यमुना सिटी: motoGP 2023 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं है। बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में बाइक रेसिंग होने जा रही है। यहां पर बाइक रेसिंग का ऐसा जुनून देखने को मिलेगा, जिसे पूरी देखेगी। इस बाइक रेस को देखने के लिए दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने वाले हैं। जिसे देखते हुए आयोचक कंपनी के साथ प्रशासन ने कमर कस ली है।
बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट पर होने जा रहा है motoGP बाइक रेसिंग @ADCPNoida @buddhainternat1 pic.twitter.com/MOnNZFmmsl
— Now Noida (@NowNoida) July 11, 2023
अधिकारियों के साथ बैठक
आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात व्यवस्था को चाक चौबंद रखने की पूरी जिम्मेदारी नोएडा पुलिस कमिश्नरी की है। नोएडा पुलिस कमिश्नरी के प्रवक्ता ने चेतना मंच को बताया कि MotoGP 2023 में एक लाख से अधिक दर्शकों के आने की संभावना जताई जा रही है। इसी मकसद से 10 जुलाई को थाना क्षेत्र दनकौर स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में 22 से 24 सितंबर 23 तक आयोजित MOTOGP के आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था गौतमबुद्धनगर, पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा, अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा, सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय ग्रेटर नोएडा, प्रभारी निरीक्षक दनकौर द्वारा Jaypee Group एवं आयोजन कर्ता Company Fair Street Sports के अधिकारीगण के साथ गोष्ठी की गयी। गोष्ठी के दौरान Moto GP event से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन के अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
Greater Noida: बुद्ध सर्किट स्पोर्ट सिटी में होने वाले मोटो जीपी रेस को बंद करने की हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार ने मांग की है. हेलमेट मैन ऑफ इंडिया इसको लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू औ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखक बंद कराने की मांग की है। पत्र में कहा है कि मोटो जीपी रेस सिर्फ अमीर देशों के लिए रोमांच है, भारत के लिए मौत की रफ्तार है। मोटोजीपी रेस अभी तक सिर्फ 30 देश में ही आयोजित हुआ है, 31वां देश अब भारत होगा. जिन देशों में अभी तक यह रेस आयोजित हुआ है, वहां सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत है। उन देशों में पैदल चलने और साइकिल चलाने वाले लोगो के लिए अलग ट्रैक होते हैं। कार और बाइक की रफ्तार में स्पीड लीमिट यहां अधिक होती हैं। यहाँ सड़क हादसे बहुत कम होते हैं क्योंकि सड़क सुरक्षा को लेकर काम करने वाली एजेंसी बहुत मजबूत होती हैं।
भारत मौत के आंकड़ों में पहले पायदान पर
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया ने आगे लिखा है कि भारत पहले से ही विश्व के सभी देशों से मौत के आंकड़ों में पहले पायदान पर है। यहाँ जागरुकता बढ़ाने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने एवं सुरक्षा कानून को लागू करने पर सरकार ध्यान केंद्रित कर रही हैं। क्योंकि भारत में प्रतिवर्ष सड़क हादसों की वजह से 4 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान हो रहा है। जबकि भारत में विश्व स्तर पर लगभग दो प्रतिशत ही वाहन है. लेकिन यह 11 प्रतिशत से अधिक सड़क यातायात मौत के लिए जिम्मेदार है। भारत में पैदल यात्रियों और साइकिल चलाने वाले के लिए कोई सुरक्षा कानून नहीं है, जो देश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत में से एक तिहाई से अधिक के लिए जिम्मेदार है। इसके लिए कोई आपातकालीन प्रणाली भी नहीं है। सड़क यातायात से होने वाली मौत का मजबूत आंकड़े की कमी भी शामिल हैं।
