नोएडा पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। जहां शनिवार को नोएडा पुलिस ने करीब 10 दिन पहले पकड़े गए वाहन चोरों की निशानदेही पर एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी की गाड़ियां भी बरामद की हैं।
नोएडा पुलिस ने अन्तर्राज्यीय चोर को किया गिरफ्तार
नोएडा थाना सेक्टर 113 पुलिस ने अन्तर्राज्यीय कुख्यात गिरोह के सरगना समेत कुल 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। जो चार पहिया वाहन चुराने में शातिर अपराधी हैं। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों को जेल भेजा था। जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय से याचिका कर इन्हें 5 दिन की पीसीआर पर लिया। इनकी पहचान खलील, सोनू और मोनू कुमार के तौर पर हुई थी। जिनसे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर शनिवार को एक अन्य शातिर चोर को अपने शिकंजे में ले लिया। शानिवार को निशानदेही पर पकड़े गए अभियुक्त की पहचान अन्नू उर्फ हेमराज पुत्र सतीश कुमार के तौर पर हुई है। अभियुक्त काली मंदिर के पास कांगड रोड पातरान थाना सदर जनपद पटियाला पंजाब का रहने वाला है। जिसे पुलिस ने एफएनजी रोड के पास स्थित बिसरख पुल के नीचे से गिरफ्तार किया है और चोरी के 5 चार पहिया वाहन भी बरामद किए हैं।
5 मिनट में गाड़ी गायब करने का ‘हुनर’
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और जगहों से चार पहिया वाहनों की चोरी करते थे। पुलिस ने बताया कि इनके पास key programming pad होते है, जिसे ये ऑनलाइन मंगवाते है। इसी का यूज करके ये गाड़ी की ECM(Electronic content management) मशीन को री-प्रोग्राम कर लेते थे। जिससे नया की-मोड जनरेट करने के बाद गाडी की डुपलीकेट चाबी बना लेते है, जिससे पूरी गाडी इनके कंट्रोल में हो जाती है। इन पूरे प्रकरण में सिर्फ 5-10 मिनट का समय लगता है। चोरी करने के बाद ये शातिर सबसे पहले चोरी किए वाहनों की नंबर प्लेट हटा देते है और किसी सुरक्षित पार्किंग में गाडी को 2-3 दिनों के लिए खडा कर देते हैं। अभियुक्त काफी समय से चोरी की घटनाओं के अंजाम दे रहे थे, इसलिए चोरी में माहिर होने के साथ ही गाड़ी के पेपर, बॉर्डर पार कराना और पुलिस को चकमा देने के पैतरे समझ गए थे।
फिल्मी स्टाइल करते काम पूरा
जैसे फिल्मों में दिखाया जाता है कि खतरे से निपटने के लिए आगे सही कागज वाली गाड़ी चलती है, फिर पीछे चकमा देने का काम होता है। ठीक इसी तरह से सही कागज वाली गाड़ी से साथी आगे चलते और जहां पुलिस चेकिंग होती, उसकी सूचना व्हाट्स-अप के जरिए साथी को दे देते। फिर मौका पाकर वाहनों को अलग-अलग प्रदेशों में बेच देते है। अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए वाहनों के खरीददार पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, चेन्नई और नार्थ-ईस्ट प्रदेशों के होते है। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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