Noida: लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है। इसके साथ ही यूपी की आर्थिक राजधानी में सियासी हलचल तेज हो गई है। जहां भाजपा ने सांसद महेश शर्मा को एक बार फिर मैदान में उतरा है। वहीं, सपा ने डॉ. महेंद्र नागर पर दांव खेला है। माना जा रहा है कि इस सीट पर सपा और भाजपा उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होगी। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को मतदान होगा, जिसके लिए 28 मार्च से नामांकन होंगे। इस बार 26.20 लाख मतदाता अपना सांसद चुनेंगे।
3.78 लाख मतदाता बढ़ेे
बता दें कि गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट में नोएडा, जेवर, दादरी और बुलंदशहर की खुर्जा और सिकंद्राबाद विधानसभा सीट हैं। इस सीट में कुल मतदाताओं में 45.73 फीसदी महिला और 54.25 प्रतिशत पुरुष हैं। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर पिछले दस साल में 6.82 लाख मतदाता बढ़े हैं। वर्ष 2014 में लोकसभा सीट पर कुल मतदाता 19.37 लाख थे। जो वर्ष 2019 के चुनाव में बढ़कर 22.41 लाख पहुंच गए। करीब 3.03 लाख मतदाता बढ़े। जबकि इस बार मतदाताओं की संख्या 26.20 लाख हैं। वर्ष 2019 चुनाव के मुकाबले इस बार 3.78 लाख मतदाता अधिक होंगे।
बढ़ सकती है मतदाताओं की संख्या
अधिकारियों के मुताबिक अभी मतदाताओं की संख्या में बदलाव की उम्मीद है। 23 जनवरी के बाद भी निर्वाचन आयोग के आदेश पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने व हटाने का अभियान चलाया गया था। उन आवेदनों का निस्तारण किया जा रहा है। उधर आयोग ने एक अप्रैल तक आवेदन करने वाले लोगों को भी मतदाता बनाने का आदेश दिया है।
Lucknow: भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव को कांग्रेस से सावधान करते हुए एक तरह की चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा, 'अखिलेश जी, आपको सावधान कर रहा हूं, यह कांग्रेस भस्मासुर (एक राक्षस जो हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, किसी को भी सिर पर हाथ रखकर खत्म कर सकता है।) जल्दी ही आपको (सपा को) ठिकाने लगा देगी। कांग्रेस की नजर सपा के मुस्लिम वोट बैंक पर पड़ गई है। कांग्रेस की सोच और कार्यशैली में लोकतंत्र की कोई गुंजाइश नहीं।
कांग्रेस की नजर मुस्लिम वोट बैंक पर
भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने 14 जुलाई को लखनऊ में पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कहा कि कांग्रेस हमेशा चुनाव जीतने के लिए छोटी पार्टियों का इस्तेमाल करती है। सावधान रहें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा विपक्षी इंडिया गुट का हिस्सा हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। उम्मीद है कि दोनों दल 2027 का विधानसभा चुनाव भी गठबंधन में लड़ेंगे। पार्टी के राष्ट्री य अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी के बीच राज्य कार्यकारिणी बैठक में भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नजर सपा के मुस्लिम वोट बैंक पर है
केशव प्रसाद ने सपा को बताया सांपनाथ तो कांग्रेस को नागनाथ
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चलना है। इसके लिए जरूरी है कि मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि कार्यकर्ताओं को सम्मान दें। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनी है। पहली बार उड़ीसा में जय जगन्नाथ हुआ है। सिक्किम में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी है, आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से बड़ा था, बड़ा है और हमेशा बड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2014 में मोदी की सरकार बनाई, 2017 में प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाकर सरकार बनाई। 2019 में फिर मोदी की सरकार और 2022 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया। हालांकि, वर्ष 2024 में तमाम प्रयासों के बावजूद परिणाम हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे।
उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले डिप्टी-सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अगले विधानसभा चुनाव में जीत से जुड़ा फॉर्मूला ढूंढ निकाला है। मौर्या ने गुरुमंत्र शुक्रवार को विधायकों को राजधानी लखनऊ में दिया। यूपी में भले ही विधानसभा के चुनाव 2027 में होने हो लेकिन लोकसभा चुनाव में हार के बाद बीजेपी बेहद एक्टिव दिख रही है।
उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए विधायकों को खास मैसेज दिया। डिप्टी सीएम ने विधायकों से दो टूक कहा कि "2017 के फॉर्मूले के तहत ही 2027 में सपा को हराया जा सकता है. मौर्य ने सभी एमएलए को संदेश दिया कि वे 2017 के हिसाब से सोशल इंजीनियरिंग करें। समाज के दबे कुचले वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के साथ उनकी बात ठीक से सुनें। बता दें कि बीजेपी के सारे विधायक सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट के बाद मौर्य से मिलने पहुंचे थे।