भारत में आज भी सड़क पार करने के लिए दोनों दिशाओं में देखना पड़ता है. क्योंकि भारत में गाड़ी चलाने वाले जिम्मेदार नागरिक की आज भी कमी हैं। अधिकांश राज्यों की अपनी सड़क सुरक्षा नीतियों होनेके बावजूद भारत के पास सड़क सुरक्षा रणनीतियां को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए कोई प्रमुख एजेंसी नहीं है।

भारत में आज भी 50 प्रतिशत लोग सड़कों पर साइकिल चलाते हैं, राज्यों की तुलना की जाए तो वेस्ट बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश राज्य में 75.6 प्रतिशत लोग आज भी सड़कों पर साइकिल चलाते हैं, और मौत के आंकड़ों के हिसाब से उत्तर प्रदेश सभी राज्यों से अग्रीण बना हुआ है, गौतमबुद्ध नगर जिले में जब से फॉर्मूला वन ट्रैक बना तब से इस जिले में सड़क हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि यहां के युवाओं में ओवर स्पीड गाड़ी चलाने की वजह से हादसों में वृद्धि के साथ चालान और मौत के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं।
सड़क हादसे के शिकार 76.2 प्रतिशत कामकाजी
भारत में 2004 में धूम पिक्चर रिलीज के बाद से स्पीड बाइक का प्रचलन तेजी से बढ़ गया। बाइक में साइलेंसर बढ़ाना तेज ध्वनि का प्रचलन हादसों में एकाएक इजाफा देखने को मिला है। प्लेन सीट वाली बाइक भी एक दम से स्टाइलिश बाइक के साथ सीट भी बदल गई. क्योंकि हमारे भारत में प्रचार से लोग काफी आकर्षित होते है। भारत सरकार मंत्रालय के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए 76.2 प्रतिशत लोग अपनी मुख्य कामकाजी 18 से 45 वर्ष के होते हैं। भारत जैसे निम्न और मध्यम आय वाले देश में सामाजिक आर्थिक स्थिति और सड़क उपयोग पैटर्न के बीच एक स्पष्ट संबंध है। इसीलिए गरीब लोगों के सड़क यातायात दुर्घटना में शामिल होने की संभावना अधिक रहती है। सड़क दुर्घटना कोविड-19 की तरह हमारे भारत में सामाजिक आर्थिक परिदृश्य को खराब कर रही है, और हमारे परिवहन मंत्रालय ने कोवीड-19 से भी घातक इसे करार दिया है।
गडकरी भी सड़क दुर्घटना कम करने में असफल हुए
भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी ने 2020-2021 में एक कॉन्फेरेन्स में कहा था कि "सड़क दुर्घटना 50 प्रतिशत कम करने का वादा किया था, लेकिन दो माह पहले अपना एक स्टेमेन्ट में कहा कि "मैं अच्छे सड़क एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर तो बनवा सकता हूँ लेकिन सड़क दुर्घटना कम करने में असफल रहा इसलिए मैं अपने पहले दिए गए स्टेटमेंट को वापस लेता हूँ, क्योंकि राज्य सरकार एवं उनके अधिकारी सामंजस्य के साथ कार्य नहीं किए। एक व्यक्ति को बचाने में 90 लाख की बचत होती है। यातायात दुर्घटनाएं छोटे विकलांगता से आज भारतीय समाज विश्व स्तर पर बोझ बनता जा रहा है। इस खतरनाक परिदृश्य में सड़क सुरक्षा मंत्रालय गरीबों की हित की रक्षा के लिए नीतियां बना रही है।
9 साल से सड़क हादसों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया पत्र में आगे लिखा है कि भारत में सड़क सुरक्षा रिपोर्ट को मजबूत करने में चुनौतियां बनी हुई है, जो व्यवहारिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए मैं पिछले 9 साल से सड़क हादसों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूँ. 9 सालों से भारत की सड़कों पर घूम-घूम कर भारत के युवाओं की जिंदगी बचाने का प्रयास कर रहा हूँ। क्योंकि आज से 9 साल पहले नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मैं अपना एक दोस्त खो दिया था। जो अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। तब से मैंनें शपथ ली कि भारत की सड़कों पर हर नागरिक को एक स्मार्ट रोड यूजर बनाने से पहले उसे अपना दोस्त बनाऊंगा, ताकि वह भारत की सड़को पर हादसे के खिलाफ लड़ाई लड़ सके। इस लड़ाई को लड़ते हुए मुझे 9 साल हो गए और अपने जेब खर्चे से अब तक भारत की सड़कों पर 56000 से अधिक हेलमेट बाट चुका हूँ। सैकड़ों लोगों की जिंदगी बचा चुका हूँ, करोड़ों लोगों तक अपना मिशन पहुंचाने में सफल हुआ हूं, जो दुनिया अब हमें राघवेंद्र कुमार की जगह हेलमेट मैन ऑफ इंडिया के नाम से जानती है।
