New Delhi: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। 4 जून को घोषित नतीजों में भाजपा को 240 सीटें आईं। वहीं, सहयोगी दलों के साथ एनडीए गठबंधन 293 सीटें जीतने में सफल रहा है। जिसके बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश की सत्ता संभाने जा रहे हैं। जो अपने आप में रिकॉर्ड है। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी दूसरे नेता हैं।
17 साल तक प्रधानमंत्री थे जवाहर लाल नेहरू
बता दें कि आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। जवाहर लाल नेहरू ने लगातार तीन बार देश की सत्ता संभाली। पंडित नेहरू 1947 से 1964 तक करीब 17 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे। 16 वर्ष, 9 महीने, 13 दिनों तक प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए 27 मई, 1964 को नई दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था।
15 वर्ष, 11 महीने और 22 दिनों तक पीएम रहीं थी इंदिरा गांधी
वहीं, भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। चार बार देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा ने 1966 से 1977 तक लगातार तीन कार्यकालों तक देश की सत्ता संभाली थी। 1966 में लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद इंदिरा पहली बार देश की प्रधानमंत्री बनीं थी। 1967 में हुए चुनाव में जीत दर्ज करके उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद 1971 के चुनाव में जीत दर्ज करके इंदिरा ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इंदिरा ने 1975 में आपातकाल लगाया। इसके चलते जो कार्यकाल 1976 में खत्म हो सकता था वह 1977 में आपातकाल खत्म होने तक जारी रहा। उनका चौथा और अंतिम कार्यकाल 1980 से 1984 तक था। 31 अक्तूबर 1984 को इंदिरा की उनके घर के बाहर उनके दो अंगरक्षकों ने हत्या कर दी। इस तरह से इंदिरा 15 वर्ष, 11 महीने और 22 दिनों तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।
तीसरे कार्यकाल में भी इंदिरा गांधी की बराबरी नहीं कर पाएंगे मोदी
2014 में सत्ता संभालने के बाद लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मोदी ने भाजपा को रिकॉर्ड जीत दिलाई और दोनों मौकों पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। 9 जून से प्रधानमंत्री के रूप में उनका तीसरा कार्यकाल शुरू हो रहा है। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद संभाला था। यह कार्यकाल पूरा करते ही तीसरे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हो जाएंगे। हालांकि, तीसरे कार्यकाल में भी वह इंदिरा के रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाएंगे।
डॉ. मनमोहन सिंह 10 साल 5 दिन तक रहे पीएम
देश के पहले सिख प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने दोनों बार यूपीए सरकार का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में मौजूद जानकारी के मुताबिक, मनमोहन सिंह का कार्यकाल 10 वर्ष, 5 दिनों तक रहा।
गुजरात दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद के GMDC मैदान में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में शामिल हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, 'मैंने लोकसभा चुनाव के दौरान आप सभी को और देशवासियों को एक गारंटी दी थी. मैंने कहा था कि तीसरे टर्म के पहले 100 दिन में देश के लिए अभूतपूर्व फैसले लिए जाएंगे. बीते 100 दिनों में मैंने दिन-रात नहीं देखा। 100 दिन के एजेंडे को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा,' देश हो या विदेश, जहां भी जो भी प्रयास करने थे वो किए, कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी. पिछले 100 दिन ना जाने कैसी-कैसी बाते होने लगी. इस दौरान मेरा मजाक उड़ाया गया. लोग हैरान भी थे कि मैं क्यों चुप था। भाई-बहनों ये सरदार पटेल भूमि से पैदा हुआ बेटा है। 100 दिन के इन फैसलों में देश के हर नागरिक, हर परिवार, हर वर्ग के कल्याण की गारंटी पक्की हो गई है।
1,000 साल का बेस हो रहा तैयार
पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत अगले 1000 सालों के लिए वृद्धि का आधार तैयार कर रहा है और ध्यान केवल शीर्ष पर पहुंचने पर नहीं, बल्कि इस स्थान को बनाए रखने पर है. उन्होंने री-इन्वेस्ट 2024 में कहा कि हमारे लिए हरित भविष्य और शुद्ध शून्य उत्सर्जन केवल दिखावटी शब्द नहीं हैं. ये देश की जरूरतें हैं और हम इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सरकार अयोध्या और 16 अन्य शहरों को मॉडल ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है.