केशव मौर्या के बाद अब ब्रजेश पाठक ने सीएम योगी की बैठक से बनाई दूरी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के बाद दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक से नदारद रहे। इससे पहले बृहस्पतिवार को केशव भी प्रयागराज मंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इसे लेकर सियासी गलियारों में तमाम चर्चाएं हो रही हैं। योगी ने शुक्रवार को लखनऊ मंडल के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के साथ लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा के दौरान कहा कि विपक्ष की ओर से सोशल मीडिया के जरिए फैलाए जा रहे अफवाहों और सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करने के प्रयास का मुखर होकर विरोध करें। सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए विपक्ष के हर झूठ को बेनकाब करें और जनता के बीच सच लेकर जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र में युवाओं और महिला संगठनों से संपर्क और संवाद स्थापित करें। युवाओं को बताएं कि बिना किसी रिश्वत और जाति, मत, मजहब के भेद के निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की जा रही है। ऐसे युवाओं से संपर्क स्थापित करें जिन्हें बिना भेदभाव और रिश्वत के नौकरी मिली हैं।
यूपी में लोकसभा चुनाव हार के बाद बीजेपी में मचे घमासान के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्यको लेकर लगातार तंज कस रहे हैं। अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए इशारों में अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि मॉनसून ऑफर है 100 विधायक लाओ, सरकार बनाओ।
शासन प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुगुवार सुबह अपने ऑफिशियल हैंडल पर एक पोस्ट कर लिखा कि मॉनसून ऑफर 100 लाओ सरकार बनाओ। इस पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले अखिलेश यादव ने बुधवार को पोस्ट कर कहा था कि यूपी की बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई चल रही है। उत्तर प्रदेश में शासन प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ की राजनीति का काम जो भाजपा दूसरे दलों में करती थी। वहीं, काम वह अपने दल के अंदर कर रही है इसलिए बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। यूपी की जनता के बारे में बीजेपी में कोई सोचने वाला नहीं है।
लौट के बुद्धु घर वापस आए
वहीं, गुरुवार देर रात को रात को अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि लौट के बुद्धु घर वापस आए। हालांकि अखिलेश यादव के वार पर केशव प्रसाद मौर्य ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बीजेपी कि देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है। सपा का पीडीए धोखा है। यूपी में सपा के गुंडा राज की वापसी संभव है। बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी।
Meerut: उत्तर प्रदेश में उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को बड़ा झटका लगा है। यूपी सरकार में मंत्री और रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की कार्यों से नाराज होकर पार्टी की रीढ़ कहे जाने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ता ने इस्तीफा दे दिया है। पिछले महीने भी पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी ने इसी तरह इस्तीफा दे दिया था।
पार्टी की नहीं रही सेक्युलर छवि
दलित मुस्लिम उत्पीड़न को लेकर राष्ट्रीय लोकदल की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले डॉक्टर मेराजुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में मवाना में हुई घटना को लेकर निर्दोष मुसलमानों को एक राजनेता के चलते जेल भेजे जाने से मेराजुद्दीन नाराज चल रहे थे। पार्टी में कई दिनों की उठापटक के बाद डॉक्टर मेराजुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल की जो चौधरी अजीत सिंह ने सेक्यूलर छवि बनाई थी। जिसमें किसान दलित, मुस्लिम सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने की मुहिम थी वह एकतरफा नजर आ रही है। जयंत चौधरी के पलट जाने को लेकर मेराजुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल में जो दम था, वह अब नहीं रहा। जो पार्टी की सेकुलर छवि थी वह नहीं रही। इसलिए मैं राष्ट्रीय लोक दल से इस्तीफा दे रहा हूं।
BSNL’s New ₹1 Plan: Unlimited Calling and 2GB Data at Unbelievable Price – Full Details Here
August 02, 2025New Ayushman Card List Released: Check Your Name Online for All States Including UP & Bihar
August 25, 2025