एक ओर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तमाम दावे ठोंक रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर बुलंदशहर की पुलिस योगी सरकार के तमाम दावों को फेल कर रही है. बुलंदशहर में आम आदमी की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाली पुलिस का असली चेहरा सामने आ गया है. दरअसल शिकारपुर थाने की पुलिस ने एक नया कारनामा कर दिखाया है. पुलिस ने एक चलती कार को रोककर उसमें पहले खुद तमंचा रखा और फिर ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया मगर लोगों को चाक-चौबंद रहने की नसीहत देने वाली पुलिस खुद सतर्कता बरतना भूल गई और पुलिस की ये सारी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. वहीं पुलिस की इस करतूत का खुलासा तब हुआ जब घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने लगा.
क्या था पूरा मामला
घटना के वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क पर एक सफेद रंग की कार सामने से आ रही है. इतने में बाइक पर सवार होकर आए पुलिसकर्मी उसे रुकने का इशारा करते हैं. जैसे ही कार का ड्राइवर अमित कार रोकता है, पुलिस वाले उसे कार से बाहर आने को कहते हैं. इसके बाद एक पुलिसकर्मी बाइक की डिक्की में से तमंचा निकालकर अमित की कार में रखता है और मोबाइल कैमरे के साथ पुलिसकर्मी इस कैमरे को बरामद करते हैं. इसी के साथ अमित को गिरफ्तार किया जाता है. फिर अगले दिन शस्त्र अधिनियम के तहत अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया जाता है.
फर्जी गुडवर्क का तरीका किया अख्तियार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसएसपी श्लोक कुमार ने पिछले दिनों क्राइम मीटिंग की थी. इस दौरान उन्होंने शिकारपुर थाना क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ा हुआ पाया. इसके लिए एसएसपी ने शिकारपुर थाने के कोतवाल राकेश चतुर्वेदी की भरी मीटिंग में क्लास लगा दी थी. बताया जा रहा है कि मीटिंग से निकलने के बाद से ही शिकारपुर कोतवाल एसएसपी की नजर में अपनी इमेज सुधारने के लिए किसी अच्छे गुडवर्क की फिराक में लग गए. उन्हें कुछ नहीं मिला तो फर्जी गुडवर्क का तरीका अख्तियार किया और इस तरह की की हरकत को अंजाम दे डाला.
शिकारपुर कोतवाल सहित 4 पुलिसकर्मी निलंबित
वहीं अगले दिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. इस वीडियो को बुलंदशहर के एसएसपी श्लोक कुमार ने भी देखा और उन्होंने तुरंत एसपी क्राइम राकेश मिश्रा को मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए. बुलंदशहर के एसपी क्राइम राकेश मिश्रा के मुताबिक एसएसपी के आदेश पर उन्होंने वीडियो की जांच की. इसके बाद मौके पर पहुंच कर इंस्पेक्टर समेत वीडियो में दिख रहे सभी 8 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की. जिसके बाद इस पूरे मामले में एसपी ने कार्रवाई करते हुए शिकारपुर कोतवाल सहित 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. जबकि दो होमगार्ड के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है. इंस्पेक्टर राजेश चतुर्वेदी, चौकी इंचार्ज शुभम चौधरी, कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया गया है. वहीं होमगार्ड नूर हसन और भूपेंद्र कुमार दोनों की रिपोर्ट होमगार्ड कमांडेंट के पास भेजी गई है.
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