वेस्ट यूपी का वो बाहुबली गैंगस्टर जिसके नाम से थर-थर लोग कांपते थे. ये कहानी शुरु हुई थी. ग्रेटर नोएडा के छोटे से गांव से कहानी तब की है. जब न तो नोएडा हुआ करता था और न ही ग्रेटर नोएडा. ये पूरा इलाका बुलंदशहर औऱ गाजियाबाद में आता था. 80 का दशक ख़त्म हो रहा था और यहां दो गुटों की गैंगवार ने सभी की नाक में दम कर रखा था, क्या पुलिस तो क्या प्रशासन. 80 के दशक में सतबीर गुर्जर और महेंद्र फ़ौजी की दुश्मनी जगजाहिर थी. लेकिन दो सालों के अंतर में दोनों बदमाशों को पुलिस ने ढेर कर दिया.सतबीर को 1992 में तो वहीं फौजी को 1994 में मार गिराया गया था. दोनों की मौत के बाद नरेश भाटी और सुंदर भाटी का उदय हुआ तब सुंदर बस यूनियन में जुड़ा हुआ था.सुंदर भाटी का नाम मारपीट तक ही सीमित था लेकिन 1997 में जब गौतम बुद्ध नगर बना तो सुंदर भाटी ने बड़े कारोबारियों से वसूली और रंगदारी मांगने का काम शुरू कर दिया. इसके बाद नरेश भाटी ने चुनाव लड़ा और जिला पंचायत अध्यक्ष बन गया लेकिन साल 2004 में नरेश भाटी को मार दिया गया. आरोप सुंदर पर था लेकिन गवाहों के न होने के कारण सुंदर भाटी बरी हो गया.
दोस्ती हुई दुश्मनी में तब्दील
कहते हैं अपराध की दुनिया में दोस्ती और दुश्मनी जान देकर निभाई जाती है. दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस के लिए परेशानी का सबब रहे अपराधी सुंदर भाटी और नरेश भाटी ऐसे ही दो नाम थे. जिनकी दोस्ती के किस्से तीनों राज्यों में मशहूर थे… दोनों दोस्त एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे. इतना ही नहीं, नरेश भाटी के परिवार वालों की मौत का बदला भी सुंदर ने जान की बाजी लगाकर लिया था लेकिन हितों के टकराव में एक दिन दोनों दोस्तों की दोस्ती दुश्मनी में तब्दील हो गई और दोनों के बीच हुए एक गैंगवार में गैंगस्टर नरेश भाटी मारा गया.नरेश भाटी की मौत के बाद सुंदर भाटी ने अपनी पत्नी को दनकौर का ब्लॉक प्रमुख बनवा दिया.इसी दौरान सुंदर भाटी ने एक स्थानीय कारोबारी हरेंद्र प्रधान से रंगदारी मांगी. पैसे न देने के बाद हरेंद्र प्रधान की हत्या हो गई और आरोप फिर से सुंदर भाटी पर लगा मामले में 9 लोगों पर मुकदमा हुआ और केस चला तो साल 2021 में सुंदर भाटी को हरेंद्र प्रधान की हत्या मामले में आजीवान कारावास की सजा सुनाई गई थी.
साल 2014 में पुलिस ने किया था गिरफ्तार
नरेश भाटी की मौत के बाद सुंदर भाटी पर भी साल 2011 के नवंबर में हमला हुआ था. इस हमले में रणदीप भाटी, अमित कसाना और अमित दुजाना ने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, लेकिन भाटी बच निकला और इस घटना में तीन लोग मारे गए. इसके बाद साल 2014 में उसे नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और तभी से सुंदर भाटी जेल में है
योगी सरकार के आते ही शुरू हुए बुरे दिन
सुंदर भाटी पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं. 2011 में केंद्रीय मंत्री से बातचीत के टेप एक न्यूज़ चैनल ने जारी किए थे. साल 2017 में यूपी में योगी सरकार आने के बाद सुंदर भाटी और उनके गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया था. ऐसे में सुंदर भाटी और उसके साथियों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर दी गई थी. सुंदर भाटी और उसके गुर्गों पर बुलंदशहर, दिल्ली, मेरठ, फरीदाबाद सहित कई जगहों पर हत्या और हत्या की साजिश के 11 केस, लूटपाट, रंगदारी, जबरन वसूली, धमकी जैसे मामलों में करीब 150 केस दर्ज थे.इनमें से सुंदर भाटी पर ही 40 से ज्यादा केस दर्ज थे तो कुछ ऐसा है सुंदर भाटी का क्राइम वर्ल्ड.
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