प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ 9 जून को ले ली है। पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी कर दिया है। जिसके बाद सभी मंत्रियों ने कार्यभार भी संभाल लिया है। वहीं अब 18वीं लोकसभा के गठन और लगातार तीसरी बार भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण के बाद संसद का पहला सत्र 24 जून से शुरू होने वाला है। अब सभी लोगों की निगाहें लोकसभा स्पीकर के चुनाव पर टिकी हुई हैं। जिसको लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये चुनाव 26 जून को होगा। 24 जून को शुरू होने वाला सत्र आठ दिनों तक चलेगा। सत्र के तीसरे दिन 26 जून को अध्यक्ष का चुनाव होना है।
24 और 25 जून को नवनिर्वाचित सांसद लेंगे शपथ
संविधान के अनुच्छेद 93 के अनुसार नई लोकसभा के पहली बार शुरू होने से ठीक पहले अध्यक्ष का पद रिक्त हो जाता है, इसलिए राष्ट्रपति सबसे पहले नवनिर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाने के लिए अस्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे। 24 और 25 जून को प्रोटेम स्पीकर नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे। सत्र के पहले दो दिन लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और सात बार भारतीय जनता पार्टी के सांसद राधा मोहन सिंह को सदन की कार्यवाही चलाने के लिए अस्थाई अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने की संभावना है, क्योंकि वे सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से हैं। 27 तारीख को संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति संबोधित करेंगे। इसी दिन सुबह 11 बजे राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा।
लोकसभा अध्यक्ष का पद किसके पास रहेगा?
लोकसभा अध्यक्ष का पद भारतीय जनता पार्टी अपने पास ही रखने जा रही है। यानि 18वीं लोकसभा में भी बीजेपी का ही कोई सांसद लोकसभा का अध्यक्ष चुना जाएगा। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया में आ रही खबरों को खारिज करते हुए बताया कि किसी भी सहयोगी दल की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के पद को लेकर कोई मांग नहीं आई है। बीजेपी जल्द ही पहले पार्टी के स्तर पर इस पर विचार करेगी और पार्टी की ओर से नाम पर फैसला किए जाने के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के साथ भी विचार-विमर्श कर उस नाम पर सर्वसम्मति बनाई जाएगी। दरअसल मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश की इंदौर से बीजेपी की लोकसभा सांसद सुमित्रा महाजन को और दूसरे कार्यकाल में राजस्थान के कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष चुना गया था लेकिन इस बार के तीसरे कार्यकाल में बीजेपी के पास 2014 और 2019 की तरह लोकसभा में बहुमत नहीं है, इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि टीडीपी लोकसभा के अध्यक्ष का पद मांग रही है। कई जगह तो जेडीयू से भी लोकसभा का अध्यक्ष चुने जाने की बात सामने आई, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने इन खबरों को महज अटकलें बताते हुए खारिज कर दिया।
लोकसभा के नए अध्यक्ष 26 जून को संभालेंगे कार्यभार
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद लोकसभा के नए अध्यक्ष के नाम पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बीजेपी पहले पार्टी के स्तर पर लोकसभा के भावी अध्यक्ष का नाम तय करेगी, इसके बाद सहयोगी दलों के साथ उस नाम पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अगर सहयोगी दल की तरफ से कोई सुझाव या मांग आती है, तो बीजेपी फिर नए फॉर्मूले पर विचार करेगी। लोकसभा के नए अध्यक्ष 26 जून को कार्यभार संभाल लेंगे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद सत्र की तारीखों की घोषणा करते हुए बुधवार को ही एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि नवनिर्वाचित सदस्यों की शपथ/पुष्टि, अध्यक्ष के चुनाव, राष्ट्रपति के अभिभाषण और उस पर चर्चा के लिए 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से 3 जुलाई तक बुलाया जा रहा है। राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून को शुरू होगा और 3 जुलाई को समाप्त होगा।
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