लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं। नतीजों में एनडीए ने विपक्षी गठबंधन को करारी मात दी। साथ ही नतीजों में एनडीए बहुमत के आंकड़े के पार चली गई है। वाराणसी में पीएम मोदी ने लगातार तीसरी बार जीत का परचम लहराया है। यानी कि साफ है कि एक बार फिर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन सकती है। मतलब कि एक बार फिर सत्ता पर मोदी का राज चलने वाला है। वहीं इस बात से विपक्षी गठबंधन काफी नाखुश है। देखा जाए तो विपक्ष अपनी भरकस कोशिशों के बावजूद भाजपा के अजेय किले में अपनी पैठ नहीं बना पा रहा है। वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी एक बार फिर इतिहास दोहराने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर पूर्व पीएम पंडित नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले हैं।
पीएम मोदी पर जनता का विश्वास आज भी कायम
देश की जनता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका विश्वास अभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पहले की तरह ही कायम है। साथ ही मौजूदा राजनीति में और हाल के वर्षों में शायद ही कोई नेता हो जो पीएम मोदी के करिश्मे की बराबरी कर सके। 7 अक्तूबर 2001 की तारीख भारतीय राजनीति में मील की पत्थर कही जा सकती है। दरअसल इसी तारीख को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से आज तक पीएम मोदी कोई चुनाव नहीं हारे हैं। पीएम मोदी आज भारतीय राजनीति और देश की जनता के लिए कितने अहम हैं ये शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।
2014 की शानदार जीत के बाद बने पीएम
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसने पूरे देश में उनकी खास पहचान बनाई। इसी पहचान के दम पर साल 2014 में उन्हें भाजपा ने पीएम पद का दावेदार घोषित किया। 2014 में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने कई ऐसे काम किए, जो क्रांतिकारी साबित हुए, जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश के विकास को गति दी तो सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। पीएम मोदी ने देशवासियों में देश को लेकर एक विश्वास और स्वाभिमान की भावना जाग्रत की। जिसके दम पर साल 2019 में भाजपा बंपर बहुमत लेकर सत्ता में वापस लौटी।
दूसरे कार्यकाल में लिए कई ऐतिहासिक फैसले
देशवासियों के मिले समर्थन से पीएम मोदी ने दूसरे कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में देश में हिंदू पहचान मजबूत हुई है और वह खुद इसे लेकर काफी मुखर हैं। इसकी वजह से कई बार उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसकी कभी परवाह नहीं की। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश बेहतर स्थिति में है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध और चीन के आक्रामक रूख के खिलाफ पीएम मोदी ने जिस तरह से स्टैंड लिया है, साथ ही जी20 के सफल आयोजन और दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता ने उन्हें मजबूत वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित कर दिया है।
तीसरे कार्यकाल में क्या होंगे पीएम के ऐतिहासिक कदम
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के सफर पर हैं। देश की जनता अब ये देखने को बेसब्र है कि इस बार पीएम मोदी क्या करने वाले हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो कार्यकालों को देखते हुए ये अनुमान लगाया जा सकता है कि इस बार का कार्यकाल भी पिछले दो कार्यकालों की तरह ही यादगार होगा। वहीं पीएम मोदी अपने बयानों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और साल 2047 तक देश को महाशक्ति बनाने की बात करते हैं। उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उनके ये बयान झूठे होना तो नामुमकिन है। अब देखना ये होगा कि पीएम देश की जनता के विश्वास को और कितना मजबूत कर पाते हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का चयन प्राइम एस्ट्रोनॉट के रूप में किया है. इसरो ने भारतीय अमेरिका स्पेस मिशन के लिए अपने सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री को चुना है. ISRO ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजने के लिए चुना है. ये फैसला नासा द्वारा मान्यता प्राप्त एक्सिओम स्पेस इंक की सिफारिश पर लिया गया है. शुभांशु शुक्ला, अंतरिक्ष जाने वाले 4 एस्ट्रोनॉटस में से 1 होंगे. वहीं बालाकृष्णन नायर उनका बैकअप होंगे .
अगस्त 2024 के पहले सप्ताह से शुरू होगी ट्रेनिंग
इसरो ने जानकारी देते हुए बताया है कि मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अपने चौथे मिशन के लिए अमेरिका के एक्सिओम स्पेस इंक के साथ समझौता किया है. नेशनल मिशन असाइनमेंट बोर्ड ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला (प्रधान) और ग्रुप कैप्टन नायर के नाम की सिफारिश की है. इन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर उड़ान भरने की मंजूरी दी जाएगी. दोनों अंतरिक्ष यात्री अगस्त 2024 के पहले सप्ताह से मिशन के लिए अपना प्रशिक्षण शुरू करेंगे.आपको बता दें कि भारत ने मिशन गगनयान के लिए जिन 4 एस्ट्रोनॉट का चयन किया है उनमें शुभांशु शुक्ला और बालाकृष्णन नायर दोनों ही शामिल हैं. इस फैसले के बाद मिशन गगनयान की लॉन्चिंग से पहले ही हमारे एस्ट्रोनॉट को स्पेस जाने का मौका मिलेगा. इसरो ने कहा है कि इस मिशन से मिलने वाले अनुभव भारतीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए फायदेमंद होंगे. इससे और नासा के बीच मानव अंतरिक्ष उड़ान सहयोग भी मजबूत होगा.
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
शुभांशु शुक्ला मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं. उन्होंने सिटी मोंटेसरी स्कूल की अलीगंज ब्रांच से अपनी पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद वह भारतीय रक्षा अकादमी चले गए थे. उन्होंने 7 जून 2006 को भारतीय वायु सेवा में फाइटर विंग में कमीशन किया गया था. उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में हुआ था. उनके पिता का नाम शंभू दयाल शुक्ला है.शुभांशु एक कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलेट हैं. उन्हें लगभग 2000 घंटे के उड़ान भरने का अनुभव है. उन्होंने भारत के सुखोई 30 एमकेआई, मिग-21, मिग 29, जैगुआर, हॉक और एन32 सहित कई लड़ाकू विमान उड़ाए हैं. एस्ट्रोनॉट बनने के लिए शुभांशु ने रूस और अमेरिका में लगभग 4 साल की ट्रेनिंग भी ली है.
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