल नरेश नागर सुधीर रावल भोजराज रावल सतीश गोस्वामी गुरप्रीत एडवोकेट, रणवीर यादव, निरंकार प्रधान, भगत सिंह, देशराज राणा ओमपाल पंडित जी मैं अपने विचार रखें। भवदीय, डॉक्टर रुपेश वर्मा, अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा, गौतम बुद्ध नगर।
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