सरकार की गिनाईं उपलब्धियां गिनाईं
New Delhi: मोदी कैबिनेट 3.0 में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है तो वहीं कई पुराने दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है। मोदी मंत्री मंडल में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर और पीयूष गोयल दोबारा कैबिनेट मंत्री बने हैं। ये सभी नेता मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बने मंत्री बने
वहीं, मोदी कैबिनेट 3.0 में इस बार भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हो गए हैं। नड्डा को बड़ा विभाग मिलने की संभावना है। जेपी नड्डा के कैबिनेट में शामिल होने के साथ ही अब भाजपा को नया अध्यक्ष मिलने की संभावना जताई जा रही है।
37 पूर्व मंत्रियों को दिखाया गया बाहर का रास्ता
पिछली सरकार के 37 मंत्रियों को मोदी कैबिनेट 3.0 से बाहर कर दिया गया है। इनमें से सात कैबिनेट मंत्री थे, जिनमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे शामिल हैं। इसके अलावा अर्जुन मुंडा, संजीव कुमार बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते, पुरुषोत्तम रूपाला, वीके सिंह, महेंद्र नाथ पांडे, साध्वी निरंजन ज्योति, आरके सिंह, राजीव चंद्रशेखर, कैलाश चौधरी, वी मुरलीधरन और मीनाक्षी लेखी को इस बार मंत्री पद से हटाया गया है।
सहयोगी दलों के ये बने मंत्री
कैबिनेट में BJP के कई सहयोगी दलों को भी जगह मिली। जिसमें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से जीतन राम मांझी, जनता दल सेकुलर (जेडीएस) से एचडी कुमारस्वामी, जेडीयू से राजीव रंजन सिंह उर्फललन सिंह, टीडीपी से किंजरापु राम मोहन नायडू, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) से चिराग पासवान कैबिनेट मंत्री बने हैं। वहीं, आरएलडी के जयंत चौधरी समेत कई और भाजपा सहयोगियों ने राज्य मंत्री और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है।
पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों ने ली मंत्री पद की शपथ
मोदी कैबिनेट में 5 पूर्व मुख्यमंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। जिनमें शिवराज सिंह चौहान, एच.डी. कुमारस्वामी, मनोहर लाल खट्टर, जीतन राम मांझी और सर्बानंद सोनोवाल शामिल हैं। वहीं, केरल में पहली बार कमल खिलाने वाले अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। पूर्वी दिल्ली से पहली बार सांसद बने हर्ष मल्होत्रा भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के 9 मंत्री बने
मोदी कैबिनेट 3.0 में बिहार के 8 मंत्रियों में से 4 को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। जबकि उत्तर प्रदेश के नौ मंत्रियों में से केवल राजनाथ सिंह कैबिनेट मंत्री बने। महाराष्ट्र के छह सांसदों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। मोदी मंत्रिमंडल के 72 मंत्रियों में से 7 महिलाएं हैं। 42 मंत्री ओबीसी, एससी और एसटी श्रेणियों से हैं।
New Delhi: मोदी सरकार 3.0 के शपथ ग्रहण के बाद सोमवार को सीएम योगी आदित्यानाथ ने दिल्ली में अमित शाह, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं से मुलाकात की और बधाई दी। वहीं, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक मोदी कैबिनेट की पहली बैठक से पहले हुई इस मुलाकात में यूपी के लोकसभा चुनाव परिणाम को लेकर सीएम योगी और वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा हुई है।
सिर्फ 33 सीटों पर सिमटी भाजपा
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से बीजेपी को 33 सीटें जीतने में कामयाब हो पाई हैं। भाजपा की सहयोगी रालोद ने दो व अपना दल ने एक सीट जीती है। जबकि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की झोली में 37 सीटें गई हैं। वहीं, सपा के साथ गठबंधन में लड़ी कांग्रेस को भी 3 सीटें मिली हैं। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार चंद्रशेखर आजाद अपनी सीट से जीतने में सफल रहे हैं। वहीं, 2014 की तरह बसपा का इस बार भी शून्य पर ही रह गई है।
केंद्र सरकार के 7 मंत्री हार गए चुनाव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से लगातार तीसरी बार जीत गए हैं, जबकि राहुल गांधी ने रायबरेली और अखिलेश यादव ने कन्नौज से जीत हासिल की है। वहीं, केंद्र सरकार के सात मंत्री भी चुनाव हार गए हैं। जिसमें स्मृति ईरानी भी शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा ने अपने 47 सांसदों को फिर से टिकट दिया था, इनमें से 26 हार गए हैं।
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