90 प्रतिशत लोगों को सड़क पर चलने का नियम नहीं पता
राघवेंद्र कुमार ने आगे लिखा है कि मोटो जीपी रेस हमारे भारत के युवाओं को सड़कों पर स्पीड रफ्तार की बढ़ावा दे सकती है। जिस वजह से हमारे देश की सड़कों पर मौत की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी क्योंकि सड़क पर गाड़ी चलाने वाले वाहन स्वामियों को सड़कों का अंदाजा नहीं रहता है। क्योंकि इसी सड़क पर आम व्यक्ति साइकिल लेकर चलता है, और पैदल चलने वाले भी होते है। भारत के 77 साल आजादी के बाद भी आज भी 40 प्रतिशत लोग शिक्षा से वंचित हैं। 90 प्रतिशत लोगों को सड़क पर चलने का नियम कानून ही नहीं पता है। फिर ऐसे रोमांचक रेस के आयोजन से भारत के राजस्व का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है, और 90 प्रतिशत जनता की जान माल प्रभावित हो सकती है।
Greater noida: आज यानि की शुक्रवार से इंडियन मोटोजीपी रेस आयोजित होने जा रही है। इस रेस को देखने बड़ी संख्या में लोग बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पहुंचना शुरू हो चुके हैं। 22 सितंबर से 24 सितंबर तक चलने वाले मोटोजीपी को लेकर खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

सुपर स्पोर्ट्स बाइक की गूंज के लिए ट्रैक तैयार
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर इस रेस को देखने और इवेंट में हिस्सा लेने तमाम बड़े दिग्गज भी पहुंच रहे हैं। प्रतिभाग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का आगमन हो चुका है। जो अपने सुपर बाइक की गूंज से मैदान में दर्शकों को थाम देंगे। सुबह 9 बजे शुरू हुई बाइक रेस शाम 4 बजे तक चलेगी। जबकि शनिवार को ये रेस सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगी। तीसरे दिन यानि की रविवार को बाइक रेस सुबह 11 बजे से शुरू होगी, ये शाम को 6 बजे तक चलेगी।

10 साल बाद BIC पर बड़ा आयोजन
फॉम्युला-1 के आयोजन के 10 साल बाद अब एक बार फिर बीआईसी पर बड़ा आयोजन हो रहा है। बाइक रेसिंग से ग्रेटर दुनिया भर में छाने जा रहा है। चैंपियन राइडर हजार सीसी की सुपरबाइक के साथ अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं। इस ट्रैक पर 360 किमी प्रति घंटे की स्पीड में आपको बाइक्स दौड़ती नज़र आएंगी। जो रफ्तार के दीवानों में जोश भर देंगी।

Greater noida: मोटो जीपी रेस देखने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी संभावनाओं वाला प्रदेश है। आज प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्र में संभावनाएं हैं। सीएम ने कहा कि निवेश के लिए ना सिर्फ बुनियादी संरचनाओं को मजबूत किया गया, बल्कि प्रदेश में सुरक्षा के बेहतर वातावरण तैयार किया गया है।
'निवेश सारथी' के माध्यम से मॉनिटरिंग
सीएम ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा जो भी निवेशक यूपी में कहीं भी निवेश कर रहे हैं, 'निवेश सारथी' के माध्यम से उद्मियों के एमओयू को प्रदेश सरकार मॉनिटरिंग करती है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में आज उद्मियों को उद्योग लगाने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ता। बल्कि प्रदेश सरकार की तरफ से उनकी फाइलिंग के काम को तेजी से किया जाता है।
सिंगल विंडो की सुविधा उपलब्ध: CM
CM ने कहा कि प्रदेश सरकार सिंगल विंडो की सुविधा निवेशकों को उपलब्ध करवा रही है। सीएम योगी ने कहा ये सबसे बड़ा निवेश मित्र पोर्टल है। यहां पर 400 से अधिक सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म के माध्यम से तेजी के साथ क्रियान्यवन करवाया जाता है।
ऑनलाइन इंसेन्टिव पोर्टल का विकास
साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज इंसेन्टिव के लिए किसी भी उद्यमी को ईधर उधर चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। उद्यमियों का इंसेन्टिव एक पोर्टल के जरिए प्रोसेस की जाती है और वहीं से उसका लाभ भी उठाया जाता है।
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