लोकसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है और सभी पार्टियां इसकी तैयारियों में जोरों-शोरों से जुट गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने नोएडा के अनिल यादव को दिल्ली के लोकसभा चुनाव हेतु मीडिया विभाग का कॉर्डिनेटर नियुक्त किया है। आगामी चुनाव में मीडिया का बेहद अहम योगदान रहने वाला है। जिसके चलते छठे चरण में होने वाले दिल्ली के चुनाव में इसे बेहद महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी माना जा रहा है। आपको बता दें कि अनिल यादव इससे पूर्व यूपी के वार रूम के सदस्य के साथ-साथ प्रदेश के प्रवक्ता भी रहे हैं।
अनिल यादव सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय
अनिल यादव टीवी पर राजनैतिक चर्चाओं में कांग्रेस का पक्ष मज़बूती के साथ रखते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी काफ़ी सक्रिय हैं। इनकी नियुक्ति को राहुल गाँधी द्वारा निरंतर पिछड़े वर्ग के लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर ज़िम्मेदारी देकर पार्टी से जोड़ने की मुहिम के रूप में भी देखा जा रहा है। अनिल यादव समेत 20 अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी विभिन्न प्रदेश की ज़िम्मेदारी दी गई है जिसकी घोषणा कांग्रेस के मीडिया व कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने की। वहीं इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर अनिल यादव ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद दिया और साथ ही दी गई ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रण लिया।
अगर आप न्यूज चैनल की डिबेट देखते हैं तो गौरव वल्लभ को जरूर पहचानते होंगे। न्यूज चैनल के डिबेट शो में अगर कोई बीजेपी प्रवक्ताओं को धूल चटाने का मद्दा रखता है तो वो गौरव वल्लभ ही हैं। कांग्रेस के सबसे मजबूत प्रवक्ताओं में एक गौरव बल्लभ अब कांग्रेस के नहीं हैं, इनका अब कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है। गौरव बल्लभ कौन हैं, उनका कांग्रेस से कैसे मोहभंग हो गया, पढ़िए इस खबर में।
जीरो गिनाने वाले गौरव वल्लभ
आपको वो वाला डिबेट शो याद है, जिसमें बीजेपी के धुरंधर प्रवक्ताओं में शामिल संबित पात्रा 5 ट्रिलियन इकोनॉमी के बारे में बात कर रहे थे। इस डिबेट शो में बीजेपी के संवित पात्रा के सामने कांग्रेस के गौरव बल्लभ थे। हाजिर जवाबी के लिए माहिर माने जाने वाले गौरव वल्लभ ने बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा से पूछ लिया कि आखिर 5 ट्रिलियन में जीरो कितने होते हैं। गौरव का ये वाला सवाल खूब वायरल भी हुआ था। दरअसल, दो से तीन बार पूछने के बाद भी संबित पात्रा ने जीरो की गिनती नहीं बताई तो गौरव ने गिनाया कि 5 ट्रिलियन में 12 शून्य होते हैं। ये मात्र एक डिबेट शो में नहीं था, जब गौरव ने बीजेपी प्रवक्ता को घेरा हो।
क्यों हो गया मोहभंग
आखिर ऐसा क्या हो गया कि गौरव वल्लभ का कांग्रेस से अचानक मोह भंग हो गया। गौरव ने इसके पीछे की वजह भी बताई है। बकायदा उन्होंने इसके लिए पत्र भी कांग्रेस के चीफ मल्लिकर्जुन खड़के को लिखा। गौरव बल्लभ ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी की स्टैंड से वो असहज हैं, जिस तरह से आज दिशाहीन होकर कांग्रेस आगे बढ़ रही है, उससे वो सहज नहीं महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा गौरव ने अपने पत्र में इस बात की भी जिक्र किया कि पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है। गौरव के मुताबिक कांग्रेस नए भारत के आकांक्षाओं को बिल्कुल समझ नहीं पा रही है। इससे कार्यकर्ता हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं। राम मंदिर निर्माण पर भी कांग्रेस के स्टैंड पर गौरव ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट भी किया, ट्वीट में उन्होंने लिखा कि ना तो वो सुबह शाम सनानत को गाली दे सकते हैं और ना ही वेल्थ क्रिएटर्स को, इसलिए उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मतलब कांग्रेस को अलविदा... वैसे चुनाव से पहले कांग्रेस को ये पहला झटका नहीं है, इससे पहले भी कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की लंबी सूची है। पहले से संकट में घिरी कांग्रेस के सामने ये बड़ी चुनौती लोकसभा चुनाव में बन सकती है।
गौरव वल्लभ का राजनैतिक कैरियर
अगर गौरव के राजनैतिक करियर की बात करें, तो साल 2019 में उन्होंने पहली बार झारखंड के जमशेदपुर ईस्ट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में गौरव तीसरी पोजिशन पर रहे थे। इसके बाद साल 2023 में उन्होंने राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उदयपुर से चुनाव लड़े। गौरव बल्लभ यहां बीजेपी के प्रत्याशी से 32 हजार वोटों से हार गये थे। अर्थशास्त्र के अच्छे जानकार गौरव बल्लभ इकोनॉमी के प्रोफेसर भी रह चुके हैं।
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